अपनाएं बुखार के घरेलू उपचार

वैसे तो सामान्य तौर पर या फिर प्रेग्नेंसी में बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह और जांच के दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन आप बुखार में कुछ घरेलू उपाय का ट्रीटमेंट जरूर कर सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप गरम पानी बेसिल लीव्स डालकर सेवन करें। तेज बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टियां जरूर इस्तेमाल करें। आप सिर के साथ ही हाथ और पैरों को भी ठंडी पट्टियों से पोंछ सकते हैं। ऐसा करने से शरीर का तापमान कम होगा।

अगर आपके पास विनेगर हो तो आप उसे पानी में डालकर पट्टियां कर सकते हैं। सिरके का इस्तेमाल करने से शरीर का बढ़ा तापमान कम हो जाता है। एक बात का ध्यान रखें कि डॉक्टर से जांच कराने के बाद ही आप ये घरेलू उपाय अपनाएं। बिना डॉक्टर के उपाय के सिर्फ घरेलू उपचार करने से समस्या बढ़ भी सकती है। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर के संपर्क में रहे। अगर आपको डॉक्टर ने पेरासिटामोल का सेवन करने की सलाह दी है तो समय पर दवाओं का सेवन जरूर करें। अगर आप डॉक्टर की बताई गई जरूरी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको बुखार की समस्या से राहत मिल जाएगी।

प्रेग्नेंसी में बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्रेग्नेंसी में बुखार आने के कारण बच्चे में स्पाइन और ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बॉडी टेम्प्रेचर बढ़ने पर या इसके लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करें। इस दौरान डॉक्टर फॉलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही या प्रेग्नेंसी प्लानिंग के वक्त से ही आहार में फॉलिक एसिड की मात्रा बढ़ा दें। फॉलिक एसिड हरी सब्जियों और साग में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है।
अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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