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अपनी डायट में शामिल करें ये 7 चीजें, वायरल इंफेक्शन से रहेंगे कोसों दूर

अपनी डायट में शामिल करें ये 7 चीजें, वायरल इंफेक्शन से रहेंगे कोसों दूर

बदलते मौसम के साथ वायरल इंफेक्शन होना आम बात है। ये इंफेक्शन आपकी रोजाना की दिनचर्या के साथ-साथ आपके काम को भी प्रभावित कर सकते हैं। इन इंफेक्शंस के कारण गले में खराश, सर्दी-जुकाम, डायरिया, छाती में इन्फेक्शन, गले में इंफेक्शन, निमोनिया या तेज बुखार हो सकता है। मौसम के बदलते मिजाज के बीच अगर आपको ऐसी समस्याएं हो रही हैं, तो आप वायरल इंफेक्शन का शिकार हो सकते हैं। इन दिनों बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन सबसे आम समस्या है लेकिन, इसमें बरती गई लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में जिन दिक्कतों को आप महज सर्दी-जुकाम या छोटी-मोटी एलर्जी समझकर दरकिनार कर देते हैं, उन्हें पहचानकर सही समय पर इलाज करवाना जरूरी है।

क्यों होता है वायरल इंफेक्शन?

आमतौर पर मौसम में बदलाव के कारण वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ये इतने अधिक छोटे हैं कि इन्हें पहचानना बहुत कठिन होता है। हमारे शरीर में मौजूद एंटीबॉडी प्रोटींस भी कई बार इन्हें पहचान नहीं पाते, क्योंकि ये तेजी से अपनी संरचना बदल लेते हैं। ये तेजी से शरीर, खासतौर पर नाक, गले, फेफड़े और सीने में प्रवेश कर सकते हैं और कुछ ही घंटों में शरीर को संक्रमित करने में सक्षम होते हैं।

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मौसमी सब्जियों को करें डायट में शामिल

मौसम में होने वाले बदलाव के साथ होने वाली परेशानियों का उपाय भी इसी में छिपा है। वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए मौसमी सब्जियों को अपनी डायट में शामिल करें। यही कारण है कि पालक सर्दी के मौसम में आता है। ये प्राकृतिक रूप से गर्म होता है। न्यूट्रिएंट्स से भरपूर साग का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट्स शामिल होते हैं, जो सर्दी में होने वाले कोल्ड, फीवर और फ्लू से रक्षा प्रदान करता है। आप वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए नीचे बताई गई चीजों का सेवन कर सकते हैं :

शहद और अदरक (Honey and Ginger)

सर्दी में बहुत सारे लोगों को अदरक वाली चाय की क्रेविंग होती रहती है लेकिन, क्या आपने कभी ऐसा सोचा है कि ठंड के मौसम में हमारे शरीर को अदरक की जरूरत होती है। अदरक में एंटी-इंफ्लमेटरी गुण होते हैं, जो कोल्ड और फ्लू से बचाने के साथ-साथ गले में खराश और सांस लेने में हो रही दिक्कत से भी राहत दिलाते हैं। वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए बेहतरीन नुस्खा है।

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तुलसी और काली मिर्च (Basil and Black pepper)

तुलसी हमारे शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाती है। अस्थमा और आर्थराइटिस के लक्षण को दूर करने में ये मददगार है। इसके साथ ही, ये कोल्ड और कफ से भी निजात दिलाती है। मौसम के बदलने पर होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें जैसे बुखार, डायरिया, आर्थराइटिस, उल्टी, एसिड बनना, कार्डिएक डिसऑर्डर, कमर में दर्द और स्किन संबंधित परेशानी सभी से ये राहत दिलाती है। काली मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीबायॉटिक गुण होते हैं, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करते हैं।

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वायरल संक्रमण – हल्दी (Turmeric)

एक गिलास गर्म पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाकर रोजाना सुबह पिएं। अपने दिन की शुरुआत ही इसी ड्रिंक से करें। ये ड्रिंक आपके लिवर के लिए बेहद फायदेमंद है। ये लिवर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर करने में मदद करती है। इसमें एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल प्रोपर्टीज होती हैं, जो शरीर को हर तरह के इंफेक्शन से लड़ने में सक्षम बनाती है और वायरल इंफेक्शन से बचाव करती है।

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आंवला (Amla)

आंवले का सेवन गुणकारी होता है। आयुर्वेद में भी इसका वर्णन किया गया है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है। सर्दियों में इसे डायट में शामिल करना अच्छा होता है। ये इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ डाइजेशन में भी सुधार करता है। इससे वायरल इंफेक्शन से भी बचाव होता है।

लहसुन ( Garlic)

भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ लहसुन हमारे स्वास्थ्य के लिए भी वरदान समान होता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टीज हमें कई बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं। जो लोग लहसुन का सेवन करते हैं, उनमें मौसमी बीमारियों के होने का खतरा कम होता है। इसके लिए रोजाना खाली पेट लहसुन की दो कलियों का सेवन करें।

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वायरल संक्रमण – सिट्रस (Citrus)

डायट में हरी सब्जिया, बेल मिर्च और सिट्रस फल जैसे संतरा और ग्रेपफ्रूट को शामिल करें। ये सभी विटामिन-सी से भरपूर होते हैं। ये शरीर में हिस्टामाइन को निष्क्रिय कर देता है। बता दें, हिस्टामाइन के कारण एलर्जी होती है और यह प्राकृतिक इंफ्लेमेशन का उत्पादन करता है।

नट्स का सेवन करें (Nuts)

चिप्स की जगह स्नैक्स में नट्स और बीजों का सेवन करें। ये विटामिन-ई और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो जुकाम सहित श्वसन संक्रमण से लड़ने में कारगर है।

ब्रोकली (Broccoli)

ब्रोकली विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-ई के साथ कई एंटीऑक्सीडेंट शामिल होते हैं। वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए यह आपकी सेहत के लिए वरदान समान है।

वायरल संक्रमण – योगर्ट (Yoghurt)

योगर्ट आपके इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने के साथ कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। कोशिश करें फ्लेवर योगर्ट की जगह प्लेन योगर्ट को डायट में शामिल करें। आप प्लेन योगर्ट में फलों या शहद को मिलाकर फ्लेवर बना सकते हैं।

ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी फ्लेवोनॉयड से भरपूर होती है। इसके अलावा इसमें एमिनो एसिड एल थिएनाइन होते हैं जो कीटाणुओं से लड़ने में मदद करते हैं।

पपीता (Papaya)

पपीता विटामिन-सी से भरपूर होता है। इसमें डायजेस्टिव एंजाइम पापाइन होता है जिसमें एंटी-इन्फलामेटरी गुण होते हैं। पपीते पोटेशियम, विटामिन-बी और फोलेट का अच्छा स्त्रोत है जो हमारी ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है।

मौसम के बदलने पर अक्सर वायरल बुखार और संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है। ये वो समय होता है जब वायरस कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो जाते हैं और हमारे शरीर को संक्रमित कर सकते हैं। ऐसे में हमने ऊपर कुछ चीजों के बारे में बताया हैं जिन्हें आप अपनी डायट में शामिल कर इससे बच सकते हैं। हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए डायट में करने वाले बदलाव के बारे में बताया है। यदि आपका इससे जुड़ा कोई अन्य सवाल है तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं। आपको यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं।

पर्याप्त मात्रा में पानी का करें सेवन

संभावना रहती है कि फ्लू के साथ आप डिहाइड्रेटेड हो जाएं। इसलिए जरूरी है कि इससे बचाव के लिए आप नियमित तौर पर पानी का सेवन करते रहें। कोशिश यही रहनी चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। जब आपको बुखार होता है तो पसीने के द्वारा काफी मात्रा में शरीर से फ्लूइड निकल जाता है। शरीर में यदि पर्याप्त मात्रा में पानी हो तो उससे हमारे शरीर के अंग सामान्य रूप से काम करते हैं। वहीं हम वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। शरीर में पानी की कमी पूरा करने की बात करें तो सामान्य पानी पहले स्थान पर आता है। लेकिन आप इन तरल पेय का भी सेवन कर सकते हैं, जैसे

