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शिशु के लिए बीन्स : पीडियाट्रिशियन की सलाह के बाद अपना सकते हैं इस सुपरफ़ूड का साथ

शिशु के लिए बीन्स : पीडियाट्रिशियन की सलाह के बाद अपना सकते हैं इस सुपरफ़ूड का साथ 

जब बात आ जाती है पोषण युक्त खाने की, तो हमारे भारतीय किचन में कई खाद्य पदार्थ हैं, जो पोषक तत्वों से भरपूर पाए जाते हैं। इन्हीं खाद्य पदार्थों में से एक है बीन्स (Beans)। बचपन से ही हमें हेल्दी खाने की आदत डाली जाती है, जाहिर है जब बच्चा खाना शुरू करता है, तो उसे अलग-अलग तरह के हेल्दी फूड दिए जाते हैं। आज हम बात करने जा रहे हैं शिशु के लिए बीन्स क्यों जरूरी है। शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) एक सुपर फूड साबित हो सकती है, लेकिन शिशु को बीन्स खिलाने के भी अलग-अलग तरीके होते हैं। जिसके अंतर्गत आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस विषय पर यह खास जानकारी।

जैसा कि सभी जानते हैं, शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) पोषक तत्वों से भरपूर और कई तरह के न्यूट्रिएंट्स, जैसे फाइबर, फोलेट, मैग्नीशियम और प्लांट बेस्ड प्रोटीन से लैस होती है। हालांकि बीन्स शिशु के लिए बेहद हेल्दी फ़ूड साबित होती है, लेकिन इसके बाद भी माता पिता के मन में इसे लेकर कई सवाल पैदा होते हैं। इसलिए शिशु के लिए बीन्स (Beans) का चुनाव करने से पहले आपको कुछ विषयों पर जानकारी होना बेहद जरूरी है।

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शिशु के लिए बीन्स : कब करें इसे खिलाने की शुरुआत? (Beans for baby)

आप शिशु के लिए बीन्स (Beans) का चुनाव 6 महीने की उम्र के बाद कर सकते हैं। 6 महीने की उम्र के बाद जब बच्चा दूध के अलावा अन्य चीजें खाना शुरू करता है, तब न्यूट्रिएंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ उसे दिए जा सकते हैं। 6 महीने की उम्र के बाद से ही बच्चे अलग-अलग खाद्य पदार्थों को समझने लगते हैं और उनका स्वाद डेवलप करने लगते हैं। इसीलिए शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) 6 महीने की उम्र के बाद शुरू कर सकते हैं।

बच्चों के लिए सॉलि़ड फूड का चुनाव करते हुए आपको ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है कि यह पोषक तत्वों से भरपूर हो। इन पोषक तत्वों में आयरन, प्रोटीन और कैल्शियम का समावेश खास तौर पर होता है। साथ ही आपको इस बात का ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है कि यह खाद्य पदार्थ आपको प्यूरी या पेस्ट के रूप में देना होता है, जिससे बच्चा आसानी से इन खाद्य पदार्थों को निगल सके।

क्यों आसान है शिशु के लिए बीन्स का चुनाव? (Beans for baby)

शिशु के लिए बीन्स (Beans) एक सुपर फूड साबित होती है, क्योंकि इसमें कई तरह के न्यूट्रिएंट्स होते हैं। इसे खिलाने के अपने फायदे भी हैं, जो इस प्रकार हैं –

  • खाने में नरम होता है
  • इसकी प्यूरी आसानी से बनाई जा सकती है
  • इसका टेस्ट बेहतर होता है
  • इसे अलग-अलग फ्लेवर के साथ बनाया जा सकता है

शिशु के लिए बीन्स का चुनाव आप 7 से 10 महीने की उम्र के बीच कभी भी कर सकते हैं, लेकिन शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव करने से पहले आपको पीडियाट्रिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए। आइए जानते हैं शिशु के लिए बीन्स के क्या फायदे हो सकते हैं।

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शिशु के लिए बीन्स : फायदे हैं अनेक (Beans for baby)

जैसा कि आप सभी जानते हैं बीन्स (Beans) में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शिशु के स्वास्थ्य में चार चांद लगाते हैं। बीन्स में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जिससे बच्चों को कॉन्स्टिपेशन की समस्या नहीं होती और उनके बॉवेल मूवमेंट बेहतर बनता है। इसी के साथ साथ शिशु के गट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं।

शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) से बच्चे को यह पोषक तत्व मिल सकते हैं –

  • आयरन (Iron)
  • मैग्नीशियम (Magnesium)
  • पोटेशियम (Potassium)
  • कैल्शियम (Calcium)
  • फोलेट (Folate)
  • प्लांट बेस्ड प्रोटीन

शिशु के लिए बीन्स (Beans) का चुनाव करने के लिए आपको बीज की वैरायटी की जानकारी होना भी बेहद जरूरी है। हमारे किचन में कई तरह की बीन्स मौजूद होती है, जो बच्चे को दी जा सकती है। शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) के ये प्रकार आप चुन सकते हैं –

  • राजमा (Kidney beans)
  • काली बीन्स (Black beans)
  • गरबेन्ज़ो बीन्स (Garbanzo beans)
  • पिंटो बीन्स
  • लाल दाल

हालांकि शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव करने से पहले आपको यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि बच्चों में कई बार इन दालों की वजह से एलर्जी की समस्या देखी जाती है। ऐसी स्थिति में आपको पीडियाट्रिशियन की सलाह के बाद ही इन दालों का चुनाव करना चाहिए। आइए अब जानते हैं किस तरह आप शिशु के लिए बीन्स की अलग-अलग रेसिपी बना सकते हैं।

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कैसे खिलाएं बच्चे को बीन्स? (Feeding Beans)

शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का इस्तेमाल करने से पहले आपको ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है कि इसका स्वाद बच्चे को पसंद आए। इसलिए आपको सबसे पहले सूखी बीन्स का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए आपको बीन्स को भिगोकर इसे पकाने की जरूरत पड़ती है। इसके बाद इसकी प्यूरी बनाकर या इसे मैश कर स्वादिष्ट वेजिटेबल या फ्रूट के साथ परोस सकते हैं। फ्रूट और वेजिटेबल के स्वाद के साथ बीन्स (Beans) आसानी से मिक्स होती है, जिससे बच्चा इसे पसंद करता है।

इसके अलावा जब आप शिशु के लिए बीन्स बनाते हैं, तो इसे भिगोने पकाने और मैश करने की प्रक्रिया में इसमें मौजूद हानिकारक तत्व निकल जाते हैं, जिससे आपके बच्चे की सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ता।

शिशु के लिए बीन्स : खिलाएं, पर रखें इन बातों का ध्यान (Beans for baby)

शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby)

अक्सर माता-पिता बच्चों को सॉलि़ड फूड तब देते हैं, जब बच्चा ब्रेस्टफीडिंग नहीं कर रहा होता या जब बच्चे के दांत निकल रहे होते हैं। ऐसी स्थिति में आप शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव कर सकते हैं। इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जैसे –

  • बच्चा अपने हाथों से खाना खाए
  • बच्चे के खाने का चुनाव सोच समझ कर करें
  • बच्चे को अलग-अलग तरह के टेक्स्चर और टेस्ट से युक्त खाद्य पदार्थ खिलाएं
  • बच्चे को प्यूरी के साथ-साथ बीन्स (Beans) के छोटे टुकड़े दें

जब आप बच्चे को बीन्स के छोटे टुकड़े खाने के लिए देते हैं, तो बच्चा सेल्फ इटिंग यानी कि खुद से खाने की कोशिश करता है। लेकिन इस दौरान आपको ध्यान रखना पड़ता है कि खाने के टुकड़े इतने छोटे हों कि वह आसानी से निगले जा सकें। यदि इस बात का ध्यान ना रखा जाए, तो बच्चे को चोकिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव करने के साथ आपको इसके छोटे-छोटे टुकड़े जरूर करने चाहिए।

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इसी के साथ शिशु के लिए बीन्स (Beans) के चुनाव में आपको कुछ और बातों का ध्यान भी रखना होता है, जिसके बारे में जानना जरूरी है।

बीन्स देने के साथ ध्यान रखें इन बातों को!

जैसे कि आप जानते हैं, बीन्स (Beans) में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, इसकी वजह से कई बार बच्चे का डाइजेस्टिव सिस्टम गड़बड़ा सकता है। कई बार बच्चे को डायरिया की तकलीफ हो सकती है, इसलिए पीडियाट्रिशियन की सलाह के बाद ही शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) की मात्रा का चुनाव करें।

हालांकि बीन्स में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप शिशु के लिए बीन्स के अलावा कोई अन्य खाद्य पदार्थ चुने ही ना। आपको बीन्स (Beans) के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों को भी बच्चे को खिलाना चाहिए, जिससे उसे अलग-अलग तरह के न्यूट्रिएंट्स मिलते रहें।

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हालांकि सोयाबीन और मूंगफली इस तरह की बीन्स (Beans) मानी जाती है, जिससे बच्चे को एलर्जी हो सकती है। इसलिए आपको शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव करने के दौरान पीडियाट्रिशियन से बात जरूर करनी चाहिए। जिससे आप बच्चे को एलर्जी से बचा सकें।

शिशु के लिए बीन्स (Beans) एक अच्छा और हेल्दी ऑप्शन साबित हो सकती है, लेकिन बच्चे की उम्र के अनुसार इस की सही मात्रा देना आपके लिए जरूरी साबित होता है। इसलिए हमेशा पीडियाट्रिशियन और एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही आपको शिशु के लिए बीन्स (Beans for baby) का चुनाव करना चाहिए। जो आपके बच्चे की डायट को तो पूरा करेगा ही, साथ ही उसे सही न्यूट्रिशन भी प्रदान करेगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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