आपकी सेहत के बारे में क्या बताता है अंडकोष का रंग? जानें अंडकोष का इलाज

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

अंडकोष पुरुषों में थैलीनुमा संरचना होती है। इसे स्क्रोटम (scrotum) भी कहा जाता है। स्क्रोटम की त्वचा ढीली होती है। अंडकोष के अंदर टेस्टिस होते हैं। टेस्टिस का मुख्य कार्य स्पर्म यानी शुक्राणुओं का निर्माण करना होता है। अंडकोष पेल्विक के ठीक नीचे और दोनों पैर के बीच में होता है। अंडकोष ओवल शेप होता है। अंडकोष का मुख्य कार्य स्पर्म की स्टोरिंग करना होता है। अंडकोष टेम्परेचर मेंटेन रहे, इसलिए ये शरीर से बाहर की ओर होता है। लो टेम्पचेरचर की वजह से स्पर्म के प्रोडक्शन में मदद मिलती है।

अंडकोष का रंग क्या कहता है?

स्क्रोटम टिशू टेस्टिकल्स के अंदर के स्ट्रक्चर को प्रोटक्ट करने का काम करते हैं, जहां स्पर्म के साथ ही महत्वपूर्ण हार्मोन का भी प्रोडक्शन होता है। स्क्रोटम की मदद से ब्लड वेसल्स के साथ ही ट्यूब को भी सुरक्षित रखने का काम करता है, जिससे स्पर्म रिलीज होता है और पेनिस में पहुंचता है। जब अंडकोष में किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो अंडकोष का रंग बदल जाता है। ऐसा उन स्थितियों में होता है जब अंडकोष में दर्द और सूजन आ जाती है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि आखिर क्या होती है अंडकोष में समस्या और क्यों बदल जाता है अंडकोष का रंग।

और पढ़ेंः जानें, हमारे शरीर और पुरूषों कि त्वचा के लिए विटामिन सी के फायदे?

अंडकोष का रंग : टेस्टिकुलर टॉर्सन (Testicular torsion)

टेस्टिकुलर टॉर्सन की समस्या तब उत्पन्न होती है जब टेस्टिकल्स रोटेट होते हैं। स्परमेटिक कॉर्ड के ट्विस्ट होने या उलझ जाने पर ब्लड अंडकोष में पहुंच जाता है, तो भी रंग बदल सकता है या ब्लड फ्लो में अवरोध होने के कारण भी अंडकोष का रंग बदल सकता है। इस कारण गंभीर दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। टेस्टिकुलर टॉर्सन 12 से 18 वर्ष की उम्र के बीच में होना आम माना जाता है। वैसे तो ये समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। टेस्टिकुलर टॉर्सन होने पर इमरजेंसी सर्जरी की जरूरत पड़ती है। अगर सही समय पर इलाज हो जाए तो टेस्टिकल्स सुरक्षित रहते हैं, वहीं लंबे समय तक इलाज न मिल पाने के कारण टेस्टिकल्स डैमेज हो सकते हैं।

और पढ़ेंः क्या पुरुषों के लिए हानिकारक है सोयाबीन?

टेस्टिकुलर टॉर्सन के लक्षण

टेस्टिकुलर टॉर्सन की समस्या हो जाने पर कुछ लक्षण भी महसूस होते हैं, जैसे

कई पुरुषों या लड़कों में टेस्टिकल्स का उलझना हेरीडिटी माना जाता है। टेस्टिकुलर टॉर्सन की समस्या से बचने के लिए सर्जरी की सहायता ली जा सकती है। सर्जरी की सहायता से टेस्टिकल्स को अंडकोष से जोड़ दिया जाता है।

अंडकोष का रंग : हाइड्रोसील की समस्या में

जब अंडकोष के चारों और द्रव्य अधिक मात्रा में भर जाता है, तो हाइड्रोसिल की समस्या हो जाती है। हाइड्रोसिल की समस्या बच्चों में भी होती है। करीब 10 प्रतिशत पुरुष हाइड्रोसील की समस्या के साथ ही पैदा होते हैं। हाइड्रोसिल की समस्या पुरुषों में किसी भी उम्र में हो सकती है। हाइड्रोसिल को आमतौर पर खतरनाक नहीं माना जाता है। हाइड्रोसिल की समस्या होने पर अंडकोष में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है। साथ ही अंडकोष का रंग लाल भी हो सकता है। हमेशा अंडकोष में सूजन जरूरी नहीं है कि हाइड्रोसील का कारण हो। बेहतर होगा कि इस बारे में डॉक्टर से परामर्श करें और जरूरत पड़ने पर जरूरी टेस्ट भी कराएं।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

अंडकोष का रंग : वैरिकोसील (Varicocele )

अंडकोष का रंग

अंडकोष और अंडकोष की थैली में सूजी हुई नसों को वैरिकोसील कहते हैं। 15 से 35 वर्ष के लोग वैरिकोसील का ज्यादा शिकार होते हैं। वैरिकोस नसों में वॉल्व ब्लड को टेस्टिकल और स्क्रॉटम से हार्ट की ओर पहुंचाने में मदद करता है। वॉल्व के काम नहीं करने पर ब्लड एक ही जगह रह जाता है, जिस कारण स्क्रोटम और आस-पास की थैली में सूजन आ जाती है। इस कारण से अंडकोष के रंग में बदलाव महूस किया जा सकता है। वैरिकोसील की समस्या सामान्य मानी जाती है और 15 प्रतिशत वयस्क पुरुषों में देखी जाती है। वहीं किशोर पुरुषों में 20 प्रतिशत इसकी समस्या देखी जाती है और यह 15 से 25 साल के पुरुषों में इसकी परेशानी ज्यादा होती है।

