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टायफाइड का बुखार हो सकता है जानलेवा, जानें इसका इलाज

टायफाइड का बुखार हो सकता है जानलेवा, जानें इसका इलाज

बुखार होना बहुत ही सामान्य बीमारी है, जो कि कई कारणों की वजह से बढ़ने वाले शारीरिक तापमान के कारण होता है। लेकिन, कई बार यह गंभीर वजहों से भी हो सकता है, जो कि व्यक्ति के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी ही एक वजह है टायफाइड (Typhoid), जो कि एक बैक्टीरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection) है। टायफाइड से बचाव व इलाज के लिए जरूरी जानकारी होना आवश्यक है। इस आर्टिकल में आप विस्तारपूर्वक जानेंगे टायफाइड और उसके इलाज (Typhoid Treatment) के बारे में।

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टायफाइड बुखार (Typhoid fever) क्या है?

टायफाइड-Typhoid

जैसा कि आप जान चुके हैं, टायफाइड बुखार एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो पूरे शरीर में फैलकर कई शारीरिक अंगों को प्रभावित करता है, इसलिए इसका इलाज जरूरी है। इसका मुख्य कारण साल्मोनेला एन्ट्रिका सेरोटाइप टाइफी (Salmonella Entrica Serotype Typhi) बैक्टीरिया होता है। इस बैक्टीरिया के अलावा, टायफाइड बुखार साल्मोनेला पैराटाइफी ((Salmonella Paratyphi)) से भी हो सकता है। अगर इस बीमारी में शीघ्र उपचार उपलब्ध नहीं होता है, तो यह शारीरिक समस्या जानलेवा भी साबित हो सकती है। टायफाइड बुखार दूषित पानी या खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आसानी से हो सकता है। जिसमें मुख्य रूप से शारीरिक दर्द, त्वचा पर रैशेज और हाई फीवर होने लगता है।

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क्या टायफाइड बुखार (Typhoid fever) संक्रामक होता है?

टायफाइड-Typhoid

इस सवाल का जवाब है, हां। टायफाइड बुखार संक्रामक है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। लेकिन, यह एक दूसरे को छूने से नहीं फैलता। बल्कि, अगर संक्रमित व्यक्ति के स्टूल और यूरिन में मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में कोई और व्यक्ति आ जाता है, तो टायफाइड फैल सकता है। इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति इस बैक्टीरिया से दूषित खाद्य पदार्थ या तरल पदार्थों का सेवन करता है, तो उसकी इस बैक्टीरियल इंफेक्शन से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है और उसे टायफाइड बुखार हो सकता है।

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टायफाइड बुखार के लक्षण क्या होते हैं? (Symptoms of Typhoid fever)

टायफाइड बुखार के लक्षण शुरुआत में सामान्य बुखार के अन्य लक्षणों जैसे हो सकते हैं। लेकिन, यह गंभीर हो सकते हैं और आगे चलकर अन्य शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकते हैं। जरूरी नहीं कि टायफाइड बुखार के लक्षण निम्नलिखित ही हों, बल्कि इसके लक्षण नीचे बताए गए लक्षणों से अलग भी हो सकते हैं या निम्नलिखित में से एक से ज्यादा भी हो सकते हैं। आइए, टायफाइड बुखार के मुख्य लक्षणों के बारे में जानते हैं।

इन लक्षणों के अलावा टायफाइड की वजह से कुछ गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं। जिसमें इंटेस्टाइनल ब्लीडिंग या आंतों में छेद की वजह से होने वाला इंफेक्शन हो सकता है। जिसे सेप्सिस (Sepsis) भी कहा जाता है, जो कि जानलेवा स्थिति हो सकती है। इस समस्या की वजह से जी मिचलाना, उल्टी और गंभीर पेट दर्द हो सकता है। आइए, अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जानते हैं। जैसे-

  • किडनी या ब्लेडर इंफेक्शन
  • निमोनिया बीमारी
  • एंडोकार्डिटिस
  • मायोकार्डिटिस
  • पैंक्रियाटाइटिस, आदि

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टायफाइड बुखार (Typhoid fever) का पता कैसे चलता है?

दूषित खाद्य पदार्थ या पानी का सेवन करने से साल्मोनेला बैक्टीरिया आपकी आंतों के द्वारा आपकी ब्लडस्ट्रीम में अस्थाई रूप से रहने लगता है। यह बैक्टीरिया आगे चलकर व्हाइट ब्लड सेल्स की मदद से लिवर, स्प्लीन और बोन मैरो में पहुंचता है, जहां इसकी संख्या बढ़ने लगती है और फिर यह दोबारा ब्लड स्ट्रीम में चला जाता है। इस दौरान, संक्रमित व्यक्ति को बुखार होने लगता है। इसके बाद बैक्टीरिया गॉलब्लेडर, बिलरी सिस्टम और बोवेल के लिंफेटिक टिश्यू पर आक्रमण करते हैं और वहीं अपनी संख्या और बढ़ाते हैं। बैक्टीरिया के इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से गुजरने की वजह से स्टूल सैंपल के द्वारा इस बीमारी की जांच की जा सकती है। स्टूल टेस्ट के अलावा, यूरिन और ब्लड सैंपल, कंप्लीट ब्लड काउंट, ब्लड कल्चर, प्लेटलेट्स काउंट भी इसको डायग्नोज करने में मदद कर सकते हैं।

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टायफाइड बुखार (Typhoid fever) होने का खतरा किसे ज्यादा होता है?

टायफाइड बुखार होने की आशंका कुछ कारकों पर निर्भर करती है। आइए, इन कारकों के बारे में जानते हैं। जैसे-

  • टायफाइड बुखार की आशंका भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करती है। क्योंकि, जिस क्षेत्र में साफ-सफाई न होने की वजह से पानी और खाद्य पदार्थ दूषित रहते हैं, वहां यह बैक्टीरिया ज्यादा आसानी से फैल सकता है। भारत समेत कई देशों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।
  • इसके अलावा, उम्र भी टाफाइड बुखार को निर्धारित करती है। क्योंकि, छोटे बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा ज्यादा होता है और इन दोनों में भी बच्चे इस बैक्टीरियल इंफेक्शन के ज्यादा जल्दी शिकार होते हैं। क्योंकि, बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और वह साफ-सफाई का भी ज्यादा ध्यान नहीं रखते। लेकिन इन सबके बावजूद एक बात और है कि, बच्चों में वयस्कों के मुकाबले टायफाइड बुखार के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं।

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क्या टायफाइड बुखार (Typhoid fever) से बचाव किया जा सकता है?

सबसे पहले हमें यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि टायफाइड बुखार असुरक्षित खानपान व गंदगी के कारण होता है। ऐसे दूषित जगहों पर जाने या रहने से इस बैक्टीरियल इंफेक्शन के होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन, कुछ टिप्स को अपनाकर टायफाइड बुखार का बचाव किया जा सकता है। जैसे-

  1. अगर आप कहीं ऐसी जगह जा रहे हैं, जहां दूषित पानी या खाद्य पदार्थ मिल सकते हैं, तो कम से कम वहां जाने से 2 हफ्ते पहले टायफाइड बुखार से बचाव करने वाला इंजेक्शन लगवा लें।
  2. हर बार कहीं जाने से पहले इंजेक्शन लगवाना इतना सरल चुनाव नहीं है। ऐसी स्थिति में आप साफ-सफाई का ध्यान रखकर इस बीमारी से बच सकते हैं। जैसे-
  • बोतलबंद पानी का सेवन करें या सामान्य पानी को कम से कम 1 मिनट तक उबालने के बाद उपयोग में लाएं। हालांकि, बोतल का कार्बोनेटेड पानी अनकार्बोनेटेड पानी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित होता है।
  • अच्छी तरह पका हुआ और गर्म खाने का सेवन करें।
  • अगर आप कहीं भी पीने के लिए पानी मांगते हैं, तो बर्फ रहित पानी मंगवाएं और अगर बर्फ लेनी ही हो तो बोतलबंद या उबले हुए पानी को ठंडा करने के बाद बनी बर्फ का ही इस्तेमाल करें। इसके साथ, फ्लेवर वाली बर्फ का उपयोग करने से दूर रहें।
  • बिना छिली या कच्ची सब्जियां और फल खाने से परहेज करें।
  • खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं
  • गली-नुक्कड़ या सड़क किनारे मिलने वाले स्ट्रीट फूड को सेवन करने से बचें।

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टायफाइड बुखार का इलाज क्या है? (Treatment for Typhoid fever)

टायफाइड बुखार का इलाज उसके लक्षणों पर निर्भर करता है। हालांकि, टायफाइड इलाज के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए डॉक्टर से सलाह लें। आइए, टायफाइड बुखार के संभावित इलाज के बारे में जानते हैं।

  1. टायफाइड बुखार की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसके लिए, आईवी फ्लूड्स (IV Fluids) ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है।
  2. शरीर में बैक्टीरियल इंफेक्शन को फैलने से रोकने और खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) मेडिसिन का सेवन करवाया जाता है।
  3. टायफाइड बुखार के कारण होने वाली उल्टी और जी मिचलाने की समस्या से राहत दिलाने के लिए एंटीएमेटिक्स (Antiemetic) मेडिसिन दी जाती हैं।
  4. टायफाइड से ग्रसित व्यक्ति के बुखार को कम करने के लिए एंटीपायरेटिक (Antipyretic) दवाओं का सेवन करवाया जाता है।
  5. इस बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से होने वाले पेट दर्द में आराम दिलाने के लिए एनलजेसिक (Analgesics) दवाओं का सेवन किया जाता है।

टायफाइड वैक्सीन किस रूप में उपलब्ध हो सकती है?

टायफाइड बुखार से बचने का प्रभावी तरीका टायफाइड वैक्सीन है। जो कि निम्नलिखित रूप में उपलब्ध हो सकती है। जैसे-

  • टायफाइड शॉट
  • ओरल टायफाइड वैक्सीन

अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Typhoid Fever and Paratyphoid Fever – https://www.cdc.gov/typhoid-fever/index.html – Accessed on 28/1/2020

Typhoid fever – https://www.nhs.uk/conditions/typhoid-fever/ – Accessed on 28/1/2020

Typhoid / Enteric Fever – https://www.nhp.gov.in/disease/digestive/other-gastro-intestinal/typhoid-enteric-fever – Accessed on 28/1/2020

Typhoid fever – https://medlineplus.gov/ency/article/001332.htm – Accessed on 28/1/2020

Typhoid fever – https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/typhoid-fever/diagnosis-treatment/drc-20378665 – Accessed on 28/1/2020

Typhoid Fever – https://www.vaccines.gov/diseases/typhoid_fever – Accessed on 28/1/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड