डॉक्सोफाइलाइन का इस्तेमाल क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर (फेफड़े से संबंधित रोग) और अस्थमा के इलाज में किया जाता है। डॉक्सोफाइलाइन का इस्तेमाल करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। इस दवा का उपयोग सांस की तकलीफ, सीने में जकड़न के के उपचार में भी किया जाता है।
डॉक्सोफाइलाइन का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह से ही करें। उचित खुराक के लिए दवा पर लगे लेबल की जांच करें।

भोजन के साथ या भोजन के बिना डॉक्सोफाइलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस दवा की खुराक आपकी स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की प्रतिक्रिया पर आधारित हैं। इस दवा का किसी तरह का साइड इफेक्ट आपको न हो इसके लिए डॉक्टर आपकी दवा की खुराक को पहले कम से शुरू कर सकता है और असर के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ा सकता है।
इस दवा को रोजाना एक ही समय पर लें, ताकि आप इसकी खुराक को ना भूलें।
डॉक्सोफाइलाइन को रूम टेम्प्रेचर पर ही स्टोर करना चाहिए। इसे धूप के सीधे प्रभाव या नमी में आने से बचा कर रखें। डॉक्सोफाइलाइन को कभी भी बाथरूम या ठंडी जगह में न रखें। मार्केट में डॉक्सोफाइलाइन के अलग-अलग ब्रांड हैं, जिन्हें स्टोर करने के लिए दिशा-निर्देशों को पढ़ें या फिर अपने डॉक्टर से इसके बारे में पूछे। सुरक्षा के लिहाज से, आपको सभी दवाइयों को बच्चे और जानवरों की पहुंच से भी दूर रखना चाहिए।
बिना-निर्देश के डॉक्सोफाइलाइन को टॉयलेट या किसी नाले में न फेकें। अगर यह एक्सपायर हो चुकी है, तो इसका इस्तेमाल न करें। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
अगर, आपको डॉक्सोफाइलाइन या अन्य किसी तरह की दवा से एलर्जी है तो अपने डॉक्टर को इस बारे में जानकारी दें। इसके साथ ही अगर आपको लीवर, किडनी या पेट से जुड़ी कोई बीमारी है तो इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टरों की देखरेख में ही करें। इस दवा का इस्तेमाल करने के दौरान आप कोई सर्जरी करवा रहे हैं तो डॉक्टर या डेंटिस्ट को सभी उत्पादों के बारे में जानकारी दें, जिसका इस्तेमाल आप कर रहे हैं (प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स, नॉनस्प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स और हर्बल उत्पाद)।
किडनी की बीमारी, लिवर के रोग, इन्फ्लूएंजा, पेप्टिक अल्सर, दौरे, हाइपरथायरायडिज्म और दिल के दौरे से पीड़ित लोगों को इस दवा का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी रखनी चाहिए।
प्रेग्नेंसी या स्तनपान के दौरान इसका इस्तेमाल करने से महिलाओं को किस तरह की परेशानी हो सकती है, इसके बारे में अभी कोई खास जानकारी नहीं हैं। ऐसे में, इसके इस्तेमाल से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। स्तनपान कराने वाली महिलाएं इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं।
डॉक्सोफाइलाइन का इस्तेमाल करने के बाद कुछ मरीजों को साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि हर किसी को यह साइड इफेक्ट्स महसूस ही हों। डॉक्सोफाइलाइन का इस्तेमाल करने के बाद निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैंः
इसका इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों में इस तरह के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। कुछ साइड इफेक्ट ऐसे भी हैं, जिनके बारे में यहां पर नहीं बताया गया है। अगर, आपको इससे होने वाले किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स को लेकर कोई भी सवाल है तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में बातचीत करें।
अगर आप किसी तरह की दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसके साथ डॉक्सोफाइलाइन लेने से पहले इस बात को जान लें कि कहीं दोनों के साथ में सेवन से किसी तरह की परेशानी तो नहीं होगी। साथ ही, इसके बारे में अपने डॉक्टर से भी बात करें। अगर, आप वर्तमान में किसी दवा का सेवन कर रहे हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए इसकी खुराक को घटाएं या बढ़ाएं नहीं और ना ही पूरी तरह से इस दवा का सेवन बंद करें। अस्थमा के मरीज इस दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर को अवश्य जानकारी दें। दवाइयां जो डॉक्सोफाइलाइन के साथ इंटरैक्ट कर सकती हैं।
एलोप्यूरिनॉल
सालबुटामोल
फिनाइटोइन
सिप्रोफ्लोक्सासिन
प्रोप्रानोलोल
सिमेटिडाइन
एंटी-फ्लू के टीके
रेनीटिडिन आदि।
अगर किसी भी तरह की दवा या एल्कोहॉल के साथ डॉक्सोफाइलाइन का सेवन किया जाए, तो इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं। हालांकि किसी भी तरह के खाद्य पदार्थों के साथ इसको आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बातचीत करें। कॉफी या कैफीनयुक्त प्रोड्क्टस के साथ इस दवा का उपयोग करना साइड इफेक्ट्स को बढ़ा सकता है।
डॉक्सोफाइलाइन हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ तालमेल बनाती है। अगर आप वर्तमान में किसी तरह की दवा का सेवन कर रहे हैं तो यह उसके असर को कम कर सकती है या उसके प्रभाव को उल्टा कर सकती है। अगर आप स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी तरह की स्थिति से गुजर रहे हैं, तो यह बेहद जरूरी है कि इसके बारे में आप अपने डॉक्टर और फार्मासिस्ट से बात करें। अगर आप वर्तमान में अस्थमा या फेफड़ों से संबंधित किसी बीमारी का इलाज करवा रहे हैं या खास तरह की दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर को इन सभी चीजों की जानकारी दें।
और पढ़ेंः Ranitidine : रेनिटिडिन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां
डॉक्सोफाइलाइन निम्नलिखित खुराकों के तौर पर उपलब्ध है:
ओरल सॉल्यूशन
ओरल टैबलेट
इमरजेंसी या ओवरडोज होने की स्थिति में लोकल इमरजेंसी सर्विस नंबर पर कॉल करें या नजदीकी इमरजेंसी वार्ड में जाएं।
अगर कोई डॉक्सोफाइलाइन की एक खुराक लेना भूल जाते हैं, तो याद आने पर जल्द से जल्द अपनी खुराक लें। हालांकि अगर इसके कुछ समय बाद आपको अपनी अगली खुराक लेनी हो, तो इसे न लें और अपनी नियमित खुराक के अनुसार ही इसका सेवन करते रहें।