home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

World Immunization Day: इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत, जानिए बच्चों का कब कराएं वैक्सीनेशन?

World Immunization Day: इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत, जानिए बच्चों का कब कराएं वैक्सीनेशन?

घर में नए मेहमान के आते ही मां-बाप की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। फिर चाहें उसके पालन-पोषण की बात हो या बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) करवाने की। मां-बाप को बच्चे के जन्म के साथ ही उसके टीकाकरण को लेकर अधिक जागरुक हो जाने की जरूरत होती है। बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर उनकी इस जागरुकता की वजह है टीकाकरण के बाद बच्चे को होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव। आज हम आपको बताएंगे बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) क्या है, इन्हें कब लगवाना चाहिए और इसके फायदे क्या हैं।

और पढ़ें : बेबी केयर के लिए 10 टिप्स जो हर पेरेंट को जानना है जरूरी

बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) क्या है?

बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) कराना उनको गंभीर बीमारियों से बचाने का एक सरल और असरदार तरीका है। यह न केवल रोगों से रक्षा करने में मदद करता है। बल्कि, यह बीमारी को बढ़ने से रोककर बड़े समुदाय की सुरक्षा करता है।

कुछ बीमारियों से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम को ट्रिगर करने का काम बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) करता है। अगर एक टीका लगाया गया व्यक्ति इन बीमारियों के संपर्क में आता है, तो उनका इम्यून सिस्टम ज्यादा असरदार तरीके से प्रतिक्रिया करने में सक्षम होता है, जिससे बीमारी को और अधिक विकसित होने से रोका जा सके या इसकी गंभीरता को कम किया जा सके।

बच्चों में टीका: किन बचपन की बीमारियों से करता है बचाव?

बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) कराने से उन्हें कई गंभीर बीमारियों से बचपन में ही बचाया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:

बच्चे इन स्थितियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने से लेकर, गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों (कैंसर, ब्रेन डैमेज और बहरेपन सहित) में पड़ सकते हैं और कभी-कभी यह और भी घातक हो सकते हैं। उच्च टीकाकरण दरों के कारण इनमें से कई बीमारियां अभी कम हो गई हैं। हालांकि, ये बीमारियां अभी भी मौजूद हैं और इन बीमारियों से होने वाले दुष्प्रभावों या जटिलताओं के जोखिम टीकाकरण से होने वाले दुष्प्रभावों के से कहीं अधिक हैं।

और पढ़ें : World Polio Day: पोलियो क्या है, जानें इसके लक्षण और इलाज

बच्चे का वैक्सीनेशन कब कराना चाहिए (Vaccines by Age)?

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम अनुसूची निश्चित समय पर कुछ टीकों को लगाने की सलाह देता है। बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) का किस समय कराया जाना चाहिए इसके लिए पेडिएट्रक (बच्चों के डॉक्टर) से बात करके आप और अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं, कुछ बच्चों को अतिरिक्त टीके भी लगवाने पड़ सकते हैं। अगर आप अनिश्चित हैं, तो अपने डॉक्टर या टीकाकरण प्रोवाइडर से बात करें। 8 से 10 साल में छात्रों को स्कूल-आधारित कार्यक्रम के माध्यम से जरूरी टीके भी दिए जाते हैं।

बच्चों में टीका (Vaccination Chart For Babies) लगवाने में देरी न करें

बच्चों को जीवन के शुरूआती समय में घातक बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के वैक्सीनेशन में देरी करने के बजाय बताए गए समय पर टीके लगवाना जरूरी होता है। अजन्मे शिशुओं को उनकी मां के एंटीबॉडी द्वारा संरक्षित किया जाता है, जो जन्म के बाद कुछ महीनों तक रहता है। एक बार जब ये एंटीबॉडीज खराब हो जाते हैं, तो शिशुओं को गंभीर संक्रमण और बीमारियां होने का खतरा होता है। इन एंटीबॉडीज के गायब होने से पहले शिशु अपने पहले टीकाकरण के फेज में होता है। शिशुओं के लिए टीकों की सलाह दी जाती है क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम पूरी तरह से मैच्योर नहीं होता है, जिससे उनके शरीर में बैक्टीरिया और वायरस का बनना और बढ़ना आसान हो जाता है।

और पढ़ें : 6 सामान्य लेकिन, खतरनाक शिशु स्वास्थ्य मुद्दे

कब-कब कराएं बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies)

  • गर्भावस्था
  • जन्म
  • चार महीने
  • 6 महीने
  • 7 – 11 महीने
  • 12 महीने
  • 12- 23 महीने
  • 4 – 6 साल
  • 7 -10 साल
  • 11 – 12 साल
  • 13 – 18 वर्ष
  • 23 वर्ष

क्या बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination in child) सुरक्षित है?

