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पालक से शिमला मिर्च तक 8 हरी सब्जियों के फायदों के साथ जानें किन-किन बीमारियों से बचाती हैं ये

पालक से शिमला मिर्च तक 8 हरी सब्जियों के फायदों के साथ जानें किन-किन बीमारियों से बचाती हैं ये

हरी सब्जियों का सेवन हम रोजाना करते हैं और कहते भी हैं कि हरी सब्जियों के फायदे एक नहीं बल्कि कई हैं। हरी सब्जियों के फायदे के बारे में जब हमने मुंबई में रहने वाली 35 वर्षीय सोनम बनर्जी से बात की तो सोनम ने बताया कि, “मैं रोजाना हरी सब्जी बनाती हूं क्योंकि हरी सब्जियों में मौजूद पौष्टिक तत्व शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। मेरे घर में बच्चे भी हैं और बुजुर्ग भी। ऐसे में मुझे दोनों की सेहत का ख्याल करना पड़ता है। परिवार के सभी सदस्यों के साथ-साथ मैं खुद भी हेल्दी रहूं इसलिए नियमित रूप से मैं हरी सब्जियां खाती और खिलाती हूं।”

हेल्थ एक्सपर्ट भी यही कहते हैं कि स्वस्थ्य रहने के लिए हरी सब्जियां खाना बेहद जरूरी है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से समझेंगे कि हरी सब्जियों के फायदे क्या होते हैं और हरी सब्जियों के फायदे के लिए कौन सी सब्जियां खानी ही चाहिए।

हरी सब्जियों के फायदे:

निम्नलिखित हरी सब्जियों का सेवन नियमित करना चाहिए।

1. हरी सब्जियों के फायदे लेने के लिए भोजन में शामिल करें पालक (Spinach):

हरी सब्जियों के जब नाम लिया जाता है इस लिस्ट में पालक (पालक साग) का नाम सबसे पहले आता है। पालक में प्रोटीन, आयरन, विटामिंस और मिनरल्स की मात्रा उच्च होती है, जो कई बीमारियों से लड़ने में मददगार करते हैं। पालक औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। इसलिए इसका सेवन अवश्य करना चाहिए। यही नहीं पालक में अल्फा लिपोइक एसिड मौजूद होता है, जो एक तरह का एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो शरीर में ग्लूकोज लेवल को बैलेंस्ड रखने में मददगार होता है। पालक ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को भी कम करने की क्षमता रखता है।

किन-किन बीमारियों से बचाती है पालक?

निम्नलिखित बीमारियों से बचने या लड़ने में पालक मदद करती है। जैसे-

डायबिटीज– अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार पालक को सुपरफुड की श्रेणी में रखा गया है। रिसर्च के अनुसार पालक में मौजूद विटामिन, खनिज और फाइटोकेमिकल जैसे तत्व लोगों को डायबिटीज की समस्या से लड़ने में सहायक होते है या पालक के नियमित सेवन से टाइप-2 डायबिटीज की संभावना भी कम हो जाती है। इसलिए इसे अपनी डायट में संतुलित मात्रा में शामिल करना लाभकारी हो सकता है।

कैंसर- हरी सब्जियों के फायदे तो कई हैं। वहीं हरी सब्जियों में शामिल पालक के जूस के सेवन से लाभ मिलता है। पालक के जूस में मौजूद कैरोटीन और क्लोरोफिन जैसे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं और यही कैरोटीन और क्लोरोफिन कैंसर से बचाने में सहायक होता है। कुछ रिसर्च के अनुसार पालक के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना भी कम हो सकती है।

ब्लड प्रेशर- पालक में पोटैशियम और सोडियम की मात्रा कम होती है। इलसिए यह हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक हो सकती है। ब्लड प्रेशर नियंत्रित होने के साथ-साथ हड्डियां भी मजबूत होती हैं। इसलिए बड़े और बुजुर्गों के साथ-साथ बच्चों को भी पालक खिलाना लाभकारी माना जाता है।

इम्यून सिस्टम- पालक में बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ए की मात्रा भरपूर होती है। स्वास्थय विषेशज्ञों के अनुसार पालक में मौजूद बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ए इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग रखने में मददगार है। अगर शरीर का इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होगा तो किसी भी बीमारी से लड़ना आसान हो जाता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता अगर बढ़ाना है, तो पालक को डायट में अवश्य शामिल करना चाहिए।

इनडायजेशन– आयुर्वेद के अनुसार कच्ची ताजी पालक का रस सुबह-सुबह कुछ दिनों तक सेवन करने से डायजेशन बेहतर होता है। इसलिए अगर आपको कब्ज की समस्या है, होती है या कब्ज की परेशानी बनी रहती है, तो पालक के जूस का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि इसका सेवन जरूरत से ज्यादा न करें।

स्किन प्रॉब्लम्स– अगर आप त्वचा संबंधी परेशानियों से थक चुकी हैं, तो पालक का सेवन शुरू कर दें। पालक के बैलेंस्ड डायट से स्किन पर ग्लो आता है और झुर्रियों की समस्या से बचा जा सकता है। पालक में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

एनीमिया- पालक स्किन के लिए गुणकारी होती है क्योंकि इसमें मौजद एंटीऑक्सिडेंट के साथ-साथ विटामिन, मिनिरल और न्यूट्रीएंट्स शरीर में खून की कमी नहीं होने देते हैं और एनीमिया जैसी समस्या नहीं होती है।

दिल की बीमारी- अगर आप दिल की समस्या से बचना चाहते हैं, तो पालक को नियमित तौर से अपने आहार में शामिल करें। दरअसल पालक गुड कोलेस्ट्रॉल को मेंटेन रखने में सहायक होती है और बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बनने देती। जिससे दिल या हृदय संबंधित परेशानियों से बचा जा सकता है। हरी सब्जियों के फायदे हीमोफीलिया जैसी परेशानी से भी बचने में सहायक होते हैं। पालक में विटामिन-के ब्लड क्लॉट होने से भी बचाने में मददगार हो सकता है।

इन बीमारियों के साथ-साथ अन्य बीमारियों से लड़ने में आपकी मदद करता है। इसलिए पालक का जूस, पालक की सब्जी या पालक से बने अलग-अलग रेसिपी खाई जा सकती है और अपने आपको फिट रखा जा सकता है। वैसे हरी सब्जियों के फायदे और हरी सब्जियों में या साग में शामिल पालक के कई शारीरिक लाभ मिलते हैं लेकिन, इसका जरूरत से ज्यादा सेवन से किडनी स्टोन और ब्लड सामान्य से ज्यादा पतला हो सकता है। इसलिए इसका सेवन संतुलित करें।

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2. हरी सब्जियों के फायदे लेने के लिए डायट में शामिल करें हरी मटर (Pea)

मटर में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार एक कप मटर में 7.2 ग्राम फाइबर मौजूद होता है। इसके साथ ही मटर में विटामिन-ए, विटामिन-बी 6, विटामिन-सी, विटामिन-के, फॉस्फोरस, मैग्नेशियम, कॉपर, आयरन, जिंक और लियूटिन जैसे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। मटर के संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर फिट रहता है।

हरी सब्जियों के फायदे कई हैं। इसलिए हरी सब्जियों में शामिल मटर के सेवन से निम्नलिखित शारीरिक परेशानी से बचा जा सकता है।

इनडायजेशन- मटर में फाइबर की मौजूद डायजेशन को बेहतर रखने में सहायक है। डायजेशन बेहतर रहने से कब्ज की समस्या से बचना आसान हो जाता है। इसलिए इसका सेवन करना लाभकारी माना जाता है।

वजन बढ़ना- मटर में कैलोरी की मात्रा कम होती है। इसलिए इसके सेवन से वजन बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। हरे मटर का सेवन करना ज्यादा लाभकारी माना जाता है।

याददाश्त में कमी- कुछ रिसर्च के अनुसार हरी मटर के सेवन से ब्रेन संबंधित परेशानियों से बचा जा सकता है और याददाश्त भी बेहतर हो सकती है। इसलिए बच्चे, बड़े और बुजुर्गों को इसका सेवन करना चाहिए।

अनियमित ब्लड शुगर लेवल- मटर में मौजूद कैल्शियम, मैग्नेशियम और पोटैशियम ब्लड शुगर लेवल को संतुलित बनाए रखने में लाभकारी माना जाता है। इसके सेवन से डायबिटीज कंट्रोल रहने के साथ-साथ ह्रदय संबंधित बीमारियों से बचना जा सकता है।

एनर्जी- इसमें मौजूद फाइबर की मात्रा शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में भी सहायक होती है और आप एनर्जेटिक महसूस करते हैं।

इन बीमारियों के साथ-साथ अन्य शारीरिक परेशानियों से भी बचने में मददगार है मटर। हालांकि इसके ज्यादा सेवन से पेट फूलने जैसी अन्य परेशानी हो सकती है। इसलिए इसके अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।

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3. हरी सब्जियों के फायदे के लिए खाएं शिमला मिर्च (Capsicum)-

शिमला मिर्च लाल और हरी दो तरह की होती हैं। हरी शिमला मिर्च की तुलना लाल शिमला मिर्च ज्यादा फायदेमंद होती है। शिमला मिर्च में विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-इ, विटामिन-बी 6, फाइबर और फोलेट होता है। ये सभी शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं। शिमला मिर्च स्वाद में थोड़ी मीठी होती है। यह मिठास शिमला मिर्च में प्राकृतिक रूप से मौजूद होती है। लाल शिमला मिर्च की तुलना में हरी शिमला मिर्च कम मीठी होता है। इसके सेवन से निम्नलिखित शारीरिक परेशानियों से बचा जा सकता है। जैसे-

हृदय से संबंधित बीमारियां- शिमला मिर्च के सेवन से हार्ट से संबंधित परेशानी और ब्लड वेसल्स की समस्या से बचा जा सकता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्व से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या नहीं होती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहता है

जोड़ों की समस्या- अगर आप ऑस्टियोआर्थराइटिस, रुमेटाइड आर्थराइटिस या फाइब्रोमायल्गिया की समस्या से परेशान हैं, तो हरी सब्जियों में शामिल शिमला मिर्च आपकी इस परेशानी को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है। अगर इसका सेवन ठीक तरह से किया जाए इन परेशानियों से बचा भी जा सकता है।

दर्द से मिलता है छुटकारा- रिसर्च के अनुसार शिमला मिर्च में मौजूद एक खास तरह का तत्व होता है, जिसे कैप्सेसिन कहा जाता है। यह स्किन में होने वाले दर्द में भी राहत दिलाता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार शिमला मिर्च को पीस कर दर्द वाले जगहों पर लगाने से आराम मिलता है। इसके साथ ही यह हेलिकोबैक्टर पिलोरी से भी बचाता है। हेलिकोबैक्टर पिलोरी गैस्ट्रोइंटेस्टिनल से संबंधित बीमारी है।

इन बीमारियों के साथ-साथ हरी सब्जियों में शामिल शिमला मिर्च निम्नलिखित बीमारियों से भी लड़ने में सहायक है। इन बीमारियों में शामिल है-

शिमला मिर्च के सेवन से इन बीमारियों से बचा जा सकता है लेकिन, इसके अत्यधिक सेवन से जलन, खुजली, लालिमा या सूजन जैसी परेशानी हो सकती है। हरी सब्जियों के फायदे होते हैं लेकिन, अगर शिमला मिर्च के से सेवन कोई परेशानी महसूस हो तो इसका सेवन न करें। हरी सब्जियों के फायदे तभी ठीक तरह से होंगे अगर इसका ठीक तरह से सेवन किया जाएगा।

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4. लौकी में मिलेंगे सभी हरी सब्जियों के फायदे (Bottle Gourd)-

लौकी में पानी की मात्रा ज्यादा होती है और इसके साथ ही इसमें विटामिन-सी, राइबोफ्लेविन, जिंक, थायमिन, आयरन, मैग्नीज, मैग्नेशियम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। सब्जियों में शामिल लौकी का सेवन बेहद लाभकारी माना जाता है। लौकी की सब्जी का सेवन किया जा सकता है और इसके जूस का सेवन भी लाभकारी माना जाता है। हालांकि लौकी के जूस के सेवन से पहले इसके बारे में समझें।

कौन-कौन सी बीमारी से आपकी रक्षा करती है लौकी?

इसके नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन से निम्नलिखित शारीरिक परेशानियों से बचा जा सकता है। जैसे –

दिल की बीमारी- कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से दिल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं हरी सब्जियों में शामिल लौकी में जीरो कोलेस्ट्रॉल होता है और साथ ही साथ यह एंटीऑक्सिडेंट भी है। जिससे यह शरीर में बैड कोलेस्टॉल को बढ़ने से रोकती है। इसलिए दिल की बीमारी से बचने के लिए इसका सेवन करना लाभदायक माना जाता है। हरी सब्जियों के फायदे हों इसलिए नियमित रूप से लौकी का सेवन करना चाहिए।

ब्लड फ्यूरिफाइयर लौकी ब्लड फ्यूरिफाइयर का भी काम करती है। लौकी को उबालकर सेवन करने से खून साफ होता है और मुहांसों और फुंसियों की शिकायत भी कम हो जाती है। त्वचा संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है।

यूरिन इंफेक्शन शरीर में सोडियम के लेवल बढ़ने से यूरिन इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है, जिससे यूरिन के दौरान जलन जैसी समस्या शुरू हो जाती है। यूरिन इंफेक्शन को दूर करने में इसका रस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

ग्लूकोज लेवल रहता है ठीक- लौकी में प्राकृतिक रूप से शुगर होता है, जो कि शरीर को जरूरी ग्लूकोज का स्तर प्रदान करता है। इस वजह से यह पोस्ट वर्कआउट ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल करने के लिए सही विकल्प माना जाता है। इसमें प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो कि मसल्स की कार्य क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं और इससे मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं।

डिप्रेशन- लौकी में कोलीन (choline) की मौजूदगी होती है। दरअसल कोलीन एक तरह का न्यूरोट्रांसमीटर होता है, जो कि दिमाग की कार्य क्षमता को सुधारता है और स्ट्रेस, डिप्रेशन और अन्य मानसिक परेशानियों से राहत दिलाने का भी काम करता है।

इन शारीरिक परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ लौकी खाने से कई अन्य शारीरिक परेशानियों से बचा जा सकता है।

लौकी के फायदे तो हैं लेकिन, इसके सेवन से नुकसान भी हो सकता है। आहार विशेषज्ञों की माने तो शुरुआत में लौकी के जूस के सेवन से कब्ज और पेट खराब होने की समस्या हो सकती है, खाली पेट में इसके जूस के सेवन से गैस और जी मिचलाने जैसी समस्या हो सकती है। वहीं गर्भवती महिलाएं इसके जूस का सेवन कभी न करें क्योकि इससे गर्भपात होने का खतरा बढ़ सकता है।

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5. हरी सब्जियों के फायदे के लिए डायट में शामिल करें ये सब्जी “ब्रोकली”

ब्रोकली में विटामिन-बी 1, बी 2, बी 3, बी 6, खनिज, मैग्नेशियम, आयरन, पोटैशियम, जिंक, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे लोग जो शरीर का फैट कमकर लीन मसल्स बढ़ाना चाहते हैं उन्हें अपने डायट में ब्रोकली जरूर शामिल करना चाहिए। यह निम्नलिखित बीमारी या शारीरिक परेशानी में सेहत का ख्याल रखती है।

स्किन प्रॉब्लम्स– दरअसल ब्रोकली में विटामिन-सी की मात्रा ज्यादा होती है, जो कि शरीर में कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है। कोलेजन बॉडी सेल्स, शारीरिक अंगों और त्वचा के लिए मुख्य सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करता है। विटामिन-सी एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट भी होता है, जो त्वचा के क्षतिग्रस्त होने या उम्र बढ़ने की वजह से आने वाली झुर्रियों से बचाने में भी सहायता प्रदान करता है।

फ्लू- ब्रोकली में मौजूद विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में भी सहायक है। जिससे सामान्य फ्लू या अन्य इंफेक्शन से बचाव होता है। इसलिए सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियों से बचने के लिए ब्रोकली का सेवन करना चाहिए।

हड्डियां होती हैं स्ट्रॉन्ग- हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन के की आवश्यकता होती है और यह दोनों ही ब्रोकली में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कई अध्ययनों यह साबित किया है कि ब्रोकोली में मौजूद विटामिन-के और कैल्शियम मजबूत और स्वस्थ हड्डियों के लिए आवश्यक पोषक तत्व हैं। इसलिए ब्रोकोली का सेवन हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसे कई जटिल रोगों से बचा सकता है। कैल्शियम के साथ ही ब्रोकली (हरी गोभी) में मैग्नीशियम, जिंक और फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है

शरीर में सूजन की समस्या होती है दूर- जानवरों पर किए गए कई अध्ययनों से यह पता चला है कि ब्रोकोली (Broccoli) में कई ऐसे बायो- एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं जो सूजनरोधी गुणों के लिए जाने जाते हैं। स्मोकिंग करने वाले एक समूह पर किए गए अध्ययन में यह पाया गया कि ब्रोकली खाने से सूजन में कुछ कमी आई। इससे यह साबित होता है कि ब्रॉकली सूजन को कम करने और उसे रोकने का प्रभाव रखती है।

कोलेस्ट्रॉल रहता है बैलेंस्ड- कई सारे खाद्य पदार्थों की तरह ब्रोकली घुलनशील फाइबर से परिपूर्ण है जो शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्रोकोली में मौजूद फाइबर डाजेस्टिव ट्रैक्ट में पित्त एसिड के साथ बांधने में मदद करते हैं । इसके सेवन से शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालना आसान हो जाता है।

कैंसर का खतरा होता है कम- कुछ रिसर्च के अनुसार ब्रोकोली (Broccoli) जैसी सब्जियों में कई कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं। ब्रोकोली में कई ऐसे बायो- एक्टिव होते हैं जो पुराने रोगों के कारण होने वाले सेल्स डैमेज को रोकते हैं। रिसर्च के अनुसार ब्रोकोली खाने से स्तन और गर्भाशय के कैंसर से बचाव हो सकता है।

इन बीमारियों के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी लड़ने में सहायक है ब्रोकली। वैसे तो ब्रोकली के सेवन से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है लेकिन, इसके ज्यादा सेवन से गैस या एसिडिटी की समस्या हो सकती है।

6. हरी सब्जियों के फायदे लेना चाहते हैं तो काले को न भूलें (Kale)

काले को न्यूट्रिशन से भरपूर माना जाता है। इसमें विटामिन-के, विटामिन-ए, विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट जैसे महत्वपूर्ण तत्व मौजूद होते हैं। हरी सब्जियों के फायदे लेना हो तो काले का सेवन जरूर करें। इसके सेवन से निम्नलिखित स्वास्थ्य संबंधी समस्या कम हो सकती है। जैसे-

  • ये हार्ट डिजीज से बचाए रखता है और हार्ट के पेशेंट के लाभकारी होता है
  • डायबिटीज नॉर्मल रखता है
  • कैंसर की बीमारी से भी बचा जा सकता है
  • हड्डियों की समस्या होती हैं दूर
  • डायजेशन रहता है बेहतर
  • त्वचा और बाल रहते हैं हेल्दी
  • आंखों की रोशनी रहती है बरकरार

इन बीमारियों के साथ-साथ अन्य बीमारी को दूर करने में इन हरी सब्जियों के फायदे हो सकते हैं।

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7. हरी सब्जियों के फायदे मिलेंगे आसानी से, पत्ता गोभी (Cabbage) को करें रूटीन में शामिल

इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नेशियम, फोलेट, विटामिन-के, विटामिन-सी और कैलोरी मौजूद होता है। पत्ता गोभी में एक तरह का कैमिकल रेडिएशन की हानिकारक किरणों से होने वाली परेशानी से बचाने में मदद करता है।

हरी सब्जियों के फायदे खासकर पत्ता गोभी के सेवन से होने वाले फायदे निम्नलिखित हैं-

कब्ज दूर करें- पत्ता गोभी में फाइबर मौजूद होता है और फाइबर डायजेशन के लिए सबसे मददगार तत्व माना जाता है। इसके सेवन से कब्ज जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

कैंसर- पत्ता गोभी में विटामिन-ई मौजूदगी होता है। विटामिन-ई कैंसर की रोकथाम के लिए सहायक माना जाता है।

इन बीमारियों के साथ-साथ ये हार्ट डिजीज से बचाती है और इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग करती है, लेकिन हरी सब्जियों के फायदे के चलते इसका सेवन जरूरत से ज्यादा न करें और अगर आपको इसके सेवन से एलर्जी हो, तो ऐसी स्थिति में भी इसके सेवन से बचें।

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8. हरी सब्जियों के फायदे लेने के लिए भिंडी (Okra) को जरूर खाएं

भिंडी को इंग्लिश में ओकरा और लेडी फिंगर के नाम से जाना जाता है। यह सेहत के लिए फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें मौजूद कैलोरी, कार्ब्स, प्रोटीन, फैट, फाइबर, मैग्नेशियम, फोलेट, विटामिन-ए, विटामिन-सी, विटामिन-के और विटामिन-बी 6 की मौजूदगी सेहत के लिए लाभदायक होती है। वैसे भिंडी में विटामिन-सी और विटामिन-के की मात्रा ज्यादा होती है इसलिए भी यह काफी फायदेमंद होती है। अगर हरी सब्जियों के फायदे लेना चाहते हैं तो इसे जरूर खाएं। लेडी फिंगर के सेवन से निम्नलिखित बीमारी से बचा जा सकता है। जैसे-

कैंसर- भिंडी के संतुलित मात्रा में सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार इसके सेवन से कोलन कैंसर की संभावना बेहद कम हो जाती है। दरअसल भिंडी इंटेस्टाइन में मौजूद विषैले और हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में मददगार होता है, जिस कारण इंटेस्टाइन से जुड़ी परेशानी कम हो सकती हैं।

दिल की बीमारी- भिंडी में मौजूद पौष्टिक तत्व कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचाए रखते हैं और शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के बने रहने से दिल से जुड़ी बीमारी का खतरा भी कम हो सकता है। हरी सब्जियों के फायदे शरीर को मिले इसलिए इसका सेवन करना चाहिए।

डायबिटीज- भिंडी के सेवन से शरीर में ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। इसलिए इसके सेवन से डायबिटीज की संभावना कम हो सकती है। हरी सब्जियों के फायदे लेना हो और आप डायबिटीज की समस्या से बचना चाहते हैं तो भिंडी का सेवन करें।

एनीमिया- हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार भिंडी में आयरन की मात्रा उच्च होने से शरीर में खून की कमी नहीं हो सकती है। इसलिए एनीमिया की समस्या से बचने के लिए हरी सब्जियों में शामिल लेडी फिंगर का सेवन करना चाहिए। हरी सब्जियों के फायदे अनेक हैं अब तो आप ये समझ ही गए होंगे। हरी सब्जियों के फायदे इनका सेवन करने के बाद आप खुद अनुभव कर सकते हैं।

हमें आशा है कि हरी सब्जियों के फायदे पर आधारित यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आप हरी सब्जियों के फायदे से जुड़े किसी तरह के सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा और अगर आपको किसी भी खाद्य पदार्थ या कोई भी हरी सब्जी के सेवन से किसी भी तरह की एलर्जी होती है, तो उसका सेवन न करें ।

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सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/11/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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