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ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की समस्या दूर करने के आसान उपाय

ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की समस्या दूर करने के आसान उपाय

मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास तो है, लेकिन नई मां के लिए बच्चे की परवरिश इतनी आसान भी नहीं होती, उसे रातों की नींद खराब करने से लेकर क्रैक निप्पल जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्तनपान के दौरान करीब 80-90 फीसदी महिलाओं को क्रैक्ड निप्पल की समस्या से दो चार होना पड़ता है और यह अनुभव उनके लिए दर्दनाक होता है। यदि आप भी ब्रेस्टफीडिंग के दौरान क्रैक्ड निप्पल की समस्या से परेशान हैं, तो इस आर्टिकल से आपको बहुत मदद मिलेगी और ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की परेशानी भी दूर होगी। ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल क्यों होते हैं यह भी समझना आसान होगा।

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निप्पल में क्रैक आने के कारण

यदि बच्चा ठीक तरह से निप्पल मुंह में नहीं ले पाता है तो वह ग्रिप बनाने के लिए निप्पल को मुंह से जोर से पकड़ता है जिसके कारण क्रैक आ सकते हैं। कई बार मौसम में बदलाव की वजह से त्वचा ड्राई हो जाती है इससे भी निप्पल क्रैक हो सकते हैं। इसके अलावा क्रैक के लिए ये कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं-

  • जब आपके ब्रेस्ट में दूध अधिक बन रहा हो और ब्रेस्ट का साइज बढ़ रहा हो, तब भी दबाव महसूस होता है और निप्पल में दर्द होने लगता है।
  • यदि आप प्रेग्नेंसी के पहले या तीसरे चरण में हैं या फिर प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तो आपके ब्रेस्ट बहुत कोमल हो जाते हैं जिससे वह क्रैक हो सकते हैं और दर्द होता है।
  • ब्रा और ब्रेस्ट पैड यदि अच्छी क्वालिटी के न हों, तो इनकी वजह से भी ब्रेस्ट में क्रैक आ सकते हैं और असहज महसूस होता है। सिर्फ ब्रेस्टफीडिंग से ही निप्पल में क्रैक आए ऐसा जरूरी नहीं है।
  • यदि आपके बच्चे के मुंह में किसी तरह का संक्रमण है तो वह भी स्तनपान के दौरान आपके निप्पल से पास हो सकता है जो दर्द और क्रैक का कारण बन सकता है।
  • ब्रेस्ट पंप के गलत इस्तेमाल से भी निप्पल में क्रैक आ सकता है और दर्द होता है। इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही सही ब्रेस्ट पंप खरीदें।
  • यदि बच्चे को टंग टायड है, तो लैचिंग की समस्या होगी।

इन ऊपर बताई गई स्थितियों के साथ-साथ अन्य कारणों से भी निप्पल में क्रैक आ सकते हैं। इसलिए इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। निप्पल में क्रैक होने की वजह से शिशु को स्तनपान करवाने में भी परेशानी महसूस होगी और शिशु ठीक से स्तनपान कर भी नहीं पाएगा।

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ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल के लक्षण

ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल या किसी भी कारण से निप्पल में क्रैक होने पर निम्नलिखित लक्षण देखे या महसूस किये जा सकते हैं। जैसे:-

  • निप्पल में बहुत अधिक खुजली, जलन और दर्द होना।
  • निप्पल में दरारें दिखती हैं और कई बार थोड़ा खून भी आता है।
  • निप्पल की स्किन वैसे ही दिखती है जैसे फटने के बाद आपके होंठ।
  • जख्म ज्यादा हो तो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आपको बहुत दर्द होता है।

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आपको क्या करना चाहिए?

इसके लिए आप अपनी मर्जी से किसी तरह की दवा का इस्तेमाल न करें, क्योंकि वह बच्चे की सेहत के लिए ठीक नहीं होगा। दर्द यदि ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह लें। वैसे आप क्रैक निप्पल की समस्या से राहत के लिए कुछ घरेलू उपाय भी अपना सकती हैं।

  • अपने ब्रेस्ट मिल्क को ही पंप से निकालकर निप्पल पर लगाएं, इससे राहत मिलेगी और जख्म भी जल्दी भर जाएंगे।
  • दर्द और जलन से राहत पाने के लिए निप्पल पर एलोवेरा जेल लगाकर 5-10 मिनट रखें, फिर धो लें। इससे घाव जल्दी ठीक हो जाएगा और निप्पल सॉफ्ट हो जाएंगे।
  • तुलसी की पत्तियों का पेस्ट बनाकर निप्पल पर लगाएं इससे भी जख्म भरने में मदद मिलती हैं और शिशु के स्वास्थ्य को भी हानि नहीं पहुंचती।
  • यदि ड्राई स्किन के कारण निप्पल में क्रैक आए हैं तो पहले निप्पल को गर्म पानी से साफ करके अच्छी तरह पोंछ लें और फिर गुनगुने नारियल तेल या ऑलिव ऑयल से निप्पल की मसाज करें।
  • बच्चे को फीड करवाने के बाद निप्पल को गर्म पानी से साफ करके सुखा लें और होममेड सॉल्टेड बटर या घी से मसाज करें। ऐसा करने से आपकी परेशानी कम होगी।

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ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल होने पर क्या सावधानियां बरतें?

  • यदि ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल को समस्या या निप्पल में दर्द हो रहा है तो बच्चे को उस साइड से स्तनपान करवाएं जिस साइड कम दर्द हो। भूखे होने पर बच्चे निप्पल को जोर से पकड़ते हैं इसलिए कम दर्द वाली साइड से ही फीड करवाएं।
  • ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की समस्या से बचने के लिए बच्चे को थोड़ी-थोड़ी देर पर फीड करवाती रहें इससे मां और शिशु दोनों को ही परेशानी कम हो सकती है।
  • स्तनपान से पहले क्रैक निप्पल पर आइस पैक का यूज करें इससे दर्द से राहत मिलेगी। अगर ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की परेशानी हो रही है तो आईस पैक का इस्तेमाल जरूर करें।
  • फीड करवाते समय यदि किसी एक पोजिशन में दर्द अधिक हो रहा है तो पोजिशन बदलती रहें। एक ही पुजिशन में शिशु को स्तनपान न करवाएं। ऐसा करने से ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल की परेशानी से बचा जा सकता है।

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ब्रेस्टफीडिंग के कारण महिला को परेशानी हो सकती है लेकिन, इन परेशानियों से घबराना नहीं चाहिए सिर्फ कुछ बातों को ध्यान में रखकर इन परेशानियों से बचा जा सकता है। स्तनपान करवाना मां और शिशु दोनों के लिए लाभकारी होता है। मां के दूध से शिशु को संपूर्ण पोषण मिलता है वहीं ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाली महिला को ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी न के बराबर रहता है।

अगर आप ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल होने की परेशानी या ब्रेस्टफीडिंग के कारण क्रैक निप्पल से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/10/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड