डिप्रेशन में डेटिंग के टिप्सः डिप्रेशन का हैं शिकार तो ऐसे ढूंढ़ें डेटिंग पार्टनर

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Update Date जनवरी 10, 2020
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​साथी की चाह हर किसी को होती है पर यदि आपको डिप्रेशन हो तो साथी ढूंढ़ने की कोशिश और मुश्किल भरी हो सकती है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट शिखा शर्मा का कहना है कि तनाव में आप हंसना-बोलना पसंद नहीं करते हैं लेकिन, डेटिंग में हंसना और बोलना दोनों ही बहुत जरूरी होते हैं। इसलिए अवसाद ग्रस्त लोगों के लिए ​डिप्रेशन में डेटिंग थोड़ी टेढ़ी खीर बन सकती है।

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​डिप्रेशन में डेटिंग कर रहे हैं तो यह टिप्स आएंगे काम

1. खुद की खुशी का ख्याल रखें फिर करें डिप्रेशन में डेटिंग

यदि आप खुद खुश नहीं हैं तो आप दूसरों को भी खुश नहीं रख सकते। डिप्रेशन में डेटिंग का यह सबसे बड़ा नुकसान है। इसलिए सबसे पहले खुद को समय दें। यदि आप मानिसक परेशानी से जूझ रहे हैं, तो सबसे पहले डिप्रेशन को कम करने में अपनी मदद करें। अपनी नींद, खान-पान, एक्सरसाइज के साथ ही दवा या थेरिपी में नियमित रहें। डेटिंग के पीछे न भागें जब आपको लगे कि आपका पुराना दर्द भर चुका है और आप नया रास्ता तलाश रहे हैं तब ही किसी को डेट करें।

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2. डिप्रेशन में डेटिंग के लिए अपनी मनपसंद जगह चुनें

अपने जैसे लोगों को चुनने का मतलब है कि आप जहां सबसे ज्यादा रहना पसंद करते हैं, उसी जगह को तलाशें। य​ह कॉफी शॉप, पब, जिम कुछ भी हो सकता है। अपने मन के मुताबिक जगह चुनेंगे तो वही लोग आपसे जुड़ेंगे, जिनका मिजाज आपसे मिलता हो। एक जैसे माइंड सेट वाले व्यक्ति के साथ आप खुलकर बातचीत करने में भी आसानी महसूस करेंगे।

3. डिप्रेशन में डेटिंग के बारे में पहली मुलाकात में बात न करें

पहली ही मुलाकात में अपने तनाव के बारे में बात करना सही नहीं है। एक-दूसरे के स्वभाव को पहले जान लें। जब लगे कि आपको सामने वाले व्यक्ति से मिलना अच्छा लग रहा है और आप रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते हों तब ही अपनी चिंताओं के बारे में बातचीत करें।

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4. पार्टनर को बताएं परेशानी

आप अपने पार्टनर से क्या एक्सपेक्ट करते हैं यह उसे साफ बता दें। आपको यदि अपने पार्टनर के साथ अच्छा लगता है पर आप पार्टी या कहीं घूमने फिरने के मूड में नहीं हैं तो यह सारी बातें पार्टनर के सामने साफ तौर पर रखें। इससे आपके पार्टनर को भी आपको समझने में आसानी होगी और आपके रिश्ते में तनाव नहीं आएगा।

5. डिप्रेशन के कारण सेक्स की इच्छा न हो तो बात करें

​उदास होने के कारण कई बार आपका मन सेक्स से उचट जाता है। ऐसा हो तो सबसे पहले अपने पार्टनर के सामने यह जाहिर करें कि आप बस सेक्स से दूर भाग रहे हैं अपने पार्टनर से नहीं। उनकी तारीफ करने या उसे बाहों में भरने के मौके मिस न करें।  इस समस्या को सुलझाना चाहते हैं तो डॉक्टर से भी बातचीत कर सकते हैं।

