home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

महिला ने स्पर्म के लिए 6 फीट लंबे डोनर को चुना, पैदा हु्आ बौना बच्चा, जानें स्पर्म डोनेशन के बारे में जरूरी बातें

महिला ने स्पर्म के लिए 6 फीट लंबे डोनर को चुना, पैदा हु्आ बौना बच्चा, जानें स्पर्म डोनेशन के बारे में जरूरी बातें

स्पर्म डोनेशन(Sperm Donation) की अलग-अलग खबरें दुनियाभर से आती रहती हैं। भारत में इसके बारे में लोगों ने तब खुलकर बात करना शुरु किया जब आयुष्मान खुराना की फिल्म विक्की डोनर साल 2012 में रिलीज हुई। आज हम आपको स्पर्म डोनेशन की एक चौकानें वाली खबर बताएंगे।

क्या है स्पर्म डोनेशन का यह अनोखा मामला

रूस की एक 40 साल की महिला ने प्रेग्नेंट होने के लिए स्पर्म डोनेशन का सहारा लेने का फैसला लिया। चूंकि उसकी उम्र ज्यादा थी, तो उसने सोचा कि यह गर्भवती होने का उसका आखिरी मौका है और उसने अपने बच्चे के पिता बनने के लिए छह फीट लंबे स्पर्म डोनर को चुना। उसने इस पूरी प्रक्रिया के लिए आईवीएफ (IVF) कराया। उसने डोनर का चुनाव उसके गुड लुक्स, उच्च शिक्षा और लंबाई को देखते हुए किया।

लेकिन वह तब हैरान रह गई जब गर्भावस्था के बाद के चरणों में, उसे पता चला कि उसका बच्चा बौनेपन (Dwarfism) के साथ पैदा होगा। अजन्मे बच्चे में अचन्ड्रोप्लासिया (Achondroplasia) के लक्षण पाए गए। यह हड्डी के विकास में होने वाली एक परेशानी है, जो कार्टिलेज के विकास को रोकती है। इसमें दिमाग का आकार बड़ा होता है और उंगलियां छोटी होती है।

और पढ़ें- इन वजहों से कम हो जाता है स्पर्म काउंट, जानिए बढ़ाने का तरीका

महिला ने किया स्पर्म बैंक पर केस

बच्चे के जन्म के बाद डॉक्टरों ने महिला को बताया कि लड़का चार फीट से ज्यादा नहीं बढ़ पाएगा और उसका चेहरे और फीचर्स और अंग भी सही ढंग से विकसित नहीं होंगे। इसके बाद, महिला ने स्पर्म बैंक पर केस करने का फैसला किया, ताकि दूसरों को इसके बारे में जानकारी मिल सके।

डेली मेल यूके के अनुसार, एक जिला अदालत ने रूस में डेनिश स्पर्म बैंक को बंद करने का ऑर्डर दिया है। अपने पक्ष में स्पर्म बैंक ने कहा कि वे सबसे आम जेनेटिक डिजीज में से 46 बीमारियों के लिए डोनर के स्पर्म को स्क्रीन करते हैं। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि उनके पास स्पर्म उत्कृष्ट गुणवत्ता के थे। उन्होंने कहा, “हम केवल यह जानते हैं कि हमारी बायोमैटेरियल उच्च गुणवत्ता वाली है।” चिकित्सा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया को यह भी बताया कि यह जरुरी नहीं है कि स्पर्म की वजह से यह स्थिति (बौनापन) हुई हो। स्पर्म डोनेशन के लिए बहुत से विकल्प होते है। कभी-कभार आपका डॉक्टर आपको इसकी सलाह देते हैं। कई बार आप अपने किसी जानने वाले से स्पर्म कलेक्ट करते हैं।

और पढ़ें- स्पर्म काउंट किस तरह फर्टिलिटी को करता है प्रभावित?

स्पर्म डोनेशन क्या है?

स्पर्म डोनेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पुरुष अपना स्पर्म डोनेट करता है। वह लिक्विड, जो इजैक्यूलेशन के समय निकलता है उसे स्पर्म कहते है। इस स्पर्म की मदद से महिलाओं को गर्भधारण करने में मदद मिलती है।

डोनेट किए गए स्पर्म को एक महिला के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन में इंट्रायूटेरिन इनसेमिनेशन (intrauterine insemination) द्वारा इंजेक्ट किया जा सकता है या लैब में मैच्योर्ड अंडे को फर्टिलाइज करने के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन(IVF) के लिए इस्तेमाल किया जाता है। डोनेट किए गए स्पर्म के उपयोग को थर्ड पार्टी रिप्रोडक्शन के रूप में जाना जाता है।

एक आदमी जो स्पर्म डोनेट करता है वह प्राप्तकर्ता की जान पहचान वाला या गुमनाम(Anonymous) हो सकता है। जान पहचान वालों को डोनेट किए गए स्पर्म डोनेशन को डायरेक्ट डोनेशन कहा जाता है।

स्पर्म डोनेशन से पहले मेडिकल कंडीशन और दूसरे जोखिम वाले कारणों की जांच की जानी चाहिए। स्पर्म डोनेशन के संभावित भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और कानूनी मुद्दों को समझना भी महत्वपूर्ण है।

और पढ़ें- क्या हस्तमैथुन करने से घटता है स्पर्म काउंट?

स्पर्म डोनेशन क्यों किया जाता है

स्पर्म डोनेशन गर्भ धारण करने में मदद करने के लिए किया जाता है। आप उन लोगों की मदद करने के लिए एक स्पर्म डोनेशन करने का विकल्प चुन सकते हैं, जो गर्भधारण करने में असमर्थ हैं – जैसे कि एक महिला जिसके पास पुरुष साथी नहीं है या पुरुष बांझपन से पीड़ित है।

अगर आप एक स्पर्म बैंक को स्पर्म डोनेट करते हैं, तो संभवतः आपको हर बार स्पर्म डोनेशन के लिए भुगतान किया जाएगा जो स्पर्म बैंक की स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजरता है। भुगतान का उद्देश्य आपको अपने समय और किसी भी संबंधित खर्च के लिए क्षतिपूर्ति करना है। यह राशि आम तौर पर कम होती है क्योंकि पैसा दान करने के लिए मुख्य प्रोत्साहन नहीं है।

और पढ़ें: आईवीएफ (IVF) के साइड इफेक्ट्स: जान लें इनके बारे में भी

स्पर्म डोनेशन के रिस्क

स्पर्म डोनेशन से जुड़ा कोई भी स्वास्थ्य जोखिम नहीं हैं। स्पर्म डोनेशन के रिस्क के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। स्पर्म डोनेशन से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी के लिए आप सीधे अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

स्पर्म डोनेशन के लिए खुद को कैसे तैयार करें?

यदि आप स्पर्म डोनेशन के लिए सोच रहे हैं, तो अपने इस फैसले के लॉन्ग टाइम इम्पैक्ट के लिए सावधान रहें। यदि आप एनोनमस स्पर्म डोनेट कर रहे हैं, तो निम्नलिखित बातों पर विचार करें:

  • क्या आप किसी बच्चे या बहुत सारे बच्चों के बायलॉजिकल पिता बनने के लिए तैयार हैं, जिनसे आप कभी नहीं मिलेंगे?
  • यदि आपके डोनेट किए स्पर्म से कंसीव हुए बच्चे कभी आपसे मिलना चाहेंगे तो?
  • क्या स्पर्म डोनेशन के अपने इस फैसले के बारे में आप अपने परिवार या भविष्य में होने वाले परिवार को बताएंगे?

यदि आप किसी जान पहचान वाले को अपना स्पर्म डोनेट कर रहे हैं तो अपने वित्तीय और पैरेंटल अधिकार और दायित्वों को परिभाषित करने वाले कॉन्ट्रैक्ट को तैयार करने के लिए एक वकील से संपर्क करें।

और पढ़ें: किन मेडिकल कंडिशन्स में पड़ती है आईवीएफ (IVF) की जरूरत?

स्क्रीनिंग

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार स्पर्म डोनर बनने से पहले संक्रामक रोगों के लिए बेसिक स्क्रीनिंग की जरूरत होती है।

अमेरिकन सोसायटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन स्पर्म डोनेशन के लिए उन पुरुषों को रिकमेंड करता है, जो निम्न जांचों को पूरा करते हैं:

उम्र: ज्यादातर स्पर्म बैंकों को स्पर्म के लिए 18 से 39 वर्ष के बीच के पुरुषों की आवश्यकता होती है। कुछ स्पर्म बैंक अधिकतम आयु सीमा 34 निर्धारित करते हैं।

फिजिकल एग्जाम: इसमें आपके ब्लड और यूरिन सैंप्ल लिए जाएंगे, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आपको कोई संक्रामक रोग जैसे एचआईवी तो नहीं है। यदि आप एक रेग्युलर स्पर्म डोनर बन गए हैं तो आपको स्पर्म डोनेट करने के लिए हर 6 महीने में फिजिकल एग्जाम कराना होगा। इसके साथ ही आपको स्वास्थ्य में किसी भी परिवर्तन होने के बारे में जानकारी देने के लिए कहा जाएगा।

सीमन टेस्टिंग: आपको अपने सीमन के कई सेम्पल देने होंगे। प्रत्येक नमूना देने से पहले, आपको 48 से 72 घंटों तक इजैक्यूलेशन से बचने के लिए कहा जाएगा। आपके द्वारा प्रदान किए गए नमूनों का विश्लेषण शुक्राणु की मात्रा, गुणवत्ता और गति के लिए किया जाएगा।

जेनेटिक टेस्टिंग: जेनेटिक टेस्टिंग यह देखने के लिए किया जाता है कि कहीं आप किसी आनुवांशिक स्थिति के वाहक तो नहीं हैं। इसे करने के लिए आपके ब्लड का सैम्पल लिया जाता है।

फैमिली मेडिकल हिस्ट्री: आपको कम से कम अपने परिवार की पिछली दो पीढ़ियों की मेडिकल हिस्ट्री शेयर करनी होगी। यदि आपके परिवार की फैमिली हिस्ट्री में कोई रोग है तो आपको स्पर्म डोनर बनने से डिसक्वालिफाई किया जा सकता है।

पर्सनल और सेक्सुअल हिस्ट्री: आपको अपनी यौन गतिविधियों, दवा का उपयोग और अन्य व्यक्तिगत जानकारी का एक विस्तृत इतिहास प्रदान करने की आवश्यकता होगी। इससे यह पता लगाया जजाता है कि क्या आपको कोई संक्रामक बीमारी विकसित होने के जोखिम कारक हैं। आपको अपनी व्यक्तिगत आदतों, शिक्षा से जुड़ी जानकारी, पसंद, नापसंद और रुचियों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाएगा। कई स्पर्म बैंक आपको अपनी तस्वीरें या वीडियो या अपनी आवाज की ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रदान करने के लिए भी कह सकते हैं।

और पढ़ें: आईवीएफ (IVF) को लेकर मन में है सवाल तो जरूर पढ़ें ये आर्टिकल

हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में स्पर्म डोनेशन से जुड़ी जानकारी दी गई है। यदि आप इसके बारे में अन्यय कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो बेहतर होगा इसके लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x