Testicular Torsion: टेस्टिकुलर टॉर्सन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट October 18, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिचय

टेस्टिकुलर टॉर्सन क्या है?

मरोड़ (torsion) शब्द का अर्थ है “मरोड़ना।” टेस्टिकुलर टॉर्सन तब होता है जब पुरुष के अंडकोष (testicle) चारों ओर मुड़ जाती है। जो कि टेस्टीकल्स से जुड़ी होती है स्पेरमेटिक कोर्ड को भी मरोड़ती है। इस कोर्ड में वेजल (vessel) होती हैं जो खून को अंडकोष (testicle) में ले जाती हैं।

टेस्टिकुलर टॉर्सन में ब्लड के प्रवाह को धीमा या काट सकता है। खून की कमी से प्रभावित अंडकोष सूज जाता है और दर्दनाक हो जाता है। वृषण मरोड़ एक चिकित्सा आपातकाल है। बांझपन और अन्य कॉम्पलीकेशन को रोकने के लिए, और अंडकोष को बचाने के लिए आपको जल्द से जल्द इलाज कराने की आवश्यकता है।

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टेस्टिकुलर टॉर्सन के लक्षण?

अंडकोष की थैली का दर्द और सूजन टेस्टिकुलर टॉर्सन के मुख्य लक्षण हैं। दर्द की शुरुआत अचानक होती है, और काफी गंभीर होती है। सूजन सिर्फ एक तरफ तक सीमित हो सकता है, या यह पूरे अंडकोश में हो सकता है।

आप भी अनुभव कर सकते हैं:

 1-चक्कर आना

2-जी मिचलाना

3-उल्टी

4-अंडकोष की थैली में गांठ

5-वीर्य में खून (blood in the semen)

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टेस्टिकुलर टॉर्सन के लक्षण?

जिन लोगों में टेस्टिकुलर टॉर्सन होता है, उनमें से कई हालात जोखिम के साथ पैदा होते हैं, हालांकि वे इसे नहीं जानते है।

जन्मजात कारक (Congenital factors)

आमतौर पर अंडकोष मुड़ नहीं सकता आसपास का टीशू मजबूत और सहायक होता है। जो कभी-कभी टॉर्सन का अनुभव करते हैं, उनके अंडकोश में कमजोर कनेक्टीव टीशू होता है।

हालांकि हर कोई जो इस स्थिति का अनुभव करता है, उसके लिए एक आनुवांशिक प्रवृत्ति (predisposition) होती है। एक अध्ययन के अनुसार, टेस्टीकुलर टॉर्सन वाले लगभग 10 प्रतिशत लोगों में बीमारी का पारिवारिक इतिहास होता है।

अन्य कारण

ये बीमारी कभी भी हो सकती है। जब आप सो रहे होते हैं या शारीरिक गतिविधि में संलग्न होते हैं तो टेस्टिकुलर टॉर्सन हो सकता है। यह ग्रोइन (groin) की चोट के बाद भी हो सकता है, जैसे कि खेलते वक्त अचानक से चोट लगना। एक निवारक कदम के रूप में, आप खेलते वक्त सेफ्टी कप पहन सकते हैं। यौवन के दौरान अंडकोष (testicle) का तेजी से विकास होना बीमारी का कारण हो सकता है।

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डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अचानक या गंभीर अंडकोष के दर्द के लिए डॉक्टर को तुरंत दिखाएं यदि आपको टेस्टिकुलर टॉर्सन है तो जल्द उपचार करके आपने अंडकोष की गंभीर क्षति या हानि को रोक सकते हैं।

यदि आपको अचानक अंडकोष का दर्द है जो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेकर इलाज कराएं। यह तब होता है जब अंडकोष मुड़ जाता है और फिर अपने आप रुक जाता है (रुक-रुक कर मरोड़)। समस्या को दोबारा होने से रोकने के लिए सर्जरी की अक्सर जरुरत होती है।

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टेस्टिकुलर टॉर्सन के जोखिम?

उम्र- टेस्टिकुलर टॉर्सन 12 और 18 की उम्र के बीच सबसे आम है।

पहले से टेस्टिकुलर टॉर्सन होना- यदि आपको पहले से ही टेस्टिकुलर टॉर्सन है और बिना इलाज के खत्म हो गया है  (आंतरायिक मरोड़), तो यह फिर से होने की संभावना है। दर्द के अधिक बार होने पर, टेस्टिकुलर टॉर्सन का जोखिम अधिक होता है।

टेस्टिकुलर टॉर्सन का पारिवारिक इतिहास- ये बीमारी पहले से ही परिवार में किसी को भी हो सकता है।

कॉम्प्लीकेशन-

टेस्टिकुलर टॉर्सन निम्नलिखित कॉम्प्लीकेशन का कारण बन सकता है:

अंडकोष (testicle) की क्षति या मृत्यु जब टेस्टीकुलर टॉर्सन हुआ होता है तो कई घंटों तक इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो अवरुद्ध ब्लड प्रवाह अंडकोष को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। यदि अंडकोष बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उसे शल्यचिकित्सा से हटाना होगा।

निवारण (PREVENTION)

टेस्टिकल्स अंडकोष में घूमता रहता है जो कुछ पुरुषों को पहले से ही वंशानुगत लक्षण है। यदि आपको लगता टेस्टिकुलर टॉर्सन है तो रोकने का एकमात्र तरीका टेस्टिकल्स के अंदर दोनों अंडकोष को संलग्न करने के लिए सर्जरी है।

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टेस्टिकुलर टॉर्सन के उपचार?

टेस्टिकुलर टॉर्सन का इलाज सर्जरी द्वारा होता है हालांकि डॉक्टर एक आपातकालीन रूम में कॉर्ड को मैन्युअल से हटाने की कोशिश करते हैं। इन मामलों में, सर्जरी की आवश्यकता होती है। सर्जरी के दौरान, टेस्टिकुलर टॉर्सन के लिए सर्जन अंडकोष को खोलते हैं जिससे ब्लड प्रवाह हो जाएगा। भविष्य में मरोड़ को रोकने के लिए आंतरिक अंडकोश पर टांके के साथ इसे सुरक्षित रखेगा।

सर्जन आमतौर पर अंडकोष के माध्यम से सर्जरी करते हैं कभी-कभी उन्हें ग्रोइन के माध्यम से एक चीरा भी लगाने की आवश्यकता होती है। भविष्य में होने वाले  मरोड़ को रोकने के लिए अप्रभावित अंडकोष भी ठीक हो सकता है  

अध्ययनों से पता चलता है कि, अगर सर्जरी में छह घंटे से अधिक की देरी होती है, तो यह बहुत संभावना है कि अंडकोष को हटाने की आवश्यकता होगी। यह 12 घंटे के बाद 75 प्रतिशत से अधिक मामलों में होता है।

दुर्भाग्य से, टेस्टिकुलर टॉर्सन वाले नवजात बच्चे अक्सर अपने अंडकोष को खो देते हैं क्योंकि खून प्रवाह बहुत लंबे समय तक बाधित हो जाता है और वेजल मर जाता है (संक्रमित हो जाता है)। टेस्टिकुलर टॉर्सन को हटाने और अन्य अंडकोष को सीवन  करने के लिए सर्जरी की जाएगी ताकि बाद में मुड़ न जाए।

और पढ़ें : Testicular Ultrasound: टेस्टिकुलर अल्ट्रासाउंड क्या है?

टेस्टिकुलर टॉर्सन के घरेलू उपाय?

अंडकोष का दर्द, जैसे कि मामूली चोट और द्रव संग्रह (fluid collection), अक्सर घर की देखभाल के साथ इलाज किया जा सकता है। 

निम्नलिखित घरेलु उपाय सूजन को कम कर सकते हैं:

1-एथलेटिक पहनकर अंडकोश की सहायता प्रदान करें।

2-अंडकोष पर बर्फ लगाएं।

3-अगर सूजन के लक्षण हैं तो गर्म स्नान करें।

4-लेटते समय अपने अंडकोष के नीचे तौलिया रखें।

5-एसिटामिनोफेन (acetaminophen) या इबुप्रोफेन (ibuprofen) जैसे ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक का प्रयास करें। बच्चों को एस्पिरिन (aspirin) न दें।

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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