6. नई डेटिंग में अपने पास्ट को न दोहराएं

डिप्रेशन में डेटिंग कर रहे हैं तो इसे और बढ़ावा न मिले इसेलिए अपने अतीत को न दोहराएं। यदि ब्रेकअप की ही वजह से आप डिप्रेशन में हैं तो यह बात गांठ मार लें कि उन गलतियों को दोबारा न दोहराएं। उदाहरण के तौर पर यदि आपका पिछला पार्टनर आपको हमेशा लो महसूस कराता हो या आपके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाता हो तो नए पार्टनर को ऐसा करने से रोक दें। यदि रोकने के बाद भी बात बनती नजर न आ रही हो तो किसी अन्य साथी की तलाश करें।

7. ऑनलाइन डेटिंग का चुनाव सोच-समझकर करें

ऑनलाइन डेटिंग तलाश करने में कोई बुराई नहीं है लेकिन, सोच-समझकर ही डेंटिंग की साइट और पार्टनर का चुनाव करें। एक-दो मुलाकातों के बाद हताश न हो। अपनी असफलता को ​स्वीकार करें और परिवार के सदस्यों या दोस्तों से मुलाकात की चर्चा करें। वह आपको आपकी खामियां या सामने वाले की खामियां बताएं और सही सलाह देंगे।

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8. डेटिंग में डेट को दें समय

डिप्रेशन में डेटिंग की एक बड़ी समस्या बहुत ज्यादा दिमागी घौड़े दौड़ाना भी हो सकता है। रिश्ता शुरू भी नहीं हुआ और आप ख्याली पुलाव पकाने लगे। यदि यह स्थिति होती है तो थोड़ा ब्रेक लगाएं। सबसे पहले दोस्ती की शुरुआत करें। अच्छा रिश्ता अच्छी दोस्ती पर ही निर्भर करता है। प्यार के बजाए दोस्ती के बारे में सोचेंगे तो आप अपने सामान्य व्यवहार को पेश कर सकेंगे नहीं तो संकोच और डर ही अपनी जगह बना लेगा।

9. डिप्रेशन के कारण खुद को कम न आंके

आप डिप्रेस हैं इसका यह मतलब नहीं है कि आप नाकाबिल हैं। यह मनोविकार किसी भी अन्य बीमारी की ही तरह है। इसे एक्सेप्ट करें और आगे बढ़ें। हर कोई आपके बारे में खराब सोचे यह जरूरी नहीं कई लोग मानसिक बीमारी को नॉर्मल तरह से लेते हैं और उन्हें आपसे जुड़ने में भी दिक्कत नहीं होती।

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डिप्रेशन पर क्या कहते हैं आंकड़ें?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लगभग 5.6 करोड़ लोग डिप्रेशन का शिकार है और लगभग 3.8 करोड़ लोग एंग्जाइटी डिसऑर्डर जैसी समस्या से जूझ रहे हैं। डिप्रेशन या अवसाद एक ऐसा मानसिक विकार है, जिसका अगर समय रहते पता न चले, तो इसकी स्थिति बहुत ही गंभीर बन जाती है। डिप्रेशन के इलाज के लिए साइकोथेरिपी या लाइटथेरिपी जैसे उपचार की मदद भी ली जा सकती है। हालांकि, इनका असर होने में काफी वक्त लग सकता है। कई बार इनका उपचार सालों-साल चलता रहता है।

लखनऊ स्थित सूर्या हॉस्पिटल में साइकोलॉजिस्ट, डॉक्टर आशुतोष श्रीवास्तव ने “हैलो स्वास्थ्य” से बातचीत के दौरान बताया कि “अगर आप तनाव के कारण परेशान हैं तो ध्यान रखें कि स्ट्रेस से हमारा दिमाग ऑक्सीडेटिव डैमेज के प्रति संवेदनशील बन जात है। यानी कोशिकाओं को मिलने वाली ऑक्सिजन की मात्रा प्रभावित होने लगती है। जो मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करने लगती है। ऐसे में एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर खान-पान अपने आहार में अपनाना चाहिए। डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए न सिर्फ एक अच्छा और खुशनुमा माहौल जरूरी होता है, बल्कि उचित पोषण भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

हो सकता है कि आपका डेटिंग या अपने पार्टनर को लेकर पिछला अनुभव अच्छा नहीं हो सकता। इस वजह से डिप्रेशन में डेटिंग आपके लिए समस्या बन सकती है। इसके लिए जरूरी है कि आप पहले खुद को संभालें और इसके बाद ही डेटिंग के बारे में सोचें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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