‘सेक्रेड गेम्स’ आपने देखा है, लेकिन इस तरीके से नहीं सोचा होगा, दावा है हमारा !

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दिन प्रति दिन लोगों में वेब सीरीज का क्रेज बढ़ता जा रहा है और उनमें से एक है, नेटफ्लिक्स की ऑनलाइन सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’, जिसे शायद आप ने भी देखा होगा। अब तक नेटफ्लिक्स का इंडिया में सबसे पॉप्युलर सीरीज सेक्रेड गेम्स ने देश में बड़ी मात्रा में ऑनलाइन ऑडियंस को अपनी ओर प्रभावित किया है, जिसने लोगों को फिल्मों के भविष्य को सोचने पर मजबूर ​कर दिया है। अब लोग फिल्मों से अधिक वेब सीरीज को देखना पसंद करते हैं, उनमें से सेक्रेड गेम्स भी एक है। जिसके बहुत सारे दृश्यों में अश्लीलता, नशा और अपराध दिखाया गया है। लेकिन, क्या आपको पता है कि इस सीरीज के कई दृश्यों में हमारी हेल्थ और माइंड सेट्स पर भी सवाल भी करती है। सिरीज के मेकर्स ने भले उन्हें अपनी लिस्ट में नहीं रखा हो।

सेक्रेड गेम्स में सैफ अली खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, राधिका आप्टे और कुबरा सैट जैसे एक्टर्स ने अपनी एक्टिंग से इंडिया में तहलका मचा दिया। सेक्रेड गेम्स का दूसरा सीजन 15 अगस्त को रिलीज हो रही है। ऑडियंस इसके लिए बेसब्री से इन्तजार कर रही है।

हेलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में सेक्रेड गेम्स को हम आपके लिए अलग एंगल से दिखा रहे हैं। हेलो स्वास्थ्य का मकसद है कि आप को कई तरीकों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और अपनी संबंधों के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

1.अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर कोशिश करना

मुंबई के अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि में बना सेक्रेड गेम्स कचरे की राजनीति और उसके व्यवसायिक अपराध के ऊपर केंद्रित है, जिसमें कई तरह के सवाल उठते हैं। सीरीज का मुख्य किरदार गणेश गायतोंडे (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) कचरे का व्यवसाय करते हुए ही अपने बड़े सपनों का पीछा करता है। बचपन से ही घर के माहौल से दुखी ये किरदार इन सबसे बदला लेने के फिराक में मुंबई पर राज करने की चाहत रखने लगता है।

सीरीज के इस किरदार और उसकी पृष्ठभूमि से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। एक परिवार में आमतौर पर कम-से-कम दो जनरेशन साथ रहती है। इनमें बच्चे आपके बीच रहते हुए वही सीख पाते हैं, जो घर की चार दिवारी के बीच उन्होंने महसूस किया हो। इसलिए बच्चों के आपके जीवन में आगमन होने के साथ ही आपको मेंटली और फिजिकली, कई तरह के बदलावों के दौर से गुजरना पड़ता है। आप चाहें जो भी हों, जैसे भी हों, अपने बच्चों के समक्ष एक आदर्श की तरह बने रहना चाहिए। आपका एक गलत कदम बच्चों को आपसे बहुत अलग और बागी बना सकता है।

लेकिन, ये कचड़े से फैलने वाला प्रदूषण और उसके उपायों को बेहतर करने का सवाल उठाती है। प्रदूषण ने देश के कई शहरों को दुनिया भर में अव्वल स्थान पर ला दिया है। कचरे का प्रबंधन हमें अपने घरेलू स्तर से शुरू करना चाहिए। इससे न सिर्फ प्रदूषण बल्कि, कई अपराधों पर भी रोक लग सकेगा।

2. बच्चों की सफलता आपके सही सीख और सलाह पर ही निर्भर

नवाजुद्दीन के किरदार गायतोंडे की सफलता में कांता बाई का अमूल्य योगदान होना हमें ये सीख देता है कि माता-पिता के आशीर्वाद और बताए गए रास्तों से सफल होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

सेक्रेड गेम्स में आपने देखा होगा कि जब गायतोंडे मुंबई में काम के लिए हाथ-पांव मार रहा था, तब वहां की एक लोकल महिला, उसे कचरे का काम करने की सलाह देती है, जिसे गायतोंडे समझ जाता है कि उसे यहां क्या मिलेगा? एक माता-पिता के तौर पर आप को भी अपने बच्चों को जीवन में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने का जज्बा और सही राह बताएं। कई बार, बच्चों को उनकी क्षमतानुसार काम का चुनाव, उन्हें सफलता के करीब करता है।

आप अपने बच्चों के लिए हमेशा एक दिग्दर्शक बने रहते हैं। किसी भी परिस्थिति में बच्चे आप के पास मदद के लिए पहुंच सकते हैं। यदि आप बच्चों को सही राह दिखा पाने में सफल होते हैं, तो आपकी इस सफलता को वे अपने जीवन में भी तब्दील करना चाहते हैं।

3. सकारात्मक सोच के साथ रिश्तों में संतुलन बनाए रखना

गायतोंडे का व्यवसाय तब तक अच्छा था, जब तक उसने अपने दिल का फैसला खुद के लिए नहीं लेता रहा। आपसी दंगों के बीच उसकी पत्नी सुभद्रा की मौत के बदले के पीछे वह जेल में रहता है, और उसका बिजनेस खत्म जर्जर हो गया।

आपकी भावनाओं को अपने बच्चों द्वारा गलत इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए एक मात्र मार्गदर्शक आप ही हैं, जबकि कई बच्चे अपने पेरेंट्स को चमका देने की कोशिश करते हैं, जैसे कि कभी तबियत खराब का बहाना तो कभी दूर रहकर झूठ बोलना आदि। लेकिन, कुछ भी हो, एक पेरेंट्स के रूप में आपको अपने बच्चे की हर समस्या को उसके भावनात्मक स्तर से समझते हुए कोई निर्णय लेना चाहिए।

4. जीवन और संबंध हमेशा एक अंत की ओर अग्रसर होता है, पीछे नहीं किया जा सकता

सेक्रेड गेम्स में आपने देखा होगा कि एक कॉप सरताज (सैफ अली खान) और क्राइम डिपार्टमेंट की अंजली (राधिका आप्टे), दोनों का एक ही लक्ष्य होते हुए भी वे अलग थे और उनका तरीका भी। सरताज जहां मकसद के बहुत करीब पहुंच जाता है, वही अंजली जल्दबाजी में लिए गए फैसलों की वजह से अपनी जान गंवा बैठती है। ठीक इसी तरह, स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सहज रहना जरूरी होता है। अपने और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी पर हमेशा अडिग रहना चाहिए। अपना और बच्चों का भविष्य हमारे ही हाथों में होता है। सही वक्त पर लिया गया फैसला हमें सदा उद्धेश्यों की ओर धक्का देता है। सरताज विधिपूर्वक और मजबूत इरादों वाला था, जबकि अंजलि के फैसले जल्दबाजी में लिया हुआ था। सरताज हमले की योजना का पता लगाने में सफल रहा, अंजलि अपने प्रयास में विफल रही।

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने का कोई आसान और त्वरित तरीका नहीं है। जिंदगी के विभिन्न जीवन चरणों के अलग रणनीति और साधनों की आवश्यकता होती है। स्मार्ट पेरेंट्स बनने के लिए सेक्रेड गेम्स से सरताज का किरदार हमेशा प्लान बी को साथ में रख कर चलने को प्रेरित करता है। आपके लिए,​ प्लान बी अपने जीवन और स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के सिवाय और क्या हो सकता है? अपने जीवन का बीमा करा के भविष्य के लिए निश्चिंत रहें।

5. बड़े बदलाव रातों-रात यूं ही नहीं आते, हाथों की लकीर को जीना पड़ता है

गायतोंडे रातों रात इतना बड़ा डॉन नहीं बनता है, उसने अपनी हाथों की रेखाओं को जीया है।

जीवन में उतार चढ़ाव आती रहते हैं, अगर बात करें बच्चों की, तो पेरेंट्स और बच्चों का रिलेशन बहुत सेंसिटिव होता है। बच्चे का जिद्दी होना या आपकी किसी बात को बार-बार खारिज करना, उनकी इस आदत को आप एक दिन में ही खत्म नहीं करवा सकते हैं। बच्चों को समय दें, समझाएं कि जीवन में खुशियां कितनी मेहनत और कड़े परिश्रम से आप उन्हें उपलब्ध करवाते हैं। किसी भी परिस्थिति में एडजस्ट होने के साथ अपने बच्चों व परिवार के लिए समर्पित रहें और अंततः जीत हासिल करें।

बच्चों से रातों रात सुधरने की अपेक्षा नहीं रखें, उनके साथ धैर्य के काम लें। यदि बच्चे पर प्यार और भरोसा जताया जाए तो वे जल्दी सुधेरेगा।

6. कुकू सिर्फ एक किरदार नहीं है, एक बहुत बड़ा सवाल है, समाज के लिए !

गणेश गायतोंडे अपनी पत्नी के सिवाय जिस लड़की के साथ संबंध बनाता है, वह एक ट्रांसजेंडर होती है। गायतोंडे, कुकू (कुबरा सैट) को पाने के लिए बड़े गैंगस्टर से दो-दो हाथ करता है। गायतोंडे, कुकू को बस लस्ट डिजायर के लिए प्यार करता है, लेकिन, उसके लिए कभी भी खराब नियत नहीं रखता है। जब कुकू, गायतोंडे को बच्चे के जन्म के बारे में बताती है, कि क्यों वह मां नहीं बन सकती है। यहीं गायतोंडे को कुकू के बारे में पता चलता है, कि वह एक ट्रांसजेंडर है।  उसके बाद गायतोंडे का उसे जवाब देना कि, ‘मुझे बस कुकू चाहिए’ में किसी से प्यार और उसके प्रति ईमानदारी ही झलकता है। गायतोंडे कुकू को पाने के लिए बड़े गैंगस्टर से दो-दो हाथ करता है। गायतोंडे, कुकू को बस लास्ट डिजायर के लिए प्यार करता है, लेकिन, उसके लिए कभी भी खराब नियत नहीं रखता है।

बच्चे सिर्फ आपके बच्चे और जिम्मेदारी होती है। जेंडर को बेस मानकर बच्चों के बीच भेदभाव रखना अपनी ईमान और कर्तव्यों को सुई के ओट पर रखने जैसा है। चाहें, बच्चे का कोई भी लिंग हो, वे आपका खून है, उन्हें खुद से अलग न होने दें।

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रिव्यू की तारीख अगस्त 14, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अगस्त 14, 2019

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