अगर बार-बार बीमार पड़ता है आपका बच्चा, तो उसे हो सकती है ये परेशानी

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Update Date जून 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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क्या आपका बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है? क्या आपके बच्चे को बार-बार पेट दर्द होता है? अगर हां, तो यह गट संबंधी समस्या हो सकती है। दरअसल,  गट पेट के निचले हिस्से में मौजूद आंत के पूरे सिस्टम को कहते हैं। शरीर में पाए जाने वाले गट बैक्टीरिया शरीर की इम्यूनिटी और स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भाग निभाते हैं। इसमें माइक्रोबायोम (Microbiome, कई बैक्टीरिया का समूह) इम्यूनिटी को मजबूत करता है। जन्म से ही इन बैक्टीरिया का स्तर सही होने से बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता सही बनी रहती है। लेकिन, अगर ऐसा नहीं हो, तो बच्चा कई तरह की बीमारियों का शिकार बनने लगता है। इसलिए, जरूरी है कि बच्चे की गट हेल्थ का ध्यान रखा जाए, ताकि उसकी सेहत सही बनी रहे। इस आर्टिकल में हम आपको गट हेल्थ में सुधार लाने के तरीके बताएंगे।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट गट बैक्टीरिया के बारे में

आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया हानिकारक पदार्थ को शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकते हैं। ये इम्यूनिटी सिस्टम को बॉडी में बढ़ने वाले हानिकारक तत्वों की जानकारी भी देते हैं। इसके बाद ही इम्यूनिटी सिस्टम ऐसे खतरों से लड़ने के लिए तैयार हो पाता है। वर्ल्ड गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी इंस्टीट्यूट, मुंबई के डायरेक्टर डॉ. विपुलरॉय राठौड़ का कहना है कि कई बार स्ट्रेस या एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट्स के कारण गुड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ने लगता है या ये बॉडी से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में बॉडी में इंसुलिन का बैलेंस बिगड़ने, आंतों की झिल्ली से रिसाव और इम्यूनिटी सिस्टम में सूजन जैसी कई प्रॉब्लम्स होने लगती हैं।

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बच्चों की गट हेल्थ में सुधार करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

अच्छे बैक्टीरिया यानी गट बैक्टीरिया का स्तर बढ़ाएं

  • गट बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट्स को खाते हैं। अगर आप फाइबर युक्त खाना खाते हैं, तो आपको कुछ और करने की जरूरत नहीं है। इससे गट बैक्टीरिया का स्तर बढ़ने में मदद मिलेगी और पाचन के साथ इम्यूनिटी भी बढ़ेगी। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दाल आपके गट बैक्टीरिया की मात्रा को बढ़ाने में कारगर हैं।

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दही या फिर फर्मेंटेड खाना

  • फर्मेंटेड खाना खाने से भी आपके गट बैक्टीरिया को बढ़ाने में सहायता मिलती है। खासकर दही या फिर फर्मेंटेड पत्ता गोभी जैसी चीजें बच्चों के गट हेल्थ को सुधार सकती हैं।

हाई फैट फूड का सेवन कम करें

हाई फैट फूड पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिसके कारण कब्ज होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप वसा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए गुड फैट शरीर के लिए बेहद जरूरी है, आप उसे हाई फाइबर फूड के साथ ले सकते हैं। 

फाइबर का सेवन करेगा पाचन दुरुस्त

अगर आप ऐसे भोजन का सेवन करते हैं, जिनमें फाइबर की अधिकता हो तो इससे पाचनतंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह पाचनतंत्र को तो बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करता है ही, साथ ही पेट की कई परेशानियों जैसे कब्ज, बवासीर जैसी बीमारियों से भी निजात दिला सकता है  इसलिए अपने आहार में हाई फाइबर फूड जैसे साबुत अनाज, फल, सब्जियां और फलियां को शामिल करें। 

जरूरत से ज्यादा चिंता पड़ सकती है भारी

  • कई बार देखा गया है कि उन पेरेंट्स के बच्चे ज्यादा बीमार पड़े, जिन्होंने पूरी तरह से स्टरलाइजेशन (Sterlization) का सहारा लिया है। पूरी तरह से बैक्टीरिया रहित वातावरण में रहने से बच्चे का इम्यून सिस्टम कमजोर भी हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसी स्थिति में इम्यून सिस्टम किसी भी बाहरी पैथोजन को पहचाननें में असमर्थ होता है। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि जरूरत से ज्यादा बचाव इम्यूनिटी के कमजोर होने का कारण हो सकता है।
  • सफाई के आम तरीके जैसे कि रोज नहाना, साफ खाना खाना और हाथों की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। लेकिन, बच्चे को बाहर जाकर खुले वातावरण में भी खेलने दें।

बेवजह बच्चों को एंटीबायोटिक्स न दें

  • सही समय पर सही मात्रा में दवाइयां जरूरी होती हैं लेकिन बेवजह दवाएं खाने से आपकी तबियत खराब हो सकती है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में हुए शोध के अनुसार बच्चों को बहुत अधिक एंटीबायोटिक देने से उनके वजन में बहुत अधिक वृद्धि आ जाती है। साथ ही कई मामलों में ऐसा भी होता है कि शरीर में  एंटीबायोटिक्स के लिए प्रतिरोधक क्षमता पैदा हो जाती है और सच में संक्रमण होने पर दवाइयां असर नहीं करती। 

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प्रोबॉयोटिक्स को डाइट में शामिल करें

प्रोबॉयोटिक्स वास्तव में गुड बैक्टीरिया हैं, जिनकी शरीर को बेहद जरूरत होती है यह पाचन तंत्र में स्वाभाविक रूप से मौजूद स्वस्थ बैक्टीरिया के समान हैं प्रोबॉयोटिक्स के सेवन का एक बड़ा लाभ यह है कि वे एक अनहेल्दी आहार, एंटीबायोटिक दवाओं और तनाव के प्रभावों का मुकाबला करके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैंइतना ही नहीं, प्रोबायोटिक्स पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ा सकते हैं, लैक्टोज को तोड़ने में मदद कर सकते हैं, आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर सकते हैं

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कैसा खाना आपके गट बैक्टीरिया की मात्रा को बढ़ा सकता है ?

अत्याधिक फाइबर युक्त खाना 

हमारे गट बैक्टीरिया काम्प्लेक्स फाइबर (Complex fiber) खाते हैं जो आमतौर पर हम पचा नहीं सकते। इसलिए फाइबर युक्त निम्नलिखित खाना खाने से आपके बच्चे का गट स्वस्थ बन सकता है।

  • ओट मील 
  • साबूत अनाज 
  • ब्रॉकली 
  • प्याज 
  • लहसुन 

  • पॉलीफिनॉल युक्त खाना 

गट बैक्टीरिया पॉलीफिनॉल युक्त खाना भी खाते हैं। निम्नलिखित खाने की चीजों में पॉलीफिनॉल भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

  • बेरीज 
  • अंगूर 
  • चेरी 
  • चॉकलेट 
  • प्रोबायोटिक युक्त खाना 
  • दही, योगर्ट और फर्मेन्टेड खाना खाने से भी गट बैक्टीरिया में वृद्धि होती है।
  • बहुत अधिक फास्ट फूड या फिर प्रोसेस्ड खाना न खाएं 
  • बच्चे फास्ट फूड के नाम से ही बहुत खुश हो जाते हैं। अगर आपका बच्चा पहले ही पाचन तंत्र की समस्या से गुजर रहा है तो उसे स्वास्थ्यवर्धक खाना ही दें। फास्ट फूड खाने से स्थिति और भी अधिक खराब हो सकती है। 

इसके साथ ही सिस्टम को साफ रखने के लिए पानी बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पेय पदार्थ लें जिससे मेटाबॉलिज्म सही रहे और गट बैक्टीरिया भी सही मात्रा में बनें रहें।  

इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप अपने बच्चे के गट को स्वस्थ बना सकते हैं। इस विषय से जुड़ी और अधिक जानकारी या सलाह के लिए डॉक्टर से मिलें। 

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