Sore Throat: गले में दर्द से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू उपाय

Medically reviewed by | By

Update Date मई 27, 2020
Share now

गले में दर्द (Sore Throat or Throat Pain) की समस्या काफी असहज और असुविधाजनक हो सकती है। जिसमें आपके गले में सूजन, गले में खराश, गले में संक्रमण, गले में जलन या गले में एलर्जी की समस्या भी शामिल हो सकती है। गले के दर्द की वजह से खाना निगलने में भी दर्द होने लगता है। गले में दर्द के लिए कुछ घरेलू उपाय भी कारगर साबित होते हैं। जिनके बारे में भी हम इस आर्टिकल में बात करेंगे। अभी जानते हैं कि गले में दर्द क्यों होता है।

ये भी पढ़े Esophageal Stricture : एसोफेगल स्ट्रिक्चर क्या है?

गले में दर्द (Throat Pain) की समस्या क्या है?

आमतौर पर, जब हमारा गला किसी वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के संपर्क में आता है, तो हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम उसके खिलाफ प्रतिक्रिया देता है। इस नेचुरल प्रतिक्रिया से गले में मौजूद म्यूकस मेंब्रेन में जलन और सूजन पैदा हो जाती है। लेकिन, कई बार थ्रोट में पेन की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है, कि सांस लेने में भी तकलीफ होने लगती है। इसके अलावा, गले में दर्द की समस्या जुकाम या फ्लू के अलावा अन्य कारणों की वजह से भी हो सकती है।

यह भी पढ़ें : डेंगू और स्वाइन फ्लू के लक्षणों को ऐसे समझें

क्या आप जानते हैं गले में दर्द (Sore Throat) क्यों होता है?

गले में दर्द के घरेलू उपायों से पहले हमें उसके पीछे की वजह के बारे में जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि, अगर आपको गले में पेन के कारणों के बारे में जानकारी है, तो आप उसके लिए उचित घरेलू इलाज का चुनाव कर पाएंगे। तो आइए, जानते हैं कि गले में दर्द के कारण क्या-क्या हो सकते हैं।

वायरस के कारण गले में दर्द (Throat Viral Infection)

अधिकतर, गले का दर्द वायरल इंफेक्शन के कारण होता है। इन वायरल इंफेक्शन में सामान्य जुकाम, इंफ्लुएंजा, चिकनपॉक्स और एपस्टीन बार वायरस (Epstein Barr Virus; EBV) शामिल हो सकते हैं। ईबीवी को कभी-कभी ग्लैंडुलर फीवर (Glandular Fever) भी कहा जाता है।

बैक्टीरिया के कारण गले में संक्रमण (Throat Bacterial Infection)

बैक्टीरिया की वजह से होने वाले गले के दर्द में स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया (Streptococcus Bacteria) के संपर्क में आने पर होने वाला इंफेक्शन सबसे आम होता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को बुखार, गले पर सफेद धब्बे या गर्दन में ग्लैंड में सूजन या संवेदनशीलता झेलनी पड़ सकती है। इस समस्या को स्ट्रेप थ्रोट भी कहा जाता है। जो कि, व्यस्कों के मुकाबले बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है।

यह भी पढ़ें :आसानी से बनाएं ये पांच हेल्दी ब्रेकफास्ट; करेगा आपकी सेहत को काफी अपलिफ्ट

ड्राय एयर की वजह से थ्रोट में दर्द

कई बार ड्राय एयर की वजह से आपके मुंह और गले के अंदर की नमी चली जाती है। जिसके कारण, आपके गले में खुश्की और खुजली होने लगती है और यही वजह गले में दर्द का कारण बन सकती है। आमतौर पर, सर्दियों के मौसम में हीटर का ज्यादा इस्तेमाल करने से ऐसा होता है।

एलर्जी की वजह से गले में दर्द

जब हमारा शरीर परागण, घास या एनिमल डैंडर जैसे एलर्जी पैदा करने वाले एलर्जेन के संपर्क में आता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम प्रतिक्रिया देता है। इस प्रतिक्रिया की वजह से रिलीज होने वाला कैमिकल गले में दर्द का कारण बन सकता है। इसके अलावा, नाक के पीछे से अतिरिक्त म्यूकस रिलीज होने की वजह से भी गले में सूजन या दर्द हो सकता है। जिसे पोस्टनेजल ड्रिप भी कहा जाता है।

यह भी पढ़ें : Vocal Cord Polyps: वोकल कॉर्ड पॉलीप्स क्या है?

