स्लीप कैलकुलेटर से जानें कितनी देर सोना है हेल्दी?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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भरपूर नींद लेना शरीर में लिए काफी जरूरी है। नींद की कमी से न सिर्फ आपका शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ता है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी काफी असर पड़ता है। अगर आपकी नींद बराबर नहीं हो पाती है, तो आप बहुत ही सुस्त और चिड़चिड़े रहते हैं। इसलिए, आपको सबसे पहले यह जानना चाहिए कि आपके लिए कितनी नींद जरूरी है। आपको अगर यह जानना है कि आपको कितनी देर सोना चाहिए, तो आप एक स्लीप कैलकुलेटर की मदद से यह जान सकते हैं। स्लीप कैलकुलेटर एक ऐसा कैलक्युलेटर हैं, जिसमें आप अपनी नींद को कैलक्युलेट कर सकते है। उसका मैकेनिज्म ऐसा सेट किया हुआ होता है कि उसमे खुद-ब-खुद ही आप अपनी नींद का समय माप सकते हैं। 

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स्लीप कैलकुलेटर के फायदे

  • स्लीप कैलकुलेटर के फायदे में सबसे पहला ये है कि आप जान सकते हैं कि आपके लिए कितनी नींद पर्याप्त है और कितनी नहीं।
  • स्लीप कैलकुलेटर से आप ये भी पता कर सकते हैं कि क्या आप ज्यादा सोते हैं? ये जानकर आप इसे कम कर सकते हैं। 
  • आप इस स्लीप कैल्क्युलेटर से अपना सोने का नियमित पैटर्न बना सकते हैं। ऐसा होने से आप वक्त पर सोना शुरू कर सकते हैं, जिससे आप समय पर उठ भी पाएंगे। 
  • अगर आपको किसी दिन सुबह जल्दी बाहर जाना है और आपको फ्रेश भी रहना है, तो आप स्लीपिंग कैलकुलेटर से देख सकते है कि आपको कब सोना चाहिए, ताकि आपकी नींद पूरी हो जाए। 
  • सिर्फ इतना ही नहीं, स्लीप कैलकुलेटर से आप अपने बच्चों के लिए भी सही स्लीपिंग पैटर्न बना सकते हैं। 
  • अगर आप स्लीपिंग कैलकुलेटर का सही इस्तेमाल करेंगे, तो आपकी नींद भी पूरी होगी, जिससे आप स्वस्थ रहेंगे।
  • नींद अच्छी होने पर आपको कई तरह की बीमारियों से भी बचेंगे। 

इन सभी फायदों के अलावा भी, स्लीप कैलकुलेटर के कई फायदे हो सकते हैं। अगर आप इस स्लीप कैलक्युलेटर का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पहले इसके इस्तेमाल करने का तरीका सीख लें। अपनी बॉडी टाइप और उम्र के हिसाब से, आपके लिए कितना सोना काफी है, वो जान लें और फिर इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।

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भरपूर नींद लेना क्यों जरूरी है?

हर इंसान के लिए 6 से 8 घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। यदि हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तो इससे हमारी जीवनशैली प्रभावित होती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरूरी होता है। यदि हमें दिनभर की थकान के बाद भी नींद नहीं आती है तो इसके परिणाम स्वरूप हम कई रोगों से ग्रसित हो सकते हैं। कई वैज्ञानिक शोधों में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि भरपूर नींद लेने से इंसान स्वस्थ रहता है। नींद हमारे शरीर को रीचार्ज करने का काम करती है। यदि हमारी रोज-रोज नींद पूरी नहीं होती तो इससे शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। पूरा दिन किसी काम में मन नहीं लगता है।

उम्र के अनुसार अच्छी हेल्थ के लिए नींद की सही मात्रा:

0 – तीन महीने के शिशु के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 15 -17 घंटे
4 – 11 महीने शिशु के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 12 – 15 घंटे
1 -2 साल के बच्चों के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 11 – 14 घंटे
3 – 5 साल के बच्चो के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 13 घंटे
6 – 13 साल के बच्चों के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 9-11 घंटे
14 -17 साल के बच्चों के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 7 – 9 घंटे
18 – 25 साल के एडल्ट के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 7 – 9 घंटे
26 – 64 साल के लोगों के लिए उपयुक्त नींद के घंटे : 7 – 9 घंटे

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जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती उन्हें निम्नलिखित बीमारियों का होता है खतरा:

अवसाद- इंसान की नींद पूरी न होने का असर सीधे दिमाग पर ड़ता है। नींद पूरी होने पर दिमाग न सिर्फ तरोताजा महसूस करता है। नींद के पूरे न होने पर मानसिक परेशानियां जैसी परेशानियां पैदा होती हैं।

डायबिटीज- पर्याप्त नींद न मिलने पर खाने में शुगर लेने की क्रेविंग होती है। शुगर के ज्यादा इनटेक से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने की संभावना अधिक होती है।

कैंसर- कई शोध के अनुसार, महिलाओं में नींद पूरा न होने पर ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा होता है। यही नहीं पर्याप्त नींद न लेने पर शरीर में कोशिकाओं पर बुरा असर पड़ता है।

हार्ट अटैक- जब हम नींद में होते हैं तब हम भले ही सो रहे हो, लेकिन हमारा शरीर उस वक्त भी अपना काम कर रहा होता है। शरीर इस दौरान अंदरूनी मरम्मत करता है। नींद पूरी नहीं होती तो हमारे शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते हैं। यही कारण है कि नींद पूरी न होने पर हृदय रोग होने का खतरा ज्यादा होता है।

जिस तरह नींद पूरी न होना हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता ठीक उसी तरह अत्यधिक सोने से भी शरीर को नुकसान होता है। स्टडी के अनुसार, ज्यादा सोने से 23 परसेंट तक स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल जर्नल ऑफ अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की स्टडी में ये बात सामने आई है। जो लोग मिड डे नैप 90 मिनट से ज्यादा लेते हैं उनमें 25 प्रतिशत तक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। स्टडी में यह भी मालूम हुआ है कि ज्यादा सोने के नुकसान के रूप में कोलेस्ट्रॉल के लेवल में गड़बड़ी भी पाई जा सकती है।

ज्यादा सोने को लेकर चाइना में भी एक स्टडी की गई। इस स्टडी में 31,750 लोगों को शामिल किया गया। इन सभी लोगों की उम्र लगभग 62 थी। इन सभी लोगों को किसी तरह के स्ट्रोक की परेशानी नहीं थी। इन सभी लोगों की छह साल तक स्लीपिंग और नैपिंग हैबिट पर छह साल तक निगरानी में रखा गया। इनमें ज्यादा सोने के नुकसान के रूप में 1557 लोगों में स्ट्रोक की परेशानी देखने को मिली। इनमें जो लोग अधिक सोते थे उनमें स्ट्रोक का 85 प्रतिशत तक अधिक खतरा था।

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नींद से जुड़े इन टिप्स को करें फॉलो, नहीं होगा कोई नुकसान

  • अपने सोने का एक समय तय कर लें। न तो ज्यादा जल्दी सोएं और न ही देर में
  • आपको जिस वातावरण में अच्छी नींद आती है अपने लिए वैसा ही महौल बनाएं। इससे आप तय समय पर खुद जाग जाएंगे।
  • नींद का रुटीन बनाना कोई मुश्किल नहीं है। कुछ दिनों तक इसे अलार्म के साथ फॉलो करो। कुछ दिनों बाद आपकी आंख खुद खुलने लग जाएगी।
  • सोने से पहले किसी डिवाइस का इस्तेमाल न करें। ये आपकी नींद में खलल डालने का काम करते हैं।

अत्यधिक सोने के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

नोट : नए संशोधन की डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा समीक्षा

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