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Atherosclerosis : एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है?

Atherosclerosis : एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है?
परिभाषा|लक्षण|कारण|खतरे|निदान और उपचार|जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

परिभाषा

एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है?

एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis ) एक ऐसी बीमारी है जिसमें हमारे शरीर में मौजूद धमनियों के अंदर रूकावट पैदा होने लगती है। धमनियां वो रक्त वाहिकाएं होती हैं जो आपके दिल केे साथ-साथ शरीर के तमाम अंगों तक ऑक्सिजन युक्त खून पहुंचाती हैं। वहीं इनमें जो रूकावट पैदा होती है वह फैट यानी वसा, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और खून में मौजूद अन्य तत्वों के जमाव से होती है। समय के साथ-साथ यह जमाव धमनियों के अंदर का रास्ता सकरा कर देता है। इसकी वजह से ऑक्सिजन युक्त खून का हमारे शरीर के विभिन्न अंगों तक बहाव धीमा पड़ जाता है। एथेरोस्क्लेरोसिस की वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

एथेरोस्क्लेरोसिस की बीमारी कितनी सामान्य है?

एथेरोस्क्लेरोसिस उम्रदराज लोगों में अक्सर पाई जाने वाली समस्या है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपको एथेरोस्क्लेरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। आपकी उम्र बढ़ने के साथ-साथ अनुवंशिकी और जीवनशैली के अनुसार धमनियों में रूकावट पैदा होने लगती है। जैसे-जैसे आप मध्यम उम्र से अधेड़ होने लगते हैं जमाव बढ़ता जाता है। इसके लक्षण साफ दिखाई देने लगते हैं। पुरुषों में 45 साल की उम्र के बाद और महिलाओं में 55 साल की उम्र के बाद एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, कई तरह से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर्स से संपर्क कर सकते हैं।

लक्षण

एथेरोस्क्लेरोसिस के क्या लक्षण हैं?

एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या एकाएक जन्म नहीं लेती, यह शरीर में धीरे-धीरे पनपती है। Mild Atherosclerosis यानी जब एथेरोस्क्लेरोसिस शुरुआती अवस्था में होता है तब इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं। जबतक धमनियों की रूकावट अंगों तक खून के बहाव को धीमा न करने लगे, तबतक एथेरोस्क्लेरोसिस के लक्षण नजर नहीं आते। कई बार खूने के थक्के पूरी तरह तरह से खून के बहाव को रोक देते हैं, जिसके वजह से हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ जाता है।

एथेरोस्क्लेरोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि उसकी वजह से कौनसी धमनियां प्रभावित हो रही है जैसे-
  • अगर आपके दिल की धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या हो गई है तो आपको सीने में दबाव (angina) या दर्द के लक्षण दिखाई दे सकते हैं
  • अगर आपको ऐसी धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस है जो दिमाग तक जाती हैं, तो आपको पैरों के अचानक सुन्न और कमजोर पड़ने, बोलने में परेशानी, आंखों में धुंधलापन और चेहरे की मांसपेशियों में अजीब से बदलाव जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
  • अगर आपको ऐसी धमनियों में एथेरोस्क्लेरोसिस है जो आपके हाथ या पैर तक जाती हैं, तो आपको चलने-फिरने में तकलीफ हो सकती है।
  • अगर आपको ऐसी धमिनयों में एथेरोस्क्लेरोसिस है जो आपकी किडनी तक जाती हैं, तो आप हाई ब्लड-प्रेशर का शिकार हो सकते हैं और आपकी किडनी भी फेल हो सकती है।

मुझे कब लेनी चाहिए डॉक्टर की मदद?

एथेरोस्क्लेरोसिस का समय पर निदान आपको हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि गंभीर खतरों से बचा सकता है। इसलिए सबसे बेहतर है कि आप ऐसी स्थिति में जितना जल्दी हो सके डॉक्टरी सलाह अवश्य लें। अगर आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण नजर आते हैं, या आपके मन में इसे लेकर कोई भी सवाल हैं जो अपने डॉक्टर की मदद लें।

यह भी पढ़ें – कार्डियो एक्सरसाइज से रखें अपने हार्ट को हेल्दी, और भी हैं कई फायदे

कारण

एथेरोस्क्लेरोसिस किस वजह से होता है?

एथेरोस्क्लेरोसिस धमनियों में रुकावट की वजह से होता है जो खून के बहाव को रोकती है। इससे शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन युक्त खून ठीक से नहीं पहुंच पाता।

धमनियों में रूकावट आने या उसके ठोस होने के निम्न कारण हैं-

  • अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल: कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ स्तर ठोस होकर दिल और जरूरी अंगों के बीच खून पहुंचने में बाधा उत्पन्न करता है।
  • फैट/वसा: अत्यधिक वसा युक्त भोजन करने से भी धमनियों में फैट जमने लगता है।
  • उम्र का असर: बढ़ती उम्र के साथ खून और रक्त वाहिकाओं को खून पहुंचाने और प्राप्त करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसके साथ ही आपकी धमनियां कठोर और कम लचीली हो जाती है जिसकी वजह से इनमें रुकावट पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।

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इसके अलावा इन वजहों से भी धमनियों में रूकावट पैदा होती है

  • धूम्रपान/स्मोकिंग या किसी भी तंबाकु उत्पाद का प्रयोग करना
  • इंसुलिन प्रतिरोध, मोटापा या डायबिटीज की समस्या।

यह भी पढ़ें – जानिए महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों की तुलना में कैसे अलग होते हैं

खतरे

एथेरोस्क्लेरोसिस होने का खतरा इन वजहों से बढ़ जाता है?

  • एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा कई कारणों से बढ़ जाता है। इनमें से कुछ से बचाव संभव है वहीं कुछ से नहीं।
  • अनुवंशिकी : अगर आपके परिवार में किसी को ऐसी ही समस्या या हार्ट संबंधी कोई और विकार है, तो आपको भी एथेरोस्क्लेरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • उच्च रक्तचाप : हाई ब्लड प्रेशर आपकी रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल और अन्य तत्वों की वजह से धमनियों का लचीलापन भी कम हो जाता है।

इन अन्य कारणों से भी होता है खतरा

निदान और उपचार

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की मदद जरूर लें।

एथेरोस्क्लेरोसिस का कैसे होता है टेस्ट?

आपके शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर धमनियों में रूकावट के लक्षणों को पकड़ सकता है

  • किसी धमनी में रुकावट के बाद नब्ज हल्की पड़ना या न होना
  • हाथ-पैर के प्रभावित हिस्से में ब्लड प्रेशर सामान्य से कम होना
  • स्टेथोस्कोप से धमनियों में अजीब से आवाज सुनाई देना

शरीरिक परीक्षण के नतीजों के अधाार पर डॉक्टर कुछ और टेस्ट क सकता है जैसे-

  • ब्लड टेस्ट : खून की जांच के जरिए शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल या शुगर लेवल का पता किया जा सकता है, जिसकी वजह से एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड टेस्ट से पहले इस बात का ध्यान रखा जाए कि आपने टेस्ट से 12 घंटे पहले तक कुछ खाया पिया न हो और सुबह खाली पेट जाएं।
  • डॉप्लर अल्ट्रासाउंड: आपका डॉक्टर एक खास तरह के अल्ट्रासाउंड डिवाइस (Doppler utlrasound) की मदद से शरीर के विभिन्न केंद्र में रक्तचाप का परीक्षण करते हैं। इसके नतीजे डॉक्टर्स को धमनियों में रूकावट पता करने में मदद करते हैं। साथ ही धमनियों में खून की रफ्तार भी पता की जाती है।
  • एंकल-ब्रेकियल इंडेक्स : Ankle-brachial index नामक टेस्ट बताता है कि कहीं आपके हाथ या पैर में एथेरोस्क्लेरोसिस तो नहीं। इसके लिए डॉक्टर आपके पैर के पंजे और हाथ के ब्लड प्रेशर का परीक्षण करता है।
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम : electrocardiogram या ईसीजी पूर्व में हार्ट अटैक आदि के बारे में भी जानकारी देता है। अगर आपको किसी तरह की एक्सरसाइज के दौरान दर्द या अटैक के लक्षण महसूस होते हैं तो डॉक्टर आपको तेजी से चलने या ट्रेडमिल पर दौड़ने को कह सकता है और इसी दौरान ईसीजी परीक्षण किया जाता है।
  • स्ट्रेस टेस्ट : इस टेस्ट में दिल संबंधी परीक्षण किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि विभिन्न परिस्थितयों में आपका दिल किस तरह से प्रतिक्रिया दे रहा है।
  • कार्डिक कैथेटराइजेशन और एंजियोग्राम : cardiac catheterization and angiogram नामक टेस्ट में हमारी धमनियों में एक तरह डाई इंजेक्शन के माध्यम से डाली जाती है। यह डाई पूरे शरीर में पहुंच जाती है और फिर धमनियों का आसानी से एक्स-रे लिया जाता है। इससे धमनियों में रूकावट का पता चल जाता है।
  • अन्य स्कैन टेस्ट : इसके अलावा डॉक्टर सीटी स्कैन (Computerized tomography) और एमआरआई (Magnetic resonance angiography) जैसे टेस्ट से धमनियों की जांच कर सकता है।

एथेरोस्क्लेरोसिस का कैसे होता है इलाज?

एथेरोस्क्लेरोसिस का इलाज कई तरह से संभव है। अपनी जीवनशैली में बदलाव, खासतौर पर खानपान में फैट वाले भोजन में कमी करना और कोलेस्ट्रॉल को कम करने की हिदायत दी जाती है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। इस सबके साथ निम्न चीजों की मदद ली जाती है, जैसे-

दवाईयां

एथेरोस्क्लेरोसिस रोकने के लिए कई तरह की दवाईयां प्रभावी हैं जैसे-

  • कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाईयां जैसे स्टेटिन्स
  • ब्लड क्लॉट या खून के थक्के बनने से रोकने के लिए दवाईयां जैसे एस्प्रिन
  • कैल्शियम आदि का जमाव रोकने के लिए बैटा ब्लॉकर्स

सर्जरी

कई मामलों में एथेरोस्क्लेरोसिस गंभीर स्थिति में होता है, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यक्ता पड़ती है।

  • बायपास सर्जरी : इस सर्जरी में शरीर में किसी और जगह से रक्त वाहिका को लेकर या सिंथैटिक नली बनाकर खून की रूकावट वाली जगह के ऊपर बायपास रास्ता बनाया जाता है।
  • थ्रॉम्बॉलिटिक थेरेपी: एक खास तरह के ड्रग इंजेक्शन से धमनियों में बने खून के थक्के को गला दिया जाता है7
  • एंजियोप्लास्टी : एक खास तरह की नली और पतले गुब्बारे की मदद से धमनियों को चौड़ा किया जाता है।
  • एंडारटेरेक्टॉमी: इसमें सर्जरी की मदद से धमनियों में मौजूद फैट को हटाया जाता है।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

एथेरोस्क्लेरोसिस से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

ऐसे बचें थेरोस्क्लेरोसिस के खतरों से

  • कम सेचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल वाला संतुलित आहार लें।
  • फैट वाले खाने से बचें।
  • हफ्ते में दो बार मछली खाएं
  • हर दिन कम से कम आधे से एक घंटे व्यायम करें, वो भी हफ्ते में छह बार
  • अगर सिगरेट पीते हैं, तो तत्काल छोड़ दें
  • तनाव से बचें
  • एथेरोस्क्लेरोसिस से जुड़ी अन्य बीमारियां जैसे हाई-बीपी, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज आदि से बचें

अगर आपके मन में कोई और सवाल हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना नहीं भूलें

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सूत्र

Atherosclerosis. Accessed 19 Feb, 2017.

Atherosclerosis. Accessed 19 Feb, 2017.

Atherosclerosis.  Accessed 19 Feb, 2017.


लेखक की तस्वीर
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 31/10/2019
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