  • शोरबा
  • अदरक की चाय
  • शहद के साथ हर्बल टी
  • शहद व अदरक की चाय (दोनों को बराबर मात्रा में गर्म पानी में डालकर)
  • जूस बिना किसी अतिरिक्त शुगर के

लो शुगर स्पोर्ट्स ड्रिंक और अन्य इलेक्ट्रोलाइट आदि को भी आप पी सकते हैं। ताकि शरीर में पानी की कमी न होने दिया जाए।

वायरल इंफेक्शन से बचाव के लिए जानें क्या न खाएं

अबतक हमने जाना कि वायरल फीवर से बचाव के लिए हम क्या खाएंगे तो हमें बीमारी नहीं होगी। अब हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि हम क्या न खाकर वायरल फीवर से बचाव कर सकते हैं-

  • शराब: शराब पीने वाले लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है।
  • कैफिनेटेड बेवरेजेस: इन खाद्य पदार्थों में जैसे कॉफी, ब्लैक टी, सोडा केन आदि का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। वहीं इनमें से अधिकतर बेवरेजेस में एडेड शुगर होता है, जो शरीर के लिए हानिकारक होता है।
  • हार्ड फूड से करें परहेज: इन खाद्य पदार्थों में चिप्स सहित इससे जुड़े खाद्य पदार्थ आते हैं। जिनका सेवन करने से कफ व सोर थ्रोट जैसी समस्याएं हो सकती है, लोगों को कोशिश करना चाहिए कि इनका सेवन न करें।
  • प्रोसेस्ड फूड को कहें न: चाहे फास्ट फूड हो या फिर रेडी टू इट फूड, तमाम प्रोसेस्ड फूड से हमको परहेज करना चाहिए। क्योंकि इनका सेवन करने से काफी कम मात्रा में न्यूट्रिएंट्स हासिल होता है।

बच्चों को दें पर्याप्त मात्रा में पोषण

यदि व्यस्क को फ्लू हो जाता है तो उसे भूख कम लगने के साथ एनर्जी नहीं रहती है। इस दौरान पौष्टिक आहार का सेवन करना काफी मुश्किल होता है, वहीं पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करने की भी इच्छा नहीं होती है। व्यस्कों की तुलना में बच्चे जल्दी डिहाइड्रेटेड हो जाते हैं। क्योंकि उनके शरीर का वजन कम होता है। इन परिस्थितियों में आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए और बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार का सेवन कराना चाहिए। ताकि उसके शरीर में ताकत आए और वो बीमारियों से लड़ सके।

वायरल संक्रमण – पौष्टिक आहार का करें सेवन, शरीर में न होने दें पानी की कमी

वायरल इंफेक्शन सहित मौसमी बीमारियों से बचाव का यही तरीका है कि आप पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार का सेवन करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बता दें कि कोई भी वायरल इंफेक्शन पांच दिनों से लेकर दो सप्ताह तक रहता है। लेकिन यदि इंफेक्शन बढ़ जाए तो उसे ठीक होने में कुछ और दिन का समय लग सकता है। इसके लिए जरूरी है कि तबीयत और ज्यादा बिगड़ने से पहले आप एक्सपर्ट की मदद लें। डॉक्टर से मुलाकात कर उन्हें अपने लक्षणों को बताकर बीमारी का इलाज करवाना चाहिए। सबसे अच्छी बात यह भी होगी कि आप पौष्टिक आहार का सेवन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, मौसमी सब्जियों का सेवन कर बीमारी से बच सकते हैं।

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सूत्र

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लेखक की तस्वीर
Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 28/12/2021 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड