विषय  सूची

1 . हैलो हेल्थ ग्रुप की जानकारी 

2 . अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ( F A Q )

3 . हमारे लिए लिखे

 

हैलो हेल्थ ग्रुप की जरुरी जानकारी 

हैलो हेल्थ ग्रुप FAQ अपने उपयोगकर्ताओं को आवश्यक जानकारी देने के लिए दैनिक रूप से अपडेट की जाती है. किसी भी सवाल या जानकारी के लिए हमारी साइट के FAQ को जरूर देखे. इसके अतिरिक्त किसी जानकारी या सवाल के लिए  हमसे संपर्क करे. 

हमसे संपर्क करने के लिए कांटेक्ट फॉर्म में दिए हुए नंबर और मेल का इस्तमाल करे. 

स्पैम ईमेल के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

कई बार हैलो हेल्थ ग्रुप के नाम से अनधिकृत मेल आने की शिकायते आयी है. ऐसी समस्या के समाधान के लिए हमने FAQ बनाया है जहाँ स्पैम से जुड़ी जानकारी मुहैय्या कराई गई है. यहाँ आप किसी भी अनधिकृत मिलते जुलते स्पैम के बारे में जानकारी पा सकते है. 

स्पैमर्स हैलो हेल्थ ग्रुप का नाम और लोगो नकली ईमेल भेजने के लिए इस्तमाल करते है।  इन मेल्स को लोगो तक पहुँचाने के निम्नलिखित कारण हो सकते है : 

1 . जाली दवाइयाँ और उपचार बेचने की कोशिश। 

2 . आपके सिस्टम में मैलवेयर ( MALWARE ) नामक सॉफ्टवेयर से गोपनीय जानकारी चुराना. 

 

हैलो हेल्थ ग्रुप से आने वाले मेल्स सभी रजिस्टर्ड कंपनी की साइट से ही आएँगे और लिंक पर क्लिक करने पर आपको कंपनी वेबसाइट पर वापस लेकर जाएंगे. 

 अक्सर पूछे जाने वाले सवालो के जवाब नीचे दिए हुए है. हैलो हेल्थ आशा करता है की ये जानकारी आपके लिए सहायक हो। 

और किसी जानकारी के लिए आप हमसे वेबसाइट के नीचे दिए हुए नंबर या मेल से संपर्क कर सकते है। 

स्पैम क्या है ? 

अनधिकृत या जाली मेल जिनका मूल सिद्धांत यूजर को किसी तरह से फासने का हो स्पैम कहलाते है. मरियम वेबस्टर डिक्शनरी के अनुसार ये मेल्स बहुत सारे यूजर्स को एक साथ भेजे जाते है. इन्हे UCE ( अनसॉलिसिटेड कमर्शियल ईमेल ) या फिर UBE ( अनसॉलिसिटेड बल्क ईमेल ) भी कहते है. 

फिशिंग क्या है ? 

अनधिकृत मेल से जब कोई आपकी गोपनीय जानकारी जैसे पासवर्ड, फाइनेंसियल डाटा या फिर कोई और नाज़ुक जानकारी लेता है इसे हम फिशिंग कहते है. इन मेल्स में अनधिकृत लिंक्स होते है जिन्हे क्लिक करने पर आपकी नाज़ुक जानकारी खतरे में पड़ सकती है। 

क्या हैलो हेल्थ ग्रुप ईमेल आईडी भी देता है ? 

हैलो हेल्थ ग्रुप गोपनीयता और सुरक्षा के नियमो को मानता है. इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए हमारी प्राइवेसी पालिसी को पढ़े. 

स्पैमर्स को  ईमेल एड्रेस कैसे मिलता है ? 

ईमेल एड्रेस निकालने के बहुत सारे तरीके है. कुछ आम जगह जहाँ से आपका ईमेल एड्रेस स्पैमर्स को मिलता है वो ये है : 

 

1.चैट रूम्ज 

2.सर्च इंजन.

3. मैल्टो लिंक्स.

