home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Neck pain: गर्दन में दर्द क्या है ? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

Neck pain: गर्दन में दर्द क्या है ? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय
गर्दन का दर्द (Neck pain) क्या है?|गर्दन में दर्द (Neck pain) के लक्षण क्या हैं?|इसके कारण भी जान लें|किन कारणों से होता है गर्दन में दर्द?|निदान और उपचार को समझें|जीवनशैली में बदलाव या घरेलू उपचार

गर्दन का दर्द (Neck pain) क्या है?

गर्दन में दर्द होने की वजह से आप काफी परेशान हो सकते हैं। ऐसा तब होता है जब रीढ़ और सॉफ्ट टिशू जैसे मसल, टेंडन और लिगामेंट में किसी तरह की परेशानी हुई हो। हालांकि, इससे ज्यादा परेशानी नहीं होती है लेकिन, जब आपको ऐसी परेशानी अनुभव हो तो अपने डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि यह किसी और बीमारी या परेशानी का लक्षण हो। इसलिए खुद से इलाज करने से बेहतर है आप हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें।

गर्दन का दर्द (Neck pain) कितना सामान्य है?

यह काफी सामान्य है और किसी को भी हो सकता है। हालांकि कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए तो इससे बचा जा सकता है। ज्यादा जानकारी के लिए खुद से इलाज करने से बेहतर है एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।

कभी-कभी कुछ लोगों में गर्दन का दर्द हार्ट अटैक के लक्षणों को भी दर्शाता है। हालांकि ऐसी स्थिति में अन्य लक्षण भी नजर आते हैं या पेशेंट महसूस कर सकते हैं। जैसे-

शरीर में हो रहे किसी भी बदलाव को अनदेखा न करें। डॉक्टर को शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में बताएं और जांच कराएं।

और पढ़ें : Polymyalgia rheumatica: पोलिमेल्जिया रुमेटिका क्या है?

गर्दन में दर्द (Neck pain) के लक्षण क्या हैं?

गर्दन में दर्द होने पर सबसे पहले आपको गर्दन घुमाने में परेशानी होगी, ड्राइविंग और पढ़ने के दौरान परेशानी महसूस होगी। कभीकभी दर्द इतना तेज होता है की आप सो भी नहीं सकते हैं। गर्दन में दर्द की वजह से सिर में भी दर्द हो सकता है। दर्द कभीकभी एक महीने तक भी रह सकता है जो आपके हेल्थ के साथसाथ काम को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि इन लक्षणों के अलावा कोई और लक्षण आप महसूस कर रहें हों। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर होगा।

हमें डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

गर्दन में दर्द होने पर अपने डॉक्टर से मिले या फिर आप सीधे अस्पताल भी जा सकते हैं:

  • गर्दन में दर्द या लगातार सिरदर्द महसूस होने पर
  • दवा के साइड इफेक्ट होने पर
  • दर्द की वजह से हाथ और पैरों में भी दर्द महसूस होना। ऐसा होने पर आप कमजोरी महसूस करने लगते हैं।

इन परेशानी के दौरान ज्यादा दिनों तक इसे टाले नहीं और डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें : Menopause :मेनोपॉज क्या है? जानिए इसके कारण ,लक्षण और इलाज

इसके कारण भी जान लें

गर्दन में दर्द (Neck pain) के कारण

  • रोजाना और लंबे वक्त तक ठीक से नहीं बैठना।
  • किसी दुर्घटना की वजह से भी गर्दन में दर्द रहना।
  • आरामदायक स्थिति में नहीं सोना।
  • किसी कारण गर्दन के मसल में दर्द होना।
  • आस्टियोअर्थराइटिस की समस्या होना।
  • स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या होना।
  • स्पाइनल स्टेनोसिस।
  • गले की हड्डियों इंफेक्शन होना (osteomyelitis, abscess bone marrow)

ऊपर दिये गये कारणों के साथ-साथ अन्य कारण भी गर्दन में दर्द होने की संभावना हो सकती है।

और पढ़ें : Multiple Sclerosis: मल्टीपल स्क्लेरोसिस क्या है?

किन कारणों से होता है गर्दन में दर्द?

गर्दन में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं और कुछ कारणों की वजह से दर्द और ज्यादा बढ़ भी सकता है। उन कारणों में शामिल है

  • गर्दन में किसी कारण चोट लगना।
  • स्पाइन में किसी तरह की परेशानी।

इन कारणों के अलावा गर्दन में दर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। जैसे-

रहूमटॉइड आर्थराइटिस: रहूमटॉइड आर्थराइटिस की वजह से जोड़ों में दर्द या हड्डी संबंधित परेशानी होना। यही परेशानी जब गर्दन में हो तो गर्दन में दर्द की परेशानी शुरू हो सकती है।

ऑस्टियोपोरोसिस: हड्डियों के कमजोर होने की वजह से फ्रेक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा ज्यादातर हाथ या घुटनों में हो सकता है लेकिन, यह परेशानी कभी-कभी गर्दन में भी हो सकती है। जिससे गर्दन में दर्द होने की संभावना बढ़ जाती है।

फाइब्रोमायल्जिया: फाइब्रोमायल्जिया होने की स्थिति में मसल्स में दर्द होना और ऐसा खासकर गले और कंधे में दर्द होता है।

यह भी ध्यान रखें की जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे सर्वाइकल डिस्क डिजेनरेट हो सकते हैं। इस स्थिति को गर्दन का स्पॉन्डिलाइटिस या ऑस्टियोआर्थराइटिस कहते हैं। ऐसी स्थिति में वर्टिब्रा के बीच की स्पेस कम हो जाते हैं। इससे जोड़ों पर अत्यधिक दवाब पड़ता है।

इन कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं। जैसे-

  • कॉनजेनाइटल अब्नॉर्मलटिस होने की स्थिति
  • इंफेक्शन की परेशानी होने पर
  • फोड़े-फुंसी होना
  • ट्यूमर होना
  • स्पाइन में कैंसर होना

शरीर से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर खुद से इलाज न करें। शरीर में हो रहे नकारात्मक बदलाव को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

निदान और उपचार को समझें

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए बेहतर होगा की आप अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

नेक पेन (Neck pain) का निदान कैसे किया जाता है?

दर्द का इलाज करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी की किन कारणों से दर्द हुआ है। डॉक्टर आपको दर्द वाली जगह पर 2 से 3 दिनों तक आइस पैक से सेकनी की सलाह दे सकते हैं। नॉनस्टेरॉयड एंटीइंफ्लेमेंटरी ड्रग (NSAIDs) दर्द से राहतदिलाने में कारगर है।

आपको आराम करने की सलाह दी जा सकती है। अत्यधिक दर्द होने पर आपको स्टेरॉयड (lidocaion) इंजेक्शन दी जा सकती है। डीपहीट ट्रीटमेंट और फिजिओथेरेपी की मदद से भी इसे ठीक किया जा सकता है।

गर्दन के दर्द (Neck pain) का इलाज कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपको एक्स-रे MRI और CT स्कैन करवाने की सलाह दे सकते हैं। दर्द की वजह से कभीकभी नसों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हाथों में कमजोरी, दर्द, सुन्नता या झुनझुनी महसूस हो सकती है।

और पढ़ें : Esophageal Stricture : एसोफेगल स्ट्रिक्चर क्या है?

जीवनशैली में बदलाव या घरेलू उपचार

निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको गर्दन के दर्द से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा ही लें और जो सलाह दें उसका पालन करें।
  • डॉक्टर से यह जरूर पूछें की किस तरह का तकिया इस्तेमाल करना चाहिए। आजकल बाजार में ऐसे भी तकिया उपलब्ध हैं जिसे आपके शरीर के अनुसार डिजाइन किया गया है।
  • सोने का सही तरीका समझें।
  • गर्दन की एक्सरसाइज रोजाना करें।
  • भारी वजन उठाएं।
  • अगर आप लंबे समय तक एक ही स्थान में बैठकर काम करते हैं तो काम के दौरान थोड़ा सा ब्रेक दें और गर्दन की एक्सरसाइज करें।
  • सोने के दौरान अधिक कठोर या फिर अधिक सॉफ्ट तकिया का प्रयोग करें। कुछ लोग पिलो यानी तकिया को अधिक ऊंचा कर लेते हैं, इस कारण से भी गर्दन दर्द हो सकता है।

अगर आपके मन में इस बीमारी से जुड़ी किसी तरह के कोई सवाल हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
अपडेटेड 31/08/2019
x