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बेबी केयर के लिए 10 टिप्स जो हर पेरेंट को जानना है जरूरी

बेबी केयर के लिए 10 टिप्स जो हर पेरेंट को जानना है जरूरी

पहली बार पेरेंट्स बनने पर शिशु की देखभाल (Baby Care) से संबंधित सवाल कपल्स के दिमाग में आना आम बात है। नवजात शिशु की देखभाल बहुत गंभीर विषय है। शिशु की अच्छे से देखभाल करना पेरेंट‌्स के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जब आप पहली बार पेरेंट बनते हैं, तो उस समय आपको कई चीजों की जानकारी नहीं होती है, जैसे कि मां को शिशु को कैसे दूध पिलाना चाहिए, बच्चे को सुलाने का तरीका और गोद में लेने का सही तरीका आदि।

बेबी केयर टिप्स

इस बारे में पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में शिशु रोग विभाग में डॉ.गीता सिन्हा ने हैलो स्वास्थ्य को बताया कि नन्हे शिशु की देखभाल करते समय पेरेंट्स को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि-

टीकाकरण का ध्यान रखें

शिशु के जन्म के बाद सही समय पर टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है। जिस अस्पताल में शिशु का जन्म हुआ हो,डॉक्टर्स वहीं पर ही टीकाकरण की सलाह दे देते हैं। इसी के साथ ही कार्ड भी बना कर उपलब्ध करा दिया जाता है, इस कार्ड में ये दिया गया होता है कि कौन से महीने में शिशु को टीका लगवाना है।

साफ-सफाई से समझौता न करें

शिशु का शरीर लगभग एक साल तक बहुत नाजुक और लचीला बना रहता है। साथ ही शिशु का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है। शिशु में इंफेक्शन का बहुत खतरा होता है। ऐसे में आप अपने आस-पास में साफ-सफाई का खयाल रखें, जैसे कि:

इन बातों का रखें ध्यान

  1. शिशु को छूने या गोद मे लेने से पहले हाथों को एंटी-सेप्टिक सेनेटाइजर से जरूर साफ करें।
  2. घर को साफ रखना चाहिए।
  3. शिशु के खिलौनों को अच्‍छी तरह स्टेरलाइजर करें।

और पढ़ें : इस तरह नवजात शिशु को बचा सकते हैं इंफेक्शन से, फॉलो करें ये टिप्स

शिशु को गोद में लेने का सही तरीका

शिशु का शरीर बहुत नाजुक होता है। उन्हें अचानक से झटका देकर नहीं उठाना चाहिए। जब भी शिशु को गोद में लें, तो ये हमेशा ध्यान में रखें कि हाथों को एंटी-सेप्टिक सेनेटाइजर से साफ कर लें। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी मजबूत नहीं होती है और वे बहुत जल्दी संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा, बच्चे को उठाते समय उसके सिर और गर्दन को ठीक से पकड़े ताकि बच्चे को सही से सपोर्ट मिल सके। बेबी केयर करते समय ध्यान में रखें कि बच्चों को सही ढंग से न उठाने पर बाद में शारीरिक और मानसिक समस्या हो सकती है।

और पढ़ें : दुनिया की 5 सबसे दुर्लभ मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

शिशु को सुलाने का सही तरीका

शिशु को सुलाने के लिए पेरेंट्स को सबसे पहले यह जानना चाहिए कि शिशु को पीठ के बल ज्यादा अच्छी नींद आती है। शिशु को हमेशा पीठ के बल सुलाना चाहिए। डॉ गीता कहती हैं कि शिशु को पेट के बल सुलाने से उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए उन्हें सुलाने के सही तरीकों और समय की सही जानकारी हर मां के लिए बहुत जरूरी है। मां के लिए ध्यान देना बहुत आवश्यक है कि नवजात शिशु को 24 घंटे में स्वास्थ्य के लिहाज से कितनी देर सोना चाहिए?

इन बातों का रखें ध्यान

  1. नवजात शिशु के जन्म के बाद पहले तीन महीने में दिन भर में कम-से-कम 16-18 घंटे की नींद जरूरी होती है।
  2. शिशु के जन्म के तीन महीने के बाद कम-से-कम आठ से दस घंटे की नींद सेहत के लिए जरूरी है।
  3. यह भी ध्यान रखें कि रात के समय शिशु जब नींद में हो तो दो-तीन घंटे पर दूध जरूर पिलाते रहना चाहिए।

दूध पिलाने का सही तरीका

ननवजात शिशु के जन्म के बाद पहले छह महीनों तक मां को दूध (स्तनपान) ही पिलाना चाहिए। लेकिन, विशेष परिस्थितियों जैसे – मां के स्तन में पर्याप्त दूध नहीं आ रहा हो, जैसी परिस्थितियों में ही शिशु को दूध पिलाने के लिए बोतल का सहारा लेना चाहिए। शिशु को बोतल से दूध पिलाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि, उसमें बबल न हों क्योंकि इससे शिशु के पेट मे गैस की समस्या हो सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. शिशु को कभी भी बोतल में पहले से बचा हुआ दूध न दें।
  2. नवजात शिशु के लिए जब भी फॉर्मूला मिल्क लें, ध्यान रखें कि उसमें डीएचए (Docosahexaenoic acid) और अन्य जरूरी तत्व अवश्य हों।

बेबी डायपर का सही इस्तेमाल

शिशु के लिए आप डायपर जरूर रख लें। कई पेरेंट्स शिशु के लिए कपड़ों से बने डायपर्स इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ रेडीमेड डायपर्स को पसंद करते हैं। आप कपड़े का डायपर यूज करें या डिस्पोजेबल डायपर्स के इस्तेमाल के समय आपको कुछ बातों की जानकारी होना बहुत आवश्यक है।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. शिशु के जन्म के बाद उनकी देखभाल के लिए डायपर का उचित स्टॉक रख लें।
  2. शिशु को डायपर से कवर्ड हिस्सों पर रैशेज ओर दाने वगैरह हो सकते हैं इसलिए उन हिस्सों को सोप-फ्री वाइप्‍स से साफ करना जरूरी है।

और पढ़ें : शिशु के लिए किस तरह का डायपर है बेस्ट ?

नवजात शिशु को कैसे नहलाना चाहिए?

शिशु को गर्म या ठंडे पानी से नहीं नहलाना चाहिए। उन्हें हमेशा गुनगुने पानी से ही नहलाना चाहिए। कुछ महीनों तक शिशु को नहलाते वक्त किसी को साथ जरूर रखें। ताकि आपकी मदद कर सकें। शिशु का शरीर बहुत लचीला होता है, जिससे उन्हें अकेले संभालना मुश्किल होता है। बेबी केयर करते समय इस बात का ध्यान रख उन्हें दे सकते हैं अच्छा स्वास्थ्य।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. शिशु को नहलाते समय उनके कानों को हाथ से अच्छी तरह से बंद कर लें, ताकि कान में पानी न जाने पाए।
  2. शिशु को नहलाने के बाद उनके कोमल बदन को रगड़कर पोछने के बजाए, मुलायम तौलिये से थप-थपाकर पोंछे।

शिशु की मालिश

शिशु का शरीर बहुत लचीला होता है। इसलिए उनके शरीर की मालिश करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए। शिशु की मालिश से उनका शारीरिक विकास बढ़िया होता है। मालिश से शिशु की हड्डियां भी मजबूत होती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. शिशु की मालिश करते समय उनके शरीर पर ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। बल्कि हल्के-हल्के हाथों से उसके शरीर की मालिश करें।
  2. जन्म के बाद 10 से 15 दिनों तक शिशु की मालिश करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। हो सके तो किसी अनुभवी पारिवारिक सदस्य के निरीक्षण में करें तो ज्यादा बेहतर है।
  3. शिशु की मालिश के लिए जैतून का तेल, बादाम का तेल या बेबी ऑयल से करनी चाहिए, इससे ज्यादा फायदा मिलता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/05/2021 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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