Home Pregnancy Test : घर बैठे कैसे करें प्रेग्नेंसी टेस्ट?

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Update Date मई 22, 2020
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जानें मूल बातें

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Tests) क्या है?

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट में पेशाब के नमूने से प्रेग्नेंसी हार्मोन ( जिसे ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन या hCG कहा जाता है) की मौजूदगी का पता चलता है। प्रेग्नेंसी के दौरान hCG की मात्रा अधिक होती है। होम प्रेग्नेंसी टेस्ट यदि सही तरह से किया जाए तो इसके परिणाम डॉक्टर की क्लिनिक पर किए टेस्ट जैसे ही होते हैं।

जब महिला गर्भवती होती है, तो आमतौर पर अंडे फैलोपियन ट्यूब में स्पर्म द्वारा फर्टिलाइज होते हैं। फर्टिलाइजेशन के 9 दिनों के अंदर ही अंडा फैलोपियन को नीचे गर्भाशय की ओर ले जाता है और उसकी दीवार से जुड़ जाता है। जब फर्टिलाइज अंडे प्रत्यारोपित हो जाता है, तो प्लेसेंटा विकसित होने लगा है जिससे hCG का स्राव महिला के रक्त में होता है। कुछ hCG महिला के यूरिन में जाते हैं। प्रेग्नेंसी के शुरुआती कुछ हफ्तों में पेशाब में hCG का स्तर बहुत जल्दी बढ़ता है, यह हर 2 से 3 दिन में दोगुना हो जाता है।

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होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Test) आमतौर पर दो प्रकार के होते हैं।

  • सबसे आम होम प्रेग्नेंसी टेस्ट में एक टेस्ट स्ट्रिप या डिपस्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। इस स्टिक को यूरिन के सैंपल में डाला जाता है, यदि hCG मौजूद रहेगा तो अंदर डाले गए हिस्से का रंग बदल जात है, जिसका मतलब है कि आप प्रेग्नेंट हैं।
  • दूसरे तरह के टेस्ट में परीक्षण उपकरण के साथ यूरिन कलेक्शन कप का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह के टेस्ट में आप पेशाब की कुछ बूंदे परीक्षण उपकरण में डाल सकती हैं, या फिर उपकरण को यूरिन के सैंपल में डाला जा सका है। hCG मौजूद रहेगा तो उपकरण के एक हिस्से का रंग बदलने लगेगा, इसका मतलब है कि आप प्रेग्नेंट हैं।

सटीक परिणाम के लिए सुबह के पहले यूरिन (रातभर ब्लैडर में जो जमा हुआ है) का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट की सटीकता हर महिला के लिए अलग हो सकती है क्योंकिः

  • किसी महिला का मासिक धर्म चक्र और ओव्यूलेशन हर महीने बदलता रहता है।
  • फर्टिलाइज अंडे का प्रत्यारोपण किस दिन हुआ इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाती।
  • hCG का पता लगाने के लिए सभी तरह के होम प्रेग्नेंसी किट की संवेदनशीलता अलग होती है। यदि स्तर बहुत कम है, तो सुबह के पहले यूरिन की जांच से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है।

पीरियड मिस होने के पहले ही दिन कुछ होम प्रेग्नेंसी टेस्ट से प्रेग्नेंसी का पता चल जाता है, लेकिन अधिकांश टेस्ट किट पीरियड मिस होने के हफ्ते बाद ही सही नतीजा दिखाते हैं।

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होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Test) क्यों किया जाता है?

यदि आपको लगता है कि आप प्रेग्नेंट हैं, तो अस्पताल या डॉक्टर के पास जाने से पहले घर पर ही प्रेग्नेंसी टेस्ट कर लें।

पहले जानने योग्य बातें

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए ?

पीरियड मिस होने के पहले दिन ही होम प्रेग्नेंसी किट का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन अधिक सटिक नतीजे के कुछ दिन इंतजार करना ठीक रहेगा। यदि आप पीरियड मिस होने के तुरंत बाद टेस्ट करते हैं और परिणाम निगेटिव आता है, तो पीरियड न आने पर एक हफ्ते के अंदर इसे आप फिर से कर सकती हैं, या डॉक्टर की क्लिनिक में टेस्ट करवा सकती हैं।

अधिकांश महिलाओं को पीरियड मिस होने के कुछ ही दिनों में पॉजिटिव नतीजे मिल जाते हैं, जबकि कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी की शुरुआत में निगेटिव टेस्ट रिजल्ट मिलते हैं।

ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) यूरिन में जाने से पहले रक्त में पाया जाा है। इसलिए फर्टिलाइज अंडे के प्रत्यारोपित होने के 6 दिन के बाद ब्लड टेस्ट से प्रेग्नेंसी की पुष्टि हो सकती है (यहां तक कि पीरियड्स मिस होने से भी पहले)।

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जानिए क्या होता है

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Tests) के लिए कैसे तैयारी करें ?

मेडिकल या ग्रोसरी स्टोर से आप प्रेग्नेंसी किट खरीद सकती हैं, इसके लिए किसी प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती।

टेस्ट किट में प्लास्टिक की डिपस्टिक या टेस्ट स्ट्रिप होती है बाकी निर्देश दिए होते हैं कि कैसे टेस्ट करना है। कुछ किट में यूरिन कलेक्शन कप और डिपस्टिक होता है जिसे यूरिन में डुबाया जाता है।

मिडस्ट्रीम किट में एक टेस्ट स्ट्रिप पट्टी होती है जिसे कुछ सेकंड के लिए यूरिन में डालकर रखा जाता है। सभी किट में परिणामों को पढ़ने से पहले कुछ देर प्रतिक्षा करने के लिए कहा जाता है।

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Tests) के दौरान क्या होता है?

किट पर दिए गए निर्देशों को सावधानीपूर्वक पढ़ें। सभी किट के निर्देश अलग हो सकते हैं। सटीक परिणाम के लिए निर्देशानुसार ही परिणामों को पढ़ें।

यदि किट के अनुसार सुबह का यूरिन सैंपल चाहिए, तो टेस्ट के लिए कम से कम ब्लैडर में 4 घंटे रहे यूरिन का ही इस्तेमाल करें। सुबह की पेशाब के नमूने से किए गए टेस्ट से सटीक परिणाम आते हैं। यूरिन कलेक्ट करने के 15 मिनट के अंदर परिक्षण कर लें।

यदि आप मिडस्ट्रिम किट का इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले थोड़ी मात्रा में पेशाब करें और फिर पेशाब करते समय अपने मूत्र प्रवाह में डिपस्टिक को पकड़े रहें। किट में दिए निर्देशानुसार ही पेशाब के नमूने का परीक्षण करें।

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट (Home Pregnancy Tests) के बाद क्या होता है?

किसी भी तरह की होम प्रेग्नेंसी टेस्ट का रिज़ल्ट यदि पॉजिटिव आता है यानी वह बताता है कि आप प्रेग्नेंट है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यदि टेस्ट का रिजल्ट निगेटिव आता है, फिर भी आपके प्रेग्नेंट होने की संभावना रहती है। ऐसे में पीरियड्स न आने पर एक हफ्ते में फिर से ये टेस्ट करें। यदि इसमें भी रिजल्ट निगेटिव आता है तो इसका मतलब है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है। ऐसे में अपने डॉक्टर से संपर्क करें और पूछे कि पीरियड्स में देरी क्यों हो रही है।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

पॉजिटिव और निगेटिव रिजल्ट का क्या मतलब है यह समझना बहुत ज़रूरी है।

यदि आपका परिणाम पॉजिटिव आता है, आप प्रेग्नेंट हैं। भले ही चिन्ह, रंग कितने भी हल्के क्यों न हो। पॉज़िटिव रिज़ल्ट के बाद डॉक्टर से बात करें कि आगे क्या करना है।

दुलर्भ मामलों में गलत पॉजिटिव रिजल्ट आता है।  इसका मतलब है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है, लेकिन रिजल्ट आपको प्रेग्नेंट बता रहा है। यूरिन में ब्लड या प्रोटीन की मौजूदगी की वजह से गलत रिपोर्ट आ सकती है। इसके अलावा ट्रैंक्विलाइजर, एंटी-ऐंक्लांट्स या हिप्नोटिक्स जैसी कुछ दवाओं की वजह से भी गलत पॉजिटिव परिणाम आ सकते हैं।

यदि आपका परिणाम निगेटिव है, आप संभवतः प्रेग्नेंट नहीं है, लेकिन आप प्रेग्नेंट हो भी सकती हैं यदि:

  • टेस्ट की एक्सपायरी डेट खत्म हो गई हो।
  • आपने गलत तरीके से टेस्ट किया हो।
  • आपने बहुत जल्दी टेस्ट किया हो।
  • आपका यूरिन बहुत पतला था, क्योंकि टेस्ट के पहले आपने बहुत ज़्यादा तरल पदार्थ का सेवन किया था।
  • आप डायूरेटिक्स या एंटीथिस्टेमाइंस जैसी दवा का सेवन कर रही हों।

यदि आपका टेस्ट रिजल्ट निगेटिव आता है, तो एक हफ्ते के अंदर दोबारा टेस्ट कर प्रेग्नेंसी की जांच कर सकते हैं।

क्या हो यदि आपको दो अलग-अलग परिणाम मिले?

डॉक्टर से संपर्क करें। ब्लड टेस्ट के ज़रिए सही परिणाम का पता लगाया जा सकता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी तरह की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता है।

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