मुंबई को पड़ी बॉम्बे ब्लड ग्रुप की जरूरत, जानिए इस रेयर ब्लड ग्रुप के बारे में

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में पिछले एक हफ्ते में एक दुर्लभ (Rare) ब्लड ग्रुप की मांग बढ़ गई है। ब्लड के लिए काम करने वाली संस्ठा ‘थिंक फाउंडेशन’ से मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई में एक सप्ताह में पांच मरीजों को बॉम्बे ब्लड ग्रुप (Bombay Blood Group) की जरूरत पड़ी है। इसके लिए संस्था ने सांगली और पुणे से रक्तदाताओं को बुलाया है। अभी भी मुंबई के हिंदुजा, नायर, जे.जे और टाट हॉस्पिटल में बॉम्बे ब्लड ग्रुप की जरूरत है। अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा ब्लड ग्रुप है? आखिर इसे दुर्लभ क्यों कहा जा रहा है। हैलो स्वास्थ्य आपको बताएगा कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप क्या है और पूरे देश में कितने लोगों के पास है?

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क्या है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?

बॉम्बे ब्लड ग्रुप एक ऐसा रक्त समूह है जो करीब दस हजार में से किसी एक व्यक्ति में पाया जाता है। इस ब्लड ग्रुप में अन्य रक्त समूहों की तरह H एंटीजन (Antigen) की कमी होती है। इस ब्लड ग्रुप में A या B दोनों तरह के एंटूडजन नहीं पाए जाते हैं। इसलिए अक्सर लोग इसे O ब्लड ग्रुप समझ लेते हैं। A, B और O एंटीजन ना होने के कारण बॉम्बे ब्लड ग्रुप के लोग दूसरे रक्त समूह के लोगों को अपना खून दे तो सकते है, लेकिन ले नहीं सकते। 

कैसे पड़ा बॉम्बे ब्लड ग्रुप का नाम?

इस ब्लड ग्रुप की खोज 1952 में सबसे पहले बॉम्बे (जो अब मुंबई है) में डॉ. वाई एम भेंडे ने की थी। बॉम्बे शहर में इसकी खोज होने के चलते इसका नाम बॉम्बे ब्लड ग्रुप रख दिया गया। इस ब्लड ग्रुप को hh रक्त समूह भी कहा जाता है। इस ब्लड ग्रुप के ज्यादातर लोग मुंबई में ही पाए जाते हैं। वहीं, सेंट्रल ब्लड रजिस्ट्री के मुताबिक अभी तक पूरे भारत में लगभग 350 लोगों का रक्त समूह बॉम्बे ब्लड ग्रुप है।

कैसे पता करें कि आपके रगों में बॉम्बे ब्लड ग्रुप है?

बॉम्बे ब्लड ग्रुप कन्फ्यूज करने वाला रक्त समूह है। खून की जांच करने पर अमूमन लोगों को लगता है कि वे O ब्लड ग्रुप से संबंधित हैं लेकिन, ऐसा हो यह जरूरी भी नहीं है। अगर आप एक साधारण पैथोलॉजी में अपना ब्लड ग्रुप का टेस्ट कराएंगे तो वह आपको O ब्लड ग्रुप की ही रिपोर्ट देगा। बॉम्बे ब्लड ग्रुप का पता सिर्फ ऑटोमेटेड मशीन द्वारा की गई जांच से ही लगाया जा सकता है। 

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बॉम्बे ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को रखना चाहिए इन बातों का ध्यान

  • सबसे पहले तो सभी को अपना ब्लड ग्रुप पता होना चाहिए। 
  • अगर आपका रक्त समूह बॉम्बे ब्लड ग्रुप है तो अपना नाम सेंट्रल ब्लड रजिस्ट्री में जरूर दर्ज कराएं। ऐसा करने से जरूरत पड़ने पर आपको तुरंत बॉम्बे ब्लड ग्रुप के डोनर के द्वारा मदद दी जा सके। 
  • बॉम्बे ब्लड ग्रुप एक आनुवांशिक रक्त समूह है। इसलिए अपने परिवार के सभी लोगों के ब्लड ग्रुप की जांच जरूर कराएं। 
  • बॉम्बे ब्लड ग्रुप के लोगों के रक्त को क्रायो प्रिजर्वेशन तकनीक के द्वारा एक साल तक संरक्षित रखा जा सकता है। 
  • अगर क्रायो प्रिजर्वेशन तकनीक की सुविधा नहीं है तो भी लगभग 35 से 40 दिनों तक बॉम्बे ब्लड ग्रुप को संरक्षित रखा जा सकता है।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 12, 2019

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