Foods For Heartburn: हार्ट बर्न के लिए फूड में क्या करें शामिल?

    Foods For Heartburn: हार्ट बर्न के लिए फूड में क्या करें शामिल?

    हार्ट बर्न एक आम समस्‍या है, जो किसी भी उम्र में किसी भी व्‍यक्‍ति को हो सकती है। सीने में जलन की समस्या ज्यादा होने लगे, तो ऐसे में डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। लेकिन अगर यह परेशानी कभी-कभी हो या हार्ट बर्न की समस्या से बचाव के लिए डायट पर ध्यान देना जरूरी है। इसलिए आज इस आर्टिकल में हार्ट बर्न के लिए फूड (Foods For Heartburn) से जुड़ी जानकारी आपके साथ शेयर करेंगे। हार्ट बर्न के लिए फूड के बारे में जानने से पहले हार्ट बर्न यानी सीने में जलन की समस्या क्यों होती है यह समझ लेते हैं।

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    हार्ट बर्न यानी सीने में जलन की परेशानी क्यों होती है?

    हार्ट बर्न के लिए फूड (Foods For Heartburn)

    सीने में जलन की समस्या तब होती है पेट में मौजूद एसिड वापस भोजन नली (Esophagus) में आ जाता है। आमतौर पर जब आप कुछ निगलते हैं आपके अन्नप्रणाली (इसोफेगस) के नीचे के चारों तरफ की मांसपेशियां भोजन और तरल पदार्थ को आपको पेट के नीचे ले जाती हैं। यदि लोअर इसोफेगल स्पिंकटर (Lower esophageal sphincter) कमजोर होता है या ठीक तरह से काम नहीं करता है तो पेट का एसिड वापस इसोफेगस में चला जाता है जिस वजह से हार्ट बर्न की शिकायत होती है। अगर लेटने के दौरान या झुकते समय एसिड आता है, तो यह समस्या गंभीर हो सकती है और ऐसी स्थिति में खानपान के साथ-साथ डॉक्टर से कंसल्टेशन दोनों जरूरी है। इसलिए हार्ट बर्न के लक्षणों को सबसे पहले समझें।

    हार्ट बर्न के लक्षण (Symptoms of Heartburn)-

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फोर्मशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार हार्ट बर्न के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • खाना खाने के बाद या रात के समय सोने के दौरान सीने में जलन या दर्द होना (Burning and pain in chest)।
    • तेज दर्द जो लेटने और झुकने के दौरान अत्यधिक बढ़ जाए (Pain that worsens when lying down or bending over)।
    • पुरानी खांसी (Chronic cough) की तकलीफ रहना।
    • प्रायः पेट में दर्द और ऊपरी एब्डोमेन में जलन की तकलीफ रहना (Stomach pain or burning in the upper abdomen)।
    • खाना निगलने में कठिनाई होना।
    • मुंह में कड़वा या अम्लीय स्वाद आना (Bitter or acidic taste in the mouth)।
    • लगातार गले में खराश रहना।

    सीने में जलन (Heartburn) होने पर ऐसे लक्षण महसूस किये जा सकते हैं। इन लक्षणों को इग्नोर ना करें और डॉक्टर से संपर्क करें और हार्ट बर्न के लिए फूड पर विशेष ध्यान दें।

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    हार्ट बर्न के लिए फूड (Foods For Heartburn): सीने में जलन के लिए आहार में क्या करें शामिल?

    हार्ट बर्न के लिए फूड (Foods For Heartburn)

    हार्ट बर्न के लिए फूड लिस्ट में आपको निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। जैसे:

    1. हार्ट बर्न के लिए फूड- अदरक (Ginger)

    अदरक में मौजूद एंटी गैस्ट्रिक (Anti gastric) एवं एंटी इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण सीने में जलन की समस्या को दूर करने में कारगर माना गया है। वैसे तो अदरक का सेवन सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी तकलीफों को दूर करने के लिए किया जाता है, लेकिन नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार इसमें मौजूद एंटी गैस्ट्रिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण हार्ट बर्न की समस्या से भी निजात दिलाने में सक्षम माना गया है। दरअसल पेट के एसिड को अदरक सबसे पहले ट्रिगर करता है और बैड बैक्टीरिया को नष्ट करने का काम करता है, जिससे सीने में जलन की समस्या धीरे-धीरे ठीक हो सकती है।

    अदरक का सेवन कैसे करें?

    हार्ट बर्न की फूड लिस्ट में शामिल अदरक वाली चाय, सब्जियों में अदरक मिलाकर या फिर शहद के साथ अदरक को खाने से लाभ मिल सकता है। इन सबके साथ-साथ अदरक आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करने का काम करता है।

    2. हार्ट बर्न के लिए फूड- सौंफ (Fennel)

    सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीबायोटिक गुण, विटामिन, मिनरल और डायटरी फाइबर पेट के लिए अच्छा माना गया है। वहीं हार्ट बर्न के लक्षणों को कम करने के लिए भी सौंफ का सेवन किया जा सकता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल फायदे की वजह से सौंफ की चाय भी पेट में जलन दूर भागाने के लिए एक बेहतर विकल्प है। दरअसल सौंफ के रस में मौजूद मिनरल्स अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को दूर करने में सक्षम माने गए हैं।

    सौंफ का सेवन कैसे करें?

    खाने के बाद सौंफ का सेवन किया जा सकता है या फिर सौंफ की चाय का सेवन करें। आप चाहें तो सौंफ एवं मिश्री को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।

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    3. हार्ट बर्न के लिए फूड- एलोवेरा जूस (Aloe vera juice)

    एलोवेरा जेल का इस्तेमाल चेहरे एवं बालों की खूबसूरती के लिए तो हम करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एलोवेरा के जूस का सेवन सेहत के लिए भी अच्छा माना गया है। अगर आपको सीने में जलन की समस्या रहती है, तो ऐसे में एलोवेरा जूस का सेवन किया जा सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एलोवेरा में मौजूद विटामिन और मिनरल शरीर को ठंडा रखने में मददगार होते हैं, जिससे हार्ट बर्न की समस्या कम हो सकती है। इसलिए अब आप हार्ट बर्न के लिए फूड लिस्ट में एलोवेरा जूस को शामिल कर सकते हैं।

    एलोवेरा जूस का सेवन कैसे करें?

    एलोवेरा के जेल पत्ते से निकाल लें और उसमें पानी, नींबू का रस और स्वाद अनुसार चीनी मिलाएं। अब इनसभी को अच्छी तरह से मिक्स करें और इसका सेवन करें।

    4. हार्ट बर्न के लिए फूड- छांछ (Buttermilk)

    अक्सर लंच के बाद कई लोग छांछ पीना पसंद करते हैं। वैसे अगर आपको हार्ट बर्न की तकलीफ रहती है, तो आपभी इसका सेवन कर सकते हैं। छांछ में मौजूद लैक्टिक एसिड पेट में एसिड बनने से रोकने में सहायक माना गया है। छांछ में प्रोबायोटिक्स गुण भी मौजूद होता है, जो डायजेशन के लिए अच्छा माना जाता है।

    छांछ का सेवन कैसे करें?

    दही में पानी मिक्स करें और फिर उसमें जीरा पाउडर, काला नमक या सफेद नमक मिक्स करें और इसका सेवन नियमित करें। ध्यान रखें ताजे छांछ का सेवन लाभकारी हो सकता है।

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    5. हार्ट बर्न के लिए फूड- नारियल पानी (Coconut water)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार नारियल पानी में मौजूद हाई फाइबर डायजेशन के लिए लाभकारी बताया गया है। इसलिए अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है, तो नारियल के पानी का सेवन करें

    नारियल पानी का सेवन कैसे करें?

    ताजे नारियल पानी का सेवन दिन में रोजाना किया जा सकता है।

    नोट: अगर आपको ऊपर बताये किसी फूड प्रॉडक्ट से एलर्जी है, तो आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

    हार्ट बर्न, एसिड रिफलेक्स और GERD जैसी तकलीफों से आसानी से बचा जा सकता है। हालांकि अगर आप हार्ट बर्न, एसिड रिफलेक्स और GERD या किसी अन्य बीमारी के प्रति लापरवाही बरतते हैं, तो आपकी छोटी सी शारीरिक परेशानी को गंभीर होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इसलिए शरीर में होने वाले अच्छे-बुरे बदलाओं को समझें और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/01/2022 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड