थायरॉइड और वजन में क्या है कनेक्शन? ऐसे करें वेट कम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट January 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

बढ़ते वजन का एक कारण कुछ शारीरिक और मानसिक स्थितियां भी हो सकती हैं। इन्हीं में थायरॉइड भी इसका एक कारण हैं। अगर आप भी थायरॉइड के कारण बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो यहां जानें उसका हल।

यह भी पढ़ेंः कैसे करें थायरॉइड (Thyroid) पर नियंत्रण ?

सवाल

मुझे थायरॉइड है और इस वजह से मेरा वजन लगातार बढ़ रहा है। मैं अपना वजन मेंटेन करने के लिए क्या कर सकती हूं?

यह भी पढ़ेंः थायरॉइड के बारे में वो बातें जो आपको जानना जरूरी हैं

जवाब

थायरॉइड ग्रंथि मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है और जब यह सही तरीके से काम नहीं करती तो वजन बढ़ने लगता है। इन लोगों में सबसे बड़ी समस्या जो होती है वो है कि वो जितने जतन कर लें उनका वजन कम ही नहीं होता है। थायरॉइड ग्लैंड का हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म मेंटेन करने में बहुत जरूरी हिस्सा है। अगर आपको हाइपोथायरॉयडिज्म है, तो इससे आपका वजन बढ़ जाता है। अगर आपको ऐसा लगता है कि आप का वजन बढ़ रहा है तो कुछ ज्यादा बढ़ने से पहले ही आप उसे मेंटेन करने के लिए अच्छी डायट और एक्सरसाइज फॉलो करें। डायट एक बहुत जरूरी हिस्सा है जिसे हमें नियमित तौर पर फॉलो करना चाहिए।

आप किस प्रकार का खाना खाते हो यह भी वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। ताजे सब्जी और फल खाएं न की जंक फूड्स। आप का डायट जितना सादा और हेल्दी होगा उतना ही आपको वेट मेंटेन करने में परेशानी नहीं होगी।

खुद को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है, पानी मेटाबॉलिज्म में मदद करती है। दूसरा, डायट फॉलो करने के साथ एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। ऐसा नहीं की आप बहुत मुश्किल एक्सरसाइज करोगे या बहुत देर तक एक्सरसाइज करोगे तो वजन कम हो जाएगा। आपको हफ्ते में 5 दिन 20-30 मिनट एक्सरसाइज करनी जरूरी है। थायरॉइड में हार्मोनल असंतुलित होता है जो कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं से कंट्रोल रहती है। इसलिए डायट और एक्सरसाइज के साथ डॉक्टर के मुताबिक आपकी जो भी खुराक है उसका भी सेवन करना चाहिए। आपको रेगुलर फॉलोअप करना चाहिए और डॉक्टर द्वारा जो भी निर्देश हो उसका पालन करना चाहिए।

यह भी पढ़ें:  बच्चों में हायपोथायरोडिज्म (hypothyroidism)

क्या होता है थायरॉइड?

हमारे गले में थायरॉइड ग्रंथि होती है जो बिल्कुल अखरोट के आकार की होती है। इसका काम हार्मोर्न टी3, टी 4 और टीएसएच (थायरॉइड स्टीम्युलेटिंग हारमोन) का उत्पादन करना होता है। यह हमारे शरीर की सबसे जरूरी ग्रथि मानी जाती है। इसका कंट्रोल शरीर द्वारा किए जाने वाले सभी कार्यों पर होता है। जैसे नींद, मेटाबॉलिज्म, लिवर की कार्यप्रणाली और पाचन तंत्र आदि। थायरॉइड दो तरह का होता है। सबसे पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज्म है या हाइपरथायरॉइडिज्म। पहला हाइपोथायरॉइडिज्म और दूसरा हाइपरथायरॉइडिज्म। हाइपोथायरॉइडिज्म में भूख कम लगती है और वजन बढ़ता जाता है। हमारे शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन आ जाती है। इसमें अनियमित पीरिड्स और याददाश्त कमजोर हो जाती है। वहीं हाइपरथायरॉइडिज्म में मरीज को भूख ज्यादा लगती है और उसका वजन कम होता जाता है। इसमें तनाव, गले में सूजन, अनियमित पीरिड्स, ध्यान केंद्रित न कर पाना, नींद न आना, बार-बार यूरिन आना आदि समस्याएं होती हैं।

थायरॉइड से ग्रसित लोगों में ज्यादातर लोगों को यह परेशानी होती है कि वो अपने वजन को कैसे कम करें। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं तो अपनी कुछ आदतों में बदलाव करके आप अपने वजन पर कंट्रोल पा सकते हैं।

हाइपोथायरॉइडिज्म थायरॉइड के कारण बढ़ रहा है वजन तो इन आदतों में करें बदलाव:

फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें:
वजन को मेंटेन रखने के लिए जितना हो सकें फाइबर से समृद्ध भोजन का सेवन करें। कम वसा वाले आहार को डायट में शामिल करें।

कॉपर और आयरन युक्त आहार को करें डायट में शामिल:
कॉपर और आयरन युक्त चीजों को डायट में शामिल करें। कॉपर के लिए आप काजू, बादाम और सूरजमुखी के बीजों का सेवन करें। आयरन के लिए पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।

विटामिन और मिनरल्स:
विटामिन और मिलरल्स से भरपूर चीजों का सेवन करें। इससे अनियमित पीरिड्स में फायदा होता है। इसके लिए आप टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, पनीर, लहसुन, मशरूम आदि को डायट का हिस्सा बनाएं।

यह भी पढ़ें: नेचुरल रूप से घटाना है वजन तो फॉलो करें इंटरमिटेंट फास्टिंग डायट, जानिए एक्सपर्ट से

किन चीजों को करें एवॉइड

कैफीन युक्त चीजों का सेवन न करें:
कैफीन हमारे शरीर में सीधे थायरॉइड को तो नहीं बढ़ाता, लेकिन यह थायरॉइड के कारण होने वाली समस्याओं को बढ़ाता है। इससे अनिद्रा और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

वनस्पति घी:
जो लोग थायरॉइड के कारण बढ़ते वजन से परेशान हैं उन्हें वनस्पति घी को नहीं लेना चाहिए। क्योंकि यह गुड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करता है। इससे थायरॉइड के कारण हो रही समस्याएं और अधिक हो जाती हैं। इसलिए यदी आप बाहर फ्राइड खाना खाते हैं तो ध्यान रखें ज्यादातर जगहों पर इसी घी का इस्तेमाल किया जाता है।

एल्कोहॉल से करे परहेज:
थायरॉइड से ग्रसित लोगों को नींद न आने और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा रहता है। एल्कोहॉल का सेवन करने से इन दोनों परेशानियों के होने की संभावना पहले से ज्यादा हो जाती है।

इन चीजों से भी करें परहेज:

  • सोया और उससे बनी चीजों का सेवन न करें
  • ब्रोकली, गोभी, पत्तागोभी से दूरी बनाकर रखें।

यह भी पढ़ें:  वजन कम करने के लिए डायट में शामिल करें वेट लॉस फूड्स

इन बातों का रखें खास ख्याल

दवाओं को समय पर लें:
थायरॉइड की दवाओं को नियमित और सही समय पर लेना चाहिए। इन दवाओं को समय पर लेने से वजन कंट्रोल किया जा सकता है। जो लोग समय पर दवाओं को नहीं लेते उनमें वजन बढ़ने की शिकायत होती है।

कुछ न कुछ शारीरिक गतिविधि जरूर करें:
थायरॉइड के कारण बढ़ रहे मोटापे को कम करने के लिए नियमित व्यायाम करें। आप चाहे तो स्विमिंग भी कर सकती हैं। जॉगिंग और साइक्लिंग में से भी किसी ऑप्शन को चुन सकती हैं। सप्ताह में कम से कम पांच दिन तीस मिनट रोज व्यायाम करने से आपका वजन कंट्रोल किया जा सकता है।

तनाव से दूर रहें:
तनाव से थायरॉइड से होने वाली परेशानियां पहले से अधिक होती हैं। इसलिए तनाव से बचने की कोशिश करें।

यदि आपको थायरॉइड के लक्षण नजर आते हैं तो आप विशेषज्ञ को दिखाकर उनके अनुसार दवाइयां और आवश्यक जांच कराएं। यह कोई लाइलाज रोग नहीं है। आप जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस पर नियंत्रण पा सकते हैं। हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। यदि आप थायरॉइड और वजन से जुड़ी और कोई अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर अपना सवाल पूछ सकते हैं।

और पढ़ेंः-

हाइपोथायरॉयडिज्म होने पर क्या खाएं और क्या नहीं?

इस बॉल से करें एक्सरसाइज, मोटापा होगा कम और बाजु भी आएंगे शेप में

डायट, वर्कआउट के साथ फिटनेस मिशन बनाकर कम किया मोटापा

वजन कम करने के लिए डायट में शामिल करें वेट लॉस फूड्स

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy

संबंधित लेख:

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    पुश अप्स फिटनेस के साथ बढ़ाता है टेस्टोस्टेरोन, जानें पुश अप्स के फायदे

    पुश अप्स के फायदे क्या है, पुश अप्स के फायदे in Hindi, पुश अप्स कैसे करें, पुश अप्स करने के तरीके क्या है, Push ups workout.

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
    के द्वारा लिखा गया Hema Dhoulakhandi

    वेट लॉस फूड्स को डायट में शामिल करके भी कर सकते हैं वजन कम

    वेट लॉस फूड्स से आपका वजन तो घटेगा ही साथ ही आपको एनर्जी भी मिलेगी। यदि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज कर रहे हैं तो, यह एनर्जी आपके बहुत काम आएगी।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
    के द्वारा लिखा गया Hema Dhoulakhandi

    थायरॉइड पर कंट्रोल करना है, तो अपनाएं ये तरीके

    थायरॉइड पर कंट्रोल पाने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल और डायट में बदलाव करे होंगे। साथ ही थायरॉइड की समस्या लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं में पाई जाती है।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
    के द्वारा लिखा गया Suniti Tripathy

    क्या ग्रीन-टी या कॉफी थायरॉइड पेशेंट्स के लिए फायदेमंद हो सकती है?

    ग्रीन-टी क्या है, ग्रीन-टी थायरॉइड में पी सकते हैं, थायरॉइड क्या है, थायरॉइड का इलाज क्या है, थायरॉइड के घरेलू उपाय, Green tea and Thyroid in Hindi.

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
    के द्वारा लिखा गया Admin Writer

    Recommended for you

    हायपोथायरोडिज्म क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय Hypothyroidism ke kaaran lakshan aur upaye

    Hypothyroidism: हाइपोथायरायडिज्म क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Mona narang
    प्रकाशित हुआ June 1, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
    हायपोथायरॉइडिज्म डाइट चार्ट

    प्रेग्नेंसी में हायपोथायरॉइडिज्म डायट चार्ट, हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए करें इसे फॉलो

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
    के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
    प्रकाशित हुआ May 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    थायरॉयड स्टॉर्म

    Thyroid storm: थायरॉयड स्टॉर्म क्या है?

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
    के द्वारा लिखा गया Poonam
    प्रकाशित हुआ April 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
    हाशिमोटोस थाईरॉइडाईटिस-Hashimoto's Thyroiditis

    जानें क्या है हाशिमोटोस थाईरॉइडाईटिस? इसके कारण और उपाय

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
    प्रकाशित हुआ December 13, 2019 . 5 मिनट में पढ़ें