  • स्क्रोटम में सूजन होना
  • स्क्रोटम का सामान्य से ज्यादा बड़ा होना
  • गर्मी के मौसम में दर्द बढ़ जाना, नसों में कमजोरी आना।
  • जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने पर समस्या का बढ़ जाना
  • देर तक खड़े रहने पर समस्या का बढ़ा जाना

अंडकोष का रंग : एपिडीडिमाइटिस (Epididymitis)

एपिडिडीमाइटिस तब होता है जब एपिडिडीमिस में संक्रमण और फिर सूजन की समस्या हो जाती है। ऐसा अक्सर यौन संचारित रोग के कारण होता है। क्लेमेडिया या गोनोरिया के कारण इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। इस कारण से अंडकोष में दर्द, अंडकोष में लालिमा, लिंग से तरल पदार्थ का निकलना, यूरिन पास करने के दौरान दर्द होना, सीमन में ब्लड आना, बुखार आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। अंडकोष का इलाज करवाने के दौरान डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स दवाएं दे सकता है। साथ ही कुछ सावधानी बरतने के लिए भी कह सकता है।

और पढ़ेंः जानें मेल मेनोपॉज क्या है? महिलाओं की तरह पुरुषों में भी होता है मेनोपॉज

अंडकोष का रंग :  ऑर्काइटिस (Orchitis)

अंडकोष के इंफेक्टेड हो जाने की कंडीशन को ऑर्काइटिस कहते हैं। एपिडिडीमाइटिस की तरह ही ऑर्काइटिस अक्सर एसटीआई के कारण संक्रमण से होता है। अन्य कारणों में तपेदिक, वायरस जैसे मंप्स, कवक और परजीवी शामिल हो सकते हैं। इन कारणों से अंडकोष का रंग बदल कर गहरा लाल हो सकता है।

और पढ़ेंः पुरुषों में हेयर फॉल के कारण और इलाज के बारे में जानें सबकुछ

अंडकोष में समस्या होने पर दर्द के साथ ही सूजन की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में डॉक्टर पहले जांच करता है। जांच के रिजल्ट के आधार पर ही ट्रीटमेंट किया जाता है। डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करवा कर सूजन और परेशानियों को समझते हुए इलाज करते हैं। साथ ही सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है। अंडकोष की बीमारी होने पर दर्द और सूजन लक्षण के तौर पर महसूस किए जाते हैं। हाइड्रोसिल की समस्या को अधिक गंभीर नहीं माना जाता है, लेकिन द्रव के अधिक मात्रा में बढ़ जाने पर सर्जरी के माध्यम से उसे निकाला जाता है। अगर आपको भी अंडकोष में किसी भी प्रकार का बदलाव महसूस हो रहा है, तो बेहतर होगा कि एक बार डॉक्चर से संपर्क जरूर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Spermatocele: स्पर्माटोसील क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए स्पर्माटोसील क्या है in hindi, Spermatocele के कारण in hindi, जोखिम और उपचार क्या है, स्पर्माटोसील को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Poonam
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z फ़रवरी 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Hydrocele: हाइड्रोसील क्या है?

जानिए हाइड्रोसील क्या है in hindi, हाइड्रोसील के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, Hydrocele को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Poonam
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z फ़रवरी 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

क्या आप सरोगेसी और सरोगेट मां के बारे में जानते हैं ये बातें?

सरोगेट मां डोनर के बच्चे को जन्म देती है। सरोगेसी एक मेडिकल समस्या का चिकित्सीय समाधान है। बच्चे की चाह रखने वाले कपल्स Surrogate Maa का सहारा ले सकते हैं। सरोगेट मां की जानकारी in hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रेग्नेंसी प्लानिंग, प्रेग्नेंसी दिसम्बर 27, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

मोटापे के कारण इनफर्टिलिटी का शिकार हो सकते हैं पुरुष भी

मोटापे के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि पुरुषों में भी हो सकती है। स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। Impact of obesity on male fertility. मोटापे के कारण इनफर्टिलिटी की जानकारी in hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रेग्नेंसी प्लानिंग, प्रेग्नेंसी दिसम्बर 23, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

क्या स्पर्म का तैरना था एक ऑप्टिकल भ्रम?

क्या स्पर्म का तैरना था एक ऑप्टिकल भ्रम? क्या सिद्ध हुआ है नए अध्ययन से जानिए

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu sharma
प्रकाशित हुआ अगस्त 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
फीमेल इजेकुलेशन

क्या है फीमेल इजेकुलेशन (female ejaculation) का सच? जानें इससे जुड़ी सभी बातें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ जून 24, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
टेस्टिकुलर टॉर्सन

Testicular Torsion: टेस्टिकुलर टॉर्सन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Poonam
प्रकाशित हुआ मई 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
एपिडिडीमाइटिस -Epididymitis

Epididymitis: एपिडिडीमाइटिस क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh
प्रकाशित हुआ मार्च 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें