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स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

कहा जाता है कि किसी चीज की शुरुआत और अंत सबसे मुश्किल होती है। कुछ ऐसा ही है स्तनपान (Breastfeeding) को शुरू कराना और उसे छुड़ाना। मां को स्तनपान छुड़ाने के बाद स्तनों में कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। जिसके लिए मां को पहले से ही मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिला को एक निश्चित समय पर अपने बच्चे को स्तनपान कराना छोड़ना चाहिए, ताकि वो ऊपरी आहार को लेना शुरू करे और उसे अन्य पोषण मिल सके। हालांकि, कई महिलाओं को स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं भी आती हैं, जिनसे उन्हें परेशानी हो सकती है। आज हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में हम स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं जो आती हैं उनके बारे में विस्तार से बात करेंगे। इस संबंध में वाराणसी के काशी मेडिकेयर की स्त्री रोग एवं प्रसूती विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा धर ने महिलाओं को कई तरह की सलाह दी है। आइए जानते हैं कि डॉक्टर का इस बारे में क्या कहना है और वो क्या सलाह देती हैं।

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मां को स्तनपान कब छुड़ाना चाहिए?

डॉ. शिप्रा धर ने कहा कि डिलिवरी के तुरंत बाद मां द्वारा बच्चे स्तनपान कराया जाना चाहिए। साथ ही मां को लगभग डेढ़ से दो साल तक अपने बच्चे को स्तनपान कराते रहना चाहिए। इस अवधि के बाद ही स्तनपान छुड़ाने के बारे में सोचना चाहिए। स्तनपान छुड़ाना तुरंत होने वाली प्रक्रिया नहीं है। मां को धीरे-धीरे स्तनपान छुड़ाना चाहिए। ऐसा न करने से स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं हो सकती हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

स्तनपान के दौरान स्तनों में होने वाली समस्याएं

स्तनपान कराते समय भी मां को स्तनों में संबंधित समस्याओं से गुजरना होता है। नीचे जानिए स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं जो होती हैं :

स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं – स्तनों में दूध भरना

जब भी मां स्तनपान छुड़ाती है तो स्तनों में दूध के बनने की प्रक्रिया चलती रहती है। जिससे स्तनों में दूध भर जाता है और स्तन कड़े हो जाते हैं। ऐसे में मां को स्तनों में दर्द होता है। यह समस्या तब होती है जब मां अचानक से दूध छुड़ाती है। इस अवस्था में मां को धीरे-धीरे और धैर्य के साथ स्तनपान छुड़ाना चाहिए, ताकि स्तनों में दूध निर्माण की प्रक्रिया धीमी होने लगे। जिससे आपको स्तनों में होने वाले दर्द की समस्याओं से भी नहीं गुजरना होगा।

स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं – मैस्टाइटिस (Mastitis) यानी स्तनों में सूजन

डॉ. शिप्रा बताती हैं कि जब आप स्तनपान छुड़ाती हैं तो दूध भरने के वजह से स्तनों में सूजन और इंफेक्शन हो जाती है। इस अवस्था को मैस्टाइटिस कहते हैं। स्तनों और दुग्ध ग्रंथियों की नसों में दूध भरने से ब्रेस्ट में गांठें बन जाती हैं। जो ज्यादा होने पर सर्जरी तक की नौबत आ जाती है। इसलिए मां को खुद से ही सतर्क रहना चाहिए और ऐसी अवस्था में पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

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ज्यादा मात्रा में दूध के उत्पादन से दर्द

कुछ मां को डिलिवरी के बाद ज्यादा मात्रा में दूध बनता है। इसलिए स्तनपान के दौरान जब ज्यादा दूध निकलता है तो स्तनों में दर्द महसूस होता है। ऐसे में मां को बच्चे को लगातार थोड़ा रुक रुक कर स्तनपान कराते रहना चाहिए, जिससे दर्द से धीरे-धीरे राहत मिल जाती है। या फिर अतरिक्त को ब्रेस्ट पम्प की सहायता से निकाला जा सकता है।

निप्पल में दरारें आने से दर्द

स्तनपान कराने के दौरान बच्चे के मसूड़ों से निप्पल में दरारें आ जाती हैं, जो मां के स्तनों में दर्द पैदा करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मां ने शुरू में ध्यान नहीं दिया ब्रेस्ट में आगे चल कर घाव बन जाता है। जिससे मां के स्तनों के साथ ही बच्चे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए मां को डॉक्टर से मिलकर क्रैक निप्पल का इलाज कराना चाहिए।

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क्या स्तनपान कराने के तुरंत बाद भी होती हैं कुछ समस्याएं?

स्तनपान के तुरंत बाद किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होती है। बल्कि, स्तनपान के बाद मां के स्तनों को राहत मिलती है और सुख की अनुभूति होती है। स्तनपान कराना मां और बच्चे दोनों के लिए अच्छा है। स्तनपान कराने से मां और बच्चे के बीच में एक भावनात्मक रिश्ता बनता है, जो दोनों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

अगर आप स्तनपान छुड़ाना चाहती हैं तो इन समस्याओं के बारे में जानने के बाद ही निर्णय लें। साथ ही अपने डॉक्टर से एक बार जरूर मिलकर अपनी समस्याएं साझा करें, ऐसा करने से न सिर्फ आपको स्तनपान छुड़ाने में आसानी होगी, बल्कि आप अपने स्तनों का भी ध्यान रख सकेंगी।

तो अगर आपको बच्चे को स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं आती हैं, जैसे दर्द होना, स्तनों में सूजन आना, स्तनों में दूध आना आदि, तो आप ऊपर बताए गए तरीके अपनाकर इन समस्याओं से राहत पा सकते हैं। स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं आने लगे तो इसे अनदेखा बिल्कुल न करें। अनदेखा करने से ये समस्याएं ज्यादा बढ़ सकती हैं और आपकी परेशानी को भी ज्यादा बढ़ा सकती हैं।

स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं हों तो क्या है इसका इलाज?

स्तनपान छुड़ाने के पहले मां को खुद मानसिक रूप से तैयार होना चाहिए कि वह वास्तव में स्तनपान छुड़ाना चाहती हैं। अगर हां, तो मां को उसके बाद होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए मां को डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। डॉक्टर दूध न बनने के लिए कुछ दवाएं देते हैं जिसे नियमित रूप से लेकर मां स्तनपान को जल्द से जल्द छुड़ा सकती हैं।

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स्तनपान छुड़ाने के लिए मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

अगर आप स्तनपान छुड़ाने के दौरान होने वाली समस्याओं से बचे रहना चाहती हैं, तो आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसेः

  • अचानक से शिशु को स्तनपान कराना बंद न करें। स्तनपान छुड़ाने के लिए आपको शिशु को ब्रेस्टफीडिंग कराने की अवधि को धीरे-धीरे कम करना चाहिए। ऐसा करने न ही शिशु पर इसका कोई बुरा प्रभाव पड़ेगा और न ही मां पर।
  • स्तनपान बंद कराने के दौरान स्तनों में सूजन और दर्द जैसी समस्याओं से बचाव करने के लिए आपको नियमित रूप से स्तनों की मालिश करनी चाहिए। मालिश से स्तनों में खून की पूर्ति बेहतर तरीके से होती है। जिससे सूजन और दर्द होने की संभावना बहुत ही कम हो सकती है।
  • प्रेग्नेंसी के समय से लेकर और शिशु के जन्म के बाद भी स्तनों में कई तरह के बदलाव होते हैं। ऐसे में आपको हमेशा अपने ब्रा का साइज भी सही चुनना चाहिए। स्तनपान के दौरान आपके स्तनों का साइज पहले के मुकाबले बढ़ या घट सकता है। इसलिए अलग-अलग साइज के ब्रा रखें। ब्रा का सही साइज आपको कई तरह के दर्द से बचा सकता है।

उम्मीद है आपको स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं के विषय पर लिखा गया ये आर्टिकल पसंद आया होगा। इसमें हमने आपको स्तनपान छुड़ाने के दौरान समस्याएं होने पर क्या करना चाहिए इसकी जानकारी विस्तार से देने की कोशिश की है। आशा करते हैं कि इस आर्टिकल में आपको जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर फिर भी आपको इस बारे में कोई और जानकारी चाहिए तो हमसे हमारे सोशल मीडिया पेज पर जरूर पूछें। हम आपके सभी सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर जरूर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Risk Factors of Breast Problems in Mothers and Its Effects on Newborns. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4103000/. Accessed On 19 October, 2020.

Common breastfeeding challenges. https://www.womenshealth.gov/breastfeeding/breastfeeding-challenges/common-breastfeeding-challenges. Accessed On 19 October, 2020.

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Breastfeeding – dealing with nipple problems. https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/HealthyLiving/breastfeeding-dealing-with-nipple-problems. Accessed On 19 October, 2020.

Contraindications to Breastfeeding or Feeding Expressed Breast Milk to Infants. https://www.cdc.gov/breastfeeding/breastfeeding-special-circumstances/contraindications-to-breastfeeding.html. Accessed On 19 October, 2020.

लेखक की तस्वीर
Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/05/2021 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड