पैन्सी एक ऐसा गुणकारी पौधा है, जिसका जमीन से ऊपर उगने वाला हिस्सा दवा बनाने में उपयोग में आता है। इसका इस्तेमाल पाचन बढ़ाने के लिए,गले की सूजन में राहत के लिए,काली खासी में और कब्ज के उपचार में होता है। इसका साइंटिफिक नाम Viola tricolor var. hortensis है।

पैन्सी एक ऐसा रंग बी रंगा फूल है जिसका चेहरा होता है। यह आमतौर पर सर्दियों के मौसम में उगते हैं और वसंत व पतछड़ के बगीचे को सुंदर बनाने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं।
इन सभी के अलावा पैन्सी को निम्न बीमारियों को ठीक करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है –
गले में खराश
गले में खराश होने पर इस पौधे की मदद से सूजन और खांसी जैसे लक्षणों को आसानी से कम किया जा सकता है। इसके अलावा पैन्सी काली खांसी के लक्षणों को भी कम करने में कारगर माना जाता है। इसके साथ ही यह अन्य श्वसन संबंधी रोगों जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस में भी मदद करता है।
कब्ज से राहत
पैन्सी का पौधा कब्ज की बीमारी से भी लड़ने में मदद करता है।
सूजन के इलाज में है प्रभावी
पैन्सी के मूत्रवधक गुण शरीर में अत्यधिक पेशाब को नहीं बनने देते। इसके साथ ही यह पानी अवधारण होने पर बनने वाली सूजन को रोकता है।
एंटी-इंफ्लामेट्री गुण
पैन्सी पौधे की बनाई गई चाय में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं, जो गाउट, निमोनिया और गठिया के इलाज में काम आते हैं।
रक्त प्रवाह होता है बेहतर
पैन्सी फूल के औषधीय गुण न केवल हृदय के लिए बेहतर होते हैं बल्कि वह पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को भी नियंत्रित बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आप हाई या लो ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो डॉक्टरी परामर्श के साथ रोजाना इस पौधे की चाय का सेवन करें।
आप चाहें तो इस पौधे की पत्तियों को बिना पकाय या पकाकर भी खा सकते हैं। इसके साथ ही इसे सूप में मिलाने से उसके लाभ और बनावट में वृद्धि होती है।
पैन्सी पौधे की पत्तियों की मदद से चाय भी बनाई जा सकती है। इस पौधे द्वारा बनाई गई हर्बल टी को बेहद औषधीय और सेहत के लिए लाभदायी माना जाता है।
यह एक हर्बल सप्लिमेंट है और कैसे काम करता है, इसके संबंध में अभी कोई ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं हैं। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप किसी हर्बल विशेषज्ञ या फिर किसी डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि, कुछ शोध यह बताते हैं कि पैन्सी सूजन में राहत देता है और एंटी-ऑक्सिडेंट की तरह काम करता है।
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पैन्सी यदि सही तरीके से खाने के तौर पर ली जाए और त्वचा पर लगाई जाए, तो सभी के लिए सुरक्षित है।
अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें, यदि:
दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल यह कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।
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जरूरी नहीं कि इसका इस्तेमाल करने वाले हर लोग इन साइड इफेक्ट्स का अनुभव करें। कुछ साइड इफेक्ट्स हमारी लिस्ट में नहीं भी हो सकते हैं। साइड इफेक्ट्स यदि आप की चिंता का सबब बना हुआ है तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें।
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इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में न करें। डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें।
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इस हर्ब से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करें।