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मसल्स बनाने में इस तरह मदद करता है सप्लीमेंट, जानिए इसे लेने का तरीका

मसल्स बनाने में इस तरह मदद करता है सप्लीमेंट, जानिए इसे लेने का तरीका

दुबले पतले लोगों में मास गेनर को लेकर काफी भ्रम होता है। उन्हें लगता है कि मार्केट में जो भी सप्लीमेंट मिलते हैं, उन्हें दूध के साथ लेने से बॉडी में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, कार्ब्स की मात्रा पूरी हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। बिगिनर्स वेट गेन करने के लिए सबसे पहले सप्लीमेंट के सहारे ही रहते हैं। मार्केट में मौजूद सप्लीमेंट का फायदा आपको तभी मिलता है, जब आप वर्कआउट के साथ अच्छी डायट भी लें। हालांकि अगर आप सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो इसे लेने का भी सही तरीका होता है। इस आर्टिकल में हम इसी बारे में बात करेंगे।

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क्या काम होता है सप्लीमेंट का?

प्रोटीन सप्लीमेंट-Protein supplement

सप्लीमेंट का सबसे पहला काम शरीर की मरम्मत करना होता है। सप्लीमेंट में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होता है। यह नई कोशिकाएं बनाने में मदद करता है। एक फिट इंसान के लिए उसके वेट के अनुसार प्रति किलो पर 2 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है, जिससे नई कोशिकाएं बन सकें। अगर आपकी डायट में प्रोटीन की मात्रा अधिक होगी, उससे काफी एनर्जी मिलेगी। हमें सप्लीमेंट की आवश्यकता इसलिए भी पड़ती है, क्योंकि हम अपनी डायट से प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पूरी नहीं कर पाते हैं।

अगर आपको बढ़िया सप्लीमेंट के बारे में नहीं पता है, तो आप ऑप्टिमम न्यूट्रिशन वाला सप्लीमेंट खरीद सकते हैं। इस सप्लीमेंट में प्रोटीन की मात्रा काफी होती है। अगर आप डायट के साथ पोस्ट वर्कआउट के बाद सप्लीमेंट लेते हैं, तो आपको वेट गेन करने में काफी फायदा मिलेगा।

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प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाहिए या नहीं?

हम सभी लोगों के साथ ऐसा अनुभव जरूर हुआ होगा कि हमारे जानकार के लोगों ने सप्लीमेंट नहीं लेने की सलाह दी होगी। जिन लोगों को सप्लीमेंट के फायदे के बारे में जानकारी नहीं होती वे लोग कहते फिरते हैं कि सप्लीमेंट लेने से चर्बी बढ़ती है। वर्कआउट छोड़ देते ही हमारे आर्म्स और कंधों पर, पेट पर चर्बी बढ़ जाती है। मांस लटक जाते हैं, जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है। यह सप्लीमेंट के लिए मिथक है। जबकि सच्चाई यह है कि जब आप वर्कआउट करते हैं, उस वक्त आपको बहुत प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है। आपके बॉडी में सबसे ज्यादा प्रोटीन की पूर्ति सप्लीमेंट से ही हो सकती है। जब हम जिम में वेट ट्रेनिंग लेते हैं, उस वक्त हमारी मांसपेशियां काम करने लगती हैं। मांसपेशियों की मरम्मत के लिए सप्लीमेंट बहुत जरूरी है। सप्लीमेंट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट के अलावा काफी विटामिंस, मिनरल्स होते हैं।

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हालांकि अक्सर बिगिनर्स प्री-वर्कआउट (pre-workout) के बाद फैट की मात्रा वाली डायट लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आपको फैट (fat) की मात्रा वाली डायट लेनी है, तो आप पोस्ट वर्कआउट (post workout) के बाद ले सकते हैं। पोस्ट वर्कआउट के बाद सप्लीमेंट लेने से काफी फायदा पहुंचता है। आपको सही मायने में वजन बढ़ाना है तो, आप प्री-वर्कआउट से पहले अच्छी डायट लें। फिर, पोस्ट वर्कआउट करने के बाद सप्लीमेंट लें।

वेट गेन (weight gain) करने में सप्लीमेंट का फायदा तभी मिलता है, जब आप सुबह के वक्त जिम करते हैं, और प्री-वर्कआउट करने से 45 मिनट पहले सप्लीमेंट को दूध, जूस या पानी में मिलाकर पीते हैं। इसके साथ ही डायट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डायट लें। इसके बाद पोस्ट वर्कआउट के बाद मास गेनर लें, जिससे आपकी बॉडी में कैलोरी पूरी हो जाए। मास गेनर जिसे सप्लीमेंट भी कहा जाता है, उसमें 20 से 30 प्रतिशत तक प्रोटीन होता है। ध्यान रहे कि आप सप्लीमेंट सीधा कभी न खाएं। इससे काफी नुकसान हो सकता है।

प्रोटीन सप्लीमेंट का उपयोग कब करना चाहिए?

अगर आप एक एथलीट हैं या किसी अन्य स्पोर्ट एक्टिविटी में इन्वॉल्व हैं, तो आपके शरीर को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता है। इसके लिए आपको अपने डायट में प्रोटीन की उचित मात्रा शामिल करनी चाहिए। लेकिन, याद रहे वर्कआउट के आसपास के समय में इसे न लें।

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प्रोटीन सप्लीमेंट के प्रकार

प्रोटीन सप्लीमेंट-Protein supplement

मार्केट में आज कई तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट मौजूद हैं। सबका काम आपके शरीर को प्रोटीन पहुंचाना ही है, लेकिन इनका मुख्य स्रोत अलग-अलग हो सकता है जैसे कि कुछ सप्लीमेंट दूध से बनाए जाते हैं, तो कुछ मटर के दानों से। कुछ प्रोटीन सप्लीमेंट को बनाने में अंडे का उपयोग करते हैं तो कुछ प्रोटीन सप्लीमेंट को बनाने में कंपनी सोयाबीन का उपयोग करती है। इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट की एक बड़ी वैरायटी बाजार में देखने को मिलती है। इनमें से पांच मुख्य तरह के हैं :

व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट (Whey Protein supplement)

यह सबसे ज्यादा सेवन किया जाने वाला प्रोटीन पाउडर है। शरीर में आसानी से डायजेस्ट हो जाने की वजह से इसे वर्कआउट के तुरंत बाद लिया जा सकता है।

सोया प्रोटीन सप्लीमेंट (Soya Protein supplement)

यह सप्लीमेंट सोयाबीन से बनाया जाता है। आपकी बॉडी को सही से काम करने और विकास के लिए सभी जरूरी अमीनो एसिड्स इसमें पाए जाते हैं। यह वेजेटेरियन लोगों के लिए बेस्ट प्रोटीन सप्लीमेंट है।

एग प्रोटीन सप्लीमेंट (Egg protein supplement)

यह प्रोटीन सप्लीमेंट, अंडो से प्रोटीन तत्व निकालकर बनाया जाता है। उच्च मात्रा में मौजूद अमीनो एसिड शरीर के लिए जरूरी होते हैं। जो लोग डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करते हैं उनके लिए यह बेहतर विकल्प है।

पी प्रोटीन (Pea Protein)

अगर आप वेगन हैं यानी कि अगर आप मांसाहार और एनिमल प्रोडक्ट्स (animal products) जैसे- दूध, घी, मक्खन आदि को डायट से दूर रखते हैं तो यह प्रोटीन सप्लीमेंट आपके लिए है। यह मटर के प्रोटीन सत्व द्वारा बनाया जाता है और शरीर को इसके बेनिफिट्स एग या व्हे प्रोटीन से कम नहीं मिलते हैं।

केसीन प्रोटीन (Casein Protein)

इस तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट में ग्लुटामिन (Glutamine) अत्यधिक मात्रा में होता है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड मांसपेशियों को बनाने की क्रिया को तेज करने के लिए मददगार होता है। इसको डायजेस्ट होने में थोड़ा समय लेता है। इसलिए डायटीशियन इस प्रोटीन सप्लीमेंट को सोते समय लेने की सलाह देते हैं।

उम्मीद है कि आपको प्रोटीन सप्लीमेंट पर आधारित यह लेख पसंद आया होगा। ऊपर बताए आपको यह आर्टिकल कैसा लगा? हमें जरूर बताएं। साथ ही अगर आपका इस विषय से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो वो भी हमारे साथ शेयर करें।

क्या प्रोटीन सप्लीमेंट्स और मास गेनर्स दोनों एक ही होते हैं?

मास गेनर एक तरह का पाउडर होता है, जिसके सेवन से प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और फैट से कैलोरी मिलती है, जबकि प्रोटीन सप्लीमेंट्स से सिर्फ प्रोटीन की प्राप्ति होती है। दरअसल प्रोटीन सप्लीमेंट्स के सेवन से मसल्स को बढ़ाने में मदद मिलती है।

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यहां जानिए प्रोटीन पाउडर से होने वाले नुकसान क्या हैं?