चोट के कारण गले के अंदर सूजन (Throat Swelling)

गले के अंदर कट या कोई चोट लग जाने की वजह से गले में दर्द की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, गले में खाने का कुछ अंश फंस जाने की वजह से भी गले के अंदर सूजन या दर्द हो सकता है। इसके साथ ही, तेज बोलने या चिल्लाने या काफी देर तक गाने की वजह से भी गला दर्द करने लग सकता है।

स्मोक की वजह से गले में इंफेक्शन (Throat Infection)

गले में दर्द या संक्रमण होने का कारण सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पादों का धुंआ, वायु प्रदूषण आदि भी हो सकता है। जिस कारण ही, दिल्ली या उत्तर भारत में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ गले में दर्द की शिकायत के मामले भी बढ़ जाते हैं।

पेट के एसिड के कारण गले में जलन (Throat Inflammation)

कई बार आपके पेट से एसिड वापिस इसोफेगस ट्यूब में लौट जाता है, जिसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डीजीज (GERD) कहा जाता है। इस वजह से भी गले में दर्द या जलन होने लगती है।

यह भी पढ़ें : बच्चों को सर्दी- जुकाम से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 डेली हेल्थ केयर टिप्स

गले में ट्यूमर की वजह से होने वाला दर्द

गले में दर्द की वजह से गले, वॉइस बॉक्स या जीभ में ट्यूमर भी हो सकता है। हालांकि, यह बहुत ही दुर्लभ वजह होती है। लेकिन, आप इसे अनदेखा नहीं कर सकते हैं।

गले में टॉन्सिल के कारण दर्द (Tonsils Pain)

गले में टॉन्सिल में सूजन आने से भी गले का दर्द हो सकता है। इस समस्या के कारण आपको आना निगलने के दौरान दर्द हो सकता है।

गले में दर्द के दौरान क्या-क्या होता है?

गले में दर्द के दौरान आपको गले में खुजली, जलन, ड्राई, इर्रिटेशन, खराश, ज्यादा संवेदनशीलता आदि महसूस हो सकती है। इन चीजों के अलावा आपको अपने शरीर में निम्नलिखित समस्याएं भी दिख सकती हैं। जैसे-

  • कफ
  • बुखार
  • शारीरिक दर्द
  • सिरदर्द
  • निगलने में दिक्कत
  • छींक
  • नाक बहना
  • नेजल कंजेशन
  • गर्दन की ग्लैंड में सूजन
  • भूख कम होना
  • टॉन्सिल में सूजन
  • कर्कश आवाज
  • उल्टी या जी मिचलाना
  • पेट में दर्द
  • खांसी

यह भी पढ़ें : डेंगू से जुड़ी रोचक बातें जो आपको जानना जरूरी है

गले में दर्द के घरेलू उपाय (Home Remedies for Throat Pain) क्या हैं?

गले में दर्द की दवा खाने के साथ ही गले में दर्द के लिए आप कुछ घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे इस समस्या में राहत मिल सकती है। चूंकि, गले के अंदर दर्द के अधिकतर मामले सामान्य होते हैं और उनमें गंभीर मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती, तो ऐसी स्थिति में घरेलू इलाज काम आ सकता है। आइए, गले में दर्द के घरेलू इलाज के बारे में जानते हैं।

गले में दर्द के घरेलू इलाज के रूप में शहद

आप चाय में शहद की कुछ बूंदें मिलाकर सेवन कर सकते हो। जिससे आपके गले की परेशानी में राहत मिलती है। चाय का सेवन करने से आपका शरीर हाइड्रेट भी रहता है। जो कि गले की समस्या को दूर करने के लिए एक और जरूरी तरीका है। इसके अलावा, अगर आपको गले में दर्द के साथ-साथ खांसी की समस्या  भी है, तो शहद उसमें भी राहत प्रदान करता है।

गले में दर्द दूर करने के लिए नमकीन पानी से गरारे करें

गर्म पानी नमक मिलाने के बाद उससे गरारे करने पर गले में दर्द की समस्या से राहत पाई जा सकती है। अगर आपके गले में खुजली हो रही है या आपके गले में म्यूकस (बलगम) जम गया है, तो गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारे करने से उपचार किया जा सकता है। बेहतर नतीजों के लिए कुछ दिनों तक कम से कम एक बार गरारे जरूर करें।

गले में दर्द के लिए दवाई (Throat Pain Medication)

गले में दर्द के अधिकतर मामले वायरल इंफेक्शन की वजह से होते हैं। जिसका इलाज एक निश्चित अवधि तक जारी रहता है। तब तक के लिए आप गले के दर्द से राहत पाने के लिए आईब्रूफिन जैसी ओवर द काउंटर दवाइयों का सेवन कर सकते हैं। इनका सेवन करने से गले के अंदर की सूजन और खुजली से राहत मिल जाती है।

हाइड्रेट रहने से मिलेगी गले के दर्द से राहत

गला खुश्क होने की वजह से गले में दर्द की समस्या हो सकती है। जिससे छुटकारा पाने के लिए आपको अपने शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। हाइड्रेट रखने के लिए आप खूब पानी पिएं और इसके अलावा चाय भी पी सकते हैं। इसके अलावा, कैफीन या शराब का सेवन करने से गले की खुश्की बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें- Crohns Disease : क्रोहन रोग क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

स्टीम शॉवर से मिलेगा गले में दर्द से छुटकारा

अगर आपके पास ह्यूमिडिफायर नहीं है, तो आप स्टीम शॉवर लेकर राहत पा सकते हैं। स्टीम शॉवर में गहरी-गहरी सांस लें, जिससे आपके गले के सूजन, खुजली और दर्द में राहत मिलती है।

गले के कंजेशन (Throat Congestion) के लिए तकिए का इस्तेमाल

अगर आपके गले के दर्द के साथ कंजेशन भी हो रहा है, तो सोते हुए अपने सिर के नीचे एक्सट्रा या दो तकिए लगा सकते हैं। जिससे आपको कंजेशन के दौरान सांस लेने में आसानी होगी।

गले में बैक्टीरिया के लिए एप्पल साइडर विनेगर

अगर आपको बैक्टीरिया की वजह से गले में दर्द है, तो एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल करने से राहत मिल सकती है। इसमें मौजूद असेटिक एसिड बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। आप गले में दर्द के लिए एक कप गर्म पानी में एक बड़ी चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

गले के दर्द के लिए मुलैठी

गले में दर्द से राहत पाने के लिए मुलैठी की जड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसके एस्पिरिन दवाई जैसे गुण होते हैं। इसका उपयोग करने के लिए आप इसे गर्म पानी में उबालकर गरारे कर सकते हैं और इसकी चाय बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही इसे चबाकर भी गले में दर्द से राहत पाई जा सकती है।

गले में खुजली (Throat Itching) के लिए नींबू पानी का इस्तेमाल

अगर आपके गले में खुजली और दर्द है, तो आप नींबू पानी का सेवन करके राहत पा सकते हो। क्योंकि, यह समस्या गले की नमी खो जाने की वजह से होती है और नींबू में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो आपके शरीर द्वारा सलाइवा के उत्पादन को बढ़ा देते हैं और गले की खोई हुई नमी वापस आ जाती है।

यह भी पढ़ें – नाक से खून आना न करें नजरअंदाज, अपनाएं ये घरेलू उपचार

गले के इंफेक्शन के लिए नारियल तेल

नारियल तेल के कई सारे स्वास्थ्य संबंधी फायदे होते हैं। एक स्ट़डी में पाया गया है कि, नारियल तेल का सेवन करने से सूजन और दर्द से राहत पाई जा सकती है। आप एक चम्मच नारियल तेल को गर्म चाय में मिलाकर या सूप में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप एक चम्मच नारियल तेल को मुंह के अंदर रख सकते हैं और अपने आप गले में जाने दीजिए।

गले में सूजन के लिए चिकन सूप

चिकन सूप की मदद से आप गले की सूजन या दर्द में राहत पा सकते हैं। क्योंकि, चिकन सूप शरीर को गर्म रखकर हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को मारने में मदद करता है और सूजन भी घटाता है। इसका फायदा बढ़ाने के लिए आप इसमें लहसुन का उपयोग भी कर सकते हैं।

गले में दर्द के घरेलू उपाय में पेपरमिंट टी

गले में दर्द के घरेलू उपाय के लिए पेपरमिंट टी का सेवन किया जा सकता है। पेपरमिंट में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, तो आपके गले को राहत पहुंचाते हैं। इसके अलावा, यह प्राकृतिक रूप से कैफीन फ्री और स्वीटनर होता है।

गले में बैक्टीरिया के लिए दालचीनी

अगर आपके गले में बैक्टीरिया की वजह से दर्द होता है, तो आपके लिए दालचीनी का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए, आप बादाम दूध में दालचीनी का पाउडर मिलाकर गर्म करने के बाद सेवन करें। आपके गले में दर्द से राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें- रूट कैनाल उपचार के बाद न खाएं ये 10 चीजें

गले में दर्द होने पर डॉक्टर के पास कब जाएं?

आप गले में दर्द होने पर निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर के पास जा सकते हैं। जैसे-

  1. 3 दिन से ज्यादा गले में दर्द होना।
  2. गले में गंभीर दर्द, सूजन, खराश या खुजली होना।
  3. 2 दिन से ज्यादा गले में दर्द के साथ तेज बुखार होना।
  4. अगर आपको अस्थमा, दिल की बीमारी, एचआईवी, डायबिटीज या गर्भवती होने पर गले में दर्द होने लगे।
  5. गले में दर्द के साथ जोड़ों में दर्द होना।
  6. गले में दर्द के साथ मसल्स में लंप बनना।
  7. गले में दर्द के साथ निगलने, सांस लेने और मुंह खोलने में दर्द होना।
  8. गले के साथ कान में दर्द होना।
  9. गले में दर्द कई बार लेरिन्जाइटिस का लक्षण भी हो सकता है।

गले में दर्द से बचाव (Sore Throat Prevention) करने के लिए क्या करें?

गले में दर्द का मुख्य कारण वायरस या बैक्टीरिया से इंफेक्शन होना होता है। जिसका बचाव संभव है। आप निम्नलिखित तरीकों से गले में दर्द की समस्या से बचाव कर सकते हैं।

  1. बीमार व्यक्तियों से दूर रहें।
  2. स्वस्थ खानपान करें।
  3. पर्याप्त तरल पदार्थ पीएं।
  4. पर्याप्त आराम करें।
  5. हाथ साफ रखें।
  6. अपना खाना, पानी या बर्तन इंफेक्शन से ग्रसित व्यक्ति के साथ साझा न करें।
  7. 6 महीने से बड़े हर व्यक्ति को हर साल फ्लू वैक्सीन लगवाएं।
  8. खांसी या छींक आने की स्थिति में हाथों को साफ रखें।
  9. खांसते या छींकते समय नाक और मुंह पर रूमाल रखें।
  10. सार्वजनिक पानी पीने की जगह को सीधा मुंह से न छुएं।
  11. अगर साबुन या पानी उपलब्ध नहीं है, तो कीटाणुओं को मारने के लिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता।

और पढ़ें : 

Tonsillitis: टॉन्सिलाइटिस क्या है ? जाने इसके कारण लक्षण और उपाय

Throat cancer: गले (थ्रोट) का कैंसर क्या होता है?

गले का इंफेक्शन कर रहा है परेशान तो करें लहसुन का उपयोग

क्यों आते हैं खर्राटे? जानिए इसके घरेलू उपाय

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Jequirity: जेक्विरिटी क्या है?

जेक्विरिटी का उपयोग कैसे करें, जेक्विरिटी की खुराक, सावधानियां, साइड इफेक्ट्स, कब लें, कैसे लें, कब नहीं करना चाहिए इसका उपयोग।

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Mona Narang

Nasal polyps: नेजल पॉलिप्स क्या है?

जानिए नेजल पॉलिप्स क्या है in hindi, नेजल पॉलिप्स के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, nasal polyps को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Sunil Kumar

Povidone Iodine: पोविडोन आयोडीन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

पोविडोन आयोडीन की जानकारी in Hindi. पोविडोन आयोडीन का इस्तेमाल कब किया जाता है? खुराक, सावधानियां, साइड इफेक्ट्स। povidone iodine का उपयोग

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anoop Singh

Ivermectin: आइवरमेक्टिन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

जानिए आइवरमेक्टिन की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, आइवरमेक्टिन उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Ivermectin डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anoop Singh

Recommended for you

आयुर्वेद का लाभ

वजन कम करने से लेकर बीमारियों से लड़ने तक जानिए आयुर्वेद के लाभ

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Satish Singh
Published on अप्रैल 22, 2020
coxsackievirus infections- कॉक्ससैकी वायरस इंफेक्शन

Coxsackievirus Infections: कॉक्ससैकी वायरस इंफेक्शन?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Kanchan Singh
Published on अप्रैल 13, 2020
स्ट्रेप थ्रोट

Strep throat: स्ट्रेप थ्रोट क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anu Sharma
Published on अप्रैल 4, 2020
mouth-ulcer-treatment-for-kids-in-hindi

बच्चे के मुंह के छाले के घरेलू उपाय और रोकथाम

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shivam Rohatgi
Published on अप्रैल 2, 2020