HCG Blood Test: जानें क्या है एचसीजी ब्लड टेस्ट?

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Update Date मई 22, 2020
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परिभाषा

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट क्या है?

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट (HCG) (एचसीजी) रक्त में मौजूद एचसीजी हार्मोन के स्तर को मापता है।

एचसीजी प्रेग्नेंसी के दौरान उत्पन्न होता है। आपका डॉक्टर एचसीजी ब्लड टेस्ट को किसी अन्य नाम से भी बता सकता है जैसेः

  • बीटा-एचसीजी ब्लड टेस्ट
  • क्वांटिटेटिव ब्लड प्रेग्नेंसी टेस्ट
  • क्वांटिटेटिव एचसीजी ब्लड टेस्ट
  • क्वांटिटेटिव सीरियल बीटा-एचसीजीटेस्ट
  • रिपीट क्वांटिटेटिव बीटा-एचसीजी टेस्ट

एचसीजी ब्लड टेस्ट और एचसीजी यूरिन टेस्ट में बहुत अंतर है।

यूरिन टेस्ट डिहाइड्रेशन और किस समय आप टेस्ट कराते हैं, जैसे कारकों से प्रभावित हो सकता, जबकि एचसीजी ब्लड टेस्ट उस मामले में भी निर्णायक परिणाम देता है जब एचसीजी का स्तर काफी कम होता है।

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ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट क्यों किया जाता है?

एचसीजी ब्लड टेस्ट किया जाता हैः

  • प्रेग्नेंसी की पुष्टि के लिए
  • भ्रूण की अनुमानित उम्र का पता लगाने के लिए
  • असामान्य जैसे अस्थानिक प्रेग्नेंसी के निदान के लिए
  • संभावित गर्भपात के निदान के लिए
  • डाउन सिंड्रोम की जांच के लिए

प्रेग्नेंसी की जांच के लिए कभी-कभी एचसीजी ब्लड टेस्ट किसी ऐसे चिकित्सा उपचार के इस्तेमाल से पहले किया जाता है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुसकान पहुंच सकता है, जैसे- एक्स रे।

यदि एचसीजी टेस्ट में प्रेग्नेंसी की पुष्टि हो जाती है तो हेल्थकेयर प्रोफेशनल यह सुनिश्चित करता है कि उपचार के दौरान भ्रूण को किसी तरह की हानि न पहुंचे।

बीटा ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट को ट्यूमर मार्कर माना जाता है, इसका मतलब है कि यह एक ऐसा पदार्थ है कुछ तरह के ट्यूमर से उत्सर्जित होता है। इसलिए कई मामलों में एचसीजी ब्लड टेस्ट कुछ तरह के कैंसर का मूल्यांकन करने और उनके इलाज के लिए भी किया जाता है।

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एहतियात/चेतावनी

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

कोई भी परीक्षण हमेशा 100 फीसदी सही नहीं होता। एचसीजी टेस्ट भी प्रेग्नेंसी के लिए गलत निगेटिव परिणाम और गलत पॉज़िटिव परिणाम दिखा सकता है। आपका डॉक्टर परिणाम की जांच करेगा और किसी तरह का संदेह होने पर फॉलो अप टेस्ट के लिए कहेगा।

कुछ दवाएं, जिसमें ऐसी दवाएं भी शामिल हैं जिसमें एचसीजी होता है, वह एचसीजी ब्लड टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं। इसमें फर्टिलिटी दवाइयां, प्रेग्नेंसी और पेर्गोनल आदि शामिल हैं।

गांजे के ध्रूमपान से भी एचसीजी स्तर का परिणाम बढ़ा हुआ आ सकता है।

टेस्ट के परिणाम जर्म सेल ट्यूमर्स से भी प्रभावित हो सकते हैं। यह आमतौर पर प्रजनन अंगों में पाए जाते हैं। ये ट्यूमर आपके अंडों और स्पर्म के समान ही कोशिकाओं में विकसित होते हैं।

प्रेग्नेंसी न होने पर एचसीजी का उच्च स्तर कैंसर की ओर इशारा करता है, इसलिए आपका डॉक्टर और टेस्ट के लिए कह सकता है।

गलत निगेटिव रिज़ल्ट

यदि एचसीजी टेस्ट का परिणाम निगेटिव आता है तो इसका मतलब है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है।

हालांकि, यदि प्रेग्नेंसी के एकदम शुरुआत में यह टेस्ट किया जाए, यानी तब जब शरीर में hCG पर्याप्त हार्मोन बने ही न हो, तो परिणाम निगेटिव आ सकता है।

