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हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) : एसिडिटी और बदहजमी को न करें नजरअंदाज

हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) : एसिडिटी और बदहजमी को न करें नजरअंदाज

ये हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) के लक्षण हो सकते हैं, रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप लंबे समय से एसिडिटी व बदहजमी का शिकार हैं और दवाईयों से आपको राहत नहीं मिलती तो सावधान हो जाएं, क्योंकि ये हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) हो सकता है। ऐसे में तत्काल डॉक्टर्स से मिलकर जांच कराई जानी चाहिए। हाइटल या हाइटस हर्निया तब होता है जब हमारे पेट का कुछ हिस्सा फैल कर सीने के नीचे चले जाता है। यहां एक छोटा से छेद (आमाशय के ऊपर मौजूद छिद्र) होता है, जिसके जरिए हमारी फूड पाइप पेट तक जाने से पहले गुजरती है लेकिन इस हर्निया के होने से पेट का हिस्सा इसी छेद से ऊपर की ओर आ जाता है। ऐसा होने पर खाना पेट से वापस फूड पाइप में चढ़ने लगता है व्यक्ति को सीने में भयानक जलन और एसिडिटी का अहसास होता है। इसी वजह से सीने की जलन या एसिडिटी को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हाइटल हर्निया दो तरह का होता है। स्लाइडिंग और पैराइसोफेगल। आमतौर पर इसोफेगस (फूड पाइप) हिएटस (hiatus) से होते हुए पेट से जुड़ा होता है। स्लाइडिंग हाइटल हर्निया में पेट और इसोफेगस का नीचला हिस्सा डायाफ्राम के माध्यम से छाती में स्लाइड करता है।

पैराइसोफेगल हर्निया ज्यादा खतरनाक होता है। इसमें इसोफेगस और पेट वहीं होते हैं जहां होने चाहिए लेकिन पेट का हिस्सा हिएटस (hiatus) के माध्यम से इसोफेगस पर दबाव करता है। इससे रक्त की आपूर्ति हो सकती है। डॉक्टर इसे स्ट्रेंगुलेटेड हर्निया (strangulated hernia) कह सकते हैं।

और पढ़ें : Inguinal hernia: इंग्वाइनल हर्निया क्या है?

ये हैं हाइटल हर्निया के लक्षण

आमतौर पर हाइटल हर्निया के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन जब ये बढ़ जाता है तो निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

  1. सीने में जलन होना
  2. डकार के साथ मुंह में खाना आ जाना
  3. गले में जलन और एसिड आ जाना (एसिड रीफ्लक्स)
  4. खाना निगलने में तकलीफ होना
  5. सांसे उखड़ना
  6. खून की उल्टी होना या काला मल त्याग होना, जिसका अर्थ है पेट के अंदर ब्लीडिंग
  7. उपरोक्त लक्षणों के नजर आते ही बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क किया जाना चाहिए।

इस वजह से होता है हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia)

हमारे कमजाेर मसल्स को इस तरह के हर्निया के लिए जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि, ऐसा क्यों होता है ये साफ नहीं है फिर भी मेडिकल साइंस में इसके पीछे इन वजहों को माना जाता है-

  1. उम्र के साथ-साथ पेट के ऊपरी मसल्स में बदलाव आना
  2. किसी चोट या सर्जरी की वजह से पेट के ऊपरी मसल्स कमजोरी होना
  3. जन्म के दौरान बड़े हाइटस यानी (आमाशय के ऊपर मौजूद छिद्र) के साथ पैदा होना
  4. पेट या उसके आसपास के हिस्सों में अत्यधिक दबाव पड़ना। इसके पीछे खांसी, उल्टी, किसी भारी वस्तु को उठाने जैसे कारण भी हो सकते हैं

और पढ़ें : Femoral Hernia : फीमोरल हर्निया क्या है? जानें लक्षण और उपाय

किन लोगों को हो सकती है ये हाइटल हर्निया बीमारी

हाइटल हर्निया 50 साल से ज्यादा की उम्र वाले लोगों को और मोटापे से ग्रस्त लोगों को हो सकती है।

ऐसे पता लगाया जा सकता है हाइटल हर्निया बीमारी का

सीने में जलन या अत्यधिक एसिडिटी की शिकायत के बाद डॉक्टर्स इसके होने का कारण पता कर सकते हैं, जिसमें हाइटल हर्निया का पता चल सकता है।

डॉक्टर्स निम्नलिखित टेस्ट से हाइटल हर्निया का पता लगा सकते हैं-

1. पाचन तंत्र का एक्स-रे (X-Ray)

डॉक्टर्स एक्स-रे के जरिए हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) का पता लगा सकते हैं। इसमें सबसे पहले एक लिक्विड पिलाया जाता है, जिससे ये पाचन तंत्र में पहुंचकर कोटिंग करता है। इस कोटिंग को देखकर डॉक्टर्स फूड पाइप और पेट में गड़बड़ी का पता लगा लेते हैं।

2. अपर एंडोस्कोपी (Upper Endoscopy)

डॉक्टर्स फूड पाइप के जरिए एक ट्यूब पेट में उतारते हैं, जिसमें कैमरा और लाइट लगा होता है। इससे भी फूड पाइप और पेट में किसी समस्या को देखा जा सकता है।

3. ईसोफैगस मेनोमेट्री (Esophagus Manometry)

इस टेस्ट में मसल्स के कॉन्ट्रेक्शन को ध्वनि तरंगों की मदद से मापा जाता है। जैसे ही आप किसी चीज को निगलते हैं तो पता लग जाता है कि आपके मसल्स कितना दबाव बना रहे हैं। दबाव में किसी तरह का बदलाव हाइटल हर्निया की ओर इशारा करता है।

नोट- यह जानकारी किसी भी स्वास्थ्य परामर्श का विकल्प नहीं हैं। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

और पढ़ें : हर्निया के भयानक दर्द से बचाएंगी घर पर मौजूद ये चीजें

ऐसे होता है हाइटल हर्निया का इलाज

यूं तो शुरुआती अवस्था में हाइटल हर्निया के कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन सीने में अत्यधिक जलन होने पर इसकी जांच और उपचार बेहद जरूरी हो जाता है। निम्नलिखित तरीकों से हाइटल हर्निया का इलाज संभव है

दवाईयों के जरिए

अगर आपको सीने में जलन की शिकायत है तो डॉक्टर आपको कई तरह की दवाईयां दे सकता है। जैसे पेट में एसिड की मात्रा कम करने के लिए एंट एसिड और फूड पाइप को पहुंचे नुकसान को भरपाई के लिए भी दवाईयां दी जाती हैं।

सर्जरी

हाइटल हर्निया के कुछ मामलों में सर्जरी आवश्यक हो जाती है। डॉक्टर्स अगर पाते हैं कि प्रभावित व्यक्ति पर दवाईयों का कोई असर नहीं हो रहा है, या फूड पाइप सिकुड़ना शुरु हो जाए तो ऐसी खतरनाक स्थिति में सर्जरी के जरिए हर्निया को ठीक किया जाता है। इस सर्जरी में पेट को वापस अपनी जगह पर सेट किया जाता है। सर्जन इसके लिए पेट के ऊपर मौजूद छिद्र को छोटा कर सकते हैं।

हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) से बचने के उपाय

आप अपने दैनिक जीवन में निम्न बदलाव कर इस तरह के हर्निया से बच सकते हैं

  1. एक साथ ज्यादा खाना खाने से बेहतर है दिन में कई बार छोटे-छोटे मील लें।
  2. एसिडिटी से बचें। ऐसे खाने से परहेज करें, जिससे एसिडिटी होने की संभावना बढ़ जाती है, जैसे फ्राई, अत्यधिक तेल-मिर्च वाला खाना, लहसुन, चॉकलेट आदि।
  3. शराब के सेवन से बचें
  4. दिन में खाना खाने या देर से खाना खाने के बाद लेटने से बचें
  5. वजन नियंत्रित रखें

निष्कर्ष- आमतौर पर लोग एसिडिटी और सीने में जलन को अपच या खाने से जुड़ी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करने से वे बड़े खतरे में पड़ सकते हैं। बार-बार एसिडिटी की समस्या हो, तो एक बार हाइटल हर्निया के लिए जांच जरूर कराएं। हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में हाइटल हर्निया से जुड़ी हर जरूरी जानकारी दी गई है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो आप अपना सवाल कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 10/07/2019
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