गॉलस्टोन्स ब्लैडर में बनते है और पीढ़ियों तक ट्रांसफर हो सकते है. बढ़ती उम्र के साथ गॉलस्टोन्स होने के चान्सेस बढ़ जाते है. ये एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांफर हो सकते है. अगर आप ज्यादा फैट और आयल ले रहे है तो इसके चान्सेस और ज्यादा है.

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ये बहुत सारे छोटे छोटे इंसिज़न लगाकर की जाती है बजाय इसके की बहुत बड़ा इंसिज़न लगाया जाये. अगर पहले आप गॉलब्लेडर की सर्जरी करवा चुके है और बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है उस केस में डॉक्टर ठीक तरीके से गॉलब्लेडर नहीं देख पाएंगे. इस केस में ओपन सर्जरी आपके ज्यादा काम आएगी। बातएंगे की आपके लिए सबसे सटीक सर्जरी कौनसी रहेगी.
कोलसिस्टेक्टोमी में आपको ब्लीडिंग , इन्फेक्शन , इंजरी हो सकती है। डक्ट में इंजरी की वजह से बाइल गॉलब्लेडर से बाहर आ सकता है. लप्रोस्कोपिक कोलसिस्टेक्टोमी में एब्डोमेन में इंस्ट्रूमेंट्स डालने पर इंटेस्टाइन और ब्लड वेसल्स में इंजरी हो सकती है. कुछ स्पेसिफिक कॉम्प्लीकेशन्स जो हो सकती है :
इस सर्जरी को करवाने से पहले इससे जुड़े खतरों और समस्याओ को समझना जरुरी है. किसी भी और सवाल या जानकारी लिए अपने डॉक्टर से जरूर मिले.
अगले दिन से आप घर जा सकते है. सर्जरी के दो से चार हफ्ते बाद आप काम पर भी जा सकते है.
रेगुलर एक्सरसाइज से आप सारी नार्मल एक्टिविटीज कर सकते है. इससे आप जल्दी रिकवर हो जाएंगे.
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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।