ऐसे 5 स्टेज में बढ़ने लगता है ब्रेस्ट कैंसर

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री के आंकड़े कहते हैं कि भारतीय महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या सबसे ज्यादा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो साल 2020 तक कम से कम 17,97,900 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की समस्या से पीड़ित हो सकती हैं।

क्या है ब्रेस्ट कैंसर ?

ब्रेस्ट में गांठ, स्किन में बदलाव, निप्पल के आकार में बदलाव, स्तन का सख्त होना, स्तन के आस-पास (अंडर आर्म्स) गांठ होना, निप्पल से रक्त या तरल पदार्थ का आना या स्तन में दर्द महसूस होना ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। ऐसा एल्कोहॉल या सिगरेट का सेवन करना, पहले गर्भ धारण में देरी होना, बच्चों को स्तनपान न करवाना, शरीर का वजन अत्यधिक बढ़ना, बदलती लाइफस्टाइल, गर्भनिरोधक दवाईयों का सेवन करना या जेनेटिकल (परिवार में अगर किसी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ हो) कारणों की वजह से भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

कैंसर से लड़ना संभव है अगर वक्त पर इलाज शुरू किया जाए। एक्सपर्ट्स का मानना है की ब्रेस्ट कैंसर के स्टेज पर भी निर्भर करता है की पेशेंट को ठीक होने में कितना वक्त लगेगा।

जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर के कितने स्टेज होते हैं ?

ब्रेस्ट कैंसर के 5 स्टेज होते हैं।

1. स्टेज 0

2. स्टेज I

3. स्टेज II

4. स्टेज III

5. स्टेज IV

स्टेज 0

ब्रेस्ट के टिशू से कैंसर की शुरुआत होती है, जिसे नॉनइवेसिव कैंसर (noninvasive cancer) कहते हैं। स्टेज-0 कैंसर की शुरुआती अवस्था है।

स्टेज I

स्टेज I की दो अवस्था होती है। (i) स्टेज I A और (ii) स्टेज I B

(i) स्टेज I A- इस स्टेज में ट्यूमर छोटा होता है लेकिन, लिम्फ नोड्स तक नहीं पहुंचता है।

(ii) स्टेज I B- इस स्टेज में कैंसर लिम्फ नोड्स तक पहुंच जाता है और 0.2 मिमी से बड़ा होता है। लेकिन, आकार में 2 मिमी से कम होता है। स्तन में ट्यूमर का इस वक्त आभास नहीं होता है क्योंकि ट्यूमर 20 मिमी या इससे भी छोटा हो सकता है।

स्टेज II-

इसके दो स्टेज होते हैं। (i) स्टेज II A और (ii) स्टेज II B

(i) स्टेज II A- इस स्टेज में ट्यूमर की जानकारी नहीं पाती है लेकिन, ब्रेस्ट का लिम्फ नोड इससे प्रभावित होता है। कैंसर एक्सपर्ट के अनुसार 50 mm तक और इससे बड़ा ट्यूमर नहीं होता है। लेकिन, यह ऐक्सिलरी लिम्फ नॉड्स तक इस स्टेज में नहीं पहुंचता है।

(ii) स्टेज II B- इस स्टेज में दोनों ही स्थिति हो सकती है। ट्यूमर का साइज 50 mm से ज्यादा हो सकता और इस ऐक्सिलरी लिम्फ नॉड्स तक पहुंच सकता है या नहीं भी पहुंच सकता है।

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4. स्टेज III-

ब्रेस्ट कैंसर के स्टेज III में तीन अलग-अलग स्टेज होते हैं। (i) स्टेज II A, (ii) स्टेज II B और (iii) स्टेज III C

(i) स्टेज II A- इस स्टेज में कैंसर का साइज 50 mm से बड़ा हो सकता है और 9 ऐक्सिलरी लिम्फ नॉड्स तक फैल सकता है। लेकिन, किसी अन्य हिस्से तक नहीं पहुंच पाता है।

(ii) स्टेज II B- स्टेज III के दूसरे स्टेज में ब्रेस्ट में सूजन की शुरुआत हो सकती है। ऐक्सिलरी लिम्फ नॉड्स के अलावा इंटरनल मैमरी लिम्फ नॉड्स तक ट्यूमर पहुंच सकता है या ऐसा नहीं भी हो सकता है। शरीर के अन्य हिस्से में अभी तक नहीं फैलता है।

(iii) स्टेज III C- 10 या उससे ज्यादा ऐक्सिलरी लिम्फ नॉड्स तक ट्यूमर फैल सकता है।

5. स्टेज IV-

स्टेज IV में ट्यूमर का साइज बढ़ने के साथ-साथ यह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे लंग्स, ब्रेन, लिवर, लिम्फ नोड्स, चेस्ट या हड्डियों तक फैल जाता है। कैंसर की बीमारी का पता चलते ही मैटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर का नाम देते हैं।

स्तन कैंसर की अगर शुरुआत है, तो स्तन सर्जरी कर हटाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। रेडिएशन और कीमोथेरेपी स्तन कैंसर के सर्जरी के बाद अनिवार्य है। इसलिए ध्यान रखें इस बीमारी से छुटकारा पाना आसान है लेकिन, समय रहते इलाज शुरु करवाना जरूरी है। इसलिए शरीर के किसी भी हिस्से में हो रहे बदलाव को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 13, 2019

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