Nasal polyps: नेसल पोलिप्स क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

परिभाषा

क्या अक्सर आपकी नाक बंद रहती है और किसी तरह की गंध महसूस नहीं होती। हमेशा सर्दी जैसा महसूस होता है और दवा से भी यह ठीक नहीं होता, तो जिसे आप सर्दी समझ रहे हैं वह नेसल पोलिप्स हो सकता है। यह नाक के अंदर होने वाली एक समस्या है जिसके बढ़ने पर सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है, इसलिए समय रहते नेसल पोलिप्स का इलाज करवाना जरूरी है।

नेसल पोलिप्स क्या है?

नेसल पोलिप्स को नाक के अंदर की गांठ भी कहा जा सकता है। दरअसल, यह नाक के अंदर सौम्य गांठ की तरह विकिसत होने वाली अतिरिक्त चीज है जिसके वजह से नाक का शेप भी बिगड़ सकता है। पोलिप्स नाक के अंदर या साइनस में हो सकता है। अक्सर यह वहां होते हैं जहां साइनस नाक की कैविटी में मिलता है। नेसल पोलिप्स यदि छोटे हैं तो इसका इलाज करवाने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि यह नॉन कैंसरस गांठ होती है, लेकिन यदि यह बढ़ जाए औ इससे नाक में दर्द, सूजन, सांस लेने में दिक्कत होने लगे तो इसका इलाज करवाना जरूरी होता है। दरअसल, नेसल पोलिप्पस नाक के अंदर लाइनिंग टिशू या म्यूकोसा का सौम्य विकास है।

कारण

नेसल पोलिप्स के कारण

नेसल पोलिप्मस सूजन वाले टिशू और नेसल म्यूकोसा में विकसित होते हैं। म्यूकोसा एक गीली परत होती है जो नाक के अंदर और साइनस की रक्षा करती है और आपके द्वारा सांस लेने वाली हवा को नम करती है। इंफेक्शन और एलर्जी की वजह से होने वाले जलन के कारण नाक के म्यूकोसा सूज जाते हैं और लाल हो जाते हैं और यह एक तरल पदार्थ बनाते हैं जो सूख जाता है। लंबे समय तक होने वाले जलन की वजह से नेसल पोलिप्स का निर्माण होता है। पोलिप्स छिले हुए अंगूर की तरह दिखते हैं और यह नाक को अवरुद्ध कर सकते हैं। हालांकि, पोलिप्स उन लोगों को भी हो सकता है जिन्हें पहले कभी नाक की कोई समस्या नहीं रही हो, लेकिन निम्न स्थितियों में नेसल पोलिप्स की संभावना कई गुणा अधिक बढ़ जाती हैः

इबूप्रोफेन या एस्पिरिन जैसी एंटी इंफ्लामेट्री दवाओं से एलर्जी हो सकती है है। कुछ लोगों को वंशानुगत कारणों से नेसल पोलिप्स हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके जीन म्यूकोसा को सूजन के प्रति किसी खास तरह से प्रतिक्रिया के लिए प्रेरित करते हैं।

यह भी पढ़ें- लंग कैंसर क्या होता है, जानें किन वजहों से हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

लक्षण

नेसल पोलिप्स के लक्षण

जरूरी नहीं है कि हमेशा नेसल पोलिप्स के लक्षण दिखाई दें, कई बार नेसल पोलिप्स होने पर भी लक्षण जल्दी नजर नहीं आते हैं। नेसल पोलिप्स के सामान्य लक्षणों में शामिल हैः

यदि आपको पोलिप्स के साथ ही साइनस भी है तो नाक और सिर में दर्द भी हो सकता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास

जब दवा लेने के बाद भी सर्दी एक महीने से अधिक समय तक रहे तो डॉक्टर से मिलने की जरूरत है। पोलिप्स नाक की लाइनिंग और साइनस में सूजन के कारण हो सकता है।

निदान

नेसल पोलिप्स का निदान?

एंडोस्कोपी- नेसल पोलिप्स को डॉक्टर रोशनी वाले उपकरण जिसे ओटोस्कोप या नैसोस्कोप कहते हैं, के जरिए देख सकता है। यदि पोलिप्स साइनस में गहरी तक हैं तो डॉक्टर को नेसल एंडोस्कोपी करने की जरूर पड़ती है। इस प्रक्रिया में डॉक्टर लाइट और कैमरा लगे एक लचीले ट्यूब को नाक के अंदर डालता है।

सीटी स्कैन- नेसल पोलिप्स के सही आकार और स्थान का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन किया जा सकता है। इस स्कैन में पोलिप्स अपारदर्शी स्पॉट के रूप में दिखते हैं। स्कैन से यह भी पता चलता है कि पोलिप्स ने उस हिस्से की हड्डी को विकृत किया है या नहीं। यह नाक के अंदर होने वाली अन्य प्रकार की वृद्धि का भी पता लगाता है जो अधिक गंभीर हो सकती है जैसे संरचनात्मक विकृति या कैंसरस वृद्धि।

एलर्जी टेस्ट- एलर्जी टेस्ट से डॉक्टर को नाक की सूजन के कारणों का पता लगाने में मदद मिलती है। इस टेस्ट में डॉक्टर आपकी स्किन में चुभन पैदा करके अलग-अलग तरह के एलर्जेन को शरीर में डालता है। ऐसा वह यह देखने के लिए करता है कि आपका इम्यून सिस्टम इन एलर्जेन के प्रति प्रतिक्रिया देता है या नहीं।

यदि बहुत छोटे बच्चे को नेसल पोलिप्स की समस्या होती है तो आनुवंशिक रोगों के लिए परीक्षण, जैसे कि सिस्टिक फाइब्रोसिस करवाना आवश्यक होता है।

यह भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी में स्मोकिंग का बच्चे और मां पर क्या होता है असर?

उपचार

नेसल पोलिप्स के लिए उपचार

नेसल पोलिप्स का इलाज कई तरह से किया जा सकता है। यदि दवा से आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकता है।

दवा- नाक की सूजन कम करने वाली दवा से पोलिप्स का आकार और नाक बंद होने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। नसेल स्टेरॉयड्स को नाक में स्प्रे करने से पोलिप्स का आकार कम हो जाता है जिससे बहती नाक और बंद नाक की समस्या से राहत मिलती है। हालांकि, जैसे ही आप इसे लेना बंद करते हैं समस्या जस की तस बनी रहती है। नेसल स्टेरॉयड्स में शामिल हैः

फ्लटीकैसोन (फ्लोनेज़, वेरामिस्ट)

बुडेसोनाइड (राइनोकोर्ट)

मोमेटटेसोन (नैसोनेक्स)

एंटीहिस्टामाइन्स या एंटीबायोटिक्स से भी एलर्जी और साइनस इंफेक्शन की वजह से होने वाली सूजन का इलाज किया जा सकता है।

सर्जरी- यदि दवा और स्प्रे लेने के बाद भी पोलिप्स के लक्षण कम नहीं होते हैं तो इसे हटाने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है। सर्जरी किस तरह की होगी यह पोलिप्स के आकार पर निर्भर करता है। पोलिपेक्टॉमी एक आउटपेशेंट सर्जरी है जो छोटे सक्शन उपकरण या माइक्रोडेब्राइडर से किया जाता है जो सौम्य टिशू को काटकर हटाता है म्यूकोसा के साथ।

बड़े साइज के पोलिप्स के लिए डॉक्टर एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी करता है। इसमें एक पतली, लचीले एंडोस्कोप जिसमें कैमरा व लाइट लगा होता है, को नाक अंदर डालता है और पोलिप्स को ढूंढ़कर हटा देता है। डॉक्टर आपके साइनस कैविटी के मुंह का और बड़ा सर सकता है।

यह भी पढ़ें- पेट में ट्यूमर होना कितना खतरनाक है? जानें इसके लक्षण

सर्जरी के बाद नेसल स्प्रे और स्लाइन वॉश से पोलिप्स को दोबारा आने से रोका जा सकता है। यानी नाक की  सूजन को आप नेसल स्प्रे, एंटी एलर्जी दवा और स्लाइन वॉश की मदद से कम कर सकते हैं इससे पोलिप्स के विकसित होने की संभावना कम हो जाती है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें-

कोडोनोपसिस क्या है?

ए बी फाइलिन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

खूबकला क्या है?

कोलोरेक्टल कैंसर क्या है?

Share now :

रिव्यू की तारीख फ़रवरी 12, 2020 | आखिरी बार संशोधित किया गया फ़रवरी 12, 2020

शायद आपको यह भी अच्छा लगे