बहुत सारी कम्पनिया वेब क्रॉलर्स नाम का सॉफ्टवेयर  इस्तमाल करती है जिससे की वेबसाइट पर ट्रैफिक पता किया जा सके।  इससे भी आपका ईमेल एड्रेस स्पैमर्स के हाथ लग सकता है. कभी कभी मेल एड्रेस में उपयोग होने वाले आम भागो से भी एड्रेस निकाला जा सकता है. जैसे ” [email protected] .edu.in ” से मिलते जुलते ईमेल आईडी का पता आसानी से लगाया जा सकता है. एड्रेस मिलने तक स्पैमर्स बार बार कोशिश करते रहते है. कई बार वायरसेस की मदद से भी ये स्पैम ऑपरेट करते है. 

बहुत अधिक मात्रा में आने वाले स्पैम को  कम कैसे किया जा सकता है ? 

ज्यादातर ईमेल प्रोवाइडर्स में स्पैम को अलग करने के लिए  फ़िल्टर होते है. ये जंक या स्पैम नामक फोल्डर में स्टोर होते है. ईमेल प्रोवाइडर चुनते समय ध्यान रखे की आपको “सेफ ईमेल ” का ऑप्शन मिल रहा हो जिससे स्पैम अलग किये जा सके. 

फ़िल्टरिंग के साथ ही आप इन स्टेप्स की मदद से भी स्पैम को कम कर सकते है : 

1 अपना ईमेल एड्रेस पब्लिक फोरम जैसे चैट रूम्स,ब्लोग्स, सोशल नेटवर्क पर न डाले. 

2 ऐसा ईमेल एड्रेस चुने जो आसानी से पता न लगाया जा सके. 

3 किसी भी वेबसाइट पर साइन इन करते समय उसकी प्राइवेसी पालिसी में चेक करले. ध्यान रखे की कही आपका ईमेल अनधिकृत रूप से शेयर न हो. 

फिशिंग से कैसे  बचे ? 

किसी भी ईमेल के आने पर उसे मैलवेयर लिंक या फिर संदेहजनक ईमेल के लिए चेक करले. कोई भी ईमेल लिंक डाउनलोड करने से पहले उसका सोर्स जांच ले. 

कोई भी ईमेल यदि संदेहजनक  लग रही हो तो सावधानी से काम ले। 

और ज्यादा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए इन बातो को ध्यान में रखे : 

 अपने सिस्टम पर एंटीवायरस या फिर सिक्योरिटी पैचेज इनस्टॉल करे. 

केवल सुरक्षित साइट्स से ही अपनी नाजुक जानकारी शेयर करे।  https ( SSL ) से ही अपनी जानकारी शेयर करे. 

विश्वसनीय साइट से ही डाउनलोड करे. 

क्या मै पता लगा सकता हूँ की मुझे कौन स्पैम कर रहा है ? 

स्पैमर्स अक्सर ईमेल का एड्रेस छुपाते है. मेल कहा से आया है या फिर किसने भेजा है इसका पता लगाना मुश्किल है. कई बार इंटरनेट प्रोटोकॉल भी नहीं पता लगाया जा सकेगा. 

आप ईमेल प्रोवाइडर के ” हेल्प ” सेक्शन में जाकर स्पैम का पता लगा सकते है. इधर आप हैडर की मदद से भी एड्रेस ट्रेस कर सकते है. 

क्या स्पैम ईमेल से ” अनसब्सक्राइब ” करना सही रहेगा ? 

किसी भी स्पैम ईमेल का रिप्लाई करना या फिर अनसब्सक्राइब  आपको स्पैमर की नज़र में ला देता है. इससे आप और अधिक खतरे में पड़ सकते है क्योकि स्पैमर को पता लग जाता है की आपका ईमेल एड्रेस रियल है. इसलिए किसी भी ऐसे मेल का रिप्लाई न करे. 

ऐसे मेल्स को डिलीट कर दे या फिर अपने ईमेल प्रोवाइडर से  बात करे. 

अधिकृत मेल को अनसब्सक्राइब करने के लिए  क्या करूं ? 

हैलो हेल्थ ग्रुप अपने सभी न्यूज़ लेटर में अनसब्सक्राइब करने का ऑप्शन देता है। 

कोई भी कमर्शियल वैध  ईमेल न्यूज़ लेटर आपको अनसब्सक्राइब करने का ऑप्शन देता है और स्टेप्स में  इसकी प्रक्रिया भी दी जाती है. ऐसी ईमेल को स्पैम नहीं कहेंगे. 

कंपनी वेबसाइट पर लॉगिन करते समय आप एक फॉर्म भरते है. अक्सर उसमें आप चेकबॉक्स को  टिक से हटाना भूल जाते है जिससे आपकी जानकारी उनके साथ साझा हो जाती है. 

हेलो हेल्थ ग्रुप ऑप्ट इन ईमेल साइन अप का ऑप्शन देता है जिससे आपको ये पता रहे की आप किस चीज़ या सुविधा के लिए साइन अप कर रहे है। 

हमेशा ऑप्ट इन लिस्ट में चेक करने से पहले सावधानी रखे. इसमे  सावधानी न रखने पर आप अनधिकृत रूप से अपनी जानकारी दूसरे के साथ साझा कर सकते है. 

हेलो हेल्थ ग्रुप आपको प्राइवेसी पालिसी और डाटा यूज़ पालिसी सही तरीके से पढ़ने की सलाह देता है जिससे आपको पता रहे की आप किससे और क्या जानकारी साझा  कर रहे है. 

हैलो हेल्थ ग्रुप के लिए लिखें .. 

हेलो हेल्थ ग्रुप आपके आर्टिकल्स और  कंटेंट का स्वागत करता है. 

आप  अपने  लेखो से हमारी  साईट को अधिक रोचक और  जानकारी पूर्ण बनाने में मदद कर सकते है. हेल्दी लिविंग, प्रेगनेंसी या फिर हेल्थ कंडीशंस या फिर हेल्थ केयर से जुड़ा कोई भी लेख  हमारी साईट का हिस्सा बन सकता है.

 हमारी साईट पर लिखने के लिए आपको बहुत ज्यादा अनुभव की जरुरत नहीं है. अगर आप थोड़ी तकनीकी समझ रखते है  तो हमारे एडिटर्स के साथ मिलकर आप हमारे हैलो हेल्थ ग्रुप के राइटर बन सकते है. 

आर्टिकल  देने के लिए आप इन बातो को ध्यान में रखे : 

 

सटीक और फैक्ट बेस्ड : आर्टिकल देने से पहले ध्यान में रखे की आपका आर्टिकल अच्छी रिसर्च के बाद लिखा गया हो. अगर आपका लेख फैक्ट बेस्ड नहीं है या फिर सटीक नहीं है तो आपका आर्टिकल स्वीकार नहीं किया जाएगा. 

आपका आर्टिकल इन्फोर्मटिवे होना चाहिए और साथ साथ एंटरटेनिंग भी. इसमें आप कोई  टिप्स जिससे हेल्थ कंडीशन का इलाज़ हो सके मेंशन कर सकते है. 

इसके आलावा आर्टिकल नया होना चाहिए कोई भी कॉपी किया हुआ लेख स्वीकार नहीं किया जाएगा. 

आपका आर्टिकल किसी और प्लेटफार्म पर पब्लिश न हुआ हो. जो भी आर्टिकल आप जमा करे उसकी राइट्स आपकी हो. 

किसी आर्टिकल आईडिया को जमा करने के लिए इन सवालो का जवाब  जरूर रखें: 

1 . कौन सा फैक्ट या जानकारी आप साझा  करना चाह रहे है। 

  1. आपके आर्टिकल का टाइटल क्या होगा. ( ये आपके ईमेल का भी टाइटल होना चाहिए। )
  2. आपका आर्टिकल कितने वर्ड्स का होगा। 

अगर आप इन सवालो के जवाब के साथ तैयार है तो अपने छोटे बायो के साथ आर्टिकल आईडिया या आर्टिकल हमें भेज सकते है. ईमेल में अपने पहले के तज़ुर्बे और काम के लिंक्स भी जरूर जोड़ दें।