नई पॉलिसी में महिलाओं को भी गुजरना पड़ेगा बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट से

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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महिला अधिकारियों / महिला कैडेटों / आर्मी में महिलाओं की भर्ती के लिए बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (BPET) की नीति में बदलाव करते हुए, सभी महिला अधिकारियों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया है। सेना ने हाल ही में महिलाओं के लिए BPET के बारे में अपनी नीति में बदलाव किए हैं। इस नए निर्देश के तहत 2009 से पहले और 35 वर्ष से अधिक आयु की उन महिलाओं को शामिल किया गया है, जिन्हें पहले इसमें छूट दी गई थी। आपको बता दें कि बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट, जो कि एक शारीरिक परीक्षण की सीरीज है, जिसका उपयोग सैन्य कार्यों को करने के लिए एक अधिकारी या आर्मी सोल्जर्स की शारीरिक फिटनेस (physical fitness) का टेस्ट करने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट क्या है और यह प्रमोशन पाने के लिए पास करना जरूरी क्यों है।

बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (BPET) क्या है?

महिला अधिकारियों के लिए, बीपीईपी (BPET) में 5 किमी की दौड़, 60 मीटर का स्प्रिंट, एक निश्चित ऊंचाई तक वर्टिकल रोप क्लाइम्बिंग (vertical rope climbing), एक निश्चित दूरी तक हॉरिजॉन्टल रस्सी को पार करना और 6 फीट जंपिंग आदि। यह निर्देश 12 मई, 2020 को सेना मुख्यालय, नई दिल्ली के सैन्य प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा जारी किए गए थे। नई अधिसूचना मार्च 2011 में जारी की गई थी, जिसमें 2009 से पहले और 35 वर्ष से अधिक आयु की महिला अधिकारियों को ट्रेनिंग में उपस्थित होने की छूट दी गई थी। इन महिला अधिकारियों को पहले केवल शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Proficiency test) में उपस्थित होना रहता था। बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट साल में एक बार आयोजित किया जाता है। इसमें चिकित्सा श्रेणी ‘ए’ के सभी अधिकारी, जेसीओ और ट्रेंड सैनिक साल में एक बार बैटल फिजिकल एफिशिएंसी (BPET) और फिजिकल प्रोफिशिएंसी टेस्ट (PPT) दोनों से गुजरते हैं।

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बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट: जूनियर कमांड (JC) कोर्सेस की होगी जरूरत

17 फरवरी, 2020 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, सभी परिणामी लाभों के साथ सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान करते हुए, सेना ने आर्मी वार कॉलेज में जूनियर कमांड (JC) पाठ्यक्रम के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल के रैंक की महिला अधिकारियों का विवरण देना शुरू कर दिया है। महिला अधिकारियों को इस वर्ष जुलाई से अक्टूबर के बीच वार कॉलेज में (अस्थायी रूप से) आयोजित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों में भाग लेने के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि जेसी सर्टिफिकेट ऐसे स्कूलों द्वारा प्रदान किया जाने वाला उच्चतम प्रमाणपत्र (highest certificate) है जो आमतौर पर एक एसोसिएट डिग्री है।

यह पाठ्यक्रम, जो आमतौर पर 5 से 10 साल की सेवा के बीच पुरुष अधिकारियों द्वारा किया जाता है, अब 15 और 16 साल की सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और और महिला अधिकारी भाग लेंगे। डीजीएमटी के निर्देशों के अनुसार, एससी के आदेश के अनुसार स्थायी आयोग के लिए विचार की जाने वाली महिला अधिकारियों को जेसी पाठ्यक्रम (JC course) के साथ-साथ अपनी संबंधित शाखाओं के अनिवार्य पाठ्यक्रम में भी शामिल होना होगा।

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बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट: क्या कहता है अधिसूचना पत्र?

पत्र में कहा गया है, “ये स्टैंडर्ड्स सभी ट्रेनिंग अकादमी में महिला एंट्रीज और ट्रेनीज की सभी श्रेणियों और सभी रेजिमेंटल केंद्रों पर लागू होंगे। नई गाइडलाइन के अनुसार, सेना में महिलाओं के लिए, 30 साल से कम उम्र की महिला अधिकारियों के लिए आयु वर्ग में 5000 फीट / 1500 मीटर दौड़ने का समय ‘एक्सीलेंट ग्रेडिंग’ के लिए 30 मिनट या उससे कम, ‘गुड ग्रेडिंग’ के लिए 31 मिनट 30 सेकंड, ‘सेटिस्फैक्टरी ग्रेडिंग’ के लिए 33 मिनट होना चाहिए। हालांकि, 2011 की अधिसूचना ने ‘एक्सीलेंट’ के लिए 32 मिनट, ‘गुड’ के लिए 33 मिनट 30 सेकंड और ‘सेटिस्फैक्टरी’ के लिए 35 मिनट निर्धारित किए।

5000 फीट से 9000 फीट की ऊंचाई पर डिस्टेंस रन की समय सीमा में भी इसी तरह की कमी की गई है। 60 मीटर स्प्रिंट की श्रेणी में केटेगरी ‘एक्सीलेंट’ ग्रेडिंग का समय 16 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, ‘गुड’ ग्रेडिंग के लिए 19 सेकंड से 17 सेकंड और ‘सेटिस्फेक्टरी’ ग्रेडिंग के लिए 20 सेकंड से 19 सेकंड कर दिया गया है।

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प्रमोशन के लिए जरूरी है बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट

सेना मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कर्नल के पद पर पदोन्नति के लिए जेसी कोर्स (JC course) अनिवार्य था। अधिकारी ने कहा, “कर्नल रैंक की पदोन्नति के लिए कई महिला अधिकारियों पर विचार किया जाएगा, इसलिए उन्हें इस कोर्स को करने की जरूरत है, जो उनके लिए पहले अनिवार्य नहीं था।” हालांकि, एक महिला अधिकारी ने बीपीईटी के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु की महिला अधिकारियों को शामिल करने पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। महिला कैडेटों के लिए निर्धारित किया गया बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (BPET) एन्डुरंस चेक करने के लिए सबसे कठिन परीक्षा में से एक है। अभी तक, अकादमी में महिलाओं के लिए शारीरिक मानक कम होते थे जो कि किसी भी शारीरिक रूप से फिट महिला जो कि नियमित रूप से व्यायाम कर रही हैं, उन्हें आसानी से अचीव कर सकती हैं।

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बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट नहीं आसान

आपको बता दें आर्मी में मिलिट्री रेडीनेस को न केवल वेपन सिस्टम्स की स्थिति से परिभाषित किया जाता है, बल्कि इससे अधिक महत्वपूर्ण बल की दक्षता, प्रभावशीलता और मनोबल होता है। सशस्त्र बलों में महिलाओं का प्रशिक्षण बड़े मुद्दों से जुड़ा हुआ है जो पूरे सर्विस करियर में दिखाई पड़ता है। इसलिए, सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि चयन और ट्रेनिंग के समय से ही इन मुद्दों का समाधान किया जाए ताकि महिलाएं आर्म्ड फोर्स (armed force) का एक अमूल्य संसाधन बन सकें।

पुरुषों की ही तरह महिलाओं को बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट के लिए प्रशिक्षित करना कैसा होगा, यह तो अभी नहीं कहा जा सकता है। लेकिन, महिलाओं को कम से कम कोशिश करने और पुरुष के सामान शारीरिक और मानसिक मजबूती को दिखाने का एक अच्छा मौका  साबित हो सकता है। इसका एक सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है कि ज्यादातर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स को सामान्य रखने से एकीकरण प्रभावित हो सकता है और दोहरे मानकों की धारणा दूर हो सकती है।

महिला हो या फिर पुरुष, शरीर को फिट रखने के लिए हेल्दी डायट के साथ ही रेगुलर एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है। अगर बॉडी फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो शरीर अनहेल्दी होने लगता है, जो कई बीमारियों को न्यौता देता है। किसी भी फिजिकल टेस्ट को पास करने के लिए फिटनेस ही एकमात्र उपाय है।अगर आपको बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो बेहतर होगा कि एक्सपर्ट से जानकारी लें। हेल्दी मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ के लिए आप विशेषज्ञ से परामर्श कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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