तलाक बच्चे के जीवन को कैसे बिगाड़ सकता है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

किसी भी कपल के लिए तलाक लेना आसान नहीं होता है लेकिन, यह और भी कठिन हो जाता है जब वो कपल एक पेरेंट के नजरिए से अपने तलाक को देखता है। तलाक के बाद न सिर्फ दो लोगों की जिंदगी बदल जाती है बल्कि उनके बच्चों का जीवन भी बुरी तरह से प्रभावित होता है। कैसे तलाक बच्चों के जीवन पर बुरा असर डालता है? क्या यह उनकी पढ़ाई को नुकसान पहुंचाता है? या डाइवोर्स की वजह से बच्चों के मन में नफरत भर जाती है? क्या यह उनके भविष्य पर भी कोई गहरा आघात पहुंचाता है? आज हम आपको इन सभी सवालों के जवाब देने वाले हैं।

तलाक का बच्चों पर क्या होता है असर, जानें बच्चों के ही अनुभवों से?

अलगाव के बाद अपने मां-बाप से अलग रहने वाले बच्चों की क्या मनोदशा होती है, यह जानने के लिए कुछ ऐसे बच्चों का अध्ययन किया गया। उनके अनुभवों से जो बात खुलकर सामने आई, वही हम आपको बताने जा रहें हैं। इन अनुभवों में बच्चे बताते हैं कि उनके माता-पिता के अलगाव ने उन्हें कैसे प्रभावित किया?

बनना पड़ता है घर का बड़ा, उठानी पड़ती है जिम्मेदारी 

एक वयस्क ने जो अपने माता-पिता के तलाक के समय बच्चा था बताते हैं कि अपने माता-पिता की शादी को टूटते हुए देखने से उनके घर के हालात और बिगड़ गए थे। शुरुआत में तो वो बहुत बदमाशियां करते थे लेकिन, कुछ हफ्ते बाद ही वो उदास महसूस करने लगा और बाद में शांत और शर्मीला हो गया। इस समय उस बच्चे की उम्र मुश्किल से दस साल की थी। 

उस बच्चे को यह नहीं समझ आ रहा था कि उसके पिता उसे क्यों छोड़कर चले गए और उसकी मां रात में सोने के बाद क्यों रोती है? लेकिन इस छोटी-सी उम्र में ही उस बच्चे को बड़ा बनना पड़ा क्योंकि उसकी छोटी बहन उससे भी ज्यादा कंफ्यूज थी। इस घटना ने उसे एक सुरक्षात्मक और प्यार करने वाले बड़े भाई में बदल दिया।

कुछ को हुई राहत की अनुभूति

कुछ ने अपने अनुभव में कहा कि वे अपने किशोरावस्था में थे जब उनके माता-पिता का तलाक हुआ। लंबे समय से चले आ रहे कोर्ट के चक्करों की वजह से उनकी पढ़ाई असंतुलित हो जाती थी और उनके नंबर भी कम आ रहे थे। ऐसे में जब आखिरकार उनके माता-पिता को तलाक मिला तब उन्होंने राहत की सांस ली।

सिंगल पेरेंट होने की वजह से उठानी पड़ी आर्थिक समस्या

कुछ अनुभवों में यह पता चला कि उनके घर में सिर्फ उनके पिता ही कमाते थे। तलाक के बाद जब उनके पेरेंट्स अलग हुए तो उनके घर में पैसे की तंगी लगातार बनी रही। लंबे समय तक उनकी मां को बाहर काम करना पड़ा और इससे उनका बचपन एक तरह से बिना किसी पेरेंट के गुजरा। 

ब्लेम-गेम से बिगड़ा बचपन

माता-पिता के अलग होते ही आपका जीवन बदल जाता है लेकिन, अलग होने के बाद भी वो दोनों इस तलाक के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार बताते हैं और ब्लेम-गेम का यह सिलसिला चलता रहता है। अपने आस-पास ऐसा वातावरण देखकर बच्चे काफी नकारात्मक हो जाते हैं और अपने जीवन में भी ब्लेम-गेम का अनुसरण करने लगते हैं।

यह कुछ ऐसे अनुभव हैं जिनसे यह पता चलता है कि तलाक का बच्चों पर सीधे तौर पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपकी अपने साथी के साथ किसी बात पर मतभेद हैं तो किसी अच्छे रिलेशनशिप एक्स्पर्ट से परामर्श लें। ऐसा करने से आप अपने रिश्ते को बचा सकते हैं और तलाक से होने वाली इन समस्याओं को भी होने से रोक सकते हैं।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 5, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जुलाई 5, 2019

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