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गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा: क्या ये प्रेग्नेंसी में त्वचा संबधी बीमारी है?

    गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा: क्या ये प्रेग्नेंसी में त्वचा संबधी बीमारी है?

    गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा के बारे में क्या आपको जानकारी है? जहां एक ओर गर्भावस्था जीवन में खुशियाें का संदेश लेकर आती है, तो वहीं कुछ अजीब अनुभव भी होते हैं। हॉर्मोन में बदलाव की वजह से शरीर में कई तरह के चेंजेस होते हैं, जैसे स्तन और पेट का आकार बढ़ जाता है, ब्लड फ्लो पहले से ज्यादा हो जाता है, वेट गेन ज्यादा होता है आदि। इसके साथ ही गर्भावस्था में पेट पर काली रेखा भी नजर आने लगती हैं, जिन्हें मेडिकल भाषा में लिनिया नाइग्रा कहा जाता है। लिनिया नाइग्रा का कलर जरूरी नहीं है कि हर महिला के पेट में दिखाई दे। कुछ महिलाओं में ये बहुत ही हल्की रेखा की तरह दिखता है तो कुछ महिलाओं में इसका रंग गहरा भी हो सकता है। आपको बताते चले कि स्किन का ये रंग मेलेनिन के कारण अधिक गहरा-सा दिखने लगता है। हो सकता है कि आपके पेट में अन्य स्थान पर भी कुछ गहरे रंग दिखाई देने लगे। आपको इन निशानों या फिर रेखाओं को देखकर घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। आप चाहे तो इस बारे में डॉक्टर से जानकारी ले सकते हैं। “हैलो स्वास्थ्य” के इस लेख में गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) या गर्भावस्था में पेट पर काली रेखा के बारे में ही बात करेंगे।

    लिनिया नाइग्रा (Linea nigra) क्या है?

    गर्भावस्था में कुछ महिलाओं के पेट खासकर नाभी (belly button) से एक वर्टिकल लाइन नजर आने लगती है, इसे लिनिया नाइग्रा (linea nigra) कहा जाता है। यह गर्भावस्था की दूसरी तिमाही या 23वें हफ्ते से नजर आने लगती है। इसे प्रेग्नेंट बेली लाइन भी कहते हैं। हालांकि सामान्य लोगों में भी पेट के निचले हिस्से में लंबी लाइन होती है, जिसे लिनिया अल्बा (linea alba) कहते हैं। लिनिया अल्बा काफी हल्के रंग का होता है। वहीं प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में मेलानिन बढ़ने की वजह से इसका रंग गहरा होते जाता है और यह आसानी से नजर आने लगता है।

    गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) किन कारणों से होता है?

    गर्भावस्था में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन स्वभाविक रूप से बढ़ने लगते हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन बढ़ने के कारण त्वचा में मौजूद मेलानोसाइट मेलानिन गहरे रंग का होने लगता है। जिस कारण यह लाइन आसानी से दिखने लगती है। गर्भवती महिला इस दौरान त्वचा पर मौजूद फ्रेकल्स (Freckles), डार्क स्पॉट और निप्पल के रंग को गहरा होना आसानी से नोटिस कर सकती हैं।

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    गर्भवती नहीं होने पर भी क्या लिनिया नाइग्रा हो सकता है?

    • लिनिया नाइग्रा प्रेग्नेंसी हॉर्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन) के अलावा हॉर्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स के सेवन से भी हो सकता है।
    • एडिसन्स डिजीज (Addison’s disease) जैसे एड्रिनल फेलियर होने पर।
    • ऐसी महिलाएं जिन्हें पॉलिसिस्ट ओवरी सिंड्रोम (PCOS) है उन्हें लिनिया नाइग्रा होने की संभावना ज्यादा होती है।

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    गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) कब नजर आती है?

    यह प्रेग्नेंसी के दूसरे ट्राइमेस्टर या 5वें महीने से नजर आ सकता है। जैसे-जैसे डिलिवरी की डेट पास आती है वैसे-वैसे लिनिया नाइग्रा और गहरे रंग का दिखने लगता है।

    क्या गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) को रोका जा सकता है?

    नहीं, यह सामान्य प्रक्रिया है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों के कारण ऐसा हो सकता है। साथ ही लिनिया नाइग्रा हर गर्भवती महिला में नजर आए, संभव नहीं है। अच्छी बात यह है कि डिलिवरी के बाद कुछ महीनों में यह रेखा अपने आप गायब भी हो जाती है। हालांकि, इसे रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों के जरिए इसकी डार्कनेस को कम किया जा सकता है।

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    लिनिया नाइग्रा कब दिखना बंद हो सकता है?

