एसिडिटी में आराम दिलाने वाले घरेलू नुस्खे क्या हैं?

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Update Date जुलाई 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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एसिडिटी पेट संबंधी सबसे आम समस्या है। कुछ भी उल्टा-पुल्टा या बिना समय खा लेने से एसिडिटी हो जाती है। अगर एसिडिटी हो जाए तो आप दवाओं से पहले घरेलू उपचार करें। अगर परेशानी ज्यादा हो तो दवा लेने की सलाह दी जा सकती है।

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सवाल 

क्या मुझे एसिडिटी के लिए घरेलू नुस्खे बता सकते हैं?

जवाब

एसिडिटी या एसिड रीफ्लक्स हमारी खराब लाइफस्टाइल और दिनचर्या के कारण होने वाली एक समस्या है, लेकिन कभी-कभी दवाओं के साइड इफेक्ट, तनाव, नींद न आने के कारण भी अम्लता की समस्या हो जाती है। एसिडिटी होने का मुख्य कारण है कि पेट का एसिड भोजन नली में चला जाता है।

एसिडिटी की समस्या क्यों होती है?

  • मसालेदार खाना खाने से
  • मोटापे के कारण
  • हाइटस हर्निया होने के बाद भी स्पाइसी खाना खा लेने से
  • अस्थमा और डायबिटीज होने पर
  • मेनोपॉज में
  • नींद पूरी न होना
  • अत्यधिक तनाव में रहना
  • स्मोकिंग करना
  • फिजिकल एक्टिविटी न करना
  • जरूरत से ज्यादा अल्कोहॉल का सेवन करना
  • दवाओं का सेवन करना
  • नमक ज्यादा खाना

इन ऊपर बताई गई शारीरिक परेशानी होने पर एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसलिए अत्यधिक तेल-मसाले से बने खाद्य पदार्थ और अत्यधिक चाय या कॉफी के सेवन से बचें।

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एसिडिटी के लक्षण क्या है?

  • कब्ज की परेशानी रहना 
  • खाना ठीक से डायजेस्ट न होना 
  • पेट, गले या दिल में जलन होना
  • मुंह से बदबू आना
  • मितली होना 
  • बेचैनी महसूस होना 
  • खट्टी डकार आना
  • पेट भारी महसूस होना

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एसिडिटी के घरेलू उपाय

ठंडा दूध : ठंडा दूध एसिड की ज्यादा मात्रा को अवशोषित कर लेता है और ज्यादा मात्रा में एसिड बनने से रोकता है। एसिडिटी की समस्या होने पर खाना खाने की इच्छा नहीं होती है, लेकिन ऐसी स्थिति में दूध का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार दूध के सेवन से गैस्ट्रिक एसिड बैलेंस होता है।

दालचीनी : दालचीनी में मौजूद पोषक तत्व पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं। दालचीनी प्राकृतिक रूप से अम्लता को कम करती है। इसलिए पेट में अम्लता होने पर आप दालचीनी की चाय पिएं।

बटर मिल्क : बटर मिल्क में लैक्टिक एसिड होता है, जो पेट की परेशानियों को दूर करने का काम करता है।

तुलसी : तुलसी के पत्तियों का सेवन करने से हार्टबर्न नहीं होता है। इसलिए आप रोज सुबह 4 से 5 तुलसी की पत्तियों को चबाएं। तुलसी नैचुरल तरीके से अपना असर दिखाती है। आयुर्वेद में एसिडिटी की परेशानी को दूर करने के लिए तुलसी को रामबाण दवा माना जाता है। अगर सिर्फ तुलसी की पत्तिओं को खाने से लाभ न मिले तो तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर सेवन किया जा सकता है। 

अदरक : अदरक पेट में होने वाली जलन को कम करता है और पेट की मांसपेशियों को शांत करता है। एक टेबलस्पून अदरक, नींबू का जूस और शहद को गर्म पानी में मिला कर पिएं। जिससे पेट में अम्लता कम होगी और मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा।

गर्म पानी : सुबह उठने के बाद और रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी पिएं। 

लौंग: जिस तरह से दांत दर्द में राहत दिलाने में लौंग या लौंग के तेल का इस्तेमाल किया जाता है और लाभकारी भी साबित होता है। इसलिए अगर किसी को एसिडिटी की समस्या है, तो लौंग को कुछ देर तक चबाने से राहत मिल सकती है।

अजवाइन: अजवाइन को गर्म पानी में बॉईल कर इस पानी के सेवन से गैस की परेशानी दूर हो सकती है। कई लोग अपने आहार में अजवाइन का इस्तेमाल इसलिए विशेष रूप से करते हैं क्योंकि इससे एसिडिटी की समस्या नहीं होती और खाना जल्दी डायजेस्ट होता है।

तुलसी: एसिडिटी के इलाज के लिए तुलसी बेहद कारगर इलाज मानी जाती है। अगर आपको एसिडिटी की समस्या होती है तो आप तुलसी के कुछ पत्ते चबा सकते हैं। इसकी जगह आप तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालक काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। तुलसी का सेवन करने से आपको राहत मिलेगी।

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एसिडिटी का निदान कैसे किया जाता है?

गैस की समस्या को दूर करने के लिए निम्नलिखित तरह से निदान किया जा सकता है। जैसे-

  • PH चेकअप: इससे एसोफैगस में एसिड के लेवल की जांच की जाती है। जिससे बीमारी कौन सी स्टेज में है इसकी जानकारी मिल जाती है।
  • एंडोस्कोपी: छोटे से कैमरे की मदद से एसोफैगस की जांच की जाती है और फिर बीमारी की जानकारी मिलती है।

एसिडिटी की परेशानी अगर ऊपर बताए गए घरेलू उपाय से दूर न हों तो ऐसे में क्या करें?

एसिडिटी की परेशानी अगर लंबे वक्त से चली आ रही है, तो इसे नजअंदाज न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। अगर व्यक्ति एसिडिटी की वजह से ज्यादा परेशान है, तो हेल्थ एक्सपर्ट निम्नलिखित तरह से इलाज कर सकते हैं। जैसे-

  1. एल्युमिनियम, कैल्शियम और मैग्नेशियम युक्त एंटासिड डॉक्टर प्रिस्क्राइब करते हैं।
  2. अगर पेशेंट एसिडिटी की वजह से अत्यधिक परेशान है, तो प्रोटीन पंप इन्हिबिटर दी जा सकती है।
  3. अगर पेशेंट की हालत बेहद नाजुक है, तो वेगोटॉमी सर्जरी (Vagotomy surgery) की जा सकती है।

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एसिडिटी की समस्या होने पर किन-किन बातों को ध्यान रखना चाहिए?

एसिडिटी की परेशानी को दूर करने के लिए निम्नलिखित टिप्स अपनाने चाहिए। जैसे-

  • एक बार खाना न खाकर कम-कम और थोड़ी-थोड़ी देर में खाना चाहिए।
  • जरूरत से ज्यादा न खाएं।
  • ऐसी दवाओं का सेवन न करें जिनके खाने से गैस की समस्या होती है।
  • ऐसे खाद्य पदार्थों से डिस्टेंस मेंटेन करें जिन्हें खाने से एसिडिटी की समस्या होती है या हो सकती है।
  • रोजाना वॉकिंग, एक्सरसाइज या स्विमिंग करें।
  • अतिरिक्त वजन कम करें।
  • लो कार्ब डायट फॉलो करें।
  • एक रिसर्च के अनुसर चुइंगम चबाने से एसिडिटी की परेशानी दूर हो सकती है।
  • कच्चा प्याज खाने से बचें।
  • विटामिन-सी युक्त जूस का सेवन अत्यधिक न करें

डॉक्टर से संपर्क कब करना चाहिए?

अगर किसी भी व्यक्ति को एसिडिटी की समस्या है, तो निम्नलिखित परेशानी अनुभव होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जैसे-

  • भूख नहीं लगना
  • कोई भी खाद्य पदार्थ निगलने में परेशानी अनुभव होना
  • सीने में जलन महसूस होना

एसिडिटी की परेशानी ज्यादा होने पर दवा के सेवन की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं।

हमें उम्मीद है कि आपके लिए यह आर्टिकल उपयोगी साबित होगा। अगर आप एसिडिटी से परेशान हैं तो यहां बताएं गए उपाय अपना सकते हैं, लेकिन अगर परेशानी बढ़ती जाए तो डॉक्टर से संपर्क करना सही होगा। अगर आप इस विषय पर अधिक जानकारी चाहते हैं या एसिडिटी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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