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क्या आपको भी परेशान करती है पेशाब में जलन की समस्या?

क्या आपको भी परेशान करती है पेशाब में जलन की समस्या?

पेशाब में जलन (डिस्यूरिया) एक गंभीर समस्या है। हर व्यक्ति कभी न कभी पेशाब में जलन की समस्या को महसूस करता है। पेशाब में जलन होने पर आपको डिस्यूरिया (पेशाब में जलन) में दर्द, असहजता या यूरिन पास करते वक्त जलन होती है। हालांकि, पुरुषों के मुकाबले यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है। वहीं, पुरुषों में यह अधिक उम्र के लोगों को होती है। आज हम इस आर्टिकल में पेशाब में जलन की समस्या के हर पहलू पर विस्तृत जानकारी देंगे।

पेशाब में जलन क्या है?

यूरिन पास करते वक्त अक्सर आपको तेज या मध्यम जलन का अहसास होता है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन की वजह से कई बार यूरिन पास करते वक्त दर्द का अहसास भी होता है। हालांकि, यह इन्फेक्शन यूरिनरी ट्रैक के किसी भी हिस्से में हो सकता है। पेशाब में जलन को ब्लैडर इन्फेक्शन का एक सामान्य लक्षण माना जाता है। 20-50 वर्ष की आयु वाली महिलाओं में यह सबसे ज्यादा सामान्य है।

सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान यूरेथ्रा से बैक्टीरिया बॉडी में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं और लड़कियों में यह यूरिन पास करने के बाद पीछे से आगे की तरफ टिश्यू से साफ करते बैक्टीरिया फैल सकता है। महिलाओं के यूरेथ्रा में बैक्टीरिया के प्रवेश के बाद यह ब्लैडर तक पहुंच जाता है। हालांकि, दोनों के बीच की दूरी काफी कम होती है। 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में प्रोस्टेट बड़े होने या प्रोस्टेट इन्फेक्शन की वजह से ब्लैडर इन्फेक्शन होता है। यहीं से पेशाब में जलन की शुरुआत होती है।

और पढ़ें- किडनी रोग होने पर दिखते हैं ये लक्षण, ऐसे करें बचाव

पेशाब में जलन के कारण

यूरिनरी ट्रैक में बैक्टीरिया के इक्कट्ठा हो जाने की स्थिति में यूटीआई इन्फेक्शन होता है। यह हिस्सा किडनी से ब्लैडर और ब्लैडर से यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) तक जाता है। यह बॉडी से यूरिन को बाहरी तरफ लेकर आता है।

यूटीआई इन्फेक्शन से पेशाब में जलन

यौन संचरित इन्फेक्शन (STD)

यौन संचरित इन्फेक्शन जैसे क्लेमेडिया संक्रमण, गोनोरिया संक्रमण और हर्पीस यूरिनरी ट्रैक को प्रभावित कर सकते हैं। इनसे पेशाब में जलन हो सकती है। हर्पीस में गुप्तांगों में छाले जैसे घाव बन जाते हैं। यौन संचरित इन्फेक्शन होने पर आपको पेशाब में जलन का अहसास हो सकता है। हालांकि, इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।

प्रोस्टेट इन्फेक्शन में पेशाब में जलन

एक शॉर्ट टर्म बैक्टीरियल इन्फेक्शन प्रोस्टेट इन्फेक्शन या प्रोस्टेटाइटिस में बदल सकता है। ऐसा होने पर आपको पेशाब में जलन का अहसास होता है। क्रोनिक इन्फेलेमेशन भी एक अन्य समस्या है जैसे एसटीआई (STI) प्रोस्टेटाइटिस में बदल सकती है। ऐसा होने पर पेशाब में जलन होती है।

प्रोस्टेट इन्फेक्शन और पेशाब में जलन के लक्षण

  • यूरिन पास करने में परेशानी
  • ब्लैडर, टेस्टिकल्स और पेनिस में दर्द
  • इजेक्युलेशन में परेशानी या दर्द होना
  • फ्रीक्वेंट यूरिनेशन, विशेषकर रात के वक्त

किडनी स्टोन में पेशाब में जलन

किडनी स्टोन होने पर भी पेशाब में जलन की समस्या पैदा होती है। किडनी के आसपास कैल्शियम या यूरिक एसिड जैसे पदार्थ इक्कट्ठा हो जाते हैं। इससे एक कठोर स्टोन का निर्माण होता है। कई बार यह स्टोन ब्लैडर के आसपास बन जाता है। इसी हिस्से से यूरिन ब्लैडर में प्रवेश करता है। इस स्थिति में पेशाब में जलन और दर्द का अहसास होता है।

और पढ़ें: किडनी में ट्यूमर कितने प्रकार के होते हैं, जानिए यहां

लक्षण

  • कमर और एक तरफ दर्द होना
  • गुलाबी या भूरे रंग का यूरिन आना
  • क्लाउडी यूरिन आना
  • उबकाई
  • उल्टी आना
  • दर्द, जिसकी तीव्रता में बदलाव होता हो
  • बुखार
  • सर्दी लगना

बार-बार कम मात्रा में यूरिन पास करना

ओवरियन सिस्ट और पेशाब में जलन

किडनी स्टोन की तरह ही ओवरियन सिस्ट ब्लैडर के बाहरी हिस्से पर दबाव बनाता है। इससे पेशाब में जलन और दर्द होता है। ओवरियन सिस्ट एक या दोनों ही ओवरी में विकसित हो सकते हैं। यह ब्लैडर के एक तरफ बन सकता है।

लक्षण

इंटरस्टीशियल सिस्टाइटिस (Interstitial cystitis)

इस समस्या में जलन हो सकती है। यह ब्लैडर में पुरानी जलन की समस्या है, जो छह हफ्तों से ज्यादा समय तक परेशान कर सकती है। साथ ही यह परेशानी बिना किसी इन्फेक्शन के पैदा हो सकती है। इस प्रकार की समस्या पेशाब में जलन का कारण बन सकती है। आपको इसके लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से परामर्श लेना है।

लक्षण

  • ब्लैडर के हिस्से पर दबाव का अहसास
  • इंटरकोर्स करते वक्त दर्द होना
  • वल्वा या वजायना में दर्द
  • स्क्रोटम (Scrotum) में दर्द
  • फ्रीक्वेंट यूरिन पास करना, लेकिन इसकी मात्रा कम होना

कैमिकल सेंसिविटी

कई बार बॉडी के बाहर वाले कैमिकल्स जैसे फ्रेग्रेंस शरीर के ऊत्तकों में जलन पैदा कर सकते हैं। जब कोई व्यक्ति यूरिन पास करता है तो इस दौरान जलन और दर्द का अहसास किया जा सकता है।

निम्नलिखित प्रोडक्ट्स इस जलन का कारण बन सकते हैं:

  • डाउचेस (douches)
  • साबुन
  • खुशबू वाले टॉयलेट पेपर
  • वजायनल लुब्रिकेंट्स
  • गर्भनिरोधक फोम

और पढ़ें: किडनी कैंसर के क्या हैं लक्षण, जानिए क्या है इसका इलाज ?

कैमिकल से पेशाब में जलन के अन्य लक्षण

  • सूजन
  • लालिमा पड़ना
  • खुजली
  • गुप्तांगों के आसपास या त्वचा पर जलन होना

वजायनल इन्फेक्शन या जलन

इस प्रकार के इन्फेक्शन को वेजिनाइटिस (vaginitis) या वेजिनोसिस (vaginosis) के नाम से जाना जाता है। वजायना में बैक्टीरिया या यीस्ट के पनपने पर वजायनल इन्फेक्शन होते हैं। ऐसा होने पर जलन हो सकती है।

ट्रिकोमोनाइसिस (trichomoniasis) एक प्रकार का एसटीआई है, जो वजायनल इन्फेक्शन का कारण है। दोनों ही स्थितियों में आपको जलन का अहसास हो सकता है।

लक्षण

  • असामान्य वजायनल डिस्चार्ज या दुर्गंध
  • वजायना में जलन
  • इंटरकोर्स करते वक्त दर्द
  • वजायनल ब्लीडिंग, जो आमतौर पर हल्की होती है

रोकथाम के उपाय

  • इस समस्या से राहत पाने के लिए कई घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। इसमें दिनचर्या में बदलाव करना सबसे बड़ा उपाय है।
  • इस स्थिति की रोकथाम के लिए सेंट लगे हुए कपड़े और डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें। साथ ही खुशबूदार टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल न करें।
  • अपने आपको सुरक्षित रखने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें।
  • ब्लैडर में जलन पैदा करने वाले भोजन और बेवरेज को कम करें। इसमें कैफीन, एल्कोहॉल का सेवन, मसालेदार फूड्स, खट्टे फल, खट्टा जूस, टमाटर के प्रोडक्ट्स और आर्टिफिशयल मिठास न लें।
  • ब्लैडर को राहत प्रदान के करने के लिए एसिडिक फूड्स को न खाएं।
  • इलाज के दौरान एक ब्लैंड डायट को फॉलो करें।

और पढ़ें: किडनी इन्फेक्शन क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज

पेशाब में जलन का इलाज

इस समस्या का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है। पेशाब में जलन के पीछे अनेकों कारण हो सकते हैं। चूंकि कई बीमारियों में समान लक्षण नजर आते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार के घरेलू इलाज से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना अति आवश्यक है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में पेशाब में जलन की समस्या को एंटीबायोटिक दवाइयों से ठीक कर दिया जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से यूरिनरी सिस्टम से बैक्टीरिया बॉडी से बाहर बह जाते हैं। इससे पेशाब में जलन कम होती है।

अंत में हम यही कहेंगे कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कारणों को समझें। घरेलू उपाय से पहले डॉक्टर का परामर्श अवश्य लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट a week ago को
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