Hepatitis B : हेपेटाइटिस बी क्या है?

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Update Date मई 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हेपेटाइटिस-बी

हेपेटाइटिस-बी विश्व का सबसे अधिक सामान्य लिवर संक्रमण है। यह हेपेटाइटिस-बी वाईरस (HBV) के कारण होता है, जो लिवर पर हमला करते है और उसे क्षति पहुंचाता है। यह रक्त द्वारा, असुरक्षित यौन संबंध द्वारा, दूसरों के लिए उपयोग की गई सूई या एक ही सुई कई लोगों के लिए उपयोग में लाई जाए उस से और संक्रमित माता द्वारा नवजात शीशु में, गर्भावस्था के दौरान या प्रसूति के दौरान हस्तांतरित होता है । 

अक्यूट (acute) हेपेटाइटिस-बी क्या है?

एचबीवी वायरस (HBV) से संक्रमित होने के छह महीने बाद तक अक्यूट हेपेटाइटिस-बी हो सकता है। इसकी वजह से क्रोनिक हेपेटाइटिस हो सकता है पर हमेशा ऐसा हो ये जरूर नहीं।

क्रोनिक हेपेटाइटिस-बी क्या है?

जब एचबीवी वायरस लंबे समय तक किसी व्यक्ति के शरीर में रह जाए, तो इसे क्रोनिक हेपेटाइटिस कहते  हैं। ऐसे में मरीज का इलाज होने में काफी कठिनाई का सामना आ सकता है और इलाज भी लंबे समय तक चल सकता है। इसलिए इसका सही समय पर इलाज कराना जरूरी होता है।

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हेपेटाइटिस-बी कितना सामान्य है?

अधिकांश वयस्क लोग जो इस रोग से संक्रमित होते हैं, किसी समस्या के बिना इस रोग से छुटकारा पा लेते हैं। किन्तु कुछ वयस्क लोग और नवजात शिशु एवं बच्चे इस वायरस से मुक्त नहीं हो पाते और चिरकालिक/chronic  संक्रमण के शिकार होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में हेपेटाइटिस बी के 200 करोड़ से भी ज्यादा पीड़ित हैं। वहीं 25 करोड़ लोग गंभीर (chronic) हेपेटाइटिस का शिकार हैं।

क्या हैं हेपेटाइटिस-बी के लक्षण?

हेपेटाइटिस-बी को अंग्रेजी में साइलेंट किलर की संज्ञा दी गई है। यानी ये धीरेधीरे आपकी जान ले सकता है और आपको पता भी नहीं चलेगा। कई मामलों में तो इसके लक्षण सामने आने में काफी देर हो जाती है और ये बीमारी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। नीचे हम हेपेटाइटिस-बी के कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। इसके शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं :

  • जोड़ों में दर्द होना भी हेपेटाइटिस-बी के शुरुआती लक्षणों में से एक है
  • चमड़ी में चिट्टे पड़ना भी हेपेटाइटिस-बी के शुरुआती लक्षणों में से एक है
  • कमजोरी और घबराहट होना भी हेपेटाइटिस-बी के शुरुआती लक्षणों में से एक है
  • पीलिया भी हेपेटाइटिस-बी के शुरुआती लक्षणों में से एक हो सकता है

इसके बाद इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं

ऊपर हमने आपको इसके शुरुआती लक्षण बताए। लेकिन इसके बाद भी कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। अगर आपको नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो इन्हें अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये लक्षण इस प्रकार हैं :

  • हल्के रंग का मल आना
  • बेहद गाढ़े रंग का मूत्र आना
  • खुजली होना
  • भूख ना लगना
  • घबराहट के साथ उल्टी होना
  • मध्यम बुखार
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द
  • चमड़ी में मकड़ी के जालों की तरह रक्त वाहिकाओं का उभरना

इस बीमारी के बिगड़ने पर लिवर सिरॉसिस liver cirrhosis यानी लिवर की क्षीण होना, ascitities एसिसाइटिस यानी पेट में पानी भरना और लिवर फेल भी हो सकता है।

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कब दिखाएं डॉक्टर को?

अगर आपको उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर से चेकअप कराएं कि कहीं आप हेपेटाइटिस-बी वायरस का शिकार तो नहीं हैं। इंफेक्शन होने के 24 घंटे के भीतर अगर इलाज मिल जाए तो इस वायरस को आसानी से रोका जा सकता है। इसलिए अगर आपको तुरंत इस वायरस के फैलने का पता चलता है, तो डॉक्टर से संपर्क करके सटीक इलाज ले लें, ताकि ये समस्या आगे न बढ़े और आप स्वस्थ रहें।

कैसे होता है हेपेटाइटिस-बी?

यह वायरस रक्त द्वारा, असुरक्षित यौन संबंध द्वारा, दूसरों के लिए उपयोग की गई सूई या एक ही सुई कई लोगों के लिए उपयोग में लाई जाए उस से और संक्रमित माता द्वारा नवजात शिशु में, गर्भावस्था के दौरान या प्रसूति के दौरान हस्तांतरित होता है।

ऐसे हो सकता है हेपेटाइटिस-बी

हेपेटाइटिस-बी होने का केवल एक ही कारण नहीं है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं :

  • संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
  • संक्रमित व्यक्ति के वीर्य, शरीर के किसी और द्रव्य या खून के संपर्क में आने से
  • संक्रमित सुई की इस्तेमाल से
  • समलैंगिक असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
  • संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने से
  • नवजात बच्चे को अपनी संक्रमित मां से
  • ऐसा मेडिकल जॉब करना जिसमें इंसानी खून से संपर्क होता हो।

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ऐसे होता है हेपेटाइटिस बी का इलाज

अधिकतर वयस्क लोग, गंभीर संक्रमण से बिना किसी इलाज के ठीक हो जाते हैं। जो वयस्क, बच्चे और नवजात शिशु जिनको जीर्ण/ chronic हेपेटाइटिस बी का संक्रमण होता है, उनके लिए वर्तमान समय में तो कोई इलाज उपलब्ध नहीं। परंतु अच्छी बात यह है कि ऐसे इलाज उपलब्ध हैं, जिनसे लिवर की बीमारी की गति वायरस की प्रगति को धीमा कर, धीमी की जा सकती है। जो हेपेटाइटिस बी के वायरस कम संख्या में पैदा होंगे तो, लिवर को कम नुकसान होगा। कभी-कभी इन दवाइयों से वायरस को खत्म भी किया जा सकता है, हालांकि सामान्य तौर पर ऐसा नहीं होता।

हेपेटाइटिस-बी से बचने के लिए जीवनशैली में करें ये बदलाव

  • संतुलित आहार और आराम करें
  • यौन संबंध बनाते वक्त कंडोम का इस्तेमाल करें
  • दूसरों के शारीरिक द्रव्य और खून के संपर्क में आने से बचें
  • अगर लक्षण 4-6 हफ्तों में नहीं जाते, तो डॉक्टर से संपर्क  करें।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में हेपेटाइटिस बी से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। इस आर्टिकल में हमने आपको इस बीमारी के लक्षण से लेकर कारण और उपचार तक के बारे में बताया है, जो आपके काम आ सकते हैं। आशा करते हैं कि आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ साथ शेयर करें, ताकि उन्हें भी इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी मिल सके और वो खुद का ध्यान रख सकें।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप Hello Health Group किसी भी तरह के चिकित्सा परामर्श और इलाज नहीं देता है।

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