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गर्भावस्था के 10 लक्षण, जान लें इनके बारे में

गर्भावस्था के 10 लक्षण, जान लें इनके बारे में

आमतौर पर जब महिला को किसी महीने पीरियड्स न आएं तो समझा जाता है कि वह प्रेग्नेंट हो चुकी है। सिर्फ पीरियड्स न होने को ही प्रेग्नेंसी का लक्षण नहीं माना जा सकता। क्योंकि आज लोगों की फूड हैबिट्स में इतने सारे बदलाव हो चुके हैं कि महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता आम हो गई है। इस वजह से कई बार महिलाएं गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) को लेकर उधेड़बुन में बनी रहती हैं।

जब एक महिला गर्भधारण करती है तब भ्रूण उसके एमप्युलरी इस्थमिक (ampullary-isthmic) जंक्शन से इम्प्लांटेशन की जगह तक पहुंचता है। तब शरीर बहुत से बदलाव से गुजरता है। चूंकि अंडे निषेचित हो जाते हैं, इसलिए संभवत: आप प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम नहीं देख पाती। इसके अलावा गर्भावस्था का संकेत देने वाले विभिन्न प्रकार के हाॅर्मोनों में तेजी से वृद्धि भी देखी जाती है। अतः आपको अपने शरीर में होने वाले छोटे-छोटे हाॅर्मोनल बदलावों के बारे में भी जानना चाहिए।

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गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) : जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

संबंध बनाने के दौरान अगर अंडा निषेचित हो जाता है तो यह गर्भाशय से जुड़ जाता है। इसके बाद गर्भवती महिला के शरीर में ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन (एचसीजी) हाॅर्मोन बनना शुरू हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि ये प्रक्रिया होने में 10-15 दिन लगते हैं। एचसीजी हॉर्मोन का बनना प्रेग्नेंसी के दौरान शुरू हो जाता है लेकिन ये प्रक्रिया पहले ट्राइमेस्टर के ग्यारहवें हफ्ते के दौरान रुक भी सकती है। अतः इसे ही महत्वपूर्ण समय माना जाता है, जब महिलाओं को प्रेग्नेंसी के लक्षण या गर्भावस्था के संकेत साफ तौर पर दिख सकते हैं।

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गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms Of Early Pregnancy)

गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में पहला है पेट का फूलना और दर्द होना:

कई बार किसी महिला को पीरियड्स न आने की स्थिति में भी पेट में ऐंठन होती है। उन्हें पेट फूलने की भी शिकायत हो जाती है। यह गर्भाधारण के समय हॉर्मोन में बदलाव के कारण होता है। इसका कारण यह है कि गर्भावस्था की शुरुआत होने पर शरीर प्रोजेस्ट्रॉन रिलीज करता है। यह महिलाओं में डाइजेशन सिस्टम को कमजोर करता है। जिसके परिणामस्वरूप पेट फूलना, गैस बनना, ज्यादा डकार आना और बेचैनी या घबराहट जैसी समस्या होती है। ये गर्भावस्था के लक्षण माने जाते हैं।

गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में शामिल है बॉडी-टेम्प्रेचर का बढ़ने लगना:

पीरियड्स के दौरान बॉडी का तापमान बढ़ना सामान्य है। अगर 2-3 हफ्तों तक बॉडी टेम्प्रेचर बढ़ा हुआ रहे तो यह गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं। इस संबंध में स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रेनू सिंह गहलौत, एक मीडिया हाउस से बात करते हुए कहती हैं “प्रेग्नेंसी की शुरुआत में बॉडी का टेम्प्रेचर 0.5 सेंटीग्रेट तक बढ़ सकता है। इसलिए इसे बुखार समझने की गलती न करें और ना ही बुखार की दवा का सेवन करें।”

मूड में लगातार बदलाव और चिड़चिड़ापन भी हैं गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy)

यह गर्भावस्था के बहुत सामान्य लक्षण हैं। अमूमन हर महिला अर्ली प्रेग्नेंसी के दौरान अपने मूड में बदलाव महसूस करती हैं। इस दौरान उसमें इमोशनल इम्बैलेंस होने लगता है। ऐसा देखा जाता है कि इस दौरान वह अचानक कभी गुस्से में आ जाती है या फिर अचानक खुश हो जाती और कभी उदास होकर बैठ जाती है। डॉक्टर्स के मुताबिक ऐसा गर्भावस्था के दौरान ब्लड में ईस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन बढ़ने के कारण होता है। इसलिए प्रेग्नेंसी शुरू होने पर अगर आप पार्टनर में ऐसे बदलाव देखें तो चिंता करने के बजाए उनका ख्याल रखें। चिंता करना, चिड़चिड़ापन महसूस करना, इमोशनली उतार-चढ़ाव आदि का होना गर्भधारण के संकेत हो सकते हैं।

