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गर्भावस्था में खुजली है आम परेशानी, इन घरेलू उपचारों से मिल सकता है आराम

    गर्भावस्था में खुजली है आम परेशानी, इन घरेलू उपचारों से मिल सकता है आराम

    गर्भावस्था में खुजली की समस्या आम है जिसका कारण महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को पूरे शरीर पर खुजलीहोती है। वहीं कुछ को बॉडी के किसी विशेष हिस्से पर। इसका कारण गर्भावस्था के दौरान पेट फूलने की वजह से मांसपेशियों में होने वाला खिंचाव है। प्रेग्नेंसी में स्किन प्रॉब्लम लिवर में किसी तरह की परेशानी की वजह से भी हो सकती है। इसे कोलेस्टैटिस (cholestasis) के नाम से जाना जाता है। ऐसा होना प्रीटर्म डिलिवरी के खतरे को बढ़ा सकता है।

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    गर्भावस्था में खुजली के लक्षण (Symptoms of itching in pregnancy)

    गर्भावस्था में खुजली के मुख्य लक्षणों में खुजली सबसे ऊपर है लेकिन यह खुजली आमतौर पर चकत्ते के बिना होती है। गर्भावस्था में खुजली की परेशानी अक्सर महिलाओं को होती है। इसकी वजह से मांसपेशियों में खिंचाव। जानें गर्भावस्था में खुजली के और लक्षणः

    • गर्भावस्था में खुजली ज्यादातर हाथ और पैर पर अधिक होती है लेकिन यह पूरे शरीर पर भी हो सकता हैः
    • गर्भावस्था में खुजली रात को ज्यादा होती है

    गर्भावस्था में खुजली (Itching in pregnancy) के दूसरे लक्षण में ये भी हो सकते हैंः

    • डार्क यूरिन
    • अधिक पीला स्टूल
    • त्वचा का पीला पड़ना और आंखों का सफेद होना (पीलिया) – हालांकि यह लक्षण बहुत कम देखने को मिलता है

    गर्भावस्था में खुजली के लक्षण आमतौर पर गर्भावस्था के लगभग 30 सप्ताह से शुरू होते हैं, लेकिन यह संभव है कि 8 सप्ताह की शुरुआत में ही स्थिति विकसित हो जाए। हल्के या परेशान करने वाली खुजली जो रात को ज्यादा हो जाती है। गर्भावस्था में खुजली आपके शरीर पर कहीं भी हो सकती है लेकिन आपके हाथों की हथेलियों और पैरों के तलवों पर भी बुरा असर पड़ सकता है

    इस तरह से खुजली महसूस करना परेशानी का कारण बन सकता है और खुजली अधिक होने पर डॉक्टर को दिखाने की जरूरत पड़ सकती है।

    गर्भावस्था में खुजली होने पर कैसे करें घरेलू उपचार? (Home remedies for itching in Pregnancy)

    निम्न घरेलू उपायों से गर्भावस्था में खुजली की परेशानी को दूर किया जा सकता है।

    कोकोनट ऑयल (Coconut oil)

    अगर किसी गर्भवती महिला को रूखी त्वचा की वजह से शरीर में खुजली हो रही है तो उन्हें नारियल का तेल इस्तेमाल करना चाहिए। गर्भावस्था में खुजली से आराम पहुंचाने में नारियल तेल बहुत काम की चीज है। गर्भवती महिलाएं खुजली वाली जगह पर कॉटन की सहायता से तेल लगा सकती हैं। इससे खुजली में राहत मिलती है।

    गर्भावस्था में खुजली में उपयोगी पेट्रोलियम जैली (Useful petroleum jelly for itching in pregnancy)

    पेट्रोलियम जैली गर्भावस्था में खुजली से राहत के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाली खुजली के उपचार के लिए यह महिलाओं द्वारा आसानी से इस्तेमाल की जा सकती है। इसमें किसी प्रकार का कोई केमिकल नहीं होता है। जिससे यह त्वचा के लिए नुकसानदायक भी नहीं होती है। पेट्रोलियम जैली के इस्तेमाल से खुजली से राहत के साथ-साथ स्किन को सॉफ्ट भी बनाया जा सकता है।

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    नींबू का रस (Lemon juice)

    गर्भावस्था के दौरान यदि आपको खुजली हो जाए तो किसी तेल में नींबू के रस को मिलाकर खुजली वाले पार्ट पर लगाएं। आप यकीन नहीं करेंगे दादी के नुस्खों में नींबू को ‘खुजली का दुश्मन’ कहा जाता है। प्रेग्नेंसी में होने वाली इचिंग में यह बहुत प्रभावकारी घरेलू उपचार माना जाता है।

    तुलसी पत्ता (Basil leaves) भी है असरकारक

    भारत में तुलसी औषधीय के साथ धार्मिक महत्व रखने वाला पौधा है। तुलसी में थाइमॉल, एजेनॉल, यूजेनॉल जैसे तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। तुलसी पत्ता या पत्तों के रस को खुजली वाली जगह पर लगाने से तुरंत इससे राहत मिलेगी। खुजली वाली जगह पर कॉटन के सहारे तुलसी के रस को लगाया जा सकता है। गर्भावस्था में खुजली होने पर महिला नहाने के पानी में तुलसी के पत्तों को निचोड़ कर उसका रस डालकर भी नहा सकती हैं। यह भी खुजली से निजात पाने में बहुत अच्छा उपाय है।

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    नीम पत्ता (Neem leaves)

    नीम, तुलसी की ही तरह एक औषधीय पेड़ है। इस पेड़ के हर पार्ट का उपयोग देसी घरेलू उपचारों में किया जाता है। नीम के पत्तियों का उपयोग सिर्फ खुजली और दाद में ही नहीं बल्कि कई त्वचा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जाता है। गर्भावस्था में खुजली से निजात पाने के लिए नीम की पत्तियों को पानी में उबाल कर नहाने से भी तुरंत खुजली को कम किया जा सकता है। नीम ऐसी औषधि है जिसकी मदद से शरीर पर पड़े दाग, धब्बे आदि कम या खत्म किया जा सकता है।

    एलोवेरा जेल (Aloe Vera gail)

    गर्भावस्था में खुजली से राहत के लिए खुजली वाली जगह पर एलोवेरा जेल की मालिश करें। एलोवेरा प्लांट के पौधे से जेल प्राप्त करने के लिए इसे काट लें। जिसे आप फिर अपनी त्वचा पर सीधे अप्लाई कर सकते हैं।

    एलोवेरा जेल में हाइड्रेटिंग और मॉइश्चराइजिंग तत्व गर्भावस्था के दौरान स्किन को आवश्यक नमी देते हैं। इससे त्वचा सॉफ्ट रहेगी और खुजली नहीं होगी।

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    हल्दी और सरसों तेल का लेप

    जब गर्भावस्था में खुजली आपको सताने लगे तो इससे छुटकारा पाने के लिए खुजली वाली जगहों पर हल्दी और सरसो के तेल से बनाया गया लेप लगाएं। हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं। वहीं सरसों के तेल में इंफेक्शन खत्म करने वाले तत्व होते हैं। जो खुजली जैसे त्वचा संबंधी विकार में आराम पहुंचाने में कारगर होते हैं।

    ओटमिल (Oatmeal) बाथ करें

    गर्म पानी वाली बाल्‍टी में एक कप भिगोया हुआ दलिया मिला लें। इस पानी से नहाने पर त्‍वचा पर होने वाली खुजली ठीक हो जाती है।

    बेकिंग सोडा पेस्‍ट का इस्तेमाल

    नहाने के पानी में एक चम्‍मच बेकिंग सोडा पेस्‍ट को मिला लें। या इस पेस्‍ट को पेट के निचले हिस्‍से में लगाएं। इससे खुजली में राहत मिलती है।

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    गुनगुने पानी से नहाएं

    गर्भावस्‍था के दौरान गर्म पानी से स्‍नान न करके गुनगुने पानी का ही इस्‍तेमाल करें, वो भी आवश्‍यकता पड़ने पर। इससे त्‍वचा में नमी बनी रहेगी और प्राकृतिक तेल भी बना रहेगा और खुजली नहीं होगी।

    गर्भावस्था में खुजली एक आम समस्या है। इसके बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह ज्यादातर सामान्य हॉर्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है। यदि आप इस लक्षण के बारे में चिंतित हैं या अन्य लक्षण भी इसके साथ हैं जैसे कि दर्द तो आप डॉक्टर से इसके उपचार में मदद ले सकती हैं। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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    गर्भावस्था में वजन बढ़ना

    यह टूल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है, जो यह जानना चाहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान उनका स्वस्थ रूप से कितना वजन बढ़ना चाहिए, साथ ही उनके वजन के अनुरूप प्रेग्नेंसी के दौरान कितना वजन होना उचित है।

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    Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/09/2021 को
    डॉ. अभिषेक कानडे के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड