Sesame : तिल क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

तिल किसलिए इस्तेमाल किया जाता है?

तिल का इस्तेमाल निम्नलिखित बीमारियों में किया जाता है

वयस्को में

  • बाउल और आंतों से जुड़ी बीमारियों में
  • हृदय संबंधी बीमारियों में
  • हाई कोलेस्ट्रॉल में
  • हाई ब्लड प्रेशर में

नाक की समस्या में: रोजाना 14 से 20 दिन तक लगातार तीन बार तिल के तेल को स्प्रे की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • बच्चों में
  • कफ में
  • बढ़ते हुए नवजात शिशु की देखभाल में

आपको बता दें कि इसका इस्तेमाल और भी दूसरी चीजों में किया जा सकता है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर या हर्बल विशेषज्ञ से संपर्क करें।

तिल कैसे काम करता है?

तिल आपके शरीर में कैसे काम करता है इस बारे में अभी ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर आप इस बारे में ज्यादा जानकारी चाहते हैं तो अपने डॉक्टर या फिर हर्बल विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें। कुछ शोधों के आधार पर यह माना गया है कि यह आपके शरीर के इम्यून सिस्टम यानी रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ता है और साथ ही त्वचा के घावों को भी ठीक करने का काम करता है।

खाने से मिलने वाले शुगर को यह अवशोषित करता है जिसकी वजह से लोगों को डायबिटीज में आराम मिलता है। तिल प्लाक (Plaque) उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को दूर करता है। इसमें कैल्शियम भी पाया जाता है जो त्वचा से संबंधित सूखा रोग को ठीक करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण भी पाये जाते हैं।

तिल से जुड़ी सावधानियां और चेतावनी

तिल के इस्तेमाल से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, यदि

वयस्को में

  • बाउल और आंतों से जुड़ी बीमारियों में
  • हृदय संबंधी बीमारियों में
  • हाई कोलेस्ट्रॉल में
  • हाई ब्लड प्रेशर में
  • नाक की समस्या में: रोजाना 14 से 20 दिन तक लगातार तीन बार इसके तेल को स्प्रे की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

बच्चों में

आपको पहले से ही किसी तरह एलर्जी हो जैसे खाने पीने वाली चीजों से, या डाइज से या किसी जानवर आदि से।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

तिल का सेवन कितना सुरक्षित है?

अगर आप खाने के रूप में सीमित मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन करना सुरक्षित है।

अगर यह आपके नाक के माध्यम से आपके पेट में जाता है या फिर इसे नेजल स्प्रे (Nasal Spray) की तरह इस्तेमाल करते हैं तो यह बिल्कुल सुरक्षित है। एक खास किस्म का नेजल स्प्रे (Nasal Spray) नोजोईल (Nozoil) का इस्तेमाल करना 20 दिन तक सुरक्षित होता है।

इसका सेवन दूसरे माध्यम से करना आपके लिए कितना सुरक्षित है इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है।

प्रेगनेंसी और स्तनपान के दौरान:

अगर आप खाने के रूप में सीमित मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन करना सुरक्षित है। प्रेगनेंसी और स्तनपान में दौरान इसको दवा के रूप में इस्तेमाल करने को लेकर अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है इसलिए इसका सेवन करने से परहेज करें।

बच्चों में:

अगर आप खाने के रूप में सीमित मात्रा में इसका सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन करना सुरक्षित है। अगर सही तरीके से इसका सेवन कम समय के लिए करते हैं तो यह सुरक्षित होता है। तीन दिन तक सोने से पहले 5 ml तिल के तेल का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।

डायबिटीज:

तिल आपके ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए इसका सेवन खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे उनका ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होगा।

लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure):

तिल आपके ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है। इसलिए जो लोग लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) के मरीज हैं, अगर वो इसका सेवन करते हैं तो उनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा कम हो सकता है।

सर्जरी:

आपको बता दें कि तिल ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करता है। इस वजह से सर्जरी के दौरान या सर्जरी के बाद ब्लड शुगर लेवल बिगड़ सकता है। यदि आपकी सर्जरी होने वाली है तो दो हफ्ते पहले से ही इसका इस्तेमाल करना बंद कर दें।

तिल से होने वाले साइड इफेक्ट्स

तिल के सेवन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसके सेवन से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं,

  • ब्लड शुगर लेवल का कम होना
  • ब्लीडिंग का खतरा बढ़ना
  • ब्लड प्रेशर का कम होना
  • सुस्ती या सेडेशन (sedation)

हालांकि हर किसी को ये साइड इफ़ेक्ट हों ऐसा ज़रुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफ़ेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

तिल के सेवन से अन्य किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

तिल के सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

तिल के इस्तेमाल से निम्नलिखित दवाइयों पर प्रभाव पड़ सकता है,

  • ऐसी दवाइयां या हर्ब्स (herbs) या सप्लीमेंट जो ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करते हैं।
  • ऐसी दवाइयां या हर्ब्स (herbs) या सप्लीमेंट जो ऊँघने की समस्या को बढ़ाती हैं: बेंजोडाइजेपीन (benzodiazepine) जैसे लोराजेपाम (ऐटीवैन, Ativan) या डायजेपाम (diazepam) (वेलियम,valium), बार्बीट्यूरेट्स (barbiturates) जैसे फीनोबार्बीटल (phenobarbital), नारकोटिक्स जैसे कोडीन और कुछ एन्टी-डिप्रेसेंट और ऐल्कोहल आदि।

तिल की खुराक (Doses of Sesame)

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में तिल का सेवन करना चाहिए?

वयस्कों की खुराक(18 साल या उससे ऊपर):

  • बाउल और आंतों की बीमारियों में: इस स्थिति में एक ट्यूब के माध्यम से जो नाक से शुरू होकर सीधे पेट में जाये, केवल 150 ml तिल के तेल को एक बार देना चाहिए।
  • हृदय संबंधी बीमारियों में: इस स्थिति में रोजाना पांच हफ्तों तक 25 ग्राम तिल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल: इस स्थिति में रोजाना दो महीने तक 4.5 ग्राम तिल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • हाई ब्लड प्रेशर: इस स्थिति में रोज़ाना चार हफ्तों तक 60 mg तिल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • नाक की समस्या के लिए: तिल के तेल को नैजल स्प्रे (nasal spray) के रूप में 14 से 20 दिनों तक रोजाना तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए।

बच्चों की खुराक (18 साल कम):

  • कफ के लिए: इस स्थिति में लगातार तीन रातों तक सोते समय 5 ml तिल के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • बच्चों के बढ़ने और उनकी देखभाल के लिए: चार हफ्तों के अंदर 20 ml तिल के तेल से बच्चों का मसाज करें।

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

तिल किन रूपों में उपलब्ध है?

तिल निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है

  • तिल का तेल
  • लिक्विड एक्सट्रेक्ट 120 ml
  • कैप्सूल 60mg
  • नैजल स्प्रे (नोजोइल, Nozoil)
सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 21, 2019

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