उल्टी होना या जी मिचलाना

सुबह अचानक पार्टनर जागती है और उल्टी करती है या जी मिचलाने की बात कहती है तो ऐसे में घबराइए नहीं, बल्कि खुश हो जाइए क्योंकि यह प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। हालांकि यह लक्षण महिलाओं के शरीर के अनुसार अलग हो सकते हैं। बहुत सी महिलाएं प्रेग्नेंसी के लक्षणों में उल्टी या जी-मिचलाने की समस्या महसूस नहीं करती। कुछ महिलाएं गर्भधारण से लेकर प्रसव तक इसे महसूस करती हैं। इसलिए इसे गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में शामिल किया जाता है।

पीरियड का मिस होना गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में सबसे पहला पहले आता है

अगर एक महिला का पीरियड हमेशा ऑन टाइम रहा हो और अचानक न आए तो यह भी गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में आता है। यहां ध्यान देने की बात है कि अगर उसके साथ पीरियड्स की अनियमितता पहले से बनी हुई हो तो गर्भधारण के चांस थोड़े कम होंगे। पीरियड्स साइकल सामान्यतः 28 दिन का होता। जब इस साइकल के कुछ दिनों बाद भी पीरियड्स नहीं आते हैं तो परेशान होना लाजमी है।

बार-बार पेशाब जाने की आवश्यकता महसूस होना

पेशाब का बार-बार आना भी गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में महत्वपूर्ण माना जाता है। देखा जाता है कि यह समस्या प्रेग्नेंसी में फर्स्ट ट्राइमेस्टर के छठे सप्ताह से और भी बढ़ जाती है। इसका कारण यह है कि इस दौरान शरीर में बन रहे हॉर्मोंस में बदलाव से किडनी में ब्लड सर्क्युलेशन बढ़ जाता है। जिसके कारण मूत्राशय में पेशाब जल्दी और अधिक बनने लगती है। जैसे-जैसे पेट में बच्चे का विकास होता है यह परेशानी और भी बढ़ती है।

ब्रेस्ट में दर्द होना या निप्पल के आसपास कालापन आना:

महिला के ब्रेस्ट में भारीपन या हल्का दर्द होना भी गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) हैं। प्रेग्नेंसी के छठे हफ्ते तक स्तन ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं। अगर आपको स्तन की त्वचा की नसें नीली व साफ दिखाई दें और निप्पल गहरे काले रंग के होने लगें तो ये प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं। क्योंकि गर्भावस्था के हॉर्मोन ब्रेस्ट के अंदर ब्लड-सर्क्युलेशन बढ़ाते हैं, इसलिए निप्पल के आसपास सेंसेशन भी महसूस हो सकता है।

व्हाइट डिस्चार्ज होना:

महिलाओं में व्‍हाइट डिस्चार्ज होना सामान्य है। गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण डिस्चार्ज काफी ज्यादा हो सकता है। शायद आपको पता न हों कि इस डिस्चार्ज का आना यूरिन संबंधी समस्याओं से महिलाओं को बचाता है। गर्भावस्था के दौरान ये काफी बढ़ जाता है।

और पढ़ें : व्हाइट डिस्चार्ज (सफेद पानी) की समस्या से राहत पाने के 10 घरेलू उपाय

क्रेविंग होना:

प्रेग्नेंसी की शुरुआत होने पर महिलाओं में खास चीजों को खाने की इच्छा बढ़ जाती है। इसे क्रेविंग होना कहते हैं। क्रेविंग गर्भावस्था के लक्षण (Symptoms of Pregnancy) में प्रमुख रूप से शामिल है। इस दौरान देखा गया है कि महिलाएं अपने डेली रुटीन में ज्यादातर उन्हीं चीजों का सेवन करती हैं जो खासतौर पर उन्हें सबसे ज्यादा पसंद होती हैं।

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी की शुरुआती 3 महीनों में खाएं यह चीजें, बच्चा होगा तंदुरुस्त

मेटैलिक टेस्ट महसूस करना :

कई महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों के रूप में मेटैलिक टेस्ट महसूस करती हैं। कभी-कभी कुछ महिलाएं पहली तिमाही के दौरान इससे छुटकारा पा लेती हैं, लेकिन कुछ महिलाओं में यह पूरे गर्भावस्था के दौरान रहता है।

हमें उम्मीद है प्रेग्नेंसी के लक्षण संबंधित यह लेख आपको पसंद आया होगा। हम आपको यही सलाह देंगे कि प्रेग्नेंसी को लेकर किसी प्रकार का कंफ्यूजन है तो डॉक्टर से सलाह लें। वे बेहतर तरीके से आपके सभी सवालों के जवाब दे सकेंगे। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

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Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/08/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड