Turpentine Oil: टर्पिनटाइन ऑयल क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

परिचय

टर्पिनटाइन (Turpentine Oil) ऑयल क्या है?

टर्पिनटाइन ऑयल लंबे पत्तेवाले चीड़ के पेड़ों से प्राप्त होने वाले रेजिन से प्राप्त किया जाता है। चीड़ के पेड़ों के लंबे धड़ों को छीलने पर निकलने वाले स्त्राव को रेजिन कहते हैं। इस रेजिन में ही तारपीन होता है। तारपीन को अलग तरीकों से निकाला जाता है। पेड़ को छीलने से जो तेल निकलता है उसे गोंद तारपीन कहा जाता है। काठ के विलायक निष्कर्षण से जो तेल प्राप्त होता है उसे काठ तारपीन कहते हैं। इन अलग-अलग तरीकों से प्राप्त तेलों में कोई खास अंतर नहीं है और इनके इस्तेमाल भी एक से ही हैं। इसे तारपीन का तेल भी कहा जाता है।

टर्पिनटाइन ऑयल का उपयोग किस लिए किया जाता है?

औषधीय गुणों से भरपूर टर्पिनटाइन ऑयल कई बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टर्पिनटाइन ऑयल का प्रयोग जोड़ों के दर्द, दांतों में दर्द, मांसपेशी के दर्द और तंत्रिका के दर्द के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल शरीर के विभिन्न अंगों के दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है, इसलिए इसे दर्द निवारक तेल भी कहा जाता है। कुछ लोग फेफड़ों के रोगों के साथ-साथ छाती में जमाव को कम करने के लिए इस तेल को भाप की तरह भी लेते हैं।

कैसे काम करता है टर्पिनटाइन ऑयल?

तारपीन का तेल किस तरीके से काम करता है, इसके बारे में पर्याप्त अध्ययन नहीं है। हालांकि अगर इसे भाप के जरिए लिया जाए तो इससे सांस लेने में आसानी होती है। त्वचा पर इसका इस्तेमाल करने से स्किन पर लालिमा हो सकती है, लेकिन ये दर्द को दूर करने में मदद करता है। तारपीन का तेल इस्तेमाल करने से पहले इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।

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उपयोग

कितना सुरक्षित है टर्पिनटाइन ऑयल का उपयोग ?

तारपीन के तेल को कोई एडल्ट अपनी स्किन पर या फिर ठीक तरीके से स्टीम के जरिए लेता है तो ये सुरक्षित है, लेकिन मुंह के जरिए इसे लाना या फिर स्किन के ज्यादा हिस्से पर इसका प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। इसे कभी भी बच्चों को मुंह के जरिए देने की गलती न करें। तारपीन के तेल में केमिकल होते हैं, जिसे पीने के बाद बच्चे की जान भी जा सकती है। हालांकि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि बच्चों की त्वचा पर इसे इस्तेमाल करना सेफ है या नहीं, लेकिन बच्चों के लिए इसका प्रयोग करने से बचें।

ये लोग बनाकर रखें दूरी

  • स्तनपान कराने वाली और गर्भवती महिलाओं को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसको पीने से मिसकैरेज हो सकता है। साथ ही स्टीम लेने और स्किन पर भी इसका प्रयोग न करें।
  • अगर आप किसी दूसरी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसे लेने की गलती न करें।
  • अगर आप किसी और बीमारी से ग्रसित हैं तो भी इसका प्रयोग न करें।

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साइड इफेक्ट्स

टर्पिनटाइन ऑयल से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

स्किन पर इस्तेमाल करने से आपको जलन हो सकती है। स्टीम के जरिए इसे लेने से खासकर अस्थमा और काली खांसी वाले मरीजों के वायुमार्ग में ऐंठन पैदा हो सकती है। अगर किसी को फेफड़ों की समस्या है तो वो इसको स्टीम में न लें। इससे उनकी हालत और भी खराब हो सकती है। ज्यादा मात्रा में तारपीन का तेल पीने से कई घातक दुष्‍परिणाम हो सकते हैं जैसे तेज सिरदर्द, नींद न आना, खांसी, फेफड़ों में रक्तस्राव, उल्टी, गुर्दे की क्षति, मस्तिष्क क्षति और कोमा।

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डोसेज

टर्पिनटाइन ऑयल को लेने की सही खुराक क्या है ?

हर मरीज के लिए तारपीन के तेल की खुराक अलग होती है। ये मरीज की उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। इसे कितनी मात्रा में लिया जाए इसे लेकर कोई पर्याप्त वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। अपने दिमाग में ये बात हमेशा रखें कि हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए इसको लेने से पहले अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से एक बार जरूर परामर्श करें।

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उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

  • टर्पिनटाइन लिक्विड ऑयल

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रिव्यू की तारीख अक्टूबर 7, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 8, 2019

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