किसी भी चीज के अच्छे और बुरे परिणाम दोनों हो सकते हैं। इसलिए अगर आप प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हैं, तो उसके निम्लिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे:

कील-मुंहासों की समस्या- कुछ प्रोटीन पाउडर्स के सेवन से हॉर्मोन्स और बायोएक्टिव पेपटिड्स लेवल के बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार प्रोटीन सप्लीमेंट्स के सेवन कील-मुंहासों की समस्या शुरू हो सकती है।

न्यूट्रिशन इम्बैलेंस- अगर आप प्रोटीन पाउडर का सेवन करते हैं, तो इससे न्यूट्रिशन इम्बैलेंस का खतरा बना रहता है। वहीं अंडे, दूध और मीट के सेवन से न्यूट्रिशन इम्बैलेंस संभावना कम होती है।

बढ़ सकता है इन्सुलिन लेवल- प्रोटीन पाउडर लम्बे वक्त तक लेने से इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अगर प्रोटीन पाउडर का सेवन जरूरत से ज्यादा किया गया तो इन्सुलिन लेवल बढ़ने की संभावना ज्यादा बनी रहती है।

शरीर के लिए हो सकता है हानिकारक- हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रोटीन पाउडर में टॉक्सिक मेटेल्स यानी विषाक्त पदार्थ होते हैं, जिसकी वजह से सिरदर्द, फेटीग्यू, कब्ज और मासपेशियों में दर्द जैसी परेशानी बनी रहती है।

बढ़ सकता है वजन- बाजार में इनदिनों कुछ ऐसे भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स आसानी से उपलब्ध होते हैं, जिनमें कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा ज्यादा होती है। ऐसे प्रोटीन सप्लीमेंट्स के सेवन से वजन कम होने बजाए बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। यही नहीं हार्ट से और पेट से जुड़ी परेशानियों की संभावना भी ज्यादा रहती है।

इन ऊपर बताई गई परेशानियों के साथ-साथ प्रोटीन पाउडर के सेवन से ओस्टियोपोरोसिस और किडनी से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए इनके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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किन लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाहिए?

  • अगर आप रोजाना अपने शरीर के अनुसार प्रोटीन की मात्रा का सेवन नहीं करते हैं, तो प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आप रोजाना जिम जाते हैं या आप नियमित रूप से वर्कआउट करते हैं, तो प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
  • अगर आप वेटलिफ्टिंग या बॉडीबिल्डिंग करते हैं, तो प्रोटीन सप्लीमेंट का सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आपको चोट लग जाती है या अगर कोई प्लेयर चोटिल हो जाता है, तो उन्हें भी प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहिए।
  • अगर आपके पास समय का अभाव है और आप प्रोटीन को दूध के साथ मिलाकर इसका सेवन नहीं कर पाते हैं, तो रेडी टू ड्रिंक प्रोटीन शेक का सेवन कर सकते हैं। रेडी टू ड्रिंक प्रोटीन शेक में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, काबोहाइड्रेट कम होता है और आवश्यकता अनुसार फैटी एसिड होते हैं। इसके सेवन से बार-बार भूख भी नहीं लगती है।

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डायबिटीज पेशेंट्स को प्रोटीन का सेवन कैसे करना चाहिए?

अगर आप डायबिटिक हैं, तो जीरो शुगर और कार्बोहाइड्रेट वाले प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। इनदिनों बाजार में आसानी से ऐसे प्रोडक्ट्स मिल जाते हैं। लेकिन ऐसे किसी भी प्रोडक्ट के सेवन से पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

महिलाओं को कौन से प्रोटीन का सेवन करना चाहिए?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाएं व्हे प्रोटीन का सेवन कर सकती हैं। इसके अलावा प्री और पोस्टमेनोपॉज वाली महिलाओं को सोया प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।

अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

यहां क्विज खेलें और जानें फायबर से जुड़ी अहम जाकारी

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

7 Tips for Choosing the Best Protein Powder for You/ https://health.clevelandclinic.org/7-tips-choosing-best-protein-powder/ Accessed On 26 Sep 2019

Protein – Which is Best?/ https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3905294/. Accessed On 26 Sep 2019

Protein Supplements and Their Relation with Nutrition, Microbiota Composition and Health: Is More Protein Always Better for Sportspeople?/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6521232/Accessed on 23/11/2020

Protein Controversies in Diabetes/http://journal.diabetes.org/diabetesspectrum/00v13n3/pg132.htm/Accessed on 23/11/2020

 

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Sidharth Chaurasiya द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/11/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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