क्या होती हैं पेट की बीमारियां ? क्या हैं इनके खतरे?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

पेट की समस्याओं की शुरुआत हमारी दिनचर्या पर काफी हद तक निर्भर करती है। हम ऑफिस, घर और बाहर के कामों में इतना उलझ जाते हैं कि खाना समय पर खाना हमारी प्राथमिकता से हट गया है। जब समय मिलता है  हम जाकर हम खाना खाते हैं। अगर हम हेल्दी खाने की बात करें तो बहुत कम लोग होते हैं, जो इस बारें में सोचते हैं। आज के समय में हमे सिर्फ पेट भरने भर से मतलब है। जब शरीर में हेल्दी खाना नहीं पहुंचता है तो शरीर को ठीक तरह से एनर्जी नहीं मिलती है। साथ ही जरूरत के न्यूट्रिएन्ट्स न मिलने के कारण शरीर सही तरीके से काम नहीं कर पाता है। ऐसे में अपच, गैस की समस्या, पेट फूलने की समस्या के साथ ही अन्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। पेट की समस्याएं इसी तरह जन्म लेने लगती हैं।

क्या-क्या हैं पेट की बीमारियां?

गैस्ट्रोइसोफेगल रीफ्लक्स (GERD Disease)

गैस्ट्रोइसोफेगल रीफ्लक्स (GERD) पाचन संबंधी सामस्या है। इसमें पेट और गले के बीच मौजूद मसल रिंग प्रभावित होती है। GERD में पेट के अंदर मौजूद अम्ल (Acid) इसोफेगस यानी भोजन नली में वापस चला जाता है। इससे सीने में जलन तो होती है और उल्टी की शिकायत भी होती है। इसके साथ कई परेशानियां जैसे इसोफेगस में छाले और संकुचन जैसी परेशानियां शामिल हैं। अगर लंबे समय तक GERD की समस्या रहती है तो एक नई स्टेज बैरेट्स इसोफेगस शुरू हो जाती है और इसका अगर समय पर इलाज न किया जाए तो इसोफेगस का कैंसर भी हो सकता है।

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोग के कारण

शराब और सिगरेट पीने, फास्ट फूड ज्यादा खाने और काम के वक्त दफ्तर में तनावपूर्ण स्थितियां बनने से होते हैं। साथ ही जेनेटिक रचना में अचानक से आए परिवर्तन के कारण पैंक्रियाटायटिस और पित्ताशय की पथरी जैसे रोग अधिक होते हैं। आसपास का परिवेश और स्वच्छता साफ-सफाई की कमी से हेपेटाइटिस और तपेदिक जैसे संक्रमण होते हैं।

पाचन नली में सूजन

क्या आपने कभी सोचा है कि तनाव की वजह से हाजमा खराब हो सकता है? Stress होने पर एड्रिनल ग्रंथियों से एड्रेनैलिन और कॉर्टिसॉल नाम के हार्मोन का स्राव होता है। तनाव की वजह से पूरे पाचन तंत्र में जलन होने लगती है, जिससे पाचन नली में सूजन आ जाती है और इन सबका नतीजा यह होता है कि पोषक तत्व शरीर में कम मात्रा में पहुंचते हैं।

पैंक्रियाज और लिवर की समस्या

हाल के कुछ अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि शराब के साथ धूम्रपान का असर लिवर और पैंक्रियाज पर पड़ता है। पैंक्रियाज हर तरह के भोजन को पचाने वाला महत्वपूर्ण ऑर्गेन है जबकि लिवर शरीर में भोजन के पचने के बाद उसके अवशोषण के लिए जरूरी है। लिवर फेल, अपच या कब्ज पेट की बीमारी में सबसे ज्यादा देखने मिलती है।

आंतों का रोग

ज्यादा कैलोरी वाले जंक फूड और शराब का अधिक सेवन करने से आंतों पर भी बुरा असर पड़ता है। आज हमारी लिस्ट से रेशेदार भोजन और हरी सब्जियां गायब सी हो गई हैं। इन्हें न खाने से पाचन तंत्र के रोगों का खतरा बढ़ रहा है। इस कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है।  गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, फंक्शनल डिस्पेप्सिया, मोटापा, लिवर में फैट जमना और पेप्टिक अल्सर जैसे रोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 10, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 10, 2019

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