कान की बाहरी नली में इंफेक्शन को इयर कैनल इंफेक्शन, स्वीमर्स इयर, ओटोटिस एक्सटर्ना या बाहरी कान का संक्रमण कहा जाता है। यह संक्रमण इयरड्रम से बाहर सिर की ओर आता है। दरअसल, बाहरी कान का संक्रमण अक्सर तब होता जब स्वीमिंग के बाद पानी कान में काफी समय तक रहता है, इसलिए इसे स्वीमर्स इयर कहा जाता है। बाहरी कान का संक्रमण कैसे होता है और इसे किस तरह ठीक किया जा सकता है, जानिए इस आर्टिकल में।
कान की नली और बाहरी ओपनिंग पर हुए इंफेक्शन को बाहरी कान का संक्रमण कहा जाता है। यह इंफेक्शन आमतौर पर कान में बैक्टीरिया को पनपने के लिए नमी युक्त वातावरण मिलने पर होता है। स्वीमिंग के दौरान कान में पानी रह जाने पर अक्सर बाहरी कान का संक्रमण हो जाता है। इसके अलावा कान में अंगुली डालना, इयर बड या कोई अन्य चीज डालने पर भी इयर कैनल यानी कान की नली की पतली स्किन लेयर को नुकसान पहुंचता है जिससे संक्रमण हो जाता है। इस संक्रमण का मुख्य कारण है कान की नली में बैक्टीरिया का पनपना। आमतौर पर इयरड्रॉप डालने पर यह ठीक हो जाता है।

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बाहरी कान का संक्रमण शुरुआत में बहुत कम होता है और धीरे-धीरे स्थिति गंभीर होती है। डॉक्टर्स इसे तीन कैटेगरी में बांटते हैं माइल्ड, मॉडरेट और एडवांस्ड।
बाहरी कान का संक्रमण माइल्ड यानी कम होने पर यह लक्षण दिखते हैः
बाहरी कान का संक्रमण मध्यम (मॉडरेट) होने पर यह लक्षण दिखते हैः
बाहरी कान का संक्रमण गंभीर (एंडवांस) होने पर यह लक्षण दिखते हैः
यदि आपको बाहरी कान का संक्रमण कम या माइल्ड है तब भी डॉक्टर से संपर्क करें। इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर को फोन करें या अस्पताल की इमरजेंसी सेवा की मदद लेः
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यदि आपके कान में दर्द हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। तुरंत उपचार से संक्रमण को अधिक गंभीर होने से रोका जा सकता है। डॉक्टर पहले आपके कान को अंदर से देखता है और थोड़ा साफ करता है ताकि उपचार का असर ठीक तरह से हो। फिर वह कान में इयरड्रॉप डालेगा और संक्रमण कितना माइल्ड या गंभीर है इस आधार पर आगे उपचार करेगा कई बार एंटीबायोटिक दवा भी दी जाती है।
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कुछ संक्रमण बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है, दरअसल यह इस बात पर निर्भर करता है कि संक्रमण किस वजह से हुआ है। अन्य मामलों में लक्षण के आधार पर डॉक्टर इलाज करता है जिसमें शामिल हैं-
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, ओरल एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल से बाहरी कान का संक्रमण का इलाज किया जा सकता है, लेकिन बाहरी कान का संक्रमण के कुछ मामलों और मिडल इयर इंफेक्शन में एंटीबायोटिक्स की सलाह नहीं दी जाती है।
उपचार स्थिति की गंभीरता और कारण के साथ ही अन्य स्वास्थ्य स्थितियों पर निर्भर करता है। यदि कान में संक्रमण वायरस के कारण हुआ है तो एंटीबायोटिक्स का कोई असर नहीं होगा। प्रिस्क्रिप्शन ईयरड्रॉप्स की मदद से डॉक्टर संक्रमण का इलाज कर सकता है। कई बार यह दर्द कम करने के भी काम आता है।
इसके अलावा दर्द कम करने के लिए आप कुछ ओवर द काउंटर दवाएं भी ले सकते हैं।
घरेलू उपचार का सबसे अहम हिस्सा है संक्रमण से बचाव और इसके लिए आपको कान को सूखा रखना होगा ताकि इंफेक्शन की संभावना कम रहे। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का ध्यान रखा जाना चाहिएः
कुछ मामूली बातों का ध्यान रखकर बाहरी कान का संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।