गलत निगेटिव रिजल्ट बताता है कि महिला प्रेग्नेंट नहीं है, जबकि वह वास्तव में होती है। क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान एचसीजी का स्तर बहुत जल्दी बदलता है, इसलिए हार्मोन के स्तर में हो रहे बदलाव की निगरानी के लिए 48 से 72 घंटों के भीतर फिर से एचसीजी ब्लड टेस्ट किया जाना चाहिए।

गलत पॉज़िटिव रिज़ल्ट

कुछ स्थितियों में एचसीजी उन महिलाओं में भी रहता है जो प्रेग्नेंट नहीं है जिससे गलत पॉज़िटिव रिज़ल्ट आता है।

गलत पॉजिटिव रिजल्ट बताता है कि महिला प्रेग्नेंट है, जबकि वास्तव में वह नहीं है।

यदि आपके शरीर में कुछ तरह के एंटीबॉडीज का उत्पादन होता है, जो कि एचसीजी अणु के टुकड़े होते हैं, या लैब में कोई गलती हुई हो, तो गलत परिणाम आ सकता है।

यदि परिणाम के बारे में आपको किसी तरह का संदेह है तो परीक्षण के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Uric Acid Blood Test : यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट क्या है?

प्रक्रिया

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट के लिए कैसे तैयारी करें?

एचसीजी ब्लड टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की ज़रूरत नहीं होती है।

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट के दौरान क्या होता है?

हेल्थकेयर प्रोफेशनल आपका ब्लड सैंपल लेता है, जिसके लिए वह निम्न कदम उठाएगा:

  • ऊपरी बाह में एक रबड़ बैंड बांधा जाता है जिससे रक्तप्रवाह रुक जाए और नस साफ दिखाई दे, ताकि सुई आसानी से चुभाई जा सके।
  • जहां नस दिखाई देती है उस जगह को एल्कोहल से साफ किया जाता है।
  • नस में एक सुई डाली जाती है जिसमें ट्यूब अटैच होती है, इसी ट्यूब में ब्लड आ जाता है।
  • ब्लड लेने के बाद रबड़ बैंड हटा दिया जाता है।
  • जहां से सुई लगाई जाती है उस जगह पर रूई लगा दिया जाता है।
  • रूई को दबाकर ऊपर से बैंडेज लगाया जाता है।

ह्यूमन कोरियोनिक गॉनाडोट्रोपिन ब्लड टेस्ट के बाद क्या होता है?

परीक्षण के लिए आपके रक्त का नमूना लैब में भेजा जाता है। इस टेस्ट के बाद किसी तरह की खास देखभाल की ज़रूरत नहीं होती है, यदि डॉक्टर ने कोई खास सलाह न दी हो , तो आप अपनी नियमित दिनचर्या शुरू कर सकते हैं।

एचसीजी ब्लड टेस्ट के बारे में तरह का प्रश्न होने पर और उसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

परिणाम आने के बाद डॉक्टर आपको आपका एचसीजी स्तर बताएगा। इन स्तरों को प्रति मिलिलीटर रक्त में एचसीजी हार्मोन की मिली-इंटरनेशनल यूनिट (mIU/mL) में मापा जाता है।

  • hCG का स्तर यदि 5 mIU/mL से कम है तो प्रेग्नेंसी रिपोर्ट निगेटिव है और यदि यह 25 mIU/mL से अधिक है तो प्रेग्नेंसी पॉज़िटिव है।
  • hCG स्तर 6 से 24 mIU/mL के बीच है तो स्थिति संदेह जनक है और प्रेग्नेंसी की पुष्टि के लिए फिर से टेस्ट कराने की ज़रूरत है।

एचसीजी का निम्न स्तर किसी भी कारण से हो सकता है और स्तर में बदलाव के मूल्यांकन के लिए 48-72 घंटे के भीतर फिर से टेस्ट करना चाहिए।

एचसीजी का निम्न स्तर संकेत करता हैः

  • प्रेग्नेंसी डेट की गलत गिनती
  • संभावित गर्भपात या डिंब का क्षतिग्रस्त होना
  • अस्थानिक गर्भावस्था

एचसीजी का का उच्च स्तर भी कई कारणों से हो सकता है और स्तर में बदलाव के मूल्यांकन के लिए 48-72 घंटे के भीतर फिर से टेस्ट करना चाहिए।

एचसीजी का उच्च स्तर संकेत करता हैः

  • प्रेग्नेंसी डेट की गलत गिनती
  • मोलर प्रेग्नेंसी
  • एक से अधिक प्रेग्नेंसी

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर एससीची टेस्ट की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी तरह की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता है।

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