    डिलिवरी के तकरीबन एक महीने बाद लिनिया नाइग्रा दिखना बंद हो जाता है। अगर गर्भवती महिला ब्रेस्ट फीडिंग करवाती हैं, तो लिनिया नाइग्रा खत्म होने में और वक्त लग सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस दौरान भी हॉर्मोन में बदलाव होते रहता है। यही नहीं अगर महिला दूसरी बार प्रेग्नेंट होती हैं, तो फिर से यह लाइन नजर आ सकती है।

    क्या गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) से गर्भ में शिशु को कोई नुकसान हो सकता है?

    इसका दिखाई देना गर्भावस्था का एक स्वाभाविक हिस्सा है। गर्भावस्था के दौरान लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra) या गर्भावस्था में पेट पर काली रेखा किसी भी प्रकार की हानि से रहित रेखा है। इसके बारे में आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे न तो गर्भ में पल रहे शिशु को कोई हानि होती है और न ही गर्भवती महिला को।

    क्या गर्भावस्था के दौरान पेट पर काली रेखा न दिखना चिंता का विषय है?

    नहीं, गर्भावस्था के दौरान पेट पर काली रेखा न दिखाई देना चिंता का विषय नहीं है। जरूर नहीं कि यह हर गर्भवती महिला में नजर आए।

    गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा (Pregnancy linea nigra): इससे कैसे बचें?

    लिनिया नाइग्रा आमतौर पर शिशु के जन्म के बाद बिना इलाज के ही या तो गायाब हो जाते हैं या फिर फीके पड़ जाते हैं। ये प्रसव के बाद एक साल के अंदर मिट सकते हैं और त्वचा अपने सामान्य टोन में वापस आ सकती है। हालांकि ये कोई बीमारी नहीं इसलिए लिनिया नाइग्रा से परेशान न हों। अगर बहुत ज्यादा ही परेशानी महसूस हो रही है, तो निम्नलिखित टिप्स अपना सकते हैं।

    • गर्भावस्था के दौरान सूरज की किरणों का बहुत ज्यादा संपर्क त्वचा को और काला कर सकता है। इससे लिनिया नाइग्रा और भी ज्यादा स्प्ष्ट दिखाई देने लग सकती है। इससे बचने के लिए या तो सूर्य की किरणों के संपर्क में न आए या फिर सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकलें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें तो ही बेहतर है।
    • शरीर को पूरी तरह से ढ़ंककर और सनस्क्रीन लगाकर निकलें। सनस्क्रीन का चयन भी सोच समझकर करें
    • कोकोआ बटर को त्वचा की देखभाल के लिए सबसे बेहतर माना गया है। इसमें मॉश्चराइजिंग गुण होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान त्वचा पर पड़ने वाले निशानों को हल्का करने में मदद कर सकता है। फिर चाहे वो स्ट्रेच मार्क्स हों या फिर लिनिया नाइग्रा।
    • डॉक्टर की सलाह पर फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स का सेवन करें।
    • गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा के बारे में जानकारी जरूरी है। कई अध्ययनों में त्वचा कोशिकाओं पर विटामिन-ई के सुरक्षात्मक प्रभाव पाए गए हैं। पेट पर विटामिन-ई (Vitamin E) जेल लगाने से त्वचा के रंग को हल्का करके टोन करने में मदद मिलती है।
    • कई प्राकृतिक तेलों में रोगाणुरोधी व एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो उन्हें त्वचा के लिए फायदेमंद बनाते हैं। पेट के ऊपर प्राकृतिक तेलों से मसाज करने से गर्भावस्था के दौरान पेट पर काले रंग की लाइन धीरे-धीरे कम हो सकती है और कुछ समय के बाद ठीक भी हो सकती है।
    • वैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें फोलिक एसिड की मात्रा ज्यादा हो जैसे पालक, ब्रोकली (Broccoli), पपीता, संतरा, और अंगूर का सेवन करें।

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    गर्भावस्था के दौरान पेट पर नजर आने वाली काले रंग की लाइन स्वाभाविक है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। साथ ही यह मां और होने वाले शिशु दोनों के लिए ही हानिकारक नहीं है। लिनिया नाइग्रा से संबंधित यह जानकारी आप दूसरों के साथ भी शेयर करें, ताकि अगर किसी को इस विषय में कोई संदेह हो, तो वो दूर हो जाए। लिनिया नाइग्रा के अलावा कोई और स्किन से जुड़ी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आप इस विषय में अन्य जानकारी के लिए नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम से संपर्क कर सकते हैं।

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    गर्भावस्था में वजन बढ़ना

    यह टूल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार किया गया है, जो यह जानना चाहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान उनका स्वस्थ रूप से कितना वजन बढ़ना चाहिए, साथ ही उनके वजन के अनुरूप प्रेग्नेंसी के दौरान कितना वजन होना उचित है।

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    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    सूत्र

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/01/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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