पत्नी को कैंसर हुआ तो रियल लाइफ में भी हीरो बने आयुष्मान खुराना

By

वीडियो जॉकी से फिल्म स्टार बनने तक का सफर तय कर चुके इंडियन एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) 35 साल के हो गए हैं। आयुष्मान खुराना के फिल्मी दुनिया  और असल जिंदगी दोनों में काफी उतार चढ़ाव रहे हैं। यह जितने अच्छे एक्टर हैं, उतने ही अच्छे पति भी हैं, ऐसा मानना है उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप खुराना (Tahira Kashyap Khurrana) का। पिछले साल ताहिरा ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से पीड़ित हो गई थी। ताहिरा ने आयुष्मान के साथ मिलकर कैंसर (Cancer) जैसी गंभीर बीमारी पर फतह हासिल की। आयुष्मान ने अपनी पत्नी का साथ देकर बता दिया कि अपने पार्टनर (Partner) को उसके बुरे वक्त में किस तरह संभालना चाहिए। पाटर्नर का भवानात्मक सहयोग बहुत जरूरी होती है। इस संबंध में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट और रीगा हाउस RIGAHAUS की डायरेक्टर रीता गंगवानी ने हैलो स्वास्थ्य को पार्टनर को मोरल सपोर्ट करने के तरीकों की जानकारी दी है।

इन सात तरीकों से पार्टनर को कर सकते हैं मोरल सपोर्ट (Moral Support)

रीता गंगवानी ने बताया कि “किसी भी जानलेवा बीमारी (Deadly Disease) के बारे में सुनना एक भयानक झटका है। जब कोई व्यक्ति जानलेवा बीमारी से गुजरता है तो उसे सबसे ज्यादा मोरल सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आपके द्वारा दिया गया सपोर्ट ही आपके पार्टनर को उस बीमारी से उबरने में मदद करता है।”

यह भी पढ़ें ः क्यों पति-पत्नी के बीच बातचीत हो जाती है कम

1. पार्टनर की बीमारी के बारे में जानें

यदि आपके पाटर्नर को कोई बीमारी ​है तो  इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाएं। अगर संभव हो तो अपने पार्टनर के डॉक्टर से जा कर अकेले में मिलें। डॉक्टर से उसके बीमारी से जुड़ी सारी बातें जानें। जैसे कि उन्हें किन चीजों से परहेज करना चाहिए।  उसे कैसा आहार देना है और उसे मानसिक आधार पर किस तरह से सपोर्ट कर सकते हैं? उसका इलाज किस तरह से होगा? ऐसी बातों को जानने से आप अपने पार्टनर को और अच्छे से सपोर्ट कर पाएंगे,  साथ ही उसके इलाज और ठीक होने में मदद कर पाएंगे।

डॉक्टर के यहां पार्टनर के साथ जाएं

जितनी बार भी आपके पार्टनर का डॉक्टर के यहां अप्वाइंटमेंट हो उतनी बार आप भी साथ जाएं। ताकि उनकी सेहत में हो रही बढ़त (Improvment) के बारे में जान सकें। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि उनकी सेहत में गिरावट भी आए। तो ऐसे में आप अगर उनके साथ डॉक्टर के यहां जाएंगे तो उन्हें एक तरह का भावनात्मक सपोर्ट महसूस होगा। जिससे उन्हें लगेगा कि आप हर पल उनके साथ खड़ें हैं। वह अपनी बीमारी से जल्दी से जल्दी उबरने की कोशिश करेंगे। आपका साथ होना कभी-कभी आपके पार्टनर को गैर जरूरी टेस्ट से भी बचा लेगा।

पार्टनर को प्रोत्साहित करते रहें

जितना ज्यादा हो सके उतना अपने पार्टनर को प्रोत्साहित करते रहें। पार्टनर का और भी ज्यादा अच्छे से ख्याल रखें। उदाहरण के तौर पर अगर आपका पार्टनर बिस्तर से उठ नहीं पा रहा है तो उससे कभी भी शिकायत या गुस्सा न करें। बल्कि, उनसे प्यार से बात करें और यह सोचें की अगर वह इस स्थिति में न होता तो सारे काम खुद बखुद कर लेता। इस तरह से उसे नहाने, कपड़ें पहनने और बाहर घूमने जाने में मदद करें। आपका बुरा रवैया उनके मन में नकारात्मक भाव पैदा कर सकता है। शायद आपका पार्टनर भावनात्मक आधार पर टूट भी सकता है। आप ज्यादा प्रोत्साहित करेंगे आपका पार्टनर उतनी जल्दी ठीक होने की कोशिश करेगा।

पार्टनर को देते रहें ‘जादू की झप्पी’

कुछ लोग जानलेवा बीमारी से पीड़ित पार्टनर को छूने से कतराने लगते हैं। ऐसा करने से आपके पार्टनर का मनोबल कम होता है। कुछ लोग सोचते हैं कि पार्टनर को छूने पर कहीं उसे दर्द न हो जाए। किसी भी परिस्थिति में उनके पास जाना न छोड़ें । क्योंकि आपका एक टच उनका मनोबल बढ़ाने के लिए काफी है। इसलिए समय—समय पर अपने पार्टनर को जादू की झप्पी (Hug) देते रहें। इससे भावनात्मक तौर पर आपका पार्टनर काफी मजबूत महसूस करेगा।

यह भी पढ़ें ः कुछ इस तरह दें अपने पार्टनर को सरप्राइज

पार्टनर से बातचीत बंद ना करें

माना कि किसी जानलेवा बीमारी के बारे में सुनना किसी झटके से कम नहीं है। लेकिन, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने पार्टनर से बात करना बंद कर दें। आपका बात करना आपके साथी को आपसे जोड़ के रखेगा और ऐसे मुश्किल वक्त में भी वह खुद को अकेला महसूस नहीं करेगा। आप किसी रेडियो या टीवी प्रोग्राम का आनंद साथ में ले सकते हैं और उस पर बातचीत कर सकते हैं। आपके ऐसा करने से पार्टनर को अपना जीवन बेहद सामान्य सा लगेगा।

अपने पार्टनर का सम्मान करें

सोशल मीडिया के जमाने में लोगों का फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम से एक भावनात्मक जुड़ाव हो गया है। ऐसे में आप अपने पार्टनर को स्पेशल महसूस कराने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लें। सोशल मीडिया पर अपने पार्टनर के साथ की कुछ तस्वीरें डाल कर लोगों को बताएं कि “आपका साथी कितना मजबूत और बहादुर है। वह अपनी जानलेवा बीमारी से जल्द ही जीत जाएगा।” अपने पार्टनर को अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से सम्मान के साथ मिलवाएं।

पार्टनर के लिए प्रार्थना करें

यह सबसे ज्यादा जरूरी है। कहते है न कि कभी-कभी दवा नहीं दुआ काम आ जाती है। बस वही चीज आपको करनी है। आप अपने पार्टनर के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। ऐसा करने से आपको और आपके पार्टनर को मानसिक शांति के साथ बल मिलेगा। ईश्वर से प्रार्थना करें कि आपका साथी जल्द से जल्द ठीक हो जाए।

इन बातों का भी रखें ध्यान

रीता गंगवानी ने इस मुश्किल वक्त का सामना करने के लिए कुछ जरूरी बातें बताई हैं। 

  • जब भी आपको पार्टनर की बीमारी का पता चलें तो रोएं न, बल्कि हिम्मत से काम लें। भावनाओं को संभालते हुए यह सोचें कि अब आगे क्या करना है? कैसे आप अपने पार्टनर की मदद कर सकते हैं? आप कैसे उन्हें और परिवार दोनों को संभाल सकते हैं?
  • ऐसे मुश्किल वक्त में रिश्ता काफी कॉम्पिकेटेड हो जाता है। ऐसा भी होता है कि आपकी और आपके पार्टनर की सोच एक दूसरे से मिलती नहीं है। ऐसी स्थिति में थोड़ा रुकें और अपने पार्टनर को समझने की कोशिश करें। आपको अपने पार्टनर के लिए रीढ़ की हड्डी जैसा बनना है। जिसके सहारे वह फिर से खड़ा हो सके।
  • जब किसी को अपनी बीमारी के बारे में पता होता है तो उसके लिए इस सच्चाई को स्वीकारना आसान नहीं होता है। बल्कि, वह कई तरह के मानसिक दबाव और अवसादों से गुजरता है। इसलिए कोशिश करें कि उन्हें आज में जीना सिखाएं। उनके अंदर पॉजिटिविटी भरें और जीवन की चुनौतियों को स्वीकारना सिखाएं।
  • अपने पार्टनर के सभी दस्तावेजों और बैंक एकाउंट की जानकारी ले लें। ताकि, कोई अनहोनी होने पर आप खुद को और अपने परिवार को संभाल सकें।
  • बच्चों को उनके माता या पिता की बीमारी के बारे में खुद ही बताएं। माना कि आप उन्हें टेशन नहीं देना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करने से वे आपके पार्टनर की स्थिति को समझेंगे। साथ ही आगे के लिए बच्चे तैयार होने की रणनीति भी बनाएंगे।
  • आपको अपना और अपने पार्टनर दोनों का ख्याल रखना चाहिए। अगर ऐसे वक्त में आप बीमार पड़ गए तो उन्हें कौन संभालेगा? उनके साथ ही अपने खानपान पर ध्यान दें।
  • अगर ज्यादा परेशान हों तो अपनी समस्या अपने मित्रों या परिजनों से साझा करें। इसके अलावा, योग और ध्यान करने से आपका मन शांत रहेगा।

इन टिप्स को अपना कर आप अपने पार्टनर के बुरे वक्त को आसानी से हैंडल कर सकते हैं। कोशिश करें कि अपना मानसिक स्वास्थ्य दुरुस्त रखें। जिससे आपको हिम्मत मिलेगी और आपके पार्टनर को बीमारी से उबरने का मौका मिलेगा।

अभी शेयर करें

रिव्यू की तारीख सितम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 14, 2019