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मां को हो सर्दी-जुकाम तो कैसे कराएं स्तनपान?

के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. अभिषेक कानडे · आयुर्वेदा · Hello Swasthya


Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 11/08/2020

मां को हो सर्दी-जुकाम तो कैसे कराएं स्तनपान?

बच्चे का हर वक्त ख्याल रखने वाली मां अगर बीमार हो जाए तो बच्चे के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा? ये सवाल कभी ना कभी सभी के मन में आया होगा। ऐसे में मां को अगर सर्दी-जुकाम (Cold and Flu) हो जाए तो वह स्तनपान (Breastfeeding) यह सोच कर नहीं कराती है कि कहीं बच्चे को भी न जुकाम हो जाए। इस संबंध में हैलो स्वास्थ्य ने वाराणसी स्थित काशी मेडिकेयर की स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा धर से बात की। डॉ. शिप्रा ने बताया कि स्तनपान के दौरान अगर मां बीमार है तो स्तनपान नहीं कराती है। ये बहुत बड़ी गलतफहमी है। अगर मां को सामान्य सर्दी और जुकाम है तो स्तनपान बंद नहीं करना चाहिए। बल्कि कुछ सावधानियों के साथ स्तनपान कराना चाहिए। 

और पढ़ें : स्तनपान करवाते समय न करें यह गलतियां

मां के लिए घरेलू इलाज

अगर मां को सर्दी या जुकाम होता है तो तुरंत दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। बल्कि, पहले घरेलू इलाज करना चाहिए। क्योंकि बच्चे पर भी उन दवाओं का असर होता है। ऐसे में निम्न घरेलू इलाज करना ही बेहतर है:

  • सामान्य सर्दी या खांसी से छुटकारा पाने के लिए नींबूदालचीनी और शहद का मिक्सचर जुकाम के घरेलू उपचार के सबसे कारगर उपायों में से एक होता है। दालचीनी, शहद और नींबू हमारे किचन में बड़ी ही आसानी से मिल जाते हैं, तो बस फटाफट रसोईघर में जाएं और सर्दी दूर भगाने के लिए इन तीनों को मिलकर सिरप बनाएं।
  • कई रिसर्च इस बात का दावा करते हैं कि शहद सर्दी-जुकाम या खांसी के इलाज के लिए सबसे बेहतर विकल्प होता है। अगर आपको या आपके छोटे बच्चे को खांसी है, तो शहद वाली चाय (हनी टी) पीने से गले में खराश और खांसी से राहत पा सकते हैं। जुकाम के घरेलू उपचार में शहद को हमेशा अव्वल माना गया है।
  • अगर बंद नाक से परेशान हैं, तो नमक वाला गर्म पानी आपके लिए मददगार हो सकता है। गर्म पानी और नमक का यह मिश्रण नाक से वायरस के कणों और बैक्टीरिया को भी साफ करने का काम करता है।
  • आमतौर पर सर्दियों के मौसम में मां को हल्दी वाला दूध पीना चाहिए। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो मां और बच्चे दोनों की सर्दी-जुकाम के कीटाणुओं से रक्षा करते हैं।
  • दिनभर में कई बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गुनगुना पानी पीएं। गुनगुना पानी गले में खराश और बलगम की समस्या से राहत दिलाने में मददगार होता है। इसके अलावा गर्म पानी गले की सूजन को कम करता है।
  • अदरक सूखी और दमा खांसी के उपचार के लिए रामबाण की तरह काम करता है। अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी के गुण होते हैं। जो खांसी के लक्षणों के साथ-साथ उल्टी और दर्द से राहत भी दिलाता है।
  • सर्दियों के मौसम में होने वाले जुकाम के घरेलू उपचार के लिए काढ़े का इस्तेमाल होता चला आया है। काढ़ें में कई तरह के मसाले और जड़ी-बूटियां मिलाई जाती हैं, जो गले और फेफड़े के इंफेक्शन को दूर करने में मददगार होती हैं।
  • आमतौर पर सर्दी-जुकाम होने पर खट्टे फल नहीं खाने चाहिए। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि भला अनानास का जूस क्यों पीना चाहिए। बता दें कि अनानास खांसी को बस दो दिनों में दूर कर सकता है, क्योंकि इसमें ब्रोमलेन की अच्छी मात्रा होती है। ब्रोमलेन एक एंजाइम है जो केवल अनानास के तने और फल में ही पाया जाता है। ऐसे में अनानास का जूस पीने पर गले में खराश और बलगम की समस्या से भी राहत मिलती है, तो जुकाम के घरेलू उपचार के तरीकों में एक बार अनानास के गुण भी जरूर आजमाएं।
  • और पढ़ें : मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने से पहले जान लें जुकाम और फ्लू के प्रकार

    डॉक्टर से भी लें सलाह

    अगर सर्दी-जुकाम के कारण आपको बुखार है तो डॉक्टर से जरूर मिलें। इसके अलावा, आप खुद से कोई भी दवा न लें। डॉक्टर को जरूर बताएं कि आप बच्चे को कब-कब और कैसे स्तनपान करा रही हैं। आपके बताए अनुसार ही डॉक्टर दवाएं लिखेंगे। ताकि आपको भी आराम हो जाए और बच्चे की सेहत पर भी असर ना पड़े।

    सर्दी-जुकाम के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

    साफ-सफाई का रखें ध्यान

    सर्दी-जुकाम एक संक्रामक बीमारी है। इसलिए इसमें साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बच्चे को छूने से पहले अपने हाथ साबुन से धुल लें। ताकि बच्चे को भी इंफेक्शन ना हो। साथ ही बच्चे के बिस्तर से दूर रहने की कोशिश करें। बच्चे की साफ-सफाई का ध्यान रखें। 

    बच्चे को किस (Kiss) न करें

    बच्चों को दुलारने के लिए अक्सर आप उनके गालों या माथे पर चूम लेती हैं। लेकिन, सर्दी-जुकाम के वक्त आप ऐसा कतई ना करें। बच्चे के करीब आप जाएंगी तो फ्लू के वायरस से बच्चा संक्रमित हो सकता है। 

    रुमाल हमेशा रखें पास

    सर्दी-जुकाम या बुखार में अपने पास एक रुमाल हमेशा रखें। ताकि, जब भी आपको छींक या खांसी आए तो रुमाल को आप अपने मुंह पर रख सके। इससे बच्चा संक्रमित होने से बच जाएगा। क्योंकि फ्लू के वायरस नाक और मुंह के जरिए ही शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमित करते हैं। 

    हेल्दी फूड खाएं

    सर्दी-जुकाम में अक्सर कई लोग कहते हैं कि उन्हें खाना खाने का मन नहीं करता है। लेकिन, अगर आप स्तनपान करा रही हैं तो बच्चे को पोषक तत्वों की जरूरत तो होगी ही। इसलिए अपने खानपान का ध्यान रखें। स्वस्थ खाना खाएं। ऐसी चीज बिल्कुल न खाएं जिससे आपका सर्दी-जुकाम और ज्यादा बढ़ जाए। हमेशा याद रखें कि आप जितना हेल्दी फूड लेंगी आपके बच्चे की सेहत के लिए उतना ही अच्छा होगा। 

    कब नहींं करा सकती हैं बच्चे को स्तनपान

    डॉ. शिप्रा धर के मुताबिक “मां कुछ अन्य बीमारियों में स्तनपान नहीं करा सकती है। अगर मां एचआईवी (HIV) या टीबी (TB) की दवाएं ले रही है तो वह बच्चे को सीधे स्तनपान नहीं करा सकती है। ऐसे में दूध को स्तनों से बाहर निकाल कर चम्मच के जरिए बच्चे को देना चाहिए। अगर मां को थायरॉयड या घेंघा की दिक्कत है तो भी बच्चे को दूध नहीं पिलाना चाहिए। थायरॉयड और हाइपोथायरॉयड में अक्सर महिलाएं भ्रमित हो जाती है। हाइपोथायरॉयड से ग्रसित मां दवाएं लेते हुए बच्चे को स्तनपान करा सकती है।”

    सर्दी-जुकाम में जागरूकता ही आपका इलाज है। अगर आप जागरूक रहेंगी तो बच्चे को किसी भी तरह से फ्लू का संक्रमण नहीं होगा। स्तनपान कराती रहें और हो सके तो अपने डॉक्टर से एक बार परामर्श जरूर ले लें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

    डिस्क्लेमर

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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