बच्चों के लिए वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है, इस बारे में लखनऊ डफरिन हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सलमान का कहना है कि “बच्चों की सही उम्र में वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। इससे वो कई गंभीर बीमारियों के चपेट में आने से बच सकते हैं। यानि कि टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाने का एक बहुत ही सुरक्षित उपाय है। हालांकि, कोई भी दवा 100% सुरक्षित नहीं हो सकती है। टीकाकरण का सबसे जरुरी लाभ है कि वह एक जानलेवा बीमारी से ग्रसित होने के जोखिमों को दूर करता हैं। उपयोग किए जाने वाले सभी टीके व्यापक लैब में अलग-अलग टेस्ट से गुजरते हैं और उन्हें चिकित्सीय सामान प्रशासन (Therapeutic Goods Administration) द्वारा उपयोग के लिए सुरक्षित बताया जाता है। इससे पहले कि किसी वैक्सीन को लाइसेंस दिया जा सके, इसे सुरक्षित रखने के लिए कई वर्षों तक परीक्षण किया जाता है और यह काम करता है। टीका को लेकर सुरक्षा के बारे में कोई भी शंका होने पर अपने डॉक्टर या टीकाकरण करने वाले के साथ बात करें।

और पढ़ें : त्वचा के इस गंभीर रोग से निपटने के लिए मिल गयी है वैक्सीन

क्या बच्चे को बीमारी के दौरान भी टीका लगाया जा सकता है?

अगर टीकाकरण के दिन आपके बच्चे कोअधिक बुखार हो, तो आपके बच्चे का टीकाकरण नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप अनिश्चित हैं, तो चिकित्सीय सलाह लें। अपने चिकित्सक से जांच कराएं कि क्या आपके बच्चे को कभी एलर्जिक रिएक्शन हुए हैं या वह कीमोथेरेपी जैसे उपचार से गुजर रहा है, जो इम्यूनिटी सिस्टम को कमजोर करते हैं।

क्या बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के दुष्प्रभाव होते हैं?

सभी दवाओं की तरह टीकों के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। लगभग ये सभी मामूली प्रतिक्रियाएं हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह दर्द या हल्का बुखार। अधिकांश साइड-इफेक्ट कम समय के लिए होते हैं और लंबी समस्याओं का कारण नहीं बनते हैं। एक मामूली रिएक्शन भी दिखता है कि टीका इम्यूनिटी सिस्टिम पर जरूरी प्रभाव डाल रहा है। अधिक गंभीर दुष्प्रभाव बहुत कम देखने को मिलते हैं । लेकिन इसमें एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं (एनाफिलेक्सिस सहित) हो सकती हैं। रोटावायरस टीकाकरण में पहली और दूसरी वैक्सीन की खुराक के बाद पहले कुछ हफ्तों में 17,000 में से 1 शिशु को कुछ परेशानी हो सकती है।

बच्चो का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) कहां कराएं ?

अपने आसपास के सरकारी अस्पताल या बाल स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर पता करें कि क्या वे मुफ्त टीकाकरण करते हैं। आप अपने बच्चे को अपने डॉक्टर द्वारा भी टीका लगवा सकती हैं। जिसमें टीका मुफ्त होगा, आपका डॉक्टर परामर्श शुल्क ले सकता है।

बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के बाद इन बातों का रखें ख्याल

  • पोलियो की खुराक के तुरंत बाद बच्चे को स्तनपान कराया जा सकता है।
  • बीसीजी का वैक्सीनेशन बच्चे को जहां लगा हो वहां कोई रिएक्शन या फफोला हो तो घबराएं नहीं।
  • बच्चों का वैक्सीनेशन (Vaccination Chart For Babies) कराने के बाद अगर उसे कोई एलर्जी हो या बुखार आए तो घबराएं नहीं डॉक्टर से सलाह लें।
  • टीका लगने वाली जगह पर अगर सूजन हो, तो उस पर ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता है। इस आर्टिकल में हमने आपको बच्चों का वैक्सीनेशन (Immunisation in kids) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Vaccines for Your Children https://www.cdc.gov/vaccines/parents/index.html Accessed on 5/11/2019

Immunization is important for children http://conditions.health.qld.gov.au/HealthCondition/condition/8/118/681/immunisation-is-important-for-children Accessed on 5/11/2019

Five Important Reasons to Vaccinate Your Child https://www.vaccines.gov/getting/for_parents/five_reasons Accessed on 5/11/2019

Vaccinations for Infants and Children, Age 0–10 Years https://www.immunize.org/catg.d/p4019.pdf Accessed on 6/12/2019

Immunisation for children https://www.health.gov.au/health-topics/immunisation/immunisation-throughout-life/immunisation-for-children Accessed on 6/12/2019

Childhood immunisation https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/immunisation-childhood Accessed on 6/12/2019

लेखक की तस्वीर badge
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/09/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड