कैसे बचें वर्कप्लेस स्ट्रेस से?

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Update Date जून 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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द अमेरिकन इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रेस ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंशियल या पारिवारिक समस्याओं की तुलना में वर्कप्लेस स्ट्रेस, स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों से ज्यादा जुड़ा हुआ है। ऑफिस में काम के दौरान थोड़ा-बहुत तनाव होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन कई बार देखने में आता है कि वर्कप्लेस स्ट्रेस की वजह से लोग दिन-रात ही टेंशन में रहने लगते हैं। हालांकि, ऑफिस के काम से होने वाला स्ट्रेस और डिप्रेशन दो अलग-अलग स्थितियां है, लेकिन कई बार इससे फिजिकल और मेंटल हेल्थ प्रभावित होती है, जिससे लोग डिप्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं। हालांकि, वर्कप्लेस में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कई प्रभावी कार्य किए जा सकते हैं। इस तरह के कार्यों से उत्पादकता में भी बढ़ावा मिलता है।

कार्यस्थल संबंधी तनाव (workplace stress) क्या है?

  • कार्यस्थल पर तनाव वह प्रतिक्रिया है जो लोगों को काम की मांगों और दबावों के साथ प्रस्तुत की जा सकती है जो उनके ज्ञान और क्षमताओं से मेल नहीं खाती हैं और उनकी क्षमता को चुनौती देती है।
  • वर्कप्लेस स्ट्रेस, काम की परिस्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला है, लेकिन अक्सर तब बुरा होता है जब कर्मचारियों को लगता है कि उन्हें सुपरवाइजर और सहकर्मियों का कम समर्थन प्राप्त हो रहा है। साथ ही साथ कार्य प्रक्रियाओं पर बहुत कम नियंत्रण है।
  • वर्कप्लेस स्ट्रेस खराब कार्य संगठन (जिस तरह से हम नौकरियों और कार्य प्रणालियों को डिजाइन करते हैं, और जिस तरह से हम उन्हें प्रबंधित करते हैं), खराब कार्य डिजाइन (उदाहरण के लिए, कार्य प्रक्रियाओं पर नियंत्रण की कमी), खराब प्रबंधन, असंतोषजनक काम के कारण हो सकता है।

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वर्कप्लेस स्ट्रेस के लक्षण

कार्यस्थल पर तनाव जब बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो व्यक्ति आत्मविश्वास खो देता है और क्रोधित, चिड़चिड़ा रहने लगता है। अत्यधिक वर्कप्लेस स्ट्रेस के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

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डिप्रेशन के परिणाम

विश्व स्तर पर, अनुमानित 264 मिलियन लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं। कई लोग चिंता के लक्षणों से भी पीड़ित हैं। हाल ही में एक अध्ययन का अनुमान है कि डिप्रेशन और चिंता विकार से पीड़ित लोग हर साल 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर इस विकार के उपचार में खर्च करते हैं। बेरोजगारी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक जोखिम कारक है, जबकि काम करना सुरक्षात्मक है।

एक नकारात्मक कार्यशील वातावरण से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। एल्कोहॉल का हानिकारक उपयोग, उत्पादकता कम कर सकती है। जो वर्कप्लेस मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और मानसिक विकारों वाले लोगों की सहायता करते हैं, उनमें उत्पादकता बढ़ाने और आर्थिक लाभ कमाने की संभावना ज्यादा होती है।

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वर्कप्लेस स्ट्रेस के कारण

मानसिक स्वास्थ्य के लिए कई जोखिम कारक हैं जो ऑफिस में मौजूद हो सकते हैं। अधिकांश लोगों में वर्कप्लेस स्ट्रेस कार्य के प्रकार, संगठनात्मक और अकुशल प्रबंधकीय वातावरण के कारण पैदा होता है। इसके अलावा, कर्मचारियों के कौशल और दक्षताओं और कार्य को पूरा करने का ओवर लोड वर्कप्लेस डिप्रेशन का कारण बन सकता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति के पास कार्यों को पूरा करने के लिए कौशल हैं, लेकिन उसके पास बहुत कम संसाधन हैं तो ऐसी स्थिती में कार्य को पूरा करने के दबाव में अमुख व्यक्ति मानसिक विकार का शिकार हो सकता है। द अमेरिकन इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रेस ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार “80% कर्मचारी कार्यस्थल पर तनाव महसूस करते हैं, लगभग आधे कहते हैं कि उन्हें वर्कप्लेस स्ट्रेस को कैसे प्रबंधित किया जाए, इसके लिए मदद चाहिए और 42% का कहना है कि उन्हें सहकर्मियों की मदद की जरूरत है।”

वर्कप्लेस स्ट्रेस के अन्य कारणों में शामिल हैं:

  • अपर्याप्त स्वास्थ्य और सुरक्षा नीतियां
  • खराब संचार और प्रबंधन
  • निर्णय लेने या कार्य क्षेत्र पर कम नियंत्रण या सीमित भागीदारी
  • कर्मचारियों की बात को अनसुना करने का माहौल
  • कर्मचारियों की कमियों के कारण अधिक ओवरटाइम
  • बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रदर्शन करने का दबाव, लेकिन नौकरी की संतुष्टि में कोई वृद्धि नहीं
  • आप अपना काम कैसे करते हैं, इस पर नियंत्रण का अभाव
  • अस्पष्ट कार्य या संगठनात्मक उद्देश्य।

डिप्रेशन के कुछ दूसरे कारण भी हो सकते है जैसे व्यक्ति की दक्षता के हिसाब से अनुपयुक्त कार्य या उच्च और अविश्वसनीय कार्यभार। ये स्थितियां अक्सर मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकती हैं और मेंटल डिसऑर्डर के लक्षणों का कारण बन सकती हैं । इस तरह के काम से दबा हुआ कर्मचारी शराब या मानसिक दवाओं के हानिकारक सेवन का आदी बन सकता है। उन स्थितियों में मेंटल स्ट्रेस का जोखिम बढ़ सकता है। जहां टीम सामंजस्य या सामाजिक समर्थन की कमी है।

बदमाशी और मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न आमतौर पर काम से संबंधित डिप्रेशन का कारण बताया जाता है और श्रमिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यदि कर्मचारी मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों समस्याओं जूझते हैं तो इसका असर उनके परिवार और सामाजिक संबंधों पर भी पड़ता है। ये स्थितियां उनके स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

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ऐसे बचें वर्कप्लेस स्ट्रेस से

  • काम के दौरान थोड़ा सा रिलैक्स करना मेंटल हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है और इससे प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है।
  • रिलैक्स करने के लिए एरोमा थैरेपी और ब्रीदिंग एक्सरसाइज का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा तनाव को कम करने के लिए एरोबिक्स भी कर सकते हैं।
  • बीच-बीच में डेस्क पर बैठे हुए गर्दन रोल करें।
  • साथ ही काम शुरू करने से पहले 10 मिनट का टाइमर लगाएं और अपनी उस दिन की टू डू लिस्ट बनाकर प्रायोरिटी लिस्ट बनाएं।
  • स्क्रीन को लगातार देखने के बजाए थोड़ी देर आंखें बंद कर के रिलैक्स करें। इसके साथ ही म्यूजिकल ब्रेक भी ले सकते हैं।

हम काम से संबंधित जोखिम कारकों को कम करके मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। काम के सकारात्मक पहलुओं को कर्मचारियों से जोड़ने की कोशिश की जाए और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर हम डिप्रेशन को रोक सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करें। अन्य कंपनियों ने जो कार्रवाई की है जिससे कर्मचारियों को हेल्थ अच्छी हुई है उन तरीकों को अपनाया जाए, तो बहुत हद तक मानसिक विकारों (Mental Disorders) पर काबू पाया जा सकता है। हमें कर्मचारियों के अवसरों और जरूरतों को समझना चाहिए और उन्हें ऐसे समर्थन के स्रोतों के बारे में जागरूक करना चाहिए जहां वे किसी भी मानसिक तकलीफ में मदद प्राप्त कर सकते हैं।

हमें उम्मीद है कि वर्कप्लेस स्ट्रेस पर आधारित यह लेख आपको पसंद आया होगा। यदि आपको लगता है कि आप वर्कप्लेस डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं तो अपने सहयोगियों या इस बारे में डॉक्टर से संपर्क करें। वर्कप्लेस स्ट्रेस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अधिक समय तक कार्यस्थल पर तनाव से जुड़े रहने से मेंटल हेल्थ खराब हो सकती है। बेहतर होगा कि इस बारे में डॉक्टर से परामर्श करें।

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