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15 एंटी ब्लोटिंग फूड, जिसे खाने से पेट फूलने की समस्या होगी दूर

15 एंटी ब्लोटिंग फूड, जिसे खाने से पेट फूलने की समस्या होगी दूर

क्या आप गैस या पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं? अगर हां, ताे जरूरत है आपको अपने खानपान में बदलाव की। वैसे तो ब्लोटिंग के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन अधिकतर लोगाें में इसके होने का कारण खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान है। पेट फूलने की समस्या तब होती है, जब छोटी आंत के अंदर गैस भर जाती है। पेट में भारीपन महसूस होता है और यह सीधा संकेत है कि आपके पाचन क्रिया में गड़बड़ी है। लाइफस्टाइल प्रॉब्लम के आलावा कुछ लोगों में हॉर्मोनल प्रॉब्लम और शराब का सेवन, कुछ महिलाओं के पीरियड्स की गड़बड़ी के कारण भी यह समस्या देती जाती है। आप एंटी ब्लोटिंग फूड्स को अपनाकर पेट की इन समसयाओं से राहत पा सकते हैं। जानें अपने डायट में किन फूड्स को शामिल करें-

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ब्लोटिंग की प्राॅब्लम को दूर करने के लिए ये हैं एंटी ब्लोटिंग फूड (Anti bloating Foods)

गैस बनना और पेट फूलना, भले ही सामान्य समस्या हो, लेकिन कभी-कभी पूरे शरीर को हिलाकर रख देती है। हर किसी में ब्लोटिंग की समस्या का कारण भी अलग-अलग होता है। यह हर किसी के शरीर पर निर्भर करता है। लेकिन कई ऐसे फूड्स हैं, जिनके सेवन से आप गैस और पेट फूलने की समस्या में काफी हद तक राहत पा सकते हैं। जैसे कि-

दही (Curd)

दही में प्रोबायोटिक्स होता है, जो अच्छे बैक्टीरिया के साथ स्वस्थ पाचन प्रक्रिया को बनाए रखने में मदद करता है। जिन्हें ब्लोटिंग और गैस की समस्या है, उनके पेट के लिए प्रोबायोटिक्स युक्त खानपान काफी फायदेमंद है। प्रोबायोटिक्स में ग्रीक योगर्ट भी काफी फायदेमंद है। क्योंकि 99 प्रतिशत यह लैक्टाेज मुक्त होते हैं।

न्यूट्रिशन नोट: ग्रीक योगर्ट के 200 ग्राम में 146 कैलोरी, 2.5 ग्राम, 68 मिलीग्राम सोडियम, 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 7 ग्राम चीनी, 0 ग्राम फाइबर, 20 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।

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अदरक (Ginger)

अदरक का आयुर्वेद में एक अलग ही स्थान है। इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं। अदरक में पाया जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ब्लोटिंग और गैस की समस्या को दूर करते हैं। अदरक में जिंगिबैन (zingibain) नामक एक पाचक एंजाइम होता है, जो शरीर को प्रोटीन को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है। यह पेट की सूजन को कम करने में भी कम करता है।

न्यूट्रिशन नोट: एक चम्मच अदरक के रस में 2 ग्राम कैलोरी, 0.01 ग्राम वसा (0 ग्राम सैच्युरेटेड फैट), 0 मिलीग्राम सोडियम, 0.4 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.03 ग्राम चीनी, 0 ग्राम फाइबर, 0.04 ग्राम प्रोटीन शामिल होता है।

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सौंफ (Fennel)

पेट के लिए सौंफ काफी अच्छा माना जाता है। सौंफ पेट को साफ करता है और यह गैस की समस्या को भी दूर करता है। यह सूजन को कम करने में काफी प्रभावकारी है। सौंफ के बीजों में एनेथोल और एस्ट्रैगोल (anethole and estragole) जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आंतों की मांसपेशियों को आराम देते हैं और इसमें मिलने वाला फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है। सौंफ पेट की कई और भी बीमारियों के लिए फायदेमंद है।

न्यूट्रिशन नोट: एक कप सौंफ में 27 कैलोरी, 0.2 ग्राम वसा (0 ग्राम सैच्युरेटेड फैट), 45 मिलीग्राम सोडियम, 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 3 ग्राम चीनी, 3 ग्राम फाइबर और 1 ग्राम प्रोटीन होता है।

केला (Banana)

केले को सूपरफूड कहा जाता है। इसमें मौजूद पोटेशियम भोजन को पचाने के साथ ब्लोटिंग की प्रॉब्ल्म को भी दूर करता है। यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मददगार है। यह तंत्रिकाओं को स्वास्थ्य रखती है।

न्यूट्रिशन नोट: केले के सेवन की सलाह देते हैं। एक केला में 105 कैलोरी, 0.4 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 1 मिलीग्राम सोडियम, 27 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 14 ग्राम चीनी, 3 ग्राम फाइबर, 1 ग्राम प्रोटीन होता है

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नींबू (Lemon)

पेट के लिए नींबू हर मामले में अच्छा है। इसमें पाया जाने वाला साइट्रिक ब्लोटिंग सहित पेट की कई समस्याओं के लिए प्रभावकारी है। इसका सेवन डिहायड्रेशन सहित अपच की समस्या को भी दूर करता है। इसीलिए डॉक्टर नींबू पानी को रोजाना पीने के लिए बोलते हैं। यह पेट की समस्या सहित कई समस्याओं के लिए भी लाभदायक है।

न्यूट्रिशन नोट: नींबू के रस का प्रति औंस में 7 कैलोरी, 0.1 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 1 मिलीग्राम सोडियम, 2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1 ग्राम चीनी, 0.1 ग्राम फाइबर, 0.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।

और पढ़ें: जानिए लो फाइबर डायट क्या है और कब पड़ती है इसकी जरूरत

एवोकाडो (Avocado)

ब्लोटिंग की समस्या में एवेकाडो भी काफी प्रभावकारी है। इसमें कई घुलनशील फाइबर होते हैं, जो वेट लॉस के साथ पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के साथ सूजन की समस्या को भी दूर करता है। यह शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने में भी मद्दगार हैं। जो लोग रोज एवोकाडो का सेवन करते हैं, उनके आंतों में सूक्ष्मजीवों की संख्या बहुत ज्यादा होती है। जो फाइबर को बारीक टुकड़ों में कर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और आंतों का स्वस्थय रखता है।

न्यूट्रिशन नोट: एक छोटे से एवोकाडो में 106 कैलोरी, 10 ग्राम वसा (1 ग्राम संतृप्त वसा), 5 मिलीग्राम सोडियम, 6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.4 ग्राम चीनी, 4 ग्राम फाइबर, 1 ग्राम प्रोटीन होता है।

और पढ़ें: अगर गैस की समस्या से आपको बचना है तो इन फूड्स का सेवन न करें

खीरा (Cucumber)

खीरा में आपको हायड्रेट रखने में मदद करता है और शरीर में पानी की कमी को भी दूर करता है। खीरे में सल्फर और सिलिकॉन होते हैं, जो कि यूरिन के माध्य से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह पाचन में भी आसान होता है। अगर आपको पेट की समस्या है, तो आपको सलाद के रूप में इसे रोज खाना चाहिए।

न्यूट्रिशन नोट: खीरे के 1/2 कप स्लाइस: 8 कैलोरी, 0.06 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 1 मिलीग्राम सोडियम, 2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1 ग्राम चीनी, 0.3 ग्राम फाइबर, 0.3 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।

और पढ़ें: जानिए लो फाइबर डायट क्या है और कब पड़ती है इसकी जरूरत

शतावरी (Asparagus)

शतावरी में एमिनो एसिड होता है। ऐस्पेरेगस में प्रोबायोटिक फाइबर भी होता है, जो आपके आंत में प्रोबायोटिक्स को पोषण देने और आपके पाचन तंत्र के लिए महत्व्पूर्ण होते हैं। इसका सेवन से शरीर को और भी कई तरह के फायदे होते हैं।

न्यूट्रिशन नोट: प्रति 1 कप सेवारत (कच्चा): 27 कैलोरी, 0.3 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 0 मिलीग्राम सोडियम, 5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 3 ग्राम चीनी, 3 ग्राम फाइबर, 3 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।

कीवी (Kiwi)

कीवी में एंजाइम और एक्टिनिडिन होता है, जो पाचन को तेज करने में मदद करता है। कीवी पोटेशियम और फाइबर का भी एक अच्छा स्त्रोत है।

न्यूट्रिशन नोट: एक कीवी: 90 कैलोरी, 1 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 0 मिलीग्राम सोडियम, 22 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 13 ग्राम चीनी, 4 ग्राम फाइबर, 2 ग्राम प्रोटीन।

और पढ़ें: पेट दर्द का कारण बन सकता है ये बैक्टीरिया, जानिए इससे बचने के उपाय

पपीता (Papaya)

पपीते में पपैन नामक एंजाइम होता है, जो पाचन में भी आसान होता है और पेट को साफ भी करता है। एंटी-इंफ्लेमेटरी होने के साथ इसमें विटामिन ए और अन्य फाइबर भी मिलेगा। इसमें प्रेक्टोज की उच्च मात्रा होती है। पपीते में एंटीऑक्सिडेंट विटामिन के, विटामिन सी और फाइबर पाया जाता है। पपीता कोलेस्टॉल को भी कंट्रोल करने का काम करता है, जो हृदय रोगों और स्ट्रोक जोखिमों को कम करने में मद्दगार है।

न्यूट्रिशन नोट: प्रति 1 कप टुकड़े: 62 कैलोरी, 0.4 ग्राम वसा (0.1 ग्राम संतृप्त वसा), 12 मिलीग्राम सोडियम, 16 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 11 ग्राम चीनी, 3 ग्राम फाइबर, 0.7 ग्राम प्रोटीन।

चुकंदर (Beetroot)

चुकंदर में फाइबर की मात्रा पायी जाती है। जो ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या दोनों को दूर करती है। यह खाने के लिए सबसे अच्छा उपाय है। इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। चुंकदर के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं। यह आपके शरीर में खून की कमी को भी दूर करता है। अगर आप एनीमिया के शिकार हैं, तो इसका जूस रोज पिएं।

और पढ़ें: चुकंदर के फायदे और नुकसान – Health Benefits of Chukandar (Beetroot)

टमाटर (Tomato)

टमाटर स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है इसमें मौजूद फाइबर आपको जल्दी भूख का एहसास नहीं होने देता है। इसमें मोजूद गट बैक्टीरिया भी आपके पेट के हेल्थ के लिए अच्छा होता है।

न्यूट्रिशन नोट: एक टमटार में 34 कैलोरी, 0.4 ग्राम वसा (0.1 ग्राम संतृप्त वसा), 9 मिलीग्राम सोडियम, 7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 5 ग्राम चीनी, 2 ग्राम फाइबर, 2 ग्राम प्रोटीन।

नारियल पानी (Coconut water)

नारियल पानी में पोटेशियम की उच्च मात्रा पायी जाती है। इसके अलावा इसमें इलेक्ट्रोलाइट की मात्रा बहुत अधिक होती है। आपके शरीर में सोडियम की कमी भी नहीं होने पाती है। पोटेशियम सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है। हो सके तो रोज सुबह खाली पेट 1 गिलास नारियल पानी पिएं।

न्यूट्रिशन नोट: प्रति 1/2 कैन (260 एमएल) नारियल पानी: 49 कैलोरी, 0 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 34 मिलीग्राम सोडियम, 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 11 ग्राम चीनी, 0 ग्राम फाइबर, 0 ग्राम प्रोटीन।

और पढ़ें: गैस्ट्राइटिस डायट: इस स्थिति में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

तरबूज (Water Lemon)

तरबूज को पैट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह पेट और हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कैरोटीनॉयड मौजूद होता है। इसमें विटामिन की प्रचुर मात्रा होने के कारण यह हमारे इम्यून सिस्टम के लिए भी अच्छा होता है।

न्यूट्रिशन नोट: प्रति 1 कप कच्चे क्यूब्स: 46 कैलोरी, 0.2 ग्राम वसा (0 ग्राम संतृप्त वसा), 2 मिलीग्राम सोडियम, 12 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9 ग्राम चीनी, 0.6 ग्राम फाइबर, 0.9 ग्राम प्रोटीन

इस तरह की डायट को अपनाकर आप बलोटिंग और गैस की समस्या से राहत पा सकते हैं। अगर आपको अधिक समस्या है, गैस और ब्लोटिंग की तो अपने डॉक्टर से मिलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 04/02/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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