रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) एक तरह की मिनिमल इनवेसिव सर्जरी है। मिनिमली इनवेसिव का मतलब है बड़े इंसीजन्स की जगह पर छोटे-छोटे इंसीजन्स लगाकर ही ऑपरेशन किया जाए। रोबोटिक सर्जरी में स्किल्ड सर्जन कंप्यूटर टेक्नोलॉजी को उपयोग करके सर्जरी करते हैं। ये सर्जरी आम सर्जरी से ज्यादा आसान होती है।

रोबोट डॉक्टर के हाथों के मूवमेंट्स को कॉपी करता है जिससे डॉक्टर का काम आसान हो जाता है। मिनिमल इन्वेजन की वजह से खून बहुत कम बहता है और इन्फेक्शन का खतरा नहीं होता। इसके अलावा टिशू और मसल्स में ज्यादा इंजरी न होने की वजह से रिकवरी भी तेजी से होती है।
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अगर आपकी ये सर्जरी होनी है, तो आपको इससे पहले नीचे बताई गई बातें जान लेनी चाहिए :
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जितने रिस्क लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और ओपन सर्जरी में होते है उतने ही रिस्क रोबोटिक सर्जरी में भी हैं-
रोबोट और टेक्नोलॉजी का उपयोग इस सर्जरी को इलेक्ट्रिसिटी डिपेंडेंट बनाता है। जिसकी वजह से इंटरनल बर्न भी हो सकता है। ये सर्जरी के दौरान यूज होने वाली कॉटरी डिवाइस से हो सकता है। इसे बर्निंग इंजरी को आर्सिंग (arcing) कहते हैं।
अगर रोबॉट के आर्म से करंट टिशू में फैल जाए तो टिशू इससे जल भी सकते हैं।
RALP प्रोसीजर करने के लिए बॉडी की पोजिशनिंग बहुत ज्यादा एक्सट्रीम की जाती है। इससे नर्व पाल्सी (nerve Palsi) होने का खतरा रहता है।
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आइए जानते हैं कि इसकी प्रक्रिया क्या है।
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अगर आप इस सर्जरी को कराने वाले हैं, तो एक बार इसकी प्रक्रिया को एक बार जान लेंगे, तो आपके लिए बेहतर होगा। नीचे हम बताने जा रहे हैं कि रोबोटिक सर्जरी कैसे की जाती है। जानिए रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया क्या है।
इस सर्जरी में एक से दो घंटे लग सकते हैं।
रोबोटिक सर्जरी से सर्जन काम्प्लेक्स सर्जरी भी बहुत आराम से कर सकते हैं। इस सर्जरी में मशीन रोबोट के यूज होने की वजह से ये सर्जरी और भी ज्यादा सूक्ष्म और कंट्रोल्ड तरीके से की जाती है। ज्यादातर रोबोटिक सर्जरी गायनाइकोलॉजी में अभी तक पॉपुलर है। लेकिन समय के साथ ओपन और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए भी रोबोटिक सर्जरी का उपयोग बढ़ रहा है।
क्लीनिकल रोबोटिक सर्जरी सिस्टम में कैमरा आर्म, मैकेनिकल आर्म होता है जिसमें सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स जुड़े हुए रहते हैं। ऑपरेटिंग टेबल के पास बैठकर कंप्यूटर से सर्जन रोबोट को कंट्रोल करते हैं। कंसोल की वजह से सर्जन हाई डेफिनिशन, मैग्नीफाइड और क्लियर सर्जिकल साईट देख सकते हैं।
ट्रेडिशनल प्रोसीजर के मुकाबले रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) ज्यादा सटीक और आसान होती है। मिनिमल इनवेसिव रोबोटिक सर्जरी के ये फायदे हो सकते है :
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जानिए इस सर्जरी के बाद रिकवरी कैसे होती है।
उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में फोड़े की सर्जरी से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। इसमें आपको रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) की प्रक्रिया से लेकर रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) के बाद खुद की देखभाल करने तक के बारे में बताने की कोशिश की है। इसके अलावा आपको हमने ये भी बताया कि रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) की जरूरत कब पड़ती है। आशा करते हैं कि आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा और रोबोटिक सर्जरी (Robotic Surgery) से जुड़ी जरूरी जानकारियां आपको यहां मिल गई होंगी। अगर इस समस्या से जुड़े आपके और कोई भी सवाल हैं, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपको डॉक्टर की सलाह से और भी सटीक जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।
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