जानिए क्या है ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) और कितना सुरक्षित है इसका प्रयोग?

    जानिए क्या है ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) और कितना सुरक्षित है इसका प्रयोग?

    एक कामकाजी महिला के लिए बच्चे को स्तनपान (Breast Feeding) कराना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में महिलाओं के लिए ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। लेकिन, ब्रेस्ट मिल्क पंप द्वारा निकाला गया दूध शिशु के लिए सुरक्षित है या नहीं? इसके लिए वाराणसी के ओपल हॉस्पिटल की डॉ. पूनम राय ने हैलो हेल्थ को बताया, “ब्रेस्ट मिल्क पंप क्या है? ये कितने प्रकार के होते हैं और इसका क्या फायदा है। उन्होंने बताया कि मां को प्रयास करना चाहिए कि वह बच्चे को प्राकृतिक रुप से ही स्तनपान कराएं। लेकिन, कई बार ऐसा संभव नहीं हो पाता है, तो ऐसे में तो ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल इमरजेंसी में करना चाहिए।

    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) क्या है?

    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump)

    ब्रेस्ट मिल्क पंप एक प्रकार का उपकरण है, जो मां के दूध का संग्रहण करने के काम आता है। इस उपकरण की मदद से मां अपने दूध को बॉटल में संग्रहित कर के बच्चे को पिला सकती हैं।”

    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk) कितने प्रकार के होते हैं?

    ब्रेस्ट मिल्क पंप अमूमन दो प्रकार के होते हैं, जैसे :

    मैन्युअल ब्रेस्ट पंप (Manual Breast Pump)

    इस तरह के मैन्युअल ब्रेस्ट पंप को खुद से ही संचालित कर के इस्तेमाल करना होता है। इस पंप से दूध निकालने से लेकर उसको स्टोर करने तक का काम स्वयं ही करना होता है। सही तरह से पंप का इस्तेमाल न करने से ये ज्यादा प्रभावी नहीं होता है। ऐसा इसलिए भी है कि इसे मैन्युअली प्रयोग करना होता है जिससे पूरी मात्रा में दूध निकल नहीं पाता है।

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    इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप (Electric Breast Pump)

    इस तरह का ब्रेस्ट पंप कामकाजी महिलाओं के लिए ज्यादा आसान है। इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप बिजली या बैट्री से संचालित होता है। इसका फायदा यह है कि मां कम समय में जल्दी दूध निकाल कर संग्रहित कर सकती है। इसे मां एक साथ दोनों स्तनों पर लगा कर इस्तेमाल कर सकती है।

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    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) कैसे काम करता है?

    दोनों तरह के पंप दबाव के कारण काम करते हैं, जिसे आम भाषा में वैक्यूम कहा जा सकता है। मैन्युअल पंप हो या इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप, दोनों वैक्यूम दबाव के कारण काम करते हैं। मैन्युअल ब्रेस्ट पंप को मां स्तन पर लगा कर अपने हाथों से पंप करती हैं। जिससे बनने वाले दबाव से दूध पंप से जुड़े बोतल में भरने लगती है। इसी तरह से इलेक्ट्रिक ब्रेस्ट पंप भी काम करता है। इसका रख-रखाव भी काफी आसान है और महिला इसे अपने हिसाब से वैक्यूम दबाव के साथ इस्तेमाल कर सकती हैं।

    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) के फायदे क्या हैं?

    इसमें कोई दो राय नहीं है कि ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) के कई फायदे हैं। यही कारण है कि कई महिलाएं इस पंप का इस्तेमाल करती हैं, ताकि बच्चे को दूध पिलाने में किसी कठिनाई या देरी का सामना न करना पड़े। नीचे हम आपको ब्रेस्ट मिल्क पंप के कुछ फायदे बताने जा रहे हैं। जानिए ये पंप किस तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है :

    • डॉ. पूनम राय ने बताया कि जो नवजात शिशु स्तनपान के सही तरीके नहीं अपनाते हैं, उनके लिए मां ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करके उन्हें सही पोषण दे सकती हैं। जब बच्चा ठीक से स्तनपान न कर पाए तो महिला इस पंप के जरिए दूध निकाल सकती है और अपने बच्चे को पिला सकती है।
    • बच्चों को स्तनपान कराने वाली कामकाजी महिलाएं ब्रेस्ट मिल्क पंप का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके द्वारा वह अपने बच्चे को काम के दौरान या घर पहुंच कर तुरंत दूध पिला सकती हैं। तो अगर आप भी कामकाजी महिला हैं और बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो ये पंप आपके काफी काम आ सकता है।
    • कभी-कभी कुछ महिलाओं के स्तन से दूध न निकलने के कारण स्तन काफी हैवी और हार्ड हो जाते हैं। ऐसे में महिला के स्तनों में गांठ बन जाती है। ऐसी स्थिति में ब्रेस्ट पंप एक बेहतर विकल्प है।
    • रात में सोने से पहले मां ब्रेस्ट पंप के द्वारा दूध को संग्रहित कर के रख सकती हैं। जिसे बच्चे के पिता भी रात में बच्चे को पिला सकते हैं। तो अगर आप भी बच्चे को दूध पिलाती हैं तो आप सोने से पहले इस पंप की मदद से दूध निकाल लें, ताकि बच्चे के पिता भी रात को आराम से बच्चे को दूध पिलाया जा सके और आपकी नींद भी न खराब हो।
    • अगर आप कहीं बाहर जा रही हैं, तो जरूरी नहीं है कि हर जगह आराम से स्तनपान करा सकें। ऐसे में घर से निकलने से पहले ब्रेस्ट मिल्क पंप के द्वारा दूध निकाल कर लगभग दो से तीन घंटों के अंदर पिलाया जा सकता है। ऐसा करने से आपके घर में मौजूद कोई भी सदस्य बिना किसी कठिनाई के आपकी गैर मौजूदगी में भी बच्चे को दूध पिला सकते हैं।

    ब्रेस्ट मिल्क पंप के फायदे जानने के बाद आइए अब हम जानते हैं कि ये पंप कितना सुरक्षित है।

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    ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) कितना सुरक्षित होता है?

    डॉ. पूनम राय के मुताबिक आजकल ज्यादातर महिलाएं बच्चों को प्राकृतिक तरीके से स्तनपान न करा कर ब्रेस्ट पंप से दूध निकाल कर पिलाना पसंद कर रही हैं। यूं तो कोशिश करनी चाहिए कि मां शिशु को प्राकृतिक रूप से स्तनपान कराए। लेकिन, ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करना है तो पंप की साफ सफाई का खास ध्यान रखना होगा। इसी के साथ ही अगर आप पंप से दूध निकालती हैं तो उसे शिशु को तुरंत ही पिला देना चाहिए, तुरंत नहीं पिलाना है तो उसे फ्रिज में रख सकती हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर दूध को सामान्य तापमान पर आने के बाद शिशु को पिला सकती हैं।

    इस आर्टिकल में आपको पता चला कि ब्रेस्ट मिल्क पंप किस तरह एक स्तनपान कराने वाली मां के जीवन आसान बनाने में मदद कर सकता है। तो अगर आप वर्किंग महिला हैं और अपने बच्चे को घर में छोड़कर ऑफिस जाती हैं, तो आप ब्रेस्ट मिल्क पंप के जरिए दूध निकालकर घर में रख सकती है। ये इस पंप के सबसे बड़े फायदों में से एक है।

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    ब्रेस्ट मिल्क पंप खरीदने से पहले किन-किन बातों का रखें ध्यान?

    निम्नलिखित 4 बातों का ध्यान जरूर रखें अगर आप ब्रेस्ट मिल्क पंप (Breast Milk Pump) खरीदने जा रहीं हैं तो, जैसे:

    1. ब्रेस्ट मिल्क पंप अलग-अलग प्रकार में उपलब्ध है। जैसे मैनुअल, इलेक्ट्रिक या बैटरी। आप अपनी सुविधा एवं जरूरत के अनुसार इसका चयन कर सकते हैं।
    2. यह ध्यान रखें की ब्रेस्ट मिल्क पंप कितना टाइम लेता है दूध को निकालने में।
    3. पंप की साफ-सफाई कैसे की जाती है, क्योंकि अगर इसकी सफाई ठीक से नहीं की गई तो यह माँ और शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
    4. ब्रेस्ट मिल्क पंप की क्वॉलिटी पर ध्यान दें।

    ब्रेस्ट पंप से जुड़ी महत्वपूर्ण टिप्स

    ब्रेस्ट मिल्क पंप से जुड़ी निम्नलिखित टिप्स को ध्यान रखें। जैसे:

    • कम्फर्टेबल पुजिशन (पोजीशन) में बैठें और पीठ सीधी रखकर ब्रेस्ट मिल्क पंप की मदद से मिल्क निकालें।
    • पंप की मदद से मिल्क निकालने के दौरान ब्रेस्ट को नीचे से सपोर्ट दें।
    • निप्पल को सक्शन के बीच में रखें। ध्यान रखें की पंप ठीक तरह निप्पल से टच रहे।
    • ब्रेस्ट मिल्क पंप के कीप को ज्यादा टाइट न करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा कीप टाइट होने पर पंप ठीक तरह से काम नहीं कर पायेगा।
    • ब्रेस्ट मिल्क पंप इस्तेमाल करने के दौरान घबराएं नहीं और परेशान भी न हों। पंप को ब्रेस्ट से दूध निकालने में एक से दो मिनट का वक्त लग सकता है।
    • अगर आपने मिल्क को बोतल में निकाल के फ्रीजर में रखा है, तो दूध को नॉर्मल लिक्विड फॉर्म में लाने के लिए बोतल को गर्म पानी के बर्तन में डाल दें। वैसे आप चाहें तो बोतल को फ्रीज में डीफ्रॉस्ट होने के लिए भी रख सकते हैं।

    आशा करते हैं कि आपको हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में ब्रेस्ट मिल्क पंप से जुड़ी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। उम्मीद है आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर पसंद आया है तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करना न भूलें।

    बच्चों को स्तनपान करवाने का क्या है सही तरीका? जानने के लिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें।

     

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    Dr. Shruthi Shridhar


    Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 08/01/2021

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